HUL की वंदना सूरी को BARC इंडिया के बोर्ड में डायरेक्टर बनाने की मंजूरी

HUL की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (होम केयर) वंदना सूरी दो दशक से अधिक समय से ब्रैंड बिल्डिंग, मार्केटिंग और कैटेगरी लीडरशिप के क्षेत्र में काम कर रही हैं।

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Wednesday, 04 November, 2026
Vandana Suri


भारत सरकार ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (होम केयर) वंदना सूरी को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी है। सूरी फिलहाल HUL के होम केयर बिजनेस का नेतृत्व कर रही हैं और कंपनी की मैनेजमेंट कमेटी की सदस्य भी हैं।

वंदना सूरी ने जनवरी 2026 में HUL के होम केयर बिजनेस की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने श्रीनंदन सुंदरम की जगह ली थी, जो इसके बाद यूनिलीवर इंटरनेशनल का नेतृत्व करने के लिए चले गए। सूरी को ब्रैंड बिल्डिंग, मार्केटिंग और कैटेगरी लीडरशिप के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारत, दक्षिण एशिया और इंडोनेशिया में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों और यूनिलीवर के अलग-अलग बिजनेस में काम किया है।

HUL में अपनी मौजूदा भूमिका से पहले सूरी यूनिलीवर इंडोनेशिया में जनरल मैनेजर (ब्यूटी एंड वेलबीइंग) के पद पर थीं। यहां उन्होंने बिजनेस के विकास और बदलाव की स्ट्रैटेजी का नेतृत्व किया। इसके अलावा, वह पॉन्ड्स की ग्लोबल ब्रैंड वाइस प्रेजिडेंट भी रह चुकी हैं। इस भूमिका में उन्होंने ब्रैंड की नई पहचान बनाने और उसके बदलाव की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।

HUL में 2011 से 2022 तक अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वंदना सूरी ने होम केयर, ब्यूटी एंड वेलबीइंग और फूड्स बिजनेस में कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। 2014 से 2019 के बीच उन्होंने कंपनी के प्रीमियम लॉन्ड्री पोर्टफोलियो और फैब्रिक केयर एंड कंडीशनर बिजनेस का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्होंने वाइस प्रेजिडेंट (स्किन केयर एंड कलर कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी एंड वेलबीइंग) के रूप में काम किया। इस दौरान उनका फोकस प्रीमियम प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने और संभावनाओं वाले कैटेगरी में विकास को गति देने पर रहा।

यूनिलीवर से जुड़ने से पहले सूरी पेप्सिको, टेट्रा पैक और नीलसन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम कर चुकी हैं। उन्होंने अहमदाबाद स्थित मुद्र इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा, उन्होंने नई दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की है।

गौरतलब है कि BARC इंडिया देश में टेलीविजन दर्शकों की संख्या और व्यूअरशिप मापने वाली संस्था है। यह ब्रॉडकास्टिंग, विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्री को टेलीविजन दर्शकों से जुड़ी जानकारी और आंकड़े उपलब्ध कराती है। BARC के बोर्ड में ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

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जान्हवी शाह बनीं एवोनाइल फार्मा की मार्केटिंग मैनेजर

जान्हवी शाह ने एवोनाइल फार्मा में मार्केटिंग मैनेजर की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह चार साल तक नोवार्टिस में ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं।

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Wednesday, 04 November, 2026
novarts

जान्हवी शाह (Janhavi Shah) को एवोनाइल फार्मा लिमिटेड (Evonile Pharma Limited) में मार्केटिंग मैनेजर (Marketing Manager) नियुक्त किया गया है। उन्होंने अक्टूबर में नई जिम्मेदारी संभाली। शाह ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।

इससे पहले शाह करीब चार साल तक नोवार्टिस (Novartis) में ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर (Group Product Manager) के पद पर कार्यरत थीं। एवोनाइल फार्मा लिमिटेड पहले नोवार्टिस इंडिया लिमिटेड (Novartis India Limited) के नाम से जानी जाती थी।

अपने करियर के दौरान शाह ने फेरिंग फार्मास्यूटिकल्स (Ferring Pharmaceuticals) और ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स (Glenmark Pharmaceuticals) के साथ भी काम किया है।

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NDTV ने GoodTimes चैनल का अधिग्रहण किया पूरा

नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) ने लाइफस्टाइल एंड मीडिया ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड (LMBL) से ‘GoodTimes’ चैनल के कारोबार का अधिग्रहण पूरा कर लिया है।

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Wednesday, 04 November, 2026
NDTV7874

नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) ने लाइफस्टाइल एंड मीडिया ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड (LMBL) से ‘GoodTimes’ चैनल के कारोबार का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कंपनी ने 3 नवंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) से जरूरी मंजूरी मिलने और एसेट परचेज एग्रीमेंट की सभी शर्तें पूरी होने के बाद यह अधिग्रहण पूरा हुआ है।

कंपनी के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को एक पत्र जारी कर GoodTimes चैनल की अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग की अनुमति को रिन्यू करने के साथ ही इसे Lifestyle & Media Broadcasting Limited से New Delhi Television Limited के नाम ट्रांसफर करने की मंजूरी दी। इसके बाद एग्रीमेंट में तय सभी जरूरी शर्तें पूरी होने पर NDTV ने अधिग्रहण पूरा होने की पुष्टि की।

अगस्त में हुआ था एसेट परचेज एग्रीमेंट

इस अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत अगस्त 2026 में हुई थी। NDTV ने 17 अगस्त 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया था कि उसने Lifestyle & Media Broadcasting Limited के साथ GoodTimes चैनल के कारोबार के अधिग्रहण के लिए एसेट परचेज एग्रीमेंट किया है।  

उस समय NDTV ने स्पष्ट किया था कि यह किसी अलग कंपनी या कानूनी इकाई का अधिग्रहण नहीं है, बल्कि GoodTimes चैनल से जुड़े कारोबार और उसके ट्रांसफर किए जाने वाले एसेट्स की खरीद है। इनमें चैनल का लाइसेंस और सरकारी मंजूरियां, ग्राहकों और विज्ञापनदाताओं से जुड़े समझौते, प्रोग्रामिंग और कंटेंट, ब्रैंडिंग, बौद्धिक संपदा अधिकार, डिस्ट्रीब्यूशन और मॉनेटाइजेशन राइट्स, डिजिटल एसेट्स, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और चैनल से जुड़ी गुडविल शामिल हैं।

18 करोड़ रुपये तक का था सौदा

NDTV ने शुरुआत में यह जानकारी दी थी कि इस अधिग्रहण के लिए 18 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाएगा। यह सौदा कैश-फ्री और डेट-फ्री आधार पर तय किया गया था और एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक इसमें कुछ एडजस्टमेंट भी हो सकते थे। भुगतान कैश के साथ टेलीविजन ऐडवर्टाइजिंग इन्वेंट्री के रूप में भी किया जाना था।

कंपनी ने उस समय इस सौदे को करीब तीन महीने में पूरा होने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, इसकी समयसीमा जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने और एग्रीमेंट में तय अन्य शर्तों के पूरा होने पर निर्भर थी। अब 2 नवंबर को मंत्रालय की मंजूरी और क्लोजिंग शर्तें पूरी होने के बाद NDTV ने अधिग्रहण पूरा होने की जानकारी दी है।

NDTV की रणनीति में क्या है इसकी अहमियत?

अगस्त में दी गई जानकारी में NDTV ने कहा था कि GoodTimes के कारोबार को अपने साथ जोड़ने से उसकी रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी। इससे कंपनी को अपने ऑपरेशनल दायरे का विस्तार करने और कारोबार में विविधता लाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने यह भी कहा था कि इस अधिग्रहण से लंबे समय में उसके शेयरधारकों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू बढ़ सकती है।

GoodTimes मुख्य रूप से लाइफस्टाइल-केंद्रित ब्रॉडकास्टिंग और मीडिया कंटेंट से जुड़ा चैनल है। इसके कारोबार को अपने साथ जोड़कर NDTV अपने मौजूदा मीडिया कारोबार में लाइफस्टाइल कंटेंट की मौजूदगी बढ़ा सकेगी।

संबंधित पक्षों के बीच हुआ था सौदा

इस सौदे की एक अहम बात यह है कि GoodTimes का विक्रेता Lifestyle & Media Broadcasting Limited, NDTV का जॉइंट वेंचर है। इसलिए यह ट्रांजैक्शन संबंधित पक्ष (Related Party Transaction) के दायरे में आता है।

हालांकि, NDTV ने अगस्त में स्पष्ट किया था कि यह सौदा आर्म्स लेंथ बेसिस पर किया जा रहा है। इसके लिए एक रजिस्टर्ड वैल्यूअर से वैल्यूएशन रिपोर्ट भी हासिल की गई थी। कंपनी ने यह भी कहा था कि उसके प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप और ग्रुप कंपनियों का विक्रेता कंपनी में कोई प्रत्यक्ष हित नहीं है, सिवाय संभावित अप्रत्यक्ष शेयरहोल्डिंग के।

NDTV ने इससे पहले 17 जुलाई 2026 को GoodTimes के प्रस्तावित अधिग्रहण के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद 17 अगस्त को एसेट परचेज एग्रीमेंट किए जाने की सूचना दी गई और अब 2 नवंबर को MIB की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने अधिग्रहण पूरा होने की पुष्टि कर दी है।

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अब छोटे शहरों में खुलेगा सिनेमा का नया बाजार, अजय कुमार बिजली ने बताया PVR INOX का प्लान

PVR INOX के MD अजय कुमार बिजली का कहना है कि अब भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ बड़ी बजट की नहीं, बल्कि अलग-अलग भाषाओं और शैलियों की फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

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Wednesday, 04 November, 2026
PVR874

भारतीय सिनेमा के लिए इस साल की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) काफी शानदार रही है। फिल्मों की कमाई में तेजी के साथ दर्शक एक बार फिर सिनेमाघरों की ओर लौट रहे हैं। इसका फायदा मल्टीप्लेक्स कारोबार को भी मिल रहा है। PVR INOX के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय कुमार बिजली का कहना है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अब सिर्फ बड़ी बजट की फिल्मों के भरोसे कारोबार नहीं चल रहा, बल्कि अलग-अलग भाषाओं, शैलियों और बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।

28 अक्टूबर 2026 को कंपनी के Q2 FY27 नतीजों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में अजय कुमार बिजली ने कंपनी के प्रदर्शन, भारतीय बॉक्स ऑफिस की स्थिति, छोटे शहरों में विस्तार, नई SMART Cinema रणनीति, टिकट और खाने-पीने की कीमतों तथा आने वाली फिल्मों को लेकर विस्तार से बात की। इस दौरान कंपनी के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विश्लेषकों के सवालों के जवाब दिए।

अजय कुमार बिजली ने बताया कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में 4,433 करोड़ रुपये का ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। यह अब तक किसी एक तिमाही में हुआ सबसे ज्यादा कलेक्शन है। पहली बार इंडस्ट्री ने एक तिमाही में 4,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है।

उनके मुताबिक, दूसरी तिमाही में इंडस्ट्री का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% बढ़ा है, जबकि पहली तिमाही में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 22% बढ़कर 7,618 करोड़ रुपये पहुंच गया।

हॉलीवुड फिल्मों ने भी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बनाया रिकॉर्ड

अजय कुमार बिजली ने कहा कि इस तिमाही में अंग्रेजी फिल्मों का प्रदर्शन खास तौर पर शानदार रहा। हॉलीवुड फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 87% बढ़कर 1,024 करोड़ रुपये हो गया। पहली बार अंग्रेजी फिल्मों ने एक तिमाही में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है।

उन्होंने बताया कि 'Spider-Man: Brand New Day' ने भारत में 608 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करके अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अंग्रेजी फिल्म का रिकॉर्ड बनाया। वहीं, क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'Odyssey' ने 233 करोड़ रुपये कमाए। इस फिल्म को IMAX जैसे प्रीमियम और इमर्सिव फॉर्मेट में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला।

इसके अलावा 'Avengers Endgame: Encore' ने दोबारा रिलीज होने के बावजूद चार सप्ताह में 45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। अजय कुमार बिजली के मुताबिक, इससे पता चलता है कि भारतीय दर्शकों में बड़े पर्दे पर बेहतर सिनेमाई अनुभव लेने की मांग बनी हुई है। फ्रेंचाइजी फिल्मों के साथ-साथ बिना फ्रेंचाइजी वाली हॉलीवुड फिल्मों को भी दर्शक पसंद कर रहे हैं।

हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों ने भी किया अच्छा प्रदर्शन

हिंदी फिल्मों में 'Hanuman Ansh' ने 351 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। वहीं, वेब सीरीज 'Mirzapur' को पहली बार फीचर फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर लाया गया और इसने 267 करोड़ रुपये की कमाई की।

अजय कुमार बिजली ने इसे एक नए ट्रेंड की शुरुआत बताया। उनका कहना था कि बड़ी कहानियां जब सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं तो वे दर्शकों के लिए एक इवेंट बन जाती हैं। इसके बाद स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म उन कहानियों को और ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा 'Awarapan 2' और 'Dhamaal 4' जैसी सीक्वल फिल्मों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

क्षेत्रीय सिनेमा में भी तेजी देखने को मिली। तमिल फिल्म 'Jana Nayagan' ने 200 करोड़ रुपये और कन्नड़ फिल्म 'Toxic' ने 296 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। तेलुगु फिल्म 'Irumudi' और मलयालम फिल्म 'Bethlehem Kudumba Unit' ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

अजय कुमार बिजली के मुताबिक, अब बॉक्स ऑफिस की ग्रोथ अलग-अलग भाषाओं, जॉनर और बजट की फिल्मों से आ रही है। इसमें ऐसी फिल्में भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों की तारीफ और मौखिक प्रचार (वर्ड ऑफ माउथ) के जरिए सफलता मिल रही है।

PVR INOX में 4% बढ़े दर्शक, टिकट और फूड पर खर्च में 14% की बढ़ोतरी

कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो दूसरी तिमाही में PVR INOX के सिनेमाघरों में 4.63 करोड़ दर्शक पहुंचे। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4% ज्यादा है। इस दौरान ऑक्यूपेंसी बढ़कर 30.4% रही।

कंपनी का औसत टिकट मूल्य (ATP) 14% बढ़कर 298 रुपये हो गया। वहीं, प्रति दर्शक खाने-पीने की चीजों पर होने वाला औसत खर्च (SPH) भी 14% बढ़कर 153 रुपये पहुंच गया।

अजय कुमार बिजली ने बताया कि यह कंपनी के लिए अब तक की सबसे अच्छी तिमाही रही है। इस दौरान रेवेन्यू, EBITDA और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) तीनों में रिकॉर्ड प्रदर्शन देखने को मिला।

Ind AS 116 के असर को एडजस्ट करने के बाद कंपनी की कुल आय 17% बढ़कर 2,133 करोड़ रुपये रही। EBITDA 44% बढ़कर 475 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन में करीब 420 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई और यह 22.3% रहा। वहीं, PAT दोगुने से ज्यादा बढ़कर 273 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने लगातार छठी तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी की कुल आय 15% बढ़कर 3,775 करोड़ रुपये रही। EBITDA 56% बढ़कर 705 करोड़ रुपये और PAT 233% बढ़कर 344 करोड़ रुपये पहुंच गया।

अजय कुमार बिजली के मुताबिक, मर्जर के बाद कंपनी के कारोबार में काफी बदलाव आया है। कोविड से पहले ज्यादा ऑक्यूपेंसी के बावजूद कंपनी का EBITDA मार्जिन 17-18% के आसपास रहता था। अब दूसरी तिमाही में यह 22.3% और पहली छमाही में 18.7% रहा है।

उन्होंने कहा कि मर्जर से मिली बचत, लागत पर नियंत्रण और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल ने PVR INOX के कारोबार को पहले से मजबूत बनाया है। कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) वित्त वर्ष 2026 में 10.2% था, जो पिछले 12 महीनों के आधार पर बढ़कर 16.5% हो गया है। यह कोविड से पहले के करीब 13% के स्तर से भी ज्यादा है।

कर्ज चुकाने के बाद शेयरधारकों को भी लौटाए पैसे

अजय कुमार बिजली ने बताया कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 604 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो जेनरेट किया और 259 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया। कंपनी ने सितंबर में पहली बार 300 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक भी किया। यानी कंपनी ने अपने शेयरधारकों से कुछ शेयर वापस खरीदे और उन्हें अतिरिक्त पूंजी लौटाई।

इसके बावजूद सितंबर के अंत में कंपनी के पास 141 करोड़ रुपये का नेट कैश था, जबकि जून में यह 81 करोड़ रुपये था। कंपनी के नेट कैश पॉजिटिव होने के बाद बोर्ड ने नई कैपिटल एलोकेशन और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को मंजूरी दी है।

इस पॉलिसी के तहत कंपनी की तीन प्राथमिकताएं होंगी। पहली, नए सिनेमाघरों, प्रीमियम फॉर्मेट और टेक्नोलॉजी में निवेश करके कारोबार का विस्तार करना। दूसरी, किसी भी तरह के डिस्ट्रीब्यूशन के बाद नेट डेट-टू-EBITDA को 0.5 गुना के भीतर रखना। तीसरी, बची हुई अतिरिक्त नकदी में से सालाना सरप्लस कैश फ्लो का करीब 30% हिस्सा शेयरधारकों को डिविडेंड, शेयर बायबैक या दोनों तरीकों से लौटाना। इसका समय और राशि तय करने का अधिकार कंपनी के बोर्ड के पास रहेगा।

छोटे शहरों में SMART Cinema से बढ़ाएगी पहुंच

कंपनी की विस्तार योजना पर बात करते हुए बिजली ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में छह नए सिनेमाघरों में 24 स्क्रीन शुरू की गई हैं। इनमें ज्यादातर स्क्रीन एसेट-लाइट मॉडल के तहत खोली गई हैं। इस दौरान कंपनी ने 25 स्क्रीन बंद भी की हैं, जिनमें से ज्यादातर घाटे में चल रही थीं।

अब PVR INOX के नेटवर्क में भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में कुल 1,797 स्क्रीन हैं।

कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में 90 से 100 नई स्क्रीन खोलने का है। इनमें से ज्यादातर स्क्रीन दूसरी छमाही में शुरू होंगी।

बिजली ने बताया कि कंपनी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में सितंबर में अपना पहला SMART Cinema शुरू किया है। यह खास तौर पर टियर-3 और टियर-4 शहरों के लिए तैयार किया गया किफायती सिनेमा मॉडल है।

इस मॉडल में सामान्य मल्टीप्लेक्स के मुकाबले निवेश 25-30% कम है। इसके अलावा, बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के सिनेमाघरों के मुकाबले इसका ऑपरेटिंग खर्च भी करीब 25% कम है।

कंपनी ने इसमें सीटों की गुणवत्ता, लेगरूम, सीट की चौड़ाई, बड़ी स्क्रीन, ऑडियो-विजुअल अनुभव और खाने-पीने की चीजों की उपलब्धता को स्थानीय बाजार के हिसाब से तैयार किया है।

मुजफ्फरपुर में शुरुआती दो महीनों का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीद से बेहतर रहा है। यहां औसत टिकट मूल्य करीब 190 रुपये है, जबकि कंपनी का कुल औसत टिकट मूल्य 298 रुपये है। फूड एंड बेवरेज की कीमतें भी कम रखी गई हैं। मेन्यू में ऐसी चुनिंदा चीजों पर ध्यान दिया गया है, जिन्हें दर्शक फिल्म देखने के दौरान आसानी से खा सकें।

बिजली ने बताया कि मुजफ्फरपुर के बाद कंपनी ने रामपुर और भरतपुर में दो SMART Cinemas के लिए फिट-आउट का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा करीब 100 अन्य सिनेमाघरों की पाइपलाइन भी तैयार है, जिन्हें अगले 12 से 18 महीनों में शुरू करने की योजना है।

300 शहरों की पहचान, अगले साल 150-175 स्क्रीन खोलने की तैयारी

कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषकों ने सवाल किया कि क्या कंपनी छोटे शहरों में तेजी से विस्तार करेगी या पहले की तरह सोच-समझकर निवेश जारी रखेगी। इस पर अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी अब पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से विस्तार करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि SMART Cinemas के लिए करीब 300 शहरों की पहचान की गई है।

उनका कहना था कि भारत में अभी भी सिनेमा स्क्रीन की उपलब्धता काफी कम है। देश की करीब 50% स्क्रीन सिंगल स्क्रीन हैं। ऐसे में छोटे शहरों में अच्छी गुणवत्ता वाला सिनेमा अनुभव उपलब्ध कराने की काफी संभावनाएं हैं।

हालांकि, कंपनी विस्तार के दौरान हर स्क्रीन की कमाई और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न का ध्यान रखेगी। बिजली के मुताबिक, कंपनी किसी भी नई यूनिट के लिए अधिकतम तीन से चार साल का पेबैक पीरियड चाहती है।

कंपनी के चीफ बिजनेस प्लानिंग एंड स्ट्रैटेजी कमल ज्ञानचंदानी ने भी बताया कि अगले वित्त वर्ष से कंपनी हर साल 150 से 175 नई स्क्रीन खोलने की स्थिति में हो सकती है। अगले तीन साल में करीब 500 स्क्रीन जोड़ने की संभावना पर भी उन्होंने सहमति जताई।

उनके मुताबिक, कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में पुराने और कमजोर प्रदर्शन करने वाले मॉल्स में मौजूद कई सिनेमाघरों को बंद किया है। अब उन पुराने सिनेमाघरों से बाहर निकलने के बाद कंपनी का नेट स्क्रीन एडिशन पहले के मुकाबले तेज हो सकता है।

हिंदी फिल्में कमजोर नहीं, पिछले साल का बेस था मजबूत

कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषकों ने सवाल उठाया कि जब पहली छमाही में इंडस्ट्री का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीब 1,400 करोड़ रुपये बढ़ा है, तो हिंदी फिल्मों का इसमें योगदान अपेक्षाकृत कम क्यों दिखाई दे रहा है।

इस पर अजय कुमार बिजली ने कहा कि आंकड़ों को देखने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। पिछले साल हिंदी फिल्मों का प्रदर्शन पहले से काफी मजबूत था। इसलिए इस साल की बढ़ोतरी की तुलना पिछले साल के बड़े आधार से की जा रही है।

कमल ज्ञानचंदानी ने कहा कि हिंदी फिल्में कमजोर नहीं हैं। पिछले साल की दूसरी तिमाही में हिंदी फिल्मों का प्रदर्शन अच्छा था, जबकि हॉलीवुड फिल्मों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इस साल हॉलीवुड फिल्मों ने शानदार वापसी की है, इसलिए हिंदी फिल्मों की अतिरिक्त ग्रोथ कम दिखाई दे रही है।

कंपनी के CFO गौरव शर्मा ने एक और अहम बात बताई। उनके मुताबिक, अंग्रेजी फिल्मों के हिंदी डब वर्जन की कमाई को इंडस्ट्री के सामान्य आंकड़ों में अंग्रेजी फिल्मों के कलेक्शन में शामिल किया जाता है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 'Spider-Man: Brand New Day' ने करीब 600 करोड़ रुपये कमाए, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये हिंदी डब वर्जन से आए। अगर इस रकम को हिंदी फिल्मों के कलेक्शन में भी जोड़ा जाए तो हिंदी बॉक्स ऑफिस की ग्रोथ कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई देगी।

ज्ञानचंदानी ने 'Hanuman Ansh' का उदाहरण देते हुए कहा कि करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म ने 351 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इससे फिल्म के निर्माताओं और पूरी वैल्यू चेन से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिला। ऐसी सफलता उन निर्माताओं को भी प्रोत्साहित कर सकती है, जो अच्छी कहानी होने के बावजूद फिल्म बनाने का फैसला टाल रहे हैं।

OTT प्लेटफॉर्म अब फिल्मों को सीधे रिलीज करने में कम आक्रामक

फिल्मों की सप्लाई और OTT के प्रभाव पर कमल ज्ञानचंदानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म फिल्मों को सीधे अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने के लिए काफी आक्रामक थे। लेकिन अब उनका रुख बदल रहा है।

उनके मुताबिक, OTT कंपनियों को भी समझ आ रहा है कि पहले फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करना और उसके बाद दूसरे प्लेटफॉर्म पर लाना ज्यादा बेहतर बिजनेस मॉडल है।

इसका फायदा थिएटर कारोबार को मिल रहा है। निर्माता अब फिल्मों को पहले सिनेमाघरों में रिलीज करने के मॉडल पर लौट रहे हैं। इससे फिल्मों की कहानी, निर्माण और मार्केटिंग पर भी ज्यादा मेहनत की जा रही है।

उन्होंने कहा कि अब माइक्रो बजट, छोटे बजट, मिड-बजट और बड़े बजट की फिल्मों को दर्शक मिल रहे हैं। यानी फिल्म इंडस्ट्री में हर तरह की फिल्मों के लिए अवसर बन रहे हैं।

विज्ञापन से कमाई बढ़ाने के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म

कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि विज्ञापन से होने वाली कमाई बढ़ाने के लिए भी नई योजनाओं पर काम चल रहा है।

CFO गौरव शर्मा के मुताबिक, पहली छमाही में बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की संख्या कम थी, इसलिए विज्ञापन से होने वाली कमाई पर भी इसका असर पड़ा। हालांकि, दूसरी छमाही में 'Ramayana', 'King', 'Avengers' और 'Love & War' जैसी बड़ी फिल्मों के आने से विज्ञापन कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।

कंपनी एक नया डिजिटल पे-पर-आईबॉल (Pay Per Eyeball) मॉडल भी तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य ऐसी फिल्मों से विज्ञापन की कमाई बढ़ाना है, जो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन शुरुआत में उन्हें बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म के तौर पर प्रचारित नहीं किया जाता।

इसमें 'Hanuman Ansh', 'Mahavatar Narsimha' और 'Saiyaara' जैसी फिल्मों का उदाहरण दिया गया। कंपनी चाहती है कि ऐसी फिल्मों को देखने आने वाले दर्शकों की संख्या के आधार पर भी विज्ञापनदाताओं से कमाई की जा सके।

इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम चल रहा है और इसे शुरू होने में करीब 8 से 10 महीने लग सकते हैं। इसके बाद कंपनी पारंपरिक विज्ञापन बिक्री के साथ डिजिटल माध्यम से भी विज्ञापन बेच सकेगी।

फूड एंड बेवरेज कारोबार में अभी भी ग्रोथ की गुंजाइश

PVR INOX के फूड एंड बेवरेज कारोबार पर भी कॉन्फ्रेंस कॉल में विस्तार से चर्चा हुई। CFO गौरव शर्मा ने बताया कि कंपनी के फूड एंड बेवरेज कारोबार में हुई ग्रोथ का करीब 40% हिस्सा बिक्री की मात्रा बढ़ने से आया है, जबकि करीब 60% ग्रोथ प्रति दर्शक खर्च बढ़ने से हुई है।

उन्होंने कहा कि अभी कंपनी का फूड एंड बेवरेज खर्च औसत टिकट मूल्य का करीब 60% है। जबकि कुछ विकसित विदेशी बाजारों में प्रति दर्शक फूड खर्च औसत टिकट मूल्य के बराबर होता है। इसलिए इस कारोबार में आगे भी ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं।

कंपनी के CEO गौतम दत्ता ने बताया कि कंपनी के कुल फूड एंड बेवरेज कारोबार में करीब 60% योगदान पॉपकॉर्न और पेप्सी का है। ये दोनों उत्पाद कंपनी के लिए अच्छे ग्रॉस मार्जिन वाले उत्पाद हैं।

कंपनी सप्लायर्स के साथ शर्तों पर दोबारा बातचीत कर रही है। इसके अलावा, सप्लाई चेन को ज्यादा व्यवस्थित करने के लिए 4PL मॉडल की ओर बढ़ रही है। ऑटोमेशन के जरिए खाने-पीने की चीजों की बर्बादी कम करने और एक्सपायरी के करीब पहुंच रहे उत्पादों का समय रहते इस्तेमाल करने पर भी काम किया जा रहा है।

गौरव शर्मा ने बताया कि वीकेंड पर बड़े पॉपकॉर्न और पेप्सी के साथ फ्री रिफिल की सुविधा पिछले दो साल से दी जा रही है। इससे ग्राहक छोटे या मीडियम पैक की जगह बड़े पैक खरीदने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। इसके अलावा मंगलवार और दूसरे दिनों में भी फूड प्रमोशन चलाए जाते हैं।

गौतम दत्ता के मुताबिक, कंपनी अपने सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों के डेटा का इस्तेमाल करके उन्हें उनकी पसंद के हिसाब से ऑफर देती है। कंपनी यह देखती है कि दर्शक कौन-सी फिल्म देखने आते हैं, किस तरह की सीट पसंद करते हैं और क्या खाते हैं।

उन्होंने बताया कि सिनेमाघरों में आने वाले करीब 85% लोग कुछ न कुछ खाने-पीने की चीज जरूर खरीदते हैं।

कंपनी अब सिनेमा हॉल के बाहर भी अपने फूड कारोबार को बढ़ाने पर काम कर रही है। इसमें होम डिलीवरी, Grab & Go काउंटर, आउटडोर कैटरिंग और अपने फूड ब्रांड शामिल हैं।

विज्ञापन, स्क्रीन और विस्तार पर कंपनी की दूसरी योजनाएं

कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नए सिनेमाघरों के लिए एसेट-लाइट, FOCO और लीज मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।

CFO गौरव शर्मा के मुताबिक, एसेट-लाइट मॉडल में सिनेमा की पूरी आय और खर्च कंपनी के खातों में दर्ज होते हैं। जबकि फ्रेंचाइजी मॉडल में कंपनी सिर्फ मैनेजमेंट फीस को अपनी आय में शामिल करती है। फ्रेंचाइजी के संचालन से जुड़े खर्च फ्रेंचाइजी मालिक के खाते में रहते हैं।

कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए करीब 300 से 330 करोड़ रुपये के कैपेक्स का अनुमान दिया है। पहली छमाही में करीब 132 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अगले वित्त वर्ष में स्क्रीन की संख्या ज्यादा बढ़ने के कारण कैपेक्स 350 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। हालांकि, यह वास्तविक विस्तार और परियोजनाओं की प्रगति पर निर्भर करेगा।

कंपनी ने प्रोजेक्टर और आईटी उपकरणों जैसी कुछ संपत्तियों की उपयोगी अवधि (Useful Life) का दोबारा आकलन भी किया है। इसके बाद सालाना डेप्रिसिएशन खर्च में करीब 35 से 40 करोड़ रुपये की कमी आने का अनुमान है।

दक्षिण भारत में भी विस्तार पर रहेगा जोर

कॉन्फ्रेंस कॉल में दक्षिण भारत में कंपनी की विस्तार योजनाओं पर भी चर्चा हुई।कमल ज्ञानचंदानी ने बताया कि देश की कुल करीब 10,500 सिनेमा स्क्रीन में से लगभग 45-50% स्क्रीन दक्षिण भारत के पांच राज्यों में हैं। हालांकि, कंपनी के पास इस बारे में सटीक उद्योग आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

गौरव शर्मा ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में कंपनी हर साल अपनी नई स्क्रीन का करीब 35-40% हिस्सा दक्षिण भारत में खोल रही है। कंपनी इस क्षेत्र को प्राथमिकता वाले बाजार के रूप में देखती है।

ज्ञानचंदानी के मुताबिक, दक्षिण भारत में औसत टिकट मूल्य देश के बाकी हिस्सों से करीब 25% कम है। तमिलनाडु में यह सबसे कम है, जबकि केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में यह अपेक्षाकृत बेहतर है। हालांकि, दक्षिण भारत में ऑक्यूपेंसी ज्यादा होने से कम टिकट कीमत की भरपाई हो जाती है।

आने वाली फिल्मों से दूसरी छमाही में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद

अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। आने वाले महीनों में हिंदी, क्षेत्रीय और हॉलीवुड फिल्मों की अच्छी लाइनअप है।

हिंदी फिल्मों में नवंबर में 'Ramayana: Part 1', दिसंबर में शाहरुख खान की 'King' और चौथी तिमाही में 'Love & War' तथा 'Golmaal 5' रिलीज होने वाली हैं।

पैन-इंडिया फिल्मों में चिरंजीवी की 'Kaaka' और प्रभास की 'Fauji' का जिक्र किया गया। वहीं हॉलीवुड में 'The Hunger Games: Sunrise on the Reaping', 'Avengers: Doomsday', 'Dune: Part Three' और 'Jumanji: Open World' जैसी फिल्मों से उम्मीदें हैं।

कंपनी दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए कम कीमत वाले ऑफर भी जारी रखेगी। इनमें वीकडे मॉर्निंग शो 99 रुपये में, शुक्रवार के पहले शो 149 रुपये में और फ्रंट रो सीट 79 रुपये से शुरू होने वाले ऑफर शामिल हैं।

अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी रिकॉर्ड कमाई, बेहतर मार्जिन, मजबूत बैलेंस शीट और आने वाली फिल्मों की अच्छी लाइनअप के साथ वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में प्रवेश कर रही है। कंपनी का फोकस सिर्फ कारोबार बढ़ाने पर नहीं, बल्कि कमाई की गुणवत्ता, कैश फ्लो और निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने पर भी रहेगा।

इस तरह PVR INOX अब बड़े शहरों के पारंपरिक मल्टीप्लेक्स कारोबार के साथ छोटे शहरों में किफायती SMART Cinemas, फूड कारोबार और डिजिटल विज्ञापन के जरिए भी अपनी कमाई के नए रास्ते तैयार कर रही है

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Amara Raja ग्रुप ने धीरज जैन को सौंपी कॉरपोरेट अफेयर्स की जिम्मेदारी

अपनी नई भूमिका में धीरज जैन सरकारी और नियामकीय मामलों से जुड़े संवाद के साथ-साथ नीतिगत पैरवी (पॉलिसी एडवोकेसी) और ग्रुप की कॉरपोरेट प्रतिष्ठा के प्रबंधन की देखरेख भी करेंगे।

Last Modified:
Tuesday, 03 November, 2026
Dheeraj Jain

देश के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल अमारा राजा (Amara Raja) ग्रुप ने धीरज जैन को हेड ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स नियुक्त किया है। धीरज जैन ने 2 नवंबर 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है।

अपनी नई भूमिका में धीरज जैन सरकारी और नियामकीय मामलों से जुड़े संवाद के साथ-साथ नीतिगत पैरवी (पॉलिसी एडवोकेसी) और ग्रुप की कॉरपोरेट प्रतिष्ठा के प्रबंधन की देखरेख भी करेंगे। वह ग्रुप के बाहरी संपर्कों और संवाद को उसकी व्यावसायिक प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाए रखने पर काम करेंगे।

धीरज जैन को कॉरपोरेट अफेयर्स, नियामकीय रणनीति और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है। उन्हें जटिल नियामकीय परिस्थितियों से निपटने और संस्थागत संबंधों को मजबूत बनाने का भी अनुभव है।

उनके पूर्व के कार्य अनुभव में Santos International, ReGen Powertech, Vestas और GE Renewable Energy जैसी कंपनियां शामिल हैं। अमारा राजा ग्रुप में शामिल होने से पहले वह Hitachi Energy में कार्यरत थे।

अपनी नियुक्ति पर धीरज जैन, हेड ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स, अमारा राजा ग्रुप ने कहा, ‘अमारा राजा ने भारत की ऊर्जा यात्रा में चार दशकों का भरोसा अर्जित किया है और अब वह इसका अगला अध्याय लिख रहा है। इस महत्वपूर्ण दौर में ग्रुप से जुड़कर मैं उत्साहित हूं। नई ऊर्जा तकनीकों को तेजी और बड़े स्तर पर अपनाने में सक्षम बनाने वाली साझेदारियों और नीतिगत ढांचे के निर्माण में योगदान देना चाहता हूं।’

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आतिफ अली ने WPP Media में संभाली एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी

आतिफ अली ने WPP Media में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह भारत मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप से जुड़े थे और मीडिया में 10 साल का अनुभव रखते हैं।

Last Modified:
Tuesday, 03 November, 2026
wpp media

आतिफ अली (Aatif Ali) ने डब्ल्यूपीपी मीडिया (WPP Media) में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (Associate Vice President) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर इसकी जानकारी साझा की। इससे पहले वह भारत मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप (Bharat Media & Entertainment Group) के साथ जुड़े हुए थे।

आतिफ के पास मार्केटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्हें मीडिया बाइंग (Media Buying), डिजिटल ऐड सेल्स (Digital Ad Sales), ब्रांड सॉल्यूशंस (Brand Solutions), स्ट्रैटेजी (Strategy) और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications) का अनुभव है।

अपने करियर के दौरान वह एमकैनवास (mCanvas), आईक्यूब्सवायर (iCubesWire), एबीपी ग्रुप (ABP Group), रेडियो मिर्ची (Radio Mirchi) और हाउसिंग डॉट कॉम (Housing.com) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।

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आरईसीएमए 2026 में हवास मीडिया इंडिया नंबर 1

हवास मीडिया इंडिया ने आरईसीएमए 2026 क्वालिटेटिव असेसमेंट में शीर्ष स्थान हासिल किया। एजेंसी ने 21 अंकों के साथ डॉमिनेंट प्रोफाइल हासिल की और नए कारोबार में भी नंबर एक रही।

Last Modified:
Tuesday, 03 November, 2026
havas

हवास मीडिया इंडिया (Havas Media India) ने आरईसीएमए (RECMA) की 2026 क्वालिटेटिव असेसमेंट में लगातार पांचवीं बार शीर्ष स्थान हासिल किया है। लेटेस्ट इंडिया क्वाली पैक में एजेंसी ने 21 अंकों के साथ डॉमिनेंट प्रोफाइल हासिल की है।

अगस्त 2025 से अगस्त 2026 की अवधि में नए कारोबार के मामले में भी हवास मीडिया इंडिया नंबर 1 रही। इसके अलावा 2025 के ओवरऑल एक्टिविटी वॉल्यूम के आधार पर एजेंसी भारत की टॉप पांच मीडिया एजेंसियों में शामिल रही।

आरईसीएमए यानी रिसर्च कंपनी इवैल्यूएटिंग द मीडिया एजेंसी इंडस्ट्री (Research Company Evaluating the Media Agency Industry) अलग-अलग बाजारों में मीडिया एजेंसियों का कई मानकों पर मूल्यांकन करती है। इंडिया क्वाली पैक में एजेंसियों का मूल्यांकन वाइटैलिटी और स्ट्रक्चर की दो श्रेणियों में 18 मानकों पर किया जाता है।

हवास मीडिया इंडिया ने वाइटैलिटी में 11 अंक हासिल किए। इसमें नया कारोबार, पिच में प्रतिस्पर्धा, कारोबार में वृद्धि और अवॉर्ड्स जैसे मानक शामिल हैं। वहीं स्ट्रक्चर में एजेंसी को 10 अंक मिले, जिसमें विशेषज्ञ संसाधन, क्षमताओं और क्लाइंट पोर्टफोलियो का मूल्यांकन किया जाता है।

डॉमिनेंट प्रोफाइल आरईसीएमए के क्वालिटेटिव असेसमेंट में सबसे ऊंची श्रेणी है। एजेंसी ने अपने प्रदर्शन का श्रेय रणनीतिक विशेषज्ञता, डेटा, तकनीक और विशेषज्ञ क्षमताओं पर फोकस को दिया है। इस रणनीति को हवास के कन्वर्ज्ड.एआई (Converged.AI) से भी मजबूती मिलती है, जो डेटा, तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानवीय विशेषज्ञता के साथ जोड़कर क्लाइंट्स के कारोबारी परिणाम बेहतर करने पर काम करता है।

इस साल हवास मीडिया ने आकाश इंस्टीट्यूट, मोडेनिक लाइफस्टाइल, पॉलिसीबाजार, सैमसंग, आशियाना हाउसिंग, केओ कार्पिन और मैट्रिमोनी डॉट कॉम जैसे अकाउंट्स हासिल किए हैं।

हवास ग्रुप इंडिया, एसईए और नॉर्थ एशिया (जापान और दक्षिण कोरिया) के ग्रुप सीईओ राणा बरुआ ने कहा कि भारत हवास के लिए महत्वपूर्ण बाजार है और टीम ने वर्षों में जो काम खड़ा किया है, उस पर कंपनी को गर्व है। उनके मुताबिक, आरईसीएमए की क्वालिटेटिव असेसमेंट और नए कारोबार में शीर्ष स्थान टीम के प्रयासों को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मीडिया कारोबार तेजी से बदल रहा है और प्रासंगिक बने रहने के लिए लगातार नई क्षमताएं विकसित करने के साथ क्लाइंट्स की कारोबारी जरूरतों को केंद्र में रखना जरूरी है।

हवास मीडिया नेटवर्क इंडिया के सीईओ मोहित जोशी ने कहा कि ये उपलब्धियां कंपनी के कारोबार की मजबूती और बाजार में बन रही गति को दर्शाती हैं। उनके मुताबिक, क्वालिटेटिव असेसमेंट, नए कारोबार और ओवरऑल एक्टिविटी वॉल्यूम में प्रदर्शन रणनीतिक सोच, डेटा, तकनीक और विशेषज्ञ क्षमताओं को साथ लाकर क्लाइंट्स के लिए अधिक मूल्य तैयार करने पर कंपनी के फोकस को दिखाता है।

उन्होंने कहा कि टीम की प्रतिबद्धता और क्लाइंट्स के भरोसे से यह उपलब्धि संभव हुई है। कंपनी आगे भी इसी गति को बनाए रखते हुए भारत में हवास मीडिया के विकास के अगले चरण को मजबूत करने पर ध्यान देगी।

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‘आजतक’ से अलग हुए युवा टीवी पत्रकार अजित त्रिपाठी, जल्द शुरू करेंगे नई पारी

टीवी पत्रकार अजित त्रिपाठी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (AajTak) में अपनी करीब 10 साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। वह यहां डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Last Modified:
Tuesday, 03 November, 2026
Ajit Tripathi

टीवी पत्रकार अजित त्रिपाठी ने हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ (AajTak) में अपनी करीब 10 साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। वह यहां डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में अजित त्रिपाठी ने बताया कि वह जल्द ही अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे और फिर उस बारे में अपडेट देंगे।

मूल रूप से इलाहाबाद (अब प्रयागराज) से जुड़े अजित त्रिपाठी को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब 17 साल का अनुभव है। ‘आजतक’ से पहले वह इंडिया न्यूज, न्यूज24, स्टार न्यूज मुंबई और यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (UNI) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने अलग-अलग संस्थानों के लिए कई डॉक्यूमेंट्री भी लिखी हैं।

अजित त्रिपाठी के पत्रकारिता करियर की उल्लेखनीय स्टोरीज में कोविड महामारी के दौरान प्रयागराज में गंगा में बहते शवों पर की गई रिपोर्ट 'ये मुर्दों का मोहल्ला' भी शामिल है। इस स्टोरी के लिए उन्हें बेस्ट प्रोड्यूसर का अवॉर्ड मिला था।

अजित त्रिपाठी को कविता और कहानियां लिखने का शौक भी है। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो बीएससी के अलावा उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है।  

समाचार4मीडिया से बातचीत में अजित त्रिपाठी ने बताया कि वह जल्द ही अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे और फिर उस बारे में अपडेट देंगे। समाचार4मीडिया की ओर से अजित त्रिपाठी को उनकी आगामी पारी के लिए अग्रिम शुभकामनाएं।

'आजतक' से अपनी विदाई को लेकर अजित त्रिपाठी ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव भी शेयर किए हैं। 

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कॉन्सेप्ट पीआर इंडिया ने सहबान कोहारी को बनाया ग्रुप हेड

कॉन्सेप्ट पीआर इंडिया ने सहबान कोहारी को ग्रुप हेड नियुक्त किया है। वह बीएफएसआई और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के पब्लिक रिलेशंस और कॉरपोरेट रेप्युटेशन से जुड़े काम संभालेंगे।

Last Modified:
Tuesday, 03 November, 2026
bfsi

कॉन्सेप्ट पीआर इंडिया लिमिटेड (Concept PR India Ltd) ने सहबान कोहारी (Sahban Kohari) को ग्रुप हेड नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में वह बीएफएसआई (BFSI) और रिन्यूएबल एनर्जी (Renewable Energy) सेक्टर से जुड़े पब्लिक रिलेशंस (Public Relations) मैंडेट्स संभालेंगे।

कोहारी को पब्लिक रिलेशंस और कॉरपोरेट रेप्युटेशन मैनेजमेंट (Corporate Reputation Management) में 19 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह कॉन्सेप्ट पीआर से पहले एमिनेंस (Eminence) के साथ जुड़े हुए थे।

अपने करियर के दौरान कोहारी ने एडफैक्टर्स पीआर (Adfactors PR), केचम सम्पर्क (Ketchum Sampark) और आईपीएएन हिल+नॉलेटन स्ट्रैटेजीज (IPAN Hill+Knowlton Strategies) जैसी एजेंसियों के साथ काम किया है।

उनके अनुभव में फाइनेंशियल कम्युनिकेशंस (Financial Communications), क्राइसिस मैनेजमेंट (Crisis Management) और स्ट्रैटेजिक क्लाइंट रिलेशनशिप्स (Strategic Client Relationships) शामिल हैं।

नई भूमिका में वह बीएफएसआई और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के मैंडेट्स का नेतृत्व करेंगे। साथ ही कॉरपोरेट रेप्युटेशन और स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशंस (Strategic Communications) से जुड़े अपने अनुभव का इस्तेमाल एजेंसी के काम को आगे बढ़ाने में करेंगे।

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कास्ट्रोल से जुड़े एलेक्सिस स्मिथ, ग्लोबल मार्केटिंग मैनेजर नियुक्त

एलेक्सिस स्मिथ ने कास्ट्रोल में ग्लोबल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। वह इससे पहले बीपी में 18 साल तक कमर्शियल, ब्रांड और प्रोडक्ट मार्केटिंग से जुड़े कार्य संभाल चुके हैं।

Last Modified:
Tuesday, 03 November, 2026
castrol

एलेक्सिस स्मिथ (Alexis Smith) ने कास्ट्रोल (Castrol) में ग्लोबल मार्केटिंग मैनेजर के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। अमेरिका में स्थित स्मिथ ने 18 साल तक बीपी (bp) के साथ काम किया है, जहां उन्होंने कमर्शियल, ब्रांड और प्रोडक्ट मार्केटिंग से जुड़ी कई जिम्मेदारियां निभाईं।

कास्ट्रोल में नई भूमिका संभालने से पहले स्मिथ जनवरी 2021 से नवंबर 2026 तक बीपी में ग्लोबल मार्केटिंग मैनेजर-कमर्शियल व्हीकल्स एंड लास्ट माइल के पद पर कार्यरत थे। इस भूमिका में उन्होंने कमर्शियल व्हीकल और लास्ट-माइल सेगमेंट की मार्केटिंग से जुड़े काम संभाले।

इससे पहले स्मिथ मार्च 2017 से दिसंबर 2020 तक कास्ट्रोल सीआरबी (Castrol CRB) और वेक्टॉन (VECTON) के ग्लोबल ब्रांड मैनेजर रहे। उन्होंने सितंबर 2015 से अक्टूबर 2017 तक ग्लोबल प्रोडक्ट मैनेजर-कमर्शियल ड्राइवलाइन फ्लूइड्स और जून 2011 से सितंबर 2015 तक प्रोडक्ट पोर्टफोलियो मैनेजर-हेवी ड्यूटी के रूप में भी काम किया।

स्मिथ ने अपने करियर की शुरुआत बीपी में सेल्स से की थी। मार्च 2008 से जून 2011 तक उन्होंने टेरिटरी सेल्स मैनेजर-एचडी स्पेशलिस्ट की भूमिका निभाई। इससे पहले फरवरी 2006 से मार्च 2008 तक वह हैस्को ऑयल (Hasco Oil) में अकाउंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।

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टेलीकॉम नेटवर्क में AI के इस्तेमाल पर सख्ती की तैयारी, TRAI ने जारी किया दिशानिर्देश

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर एक नया नियामकीय ढांचा तैयार कर रहा है।

Last Modified:
Tuesday, 03 November, 2026
TRAI8754

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) टेलीकॉम नेटवर्क और सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को लेकर एक नया नियामकीय ढांचा तैयार कर रहा है। इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को अपने नेटवर्क और सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले AI सिस्टम के जोखिम का आकलन करना होगा। साथ ही, AI से जुड़ी गंभीर घटनाओं की जानकारी सीधे TRAI को देनी होगी।

TRAI ने 30 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में ड्राफ्ट दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन पर संबंधित पक्ष 27 नवंबर 2026 तक अपनी राय और सुझाव दे सकते हैं। प्रस्तावित नियमों का मकसद टेलीकॉम सेक्टर में AI के इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाना और इससे उपभोक्ताओं को होने वाले संभावित नुकसान को रोकना है।

AI सिस्टम को तीन जोखिम श्रेणियों में बांटना होगा

ड्राफ्ट के मुताबिक, भारतीय टेलीग्राफ एक्ट, 1885 और टेलीकम्युनिकेशंस एक्ट, 2023 के तहत लाइसेंस प्राप्त टेलीकॉम कंपनियों और अधिकृत संस्थाओं को अपने सभी AI सिस्टम को तीन श्रेणियों में बांटना होगा। इनमें हाई रिस्क, मीडियम रिस्क और लो रिस्क शामिल हैं।

AI सिस्टम का जोखिम तय करते समय यह देखना होगा कि वह कंपनी के कामकाज के लिए कितना अहम है, उसका उपभोक्ताओं पर क्या असर पड़ सकता है और उससे कितना वित्तीय जोखिम जुड़ा है।

कंपनियों को अपने सभी सक्रिय और निष्क्रिय AI मॉडल की एक केंद्रीय सूची भी रखनी होगी। इसके अलावा, AI की वजह से उपभोक्ताओं को होने वाले नुकसान से जुड़ी शिकायतों और मामलों का रिकॉर्ड रखने के लिए डेटाबेस बनाना होगा। कंपनियों को अपने बोर्ड से मंजूर AI नीतियां भी लागू करनी होंगी।

AI से जुड़ी गंभीर घटनाओं की जानकारी TRAI को देनी होगी

प्रस्तावित दिशानिर्देशों के तहत AI से जुड़ी गंभीर घटनाओं की जानकारी तय समयसीमा के भीतर TRAI को देनी होगी। इनमें AI मॉडल के प्रदर्शन में बदलाव, भेदभावपूर्ण नतीजे, सिस्टम में खराबी और साइबर सुरक्षा से जुड़ी कमजोरियां जैसी घटनाएं शामिल हैं।

इस जानकारी के आधार पर TRAI पूरे टेलीकॉम सेक्टर में AI से जुड़े जोखिमों का आकलन कर सकेगा।

हर कंपनी में बनानी होगी AI गवर्नेंस कमेटी

TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए AI Governance and Safety Committee बनाने का भी प्रस्ताव रखा है। इस कमेटी की अगुवाई एक वरिष्ठ अधिकारी करेंगे, जिन्हें AI Governance and Safety Officer की जिम्मेदारी दी जाएगी।

कंपनियों की जिम्मेदारी केवल अपने बनाए AI मॉडल तक सीमित नहीं होगी। अगर वे किसी थर्ड पार्टी या वेंडर के AI मॉडल का इस्तेमाल करती हैं, तो उसके लिए भी उन्हें जवाबदेह रहना होगा।

ऐसे AI मॉडल को इस्तेमाल में लाने से पहले कंपनियों को उसके संभावित असर का आकलन करना होगा। साथ ही, AI मॉडल उपलब्ध कराने वाले वेंडर की जांच-पड़ताल करनी होगी। खरीद और सप्लाई से जुड़े अनुबंधों में ऑडिट का अधिकार भी सुनिश्चित करना होगा।

सरकार की AI गवर्नेंस गाइडलाइंस के अनुरूप है प्रस्ताव

TRAI का यह प्रस्ताव टेलीकॉम सेक्टर में AI के इस्तेमाल को लेकर निगरानी और जवाबदेही तय करने की दिशा में एक कदम है। इसका उद्देश्य फरवरी 2026 में जारी सरकार की व्यापक India AI Governance Guidelines के अनुरूप दूरसंचार उद्योग के लिए नियम तैयार करना है।

फिलहाल ये दिशानिर्देश ड्राफ्ट के रूप में हैं। संबंधित पक्ष 27 नवंबर 2026 तक इन पर अपनी राय दे सकते हैं। सुझावों और प्रतिक्रियाओं के बाद इनके अंतिम स्वरूप को लेकर फैसला होगा।

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