आउटडोर विज्ञापन क्षेत्र की कंपनी ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड (Bright Outdoor Media Limited) को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से मेन बोर्ड पर माइग्रेशन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
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Vikas Saxena
आउटडोर विज्ञापन क्षेत्र की कंपनी ब्राइट आउटडोर मीडिया लिमिटेड (Bright Outdoor Media Limited) को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) से मेन बोर्ड पर माइग्रेशन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही कंपनी की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मेन बोर्ड पर लिस्टिंग 6 नवंबर 2026 को तय की गई है।
कंपनी ने 4 नवंबर को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म से मेन बोर्ड पर जाने के लिए इन-प्रिंसिपल अप्रूवल मिला है। कंपनी ने 24 मार्च 2023 को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्टिंग के साथ शेयर बाजार में कदम रखा था। कंपनी का दावा है कि वह शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली भारत की पहली आउटडोर मीडिया कंपनी थी।
सरकारी और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से बढ़ाया कारोबार
कंपनी के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद से उसने अपने आउटडोर विज्ञापन कारोबार का विस्तार किया है। इस दौरान उसे कई सरकारी टेंडर और प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें नवी मुंबई मेट्रो लाइन का विज्ञापन टेंडर भी शामिल है।
इसके अलावा, कंपनी ने भारतीय रेलवे के साथ विले पार्ले से कांदिवली रेलवे रोड ओवर ब्रिज (ROB) विज्ञापन टेंडर के तहत प्रीमियम आउटडोर विज्ञापन इन्वेंट्री हासिल की है और उसका संचालन कर रही है। इससे कंपनी को रेलवे से जुड़े प्रमुख विज्ञापन स्थलों पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिला है।
कंपनी का कहना है कि उसके पास रणनीतिक और अधिक विजिबिलिटी वाली जगहों पर 50 से ज्यादा बड़े डिजिटल एलईडी बिलबोर्ड हैं। इसके साथ ही वह पारंपरिक होर्डिंग और डिजिटल डिस्प्ले के अपने नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है।
Bright 360 के जरिए इंटीग्रेटेड विज्ञापन सेवाओं पर जोर
ब्राइट आउटडोर मीडिया ने अपने कारोबार के विस्तार के लिए Bright 360 पहल भी शुरू की है। इसके तहत कंपनी ग्राहकों को ब्रांडिंग और विज्ञापन से जुड़ी एंड-टू-एंड सेवाएं देने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का उद्देश्य अलग-अलग विज्ञापन माध्यमों और फॉर्मेट को एकीकृत करके ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करना है।
कंपनी का कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन
कंपनी की स्थापना 1980 में हुई थी और इसका मुख्यालय मुंबई के अंधेरी में है। कंपनी के अनुसार, उसे आउटडोर विज्ञापन उद्योग में 45 साल से ज्यादा का अनुभव है। उसके नेटवर्क में 1,350 से अधिक होर्डिंग शामिल हैं। कंपनी का दावा है कि मुंबई में मौजूद 120 से ज्यादा बड़े डिजिटल एलईडी बिलबोर्ड में से 50 से अधिक उसके स्वामित्व में हैं।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 155.43 करोड़ रुपये का कुल रेवेन्यू, 35.23 करोड़ रुपये का EBITDA और 24.05 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। इस दौरान उसका EPS 12.26 रुपये रहा।
वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में कंपनी का कुल रेवेन्यू 92.12 करोड़ रुपये, EBITDA 20.25 करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट 13.97 करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में EPS 12.98 रुपये था।
कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. योगेश लखानी ने कहा कि बीएसई से मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की सैद्धांतिक मंजूरी और एनएसई पर प्रस्तावित लिस्टिंग कंपनी की यात्रा में अहम पड़ाव हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी आगे भी अपने पारंपरिक और डिजिटल विज्ञापन नेटवर्क का विस्तार करने, सरकारी और निजी क्षेत्र में नए अवसर तलाशने और ग्राहकों को एकीकृत विज्ञापन सेवाएं देने पर ध्यान देगी।
बीएसई से मिली सैद्धांतिक मंजूरी के बाद कंपनी के मेन बोर्ड पर माइग्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि एनएसई के मेन बोर्ड पर उसकी लिस्टिंग 6 नवंबर 2026 को निर्धारित है।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मोबाइल और ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ी जानकारी को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए नया प्लेटफॉर्म 'नेटवर्क अनुभव' (Network Anubhav) लॉन्च किया है।
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Samachar4media Bureau
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने मोबाइल और ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जुड़ी जानकारी को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए नया प्लेटफॉर्म 'नेटवर्क अनुभव' (Network Anubhav) लॉन्च किया है। इसकी मदद से उपभोक्ता अपने इलाके में अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के नेटवर्क की स्थिति, इंटरनेट की स्पीड और कॉल क्वॉलिटी से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म पर दूसरे यूजर्स के इंटरनेट स्पीड टेस्ट और TRAI की ओर से किए गए स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट के नतीजे भी उपलब्ध होंगे।
TRAI ने 4 नवंबर 2026 को इस प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया। यह एक जियो-स्पेशियल और एनालिटिकल डैशबोर्ड है, जिस पर MySpeed और MyCall ऐप के जरिए यूजर्स द्वारा किए गए टेस्ट के नतीजे भी दिखाए जाएंगे। इसका मकसद उपभोक्ताओं को अपने इलाके में नेटवर्क की वास्तविक स्थिति समझने में मदद करना है।
मैप पर देख सकेंगे नेटवर्क की स्थिति
नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ता मैप के जरिए अपने इलाके में मोबाइल नेटवर्क और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की स्थिति देख सकेंगे। इसमें अलग-अलग सर्विस प्रोवाइडर और टेक्नोलॉजी के हिसाब से नतीजे देखने की सुविधा होगी।
यूजर्स डाउनलोड और अपलोड स्पीड जैसे पैरामीटर के आधार पर नेटवर्क की जानकारी हासिल कर सकेंगे। मैप को जूम करके किसी खास इलाके में हुए इंटरनेट स्पीड टेस्ट के नतीजे भी देखे जा सकेंगे। इसके अलावा फिल्टर, टेबल और डाउनलोड की जा सकने वाली रिपोर्ट के जरिए आंकड़ों को समझना आसान होगा।
P50, P80 और P90 से समझ सकेंगे इंटरनेट स्पीड
इस प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट स्पीड के आंकड़ों को समझने के लिए P50, P80 और P90 जैसे पैमाने भी दिए गए हैं।
हालांकि, TRAI ने स्पष्ट किया है कि यूजर्स के टेस्ट के आधार पर मिलने वाले ये आंकड़े नेटवर्क की पूरी गुणवत्ता का मानक आकलन नहीं हैं। फिर भी इनसे उपभोक्ताओं को अलग-अलग इलाकों में दूसरे यूजर्स के नेटवर्क अनुभव के बारे में जानकारी मिलेगी।
टेलीकॉम कंपनियों को भी मिलेगा फायदा
इस प्लेटफॉर्म का फायदा सिर्फ उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि टेलीकॉम कंपनियों और TRAI को भी मिलेगा। सुरक्षित इंटरफेस के जरिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स उपभोक्ताओं के कॉल क्वॉलिटी, नेटवर्क कवरेज और इंटरनेट टेस्ट से जुड़े आंकड़े देख सकेंगे।
इन आंकड़ों में लोकेशन, तारीख, समय और तकनीकी जानकारी भी शामिल होगी। इससे कंपनियां उन इलाकों की पहचान कर सकेंगी, जहां नेटवर्क में सुधार की जरूरत है। वहीं, TRAI भी इन आंकड़ों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं के नेटवर्क अनुभव की निगरानी और नेटवर्क परफॉर्मेंस में सुधार के लिए कर सकेगा।
अब वेब पोर्टल से भी मिलेगी DND की सुविधा
TRAI ने नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म के साथ डू नॉट डिस्टर्ब (DND) सेवाओं को भी वेब इंटरफेस के जरिए उपलब्ध कराया है। अब उपभोक्ता इस पोर्टल से कमर्शियल कॉल और मैसेज से जुड़ी अपनी पसंद दर्ज करा सकेंगे।
इसके अलावा अनचाहे कमर्शियल कॉल और मैसेज की शिकायत दर्ज करने, शिकायत का स्टेटस देखने और अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों से जुड़ी शिकायतों की जानकारी हासिल करने की सुविधा भी मिलेगी।
तीसरे पक्ष के ऐप भी जोड़ सकेंगे इंटरनेट स्पीड टेस्ट
TRAI ने MySpeed SDK की सुविधा भी दी है। इसके जरिए योग्य थर्ड-पार्टी ऐप अपने प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट कनेक्टिविटी मापने की सुविधा जोड़ सकेंगे। इससे ज्यादा यूजर्स के टेस्ट डेटा इस प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकेंगे और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी का दायरा बढ़ेगा।
TRAI के चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने कहा कि नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं और TRAI की ओर से किए गए नेटवर्क टेस्ट में पारदर्शिता लाएगा। इससे उपभोक्ता अपने इलाके और सर्विस प्रोवाइडर के हिसाब से नेटवर्क की स्थिति समझ सकेंगे। साथ ही टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क में सुधार के लिए जरूरी जगहों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
यहां देख सकते हैं नेटवर्क की जानकारी
उपभोक्ता TRAI के नेटवर्क अनुभव पोर्टल https://anubhav.trai.gov.in पर जाकर इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। TRAI ने लोगों से MySpeed और MyCall ऐप के जरिए नियमित रूप से नेटवर्क टेस्ट करने की भी अपील की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा आंकड़े उपलब्ध हो सकें।
डॉ. अनिल सिंह वॉशिंगटन डीसी स्थित अमेरिका के डिजिटल न्यूज नेटवर्क स्टार व्यूज के साथ-साथ दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से प्रकाशित अंग्रेजी दैनिक टॉप स्टोरी के भी एडिटर हैं।
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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक डॉ. अनिल सिंह इन दिनों अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनावों की कवरेज कर रहे हैं। तीन दशक से अधिक समय तक टेलीविजन, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे डॉ. सिंह इस चुनावी कवरेज के जरिए अमेरिकी राजनीति और उसके भारत सहित दुनिया पर पड़ने वाले प्रभावों को समझने की कोशिश कर रहे हैं। वह यह रिपोर्टिंग STAR Views और Top Story के लिए कर रहे हैं।
डॉ. अनिल सिंह भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के जाने-माने नामों में शामिल रहे हैं। वह स्टार न्यूज (STAR News), आजतक और न्यूज24 (News24) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर काम कर चुके हैं। अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने राजनीतिक रिपोर्टिंग, न्यूजरूम प्रबंधन, चुनाव कवरेज, इंटरव्यू और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में काम किया है। इन संस्थानों में उनकी भूमिका सिर्फ खबरों की कवरेज तक सीमित नहीं रही, बल्कि संपादकीय फैसलों और जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को आम दर्शकों तक पहुंचाने की भी रही है।
वर्तमान में डॉ. सिंह वॉशिंगटन डीसी स्थित अमेरिका के डिजिटल न्यूज नेटवर्क स्टार व्यूज (STAR Views) के एडिटर हैं। इसके साथ ही वह दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लगभग 60 से 70 हजार प्रतियों के घोषित सर्कुलेशन वाले अंग्रेजी दैनिक टॉप स्टोरी (Top Story) के भी एडिटर हैं। Top Story में उनकी संपादकीय जिम्मेदारियों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामले शामिल हैं, जबकि STAR Views के माध्यम से इंटरव्यू, डिजिटल रिपोर्टिंग और राजनीतिक टिप्पणी को मंच मिलता है। दोनों प्लेटफॉर्म भारतीय और विदेशी दर्शकों के बीच राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों को जोड़ने का काम करते हैं।
अमेरिका में अपने मौजूदा असाइनमेंट के दौरान डॉ. सिंह वॉशिंगटन डीसी के अलावा पूर्वी तट के दूसरे राज्यों का भी दौरा कर रहे हैं। उनकी रिपोर्टिंग में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच मुकाबला, चुनाव प्रचार में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रभाव, महंगाई और रोजगार से जुड़ी चिंताएं, आव्रजन नीति तथा भारतीय मूल के मतदाताओं का नजरिया प्रमुख रूप से शामिल है। वह चुनावी माहौल को करीब से समझने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों से बातचीत कर रहे हैं।
इस रिपोर्टिंग के सिलसिले में उनका शिकागो जाने का भी कार्यक्रम है, जहां वह विशेषज्ञों, समुदाय के प्रतिनिधियों और मतदाताओं से बातचीत करेंगे। इस असाइनमेंट का उद्देश्य जमीनी अनुभवों और अलग-अलग नजरियों के आधार पर भारतीय दर्शकों को अमेरिकी चुनाव और उसके बाद के घटनाक्रम की बेहतर समझ देना है।
डॉ. अनिल सिंह का पत्रकारिता से जुड़ाव सिर्फ टेलीविजन और दैनिक खबरों तक सीमित नहीं है। वह लेखक भी हैं। उनकी प्रमुख पुस्तकों में Bihar: Chaos to Chaos और The Prime Minister: Discourses in Indian Polity शामिल हैं। इन पुस्तकों में भारतीय राजनीति, शासन व्यवस्था और नेतृत्व से जुड़े विषयों पर उनकी रुचि और अध्ययन दिखाई देता है। राजनीतिक नेताओं, सार्वजनिक हस्तियों और विशेषज्ञों के साथ उनके इंटरव्यू भी उनके पत्रकारिता करियर का अहम हिस्सा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी डॉ. सिंह की सक्रियता रही है। सितंबर 2026 में उन्होंने मॉस्को में आयोजित वर्ल्ड पब्लिक असेंबली में वक्ता के रूप में हिस्सा लिया था। इसके अलावा वह संसदीय और कूटनीतिक कार्यक्रमों की कवरेज भी कर चुके हैं। इनमें नई दिल्ली स्थित संविधान सदन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में आयोजित ब्रिक्स संसदीय मंच की कवरेज भी शामिल है।
तीन दशक से अधिक के अनुभव के साथ डॉ. अनिल सिंह ने भारतीय टेलीविजन के प्रमुख न्यूज रूम से लेकर प्रिंट और डिजिटल मीडिया तक अपनी अलग पहचान बनाई है। संपादकीय अनुभव, राजनीतिक विश्लेषण और जमीनी रिपोर्टिंग के मेल के साथ उनका मौजूदा अमेरिकी चुनावी असाइनमेंट उनके पत्रकारिता करियर को अंतरराष्ट्रीय आयाम दे रहा है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, वितरकों और अन्य हितधारकों से फंडिंग, वितरण, सिनेमाघरों और नई तकनीकों सहित कई अहम मुद्दों पर सुझाव मांगे हैं।
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भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के सामने मौजूद चुनौतियों और इसके विकास की संभावनाओं को समझने के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने भारतीय सिनेमा के भविष्य की दिशा तय करने के लिए इंडस्ट्री से सुझाव और सिफारिशें मांगी हैं। इस पहल का उद्देश्य फिल्म क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को मजबूत करना है।
मंत्रालय ने 3 नवंबर, 2026 को जारी एक नोटिस में फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों, तकनीशियनों, इंडस्ट्री एसोसिएशंस, सिनेमाघर संचालकों, वितरकों, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, विशेषज्ञों और अन्य इच्छुक व्यक्तियों व संगठनों से अपनी राय साझा करने की अपील की है। ये सुझाव एक उच्च स्तरीय अध्ययन समूह (High-Level Study Group) के विचारार्थ रखे जाएंगे, जिसे भारतीय सिनेमा के सामने मौजूद चुनौतियों और अवसरों का अध्ययन करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस उच्च स्तरीय अध्ययन समूह की अध्यक्षता प्रसार भारती के चेयरमैन प्रसून जोशी कर रहे हैं। इस समूह का गठन शुरुआत में 29 जुलाई, 2026 को किया गया था। इसमें फिल्म इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी सेक्टर और अन्य संबंधित क्षेत्रों के सदस्यों को शामिल किया गया है। बाद में 29 अक्टूबर, 2026 को जारी आदेश के जरिए समूह के कार्यकाल और संरचना में संशोधन किया गया।
फंडिंग, वितरण और सिनेमाघरों की व्यवस्था पर होगा मंथन: समूह के विचार-विमर्श के प्रमुख विषयों में फिल्म फाइनेंसिंग और फंडिंग के मॉडल शामिल हैं। इसके तहत फिल्म निर्माण के लिए वित्तीय व्यवस्था और इससे जुड़े व्यापक इकोसिस्टम पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही सिनेमाघरों के बुनियादी ढांचे, फिल्मों के वितरण और बाजार तक पहुंच जैसे विषयों का भी अध्ययन किया जाएगा।
समूह के एजेंडे में बॉक्स ऑफिस डेटा और फिल्म फेस्टिवल्स को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा फिल्म इंडस्ट्री के लिए प्रोत्साहन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्मों के सह-निर्माण (International Co-productions) और विदेशी बाजारों में भारतीय सिनेमा को बढ़ावा देने के तरीकों पर भी चर्चा होगी।
नई तकनीक और कौशल विकास भी एजेंडे में: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में उभरती तकनीकों और कौशल विकास को भी अध्ययन समूह के दायरे में रखा गया है। ये विषय फिल्म निर्माण से जुड़े तकनीकी बदलावों और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप कार्यबल तैयार करने जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। मंत्रालय ने सभी हितधारकों से केवल सामान्य विचार ही नहीं, बल्कि ठोस और लागू किए जा सकने वाले सुझाव देने को कहा है। सुझावों के साथ संबंधित जानकारी और उपलब्ध सहायक दस्तावेज भी साझा किए जा सकते हैं।
इंडस्ट्री के हर वर्ग की राय को मिलेगी जगह: मंत्रालय ने अध्ययन समूह से संबंधित जानकारी, उसके कार्यक्षेत्र और गठन के आदेश का विवरण भी उपलब्ध कराया है, ताकि हितधारक इन आधारों पर अपनी सिफारिशें तैयार कर सकें। इस प्रक्रिया में फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों के साथ-साथ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, वितरकों, सिनेमाघर संचालकों, तकनीशियनों, इंडस्ट्री एसोसिएशंस और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों को भी शामिल किया गया है। इससे फिल्म इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन से जुड़े अलग-अलग वर्गों को अपनी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को सामने रखने का अवसर मिलेगा।
प्राप्त सुझावों को उच्च स्तरीय अध्ययन समूह के सामने रखा जाएगा। इनके आधार पर समूह भारतीय सिनेमा के विकास, उसके सामने मौजूद चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी उपायों पर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा।
यह नामांकन संदीप गोयल के AAAI अध्यक्ष चुने जाने के बाद हुआ है। इसके बाद BARC बोर्ड के लिए श्रीनिवासन स्वामी के पहले नामांकन को वापस ले लिया गया।
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Samachar4media Bureau
भारतीय विज्ञापन उद्योग के प्रमुख संगठन ‘एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया’ (AAAI) ने संदीप गोयल और कार्तिक शर्मा को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के बोर्ड के लिए नॉमिनेट किया है। संदीप गोयल रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट के चेयरमैन हैं, जबकि कार्तिक शर्मा ओम्निकॉम मीडिया इंडिया के सीईओ हैं। इन नामांकनों से टेलीविजन ऑडियंस मेजरमेंट से जुड़ी इंडस्ट्री में AAAI का प्रतिनिधित्व मजबूत होने की उम्मीद है।
यह नामांकन संदीप गोयल के AAAI अध्यक्ष चुने जाने के बाद हुआ है। इसके बाद BARC बोर्ड के लिए श्रीनिवासन स्वामी के पहले नामांकन को वापस ले लिया गया। गोयल को विज्ञापन, मीडिया, मार्केटिंग और कॉर्पोरेट लीडरशिप के क्षेत्र में चार दशक से अधिक का अनुभव है। वह भारत की प्रमुख स्वतंत्र विज्ञापन एजेंसियों रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट के चेयरमैन हैं। उनके पास MBA, PhD और DLitt की डिग्रियां हैं।
अपने करियर के दौरान गोयल ने HTA (अब VML), त्रिकाया ग्रे (अब WPP का हिस्सा), डीडीबी मुद्र, रेडिफ्यूजन डेंट्सु और यंग एंड रुबिकम जैसी प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और नेटवर्क के साथ काम किया है। वह जी टेलीफिल्म्स के ग्रुप सीईओ भी रह चुके हैं। इसके अलावा, उन्होंने डेंट्सु इंडिया और मिडिल ईस्ट में इंडिया जॉइंट वेंचर पार्टनर और चेयरमैन की भूमिका भी निभाई है।
विज्ञापन जगत के अलावा गोयल का अनुभव अन्य क्षेत्रों में भी रहा है। वह स्नैपचैट की इंडिया एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन रह चुके हैं। उन्होंने पंजाब सरकार में तीन साल तक प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया है। 10 किताबों के लेखक गोयल एक जाने-माने कॉलमिस्ट और टिप्पणीकार भी हैं। उनके लेख द इकनॉमिक टाइम्स और बिजनेस स्टैंडर्ड जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में नियमित रूप से प्रकाशित होते रहे हैं।
वहीं, कार्तिक शर्मा को मीडिया स्ट्रैटेजी, कम्युनिकेशन प्लानिंग, बिहेवियरल इकोनॉमिक्स, एनालिटिक्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 30 साल से अधिक का अनुभव है। ओम्निकॉम ग्रुप का हिस्सा ओम्निकॉम मीडिया इंडिया के सीईओ के तौर पर उन्होंने बिजनेस ग्रोथ और मीडिया प्लानिंग व मेजरमेंट से जुड़ी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
शर्मा फिलहाल AAAI के बोर्ड और BARC की डिसिप्लिनरी कमेटी के सदस्य हैं। इसके अलावा, वह मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल इंडिया (MRUCI) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में भी शामिल हैं। इससे पहले वह TAM मीडिया रिसर्च और इंडियन रीडरशिप सर्वे में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। हाल ही में उन्हें IAA मीडिया इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर 2026 और e4m इन्फ्लुएंसर ऑफ द ईयर 2025 के सम्मान से नवाजा गया है।
HUL की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (होम केयर) वंदना सूरी दो दशक से अधिक समय से ब्रैंड बिल्डिंग, मार्केटिंग और कैटेगरी लीडरशिप के क्षेत्र में काम कर रही हैं।
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भारत सरकार ने हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) की एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (होम केयर) वंदना सूरी को ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) इंडिया के बोर्ड में डायरेक्टर नियुक्त किए जाने को मंजूरी दे दी है। सूरी फिलहाल HUL के होम केयर बिजनेस का नेतृत्व कर रही हैं और कंपनी की मैनेजमेंट कमेटी की सदस्य भी हैं।
वंदना सूरी ने जनवरी 2026 में HUL के होम केयर बिजनेस की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्होंने श्रीनंदन सुंदरम की जगह ली थी, जो इसके बाद यूनिलीवर इंटरनेशनल का नेतृत्व करने के लिए चले गए। सूरी को ब्रैंड बिल्डिंग, मार्केटिंग और कैटेगरी लीडरशिप के क्षेत्र में दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारत, दक्षिण एशिया और इंडोनेशिया में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों और यूनिलीवर के अलग-अलग बिजनेस में काम किया है।
HUL में अपनी मौजूदा भूमिका से पहले सूरी यूनिलीवर इंडोनेशिया में जनरल मैनेजर (ब्यूटी एंड वेलबीइंग) के पद पर थीं। यहां उन्होंने बिजनेस के विकास और बदलाव की स्ट्रैटेजी का नेतृत्व किया। इसके अलावा, वह पॉन्ड्स की ग्लोबल ब्रैंड वाइस प्रेजिडेंट भी रह चुकी हैं। इस भूमिका में उन्होंने ब्रैंड की नई पहचान बनाने और उसके बदलाव की प्रक्रिया का नेतृत्व किया।
HUL में 2011 से 2022 तक अपने पिछले कार्यकाल के दौरान वंदना सूरी ने होम केयर, ब्यूटी एंड वेलबीइंग और फूड्स बिजनेस में कई नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। 2014 से 2019 के बीच उन्होंने कंपनी के प्रीमियम लॉन्ड्री पोर्टफोलियो और फैब्रिक केयर एंड कंडीशनर बिजनेस का नेतृत्व किया। इसके बाद उन्होंने वाइस प्रेजिडेंट (स्किन केयर एंड कलर कॉस्मेटिक्स, ब्यूटी एंड वेलबीइंग) के रूप में काम किया। इस दौरान उनका फोकस प्रीमियम प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने और संभावनाओं वाले कैटेगरी में विकास को गति देने पर रहा।
यूनिलीवर से जुड़ने से पहले सूरी पेप्सिको, टेट्रा पैक और नीलसन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम कर चुकी हैं। उन्होंने अहमदाबाद स्थित मुद्र इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेशंस से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा, उन्होंने नई दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉलेज से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की है।
गौरतलब है कि BARC इंडिया देश में टेलीविजन दर्शकों की संख्या और व्यूअरशिप मापने वाली संस्था है। यह ब्रॉडकास्टिंग, विज्ञापन और मीडिया इंडस्ट्री को टेलीविजन दर्शकों से जुड़ी जानकारी और आंकड़े उपलब्ध कराती है। BARC के बोर्ड में ब्रॉडकास्टर्स, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
जान्हवी शाह ने एवोनाइल फार्मा में मार्केटिंग मैनेजर की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह चार साल तक नोवार्टिस में ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं।
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जान्हवी शाह (Janhavi Shah) को एवोनाइल फार्मा लिमिटेड (Evonile Pharma Limited) में मार्केटिंग मैनेजर (Marketing Manager) नियुक्त किया गया है। उन्होंने अक्टूबर में नई जिम्मेदारी संभाली। शाह ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी साझा की।
इससे पहले शाह करीब चार साल तक नोवार्टिस (Novartis) में ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर (Group Product Manager) के पद पर कार्यरत थीं। एवोनाइल फार्मा लिमिटेड पहले नोवार्टिस इंडिया लिमिटेड (Novartis India Limited) के नाम से जानी जाती थी।
अपने करियर के दौरान शाह ने फेरिंग फार्मास्यूटिकल्स (Ferring Pharmaceuticals) और ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स (Glenmark Pharmaceuticals) के साथ भी काम किया है।
नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) ने लाइफस्टाइल एंड मीडिया ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड (LMBL) से ‘GoodTimes’ चैनल के कारोबार का अधिग्रहण पूरा कर लिया है।
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Vikas Saxena
नई दिल्ली टेलीविजन लिमिटेड (NDTV) ने लाइफस्टाइल एंड मीडिया ब्रॉडकास्टिंग लिमिटेड (LMBL) से ‘GoodTimes’ चैनल के कारोबार का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कंपनी ने 3 नवंबर 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) से जरूरी मंजूरी मिलने और एसेट परचेज एग्रीमेंट की सभी शर्तें पूरी होने के बाद यह अधिग्रहण पूरा हुआ है।
कंपनी के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 2 नवंबर 2026 को एक पत्र जारी कर GoodTimes चैनल की अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग की अनुमति को रिन्यू करने के साथ ही इसे Lifestyle & Media Broadcasting Limited से New Delhi Television Limited के नाम ट्रांसफर करने की मंजूरी दी। इसके बाद एग्रीमेंट में तय सभी जरूरी शर्तें पूरी होने पर NDTV ने अधिग्रहण पूरा होने की पुष्टि की।
अगस्त में हुआ था एसेट परचेज एग्रीमेंट
इस अधिग्रहण की प्रक्रिया की शुरुआत अगस्त 2026 में हुई थी। NDTV ने 17 अगस्त 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों को दी जानकारी में बताया था कि उसने Lifestyle & Media Broadcasting Limited के साथ GoodTimes चैनल के कारोबार के अधिग्रहण के लिए एसेट परचेज एग्रीमेंट किया है।
उस समय NDTV ने स्पष्ट किया था कि यह किसी अलग कंपनी या कानूनी इकाई का अधिग्रहण नहीं है, बल्कि GoodTimes चैनल से जुड़े कारोबार और उसके ट्रांसफर किए जाने वाले एसेट्स की खरीद है। इनमें चैनल का लाइसेंस और सरकारी मंजूरियां, ग्राहकों और विज्ञापनदाताओं से जुड़े समझौते, प्रोग्रामिंग और कंटेंट, ब्रैंडिंग, बौद्धिक संपदा अधिकार, डिस्ट्रीब्यूशन और मॉनेटाइजेशन राइट्स, डिजिटल एसेट्स, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स और चैनल से जुड़ी गुडविल शामिल हैं।
18 करोड़ रुपये तक का था सौदा
NDTV ने शुरुआत में यह जानकारी दी थी कि इस अधिग्रहण के लिए 18 करोड़ रुपये तक की एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाएगा। यह सौदा कैश-फ्री और डेट-फ्री आधार पर तय किया गया था और एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक इसमें कुछ एडजस्टमेंट भी हो सकते थे। भुगतान कैश के साथ टेलीविजन ऐडवर्टाइजिंग इन्वेंट्री के रूप में भी किया जाना था।
कंपनी ने उस समय इस सौदे को करीब तीन महीने में पूरा होने की उम्मीद जताई थी। हालांकि, इसकी समयसीमा जरूरी नियामकीय मंजूरियां मिलने और एग्रीमेंट में तय अन्य शर्तों के पूरा होने पर निर्भर थी। अब 2 नवंबर को मंत्रालय की मंजूरी और क्लोजिंग शर्तें पूरी होने के बाद NDTV ने अधिग्रहण पूरा होने की जानकारी दी है।
NDTV की रणनीति में क्या है इसकी अहमियत?
अगस्त में दी गई जानकारी में NDTV ने कहा था कि GoodTimes के कारोबार को अपने साथ जोड़ने से उसकी रणनीतिक स्थिति मजबूत होगी। इससे कंपनी को अपने ऑपरेशनल दायरे का विस्तार करने और कारोबार में विविधता लाने में मदद मिलने की उम्मीद है। कंपनी ने यह भी कहा था कि इस अधिग्रहण से लंबे समय में उसके शेयरधारकों और दूसरे स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू बढ़ सकती है।
GoodTimes मुख्य रूप से लाइफस्टाइल-केंद्रित ब्रॉडकास्टिंग और मीडिया कंटेंट से जुड़ा चैनल है। इसके कारोबार को अपने साथ जोड़कर NDTV अपने मौजूदा मीडिया कारोबार में लाइफस्टाइल कंटेंट की मौजूदगी बढ़ा सकेगी।
संबंधित पक्षों के बीच हुआ था सौदा
इस सौदे की एक अहम बात यह है कि GoodTimes का विक्रेता Lifestyle & Media Broadcasting Limited, NDTV का जॉइंट वेंचर है। इसलिए यह ट्रांजैक्शन संबंधित पक्ष (Related Party Transaction) के दायरे में आता है।
हालांकि, NDTV ने अगस्त में स्पष्ट किया था कि यह सौदा आर्म्स लेंथ बेसिस पर किया जा रहा है। इसके लिए एक रजिस्टर्ड वैल्यूअर से वैल्यूएशन रिपोर्ट भी हासिल की गई थी। कंपनी ने यह भी कहा था कि उसके प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप और ग्रुप कंपनियों का विक्रेता कंपनी में कोई प्रत्यक्ष हित नहीं है, सिवाय संभावित अप्रत्यक्ष शेयरहोल्डिंग के।
NDTV ने इससे पहले 17 जुलाई 2026 को GoodTimes के प्रस्तावित अधिग्रहण के बारे में जानकारी दी थी। इसके बाद 17 अगस्त को एसेट परचेज एग्रीमेंट किए जाने की सूचना दी गई और अब 2 नवंबर को MIB की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी ने अधिग्रहण पूरा होने की पुष्टि कर दी है।
PVR INOX के MD अजय कुमार बिजली का कहना है कि अब भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सिर्फ बड़ी बजट की नहीं, बल्कि अलग-अलग भाषाओं और शैलियों की फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
by
Vikas Saxena
भारतीय सिनेमा के लिए इस साल की दूसरी तिमाही (Q2 FY27) काफी शानदार रही है। फिल्मों की कमाई में तेजी के साथ दर्शक एक बार फिर सिनेमाघरों की ओर लौट रहे हैं। इसका फायदा मल्टीप्लेक्स कारोबार को भी मिल रहा है। PVR INOX के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय कुमार बिजली का कहना है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अब सिर्फ बड़ी बजट की फिल्मों के भरोसे कारोबार नहीं चल रहा, बल्कि अलग-अलग भाषाओं, शैलियों और बजट की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं।
28 अक्टूबर 2026 को कंपनी के Q2 FY27 नतीजों पर आयोजित कॉन्फ्रेंस कॉल में अजय कुमार बिजली ने कंपनी के प्रदर्शन, भारतीय बॉक्स ऑफिस की स्थिति, छोटे शहरों में विस्तार, नई SMART Cinema रणनीति, टिकट और खाने-पीने की कीमतों तथा आने वाली फिल्मों को लेकर विस्तार से बात की। इस दौरान कंपनी के दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों ने भी विश्लेषकों के सवालों के जवाब दिए।
अजय कुमार बिजली ने बताया कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री ने जुलाई-सितंबर 2026 की तिमाही में 4,433 करोड़ रुपये का ग्रॉस बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। यह अब तक किसी एक तिमाही में हुआ सबसे ज्यादा कलेक्शन है। पहली बार इंडस्ट्री ने एक तिमाही में 4,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार किया है।
उनके मुताबिक, दूसरी तिमाही में इंडस्ट्री का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 23% बढ़ा है, जबकि पहली तिमाही में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 22% बढ़कर 7,618 करोड़ रुपये पहुंच गया।
हॉलीवुड फिल्मों ने भी भारतीय बॉक्स ऑफिस पर बनाया रिकॉर्ड
अजय कुमार बिजली ने कहा कि इस तिमाही में अंग्रेजी फिल्मों का प्रदर्शन खास तौर पर शानदार रहा। हॉलीवुड फिल्मों का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 87% बढ़कर 1,024 करोड़ रुपये हो गया। पहली बार अंग्रेजी फिल्मों ने एक तिमाही में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की है।
उन्होंने बताया कि 'Spider-Man: Brand New Day' ने भारत में 608 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करके अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली अंग्रेजी फिल्म का रिकॉर्ड बनाया। वहीं, क्रिस्टोफर नोलन की फिल्म 'Odyssey' ने 233 करोड़ रुपये कमाए। इस फिल्म को IMAX जैसे प्रीमियम और इमर्सिव फॉर्मेट में भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला।
इसके अलावा 'Avengers Endgame: Encore' ने दोबारा रिलीज होने के बावजूद चार सप्ताह में 45 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। अजय कुमार बिजली के मुताबिक, इससे पता चलता है कि भारतीय दर्शकों में बड़े पर्दे पर बेहतर सिनेमाई अनुभव लेने की मांग बनी हुई है। फ्रेंचाइजी फिल्मों के साथ-साथ बिना फ्रेंचाइजी वाली हॉलीवुड फिल्मों को भी दर्शक पसंद कर रहे हैं।
हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों ने भी किया अच्छा प्रदर्शन
हिंदी फिल्मों में 'Hanuman Ansh' ने 351 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया। वहीं, वेब सीरीज 'Mirzapur' को पहली बार फीचर फिल्म के रूप में बड़े पर्दे पर लाया गया और इसने 267 करोड़ रुपये की कमाई की।
अजय कुमार बिजली ने इसे एक नए ट्रेंड की शुरुआत बताया। उनका कहना था कि बड़ी कहानियां जब सिनेमाघरों में रिलीज होती हैं तो वे दर्शकों के लिए एक इवेंट बन जाती हैं। इसके बाद स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म उन कहानियों को और ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा 'Awarapan 2' और 'Dhamaal 4' जैसी सीक्वल फिल्मों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
क्षेत्रीय सिनेमा में भी तेजी देखने को मिली। तमिल फिल्म 'Jana Nayagan' ने 200 करोड़ रुपये और कन्नड़ फिल्म 'Toxic' ने 296 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। तेलुगु फिल्म 'Irumudi' और मलयालम फिल्म 'Bethlehem Kudumba Unit' ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
अजय कुमार बिजली के मुताबिक, अब बॉक्स ऑफिस की ग्रोथ अलग-अलग भाषाओं, जॉनर और बजट की फिल्मों से आ रही है। इसमें ऐसी फिल्में भी शामिल हैं, जिन्हें दर्शकों की तारीफ और मौखिक प्रचार (वर्ड ऑफ माउथ) के जरिए सफलता मिल रही है।
PVR INOX में 4% बढ़े दर्शक, टिकट और फूड पर खर्च में 14% की बढ़ोतरी
कंपनी के प्रदर्शन की बात करें तो दूसरी तिमाही में PVR INOX के सिनेमाघरों में 4.63 करोड़ दर्शक पहुंचे। यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 4% ज्यादा है। इस दौरान ऑक्यूपेंसी बढ़कर 30.4% रही।
कंपनी का औसत टिकट मूल्य (ATP) 14% बढ़कर 298 रुपये हो गया। वहीं, प्रति दर्शक खाने-पीने की चीजों पर होने वाला औसत खर्च (SPH) भी 14% बढ़कर 153 रुपये पहुंच गया।
अजय कुमार बिजली ने बताया कि यह कंपनी के लिए अब तक की सबसे अच्छी तिमाही रही है। इस दौरान रेवेन्यू, EBITDA और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) तीनों में रिकॉर्ड प्रदर्शन देखने को मिला।
Ind AS 116 के असर को एडजस्ट करने के बाद कंपनी की कुल आय 17% बढ़कर 2,133 करोड़ रुपये रही। EBITDA 44% बढ़कर 475 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन में करीब 420 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी हुई और यह 22.3% रहा। वहीं, PAT दोगुने से ज्यादा बढ़कर 273 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने लगातार छठी तिमाही में सालाना आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में कंपनी की कुल आय 15% बढ़कर 3,775 करोड़ रुपये रही। EBITDA 56% बढ़कर 705 करोड़ रुपये और PAT 233% बढ़कर 344 करोड़ रुपये पहुंच गया।
अजय कुमार बिजली के मुताबिक, मर्जर के बाद कंपनी के कारोबार में काफी बदलाव आया है। कोविड से पहले ज्यादा ऑक्यूपेंसी के बावजूद कंपनी का EBITDA मार्जिन 17-18% के आसपास रहता था। अब दूसरी तिमाही में यह 22.3% और पहली छमाही में 18.7% रहा है।
उन्होंने कहा कि मर्जर से मिली बचत, लागत पर नियंत्रण और पूंजी के बेहतर इस्तेमाल ने PVR INOX के कारोबार को पहले से मजबूत बनाया है। कंपनी का रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) वित्त वर्ष 2026 में 10.2% था, जो पिछले 12 महीनों के आधार पर बढ़कर 16.5% हो गया है। यह कोविड से पहले के करीब 13% के स्तर से भी ज्यादा है।
कर्ज चुकाने के बाद शेयरधारकों को भी लौटाए पैसे
अजय कुमार बिजली ने बताया कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 604 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो जेनरेट किया और 259 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया। कंपनी ने सितंबर में पहली बार 300 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक भी किया। यानी कंपनी ने अपने शेयरधारकों से कुछ शेयर वापस खरीदे और उन्हें अतिरिक्त पूंजी लौटाई।
इसके बावजूद सितंबर के अंत में कंपनी के पास 141 करोड़ रुपये का नेट कैश था, जबकि जून में यह 81 करोड़ रुपये था। कंपनी के नेट कैश पॉजिटिव होने के बाद बोर्ड ने नई कैपिटल एलोकेशन और डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन पॉलिसी को मंजूरी दी है।
इस पॉलिसी के तहत कंपनी की तीन प्राथमिकताएं होंगी। पहली, नए सिनेमाघरों, प्रीमियम फॉर्मेट और टेक्नोलॉजी में निवेश करके कारोबार का विस्तार करना। दूसरी, किसी भी तरह के डिस्ट्रीब्यूशन के बाद नेट डेट-टू-EBITDA को 0.5 गुना के भीतर रखना। तीसरी, बची हुई अतिरिक्त नकदी में से सालाना सरप्लस कैश फ्लो का करीब 30% हिस्सा शेयरधारकों को डिविडेंड, शेयर बायबैक या दोनों तरीकों से लौटाना। इसका समय और राशि तय करने का अधिकार कंपनी के बोर्ड के पास रहेगा।
छोटे शहरों में SMART Cinema से बढ़ाएगी पहुंच
कंपनी की विस्तार योजना पर बात करते हुए बिजली ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में छह नए सिनेमाघरों में 24 स्क्रीन शुरू की गई हैं। इनमें ज्यादातर स्क्रीन एसेट-लाइट मॉडल के तहत खोली गई हैं। इस दौरान कंपनी ने 25 स्क्रीन बंद भी की हैं, जिनमें से ज्यादातर घाटे में चल रही थीं।
अब PVR INOX के नेटवर्क में भारत और श्रीलंका के 114 शहरों में कुल 1,797 स्क्रीन हैं।
कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026-27 में 90 से 100 नई स्क्रीन खोलने का है। इनमें से ज्यादातर स्क्रीन दूसरी छमाही में शुरू होंगी।
बिजली ने बताया कि कंपनी ने बिहार के मुजफ्फरपुर में सितंबर में अपना पहला SMART Cinema शुरू किया है। यह खास तौर पर टियर-3 और टियर-4 शहरों के लिए तैयार किया गया किफायती सिनेमा मॉडल है।
इस मॉडल में सामान्य मल्टीप्लेक्स के मुकाबले निवेश 25-30% कम है। इसके अलावा, बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु के सिनेमाघरों के मुकाबले इसका ऑपरेटिंग खर्च भी करीब 25% कम है।
कंपनी ने इसमें सीटों की गुणवत्ता, लेगरूम, सीट की चौड़ाई, बड़ी स्क्रीन, ऑडियो-विजुअल अनुभव और खाने-पीने की चीजों की उपलब्धता को स्थानीय बाजार के हिसाब से तैयार किया है।
मुजफ्फरपुर में शुरुआती दो महीनों का प्रदर्शन कंपनी की उम्मीद से बेहतर रहा है। यहां औसत टिकट मूल्य करीब 190 रुपये है, जबकि कंपनी का कुल औसत टिकट मूल्य 298 रुपये है। फूड एंड बेवरेज की कीमतें भी कम रखी गई हैं। मेन्यू में ऐसी चुनिंदा चीजों पर ध्यान दिया गया है, जिन्हें दर्शक फिल्म देखने के दौरान आसानी से खा सकें।
बिजली ने बताया कि मुजफ्फरपुर के बाद कंपनी ने रामपुर और भरतपुर में दो SMART Cinemas के लिए फिट-आउट का काम शुरू कर दिया है। इसके अलावा करीब 100 अन्य सिनेमाघरों की पाइपलाइन भी तैयार है, जिन्हें अगले 12 से 18 महीनों में शुरू करने की योजना है।
300 शहरों की पहचान, अगले साल 150-175 स्क्रीन खोलने की तैयारी
कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषकों ने सवाल किया कि क्या कंपनी छोटे शहरों में तेजी से विस्तार करेगी या पहले की तरह सोच-समझकर निवेश जारी रखेगी। इस पर अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी अब पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से विस्तार करने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि SMART Cinemas के लिए करीब 300 शहरों की पहचान की गई है।
उनका कहना था कि भारत में अभी भी सिनेमा स्क्रीन की उपलब्धता काफी कम है। देश की करीब 50% स्क्रीन सिंगल स्क्रीन हैं। ऐसे में छोटे शहरों में अच्छी गुणवत्ता वाला सिनेमा अनुभव उपलब्ध कराने की काफी संभावनाएं हैं।
हालांकि, कंपनी विस्तार के दौरान हर स्क्रीन की कमाई और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न का ध्यान रखेगी। बिजली के मुताबिक, कंपनी किसी भी नई यूनिट के लिए अधिकतम तीन से चार साल का पेबैक पीरियड चाहती है।
कंपनी के चीफ बिजनेस प्लानिंग एंड स्ट्रैटेजी कमल ज्ञानचंदानी ने भी बताया कि अगले वित्त वर्ष से कंपनी हर साल 150 से 175 नई स्क्रीन खोलने की स्थिति में हो सकती है। अगले तीन साल में करीब 500 स्क्रीन जोड़ने की संभावना पर भी उन्होंने सहमति जताई।
उनके मुताबिक, कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में पुराने और कमजोर प्रदर्शन करने वाले मॉल्स में मौजूद कई सिनेमाघरों को बंद किया है। अब उन पुराने सिनेमाघरों से बाहर निकलने के बाद कंपनी का नेट स्क्रीन एडिशन पहले के मुकाबले तेज हो सकता है।
हिंदी फिल्में कमजोर नहीं, पिछले साल का बेस था मजबूत
कॉन्फ्रेंस कॉल में विश्लेषकों ने सवाल उठाया कि जब पहली छमाही में इंडस्ट्री का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीब 1,400 करोड़ रुपये बढ़ा है, तो हिंदी फिल्मों का इसमें योगदान अपेक्षाकृत कम क्यों दिखाई दे रहा है।
इस पर अजय कुमार बिजली ने कहा कि आंकड़ों को देखने का तरीका भी महत्वपूर्ण है। पिछले साल हिंदी फिल्मों का प्रदर्शन पहले से काफी मजबूत था। इसलिए इस साल की बढ़ोतरी की तुलना पिछले साल के बड़े आधार से की जा रही है।
कमल ज्ञानचंदानी ने कहा कि हिंदी फिल्में कमजोर नहीं हैं। पिछले साल की दूसरी तिमाही में हिंदी फिल्मों का प्रदर्शन अच्छा था, जबकि हॉलीवुड फिल्मों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इस साल हॉलीवुड फिल्मों ने शानदार वापसी की है, इसलिए हिंदी फिल्मों की अतिरिक्त ग्रोथ कम दिखाई दे रही है।
कंपनी के CFO गौरव शर्मा ने एक और अहम बात बताई। उनके मुताबिक, अंग्रेजी फिल्मों के हिंदी डब वर्जन की कमाई को इंडस्ट्री के सामान्य आंकड़ों में अंग्रेजी फिल्मों के कलेक्शन में शामिल किया जाता है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि 'Spider-Man: Brand New Day' ने करीब 600 करोड़ रुपये कमाए, जिसमें लगभग 200 करोड़ रुपये हिंदी डब वर्जन से आए। अगर इस रकम को हिंदी फिल्मों के कलेक्शन में भी जोड़ा जाए तो हिंदी बॉक्स ऑफिस की ग्रोथ कहीं ज्यादा मजबूत दिखाई देगी।
ज्ञानचंदानी ने 'Hanuman Ansh' का उदाहरण देते हुए कहा कि करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये के बजट वाली फिल्म ने 351 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इससे फिल्म के निर्माताओं और पूरी वैल्यू चेन से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिला। ऐसी सफलता उन निर्माताओं को भी प्रोत्साहित कर सकती है, जो अच्छी कहानी होने के बावजूद फिल्म बनाने का फैसला टाल रहे हैं।
OTT प्लेटफॉर्म अब फिल्मों को सीधे रिलीज करने में कम आक्रामक
फिल्मों की सप्लाई और OTT के प्रभाव पर कमल ज्ञानचंदानी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म फिल्मों को सीधे अपने प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने के लिए काफी आक्रामक थे। लेकिन अब उनका रुख बदल रहा है।
उनके मुताबिक, OTT कंपनियों को भी समझ आ रहा है कि पहले फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज करना और उसके बाद दूसरे प्लेटफॉर्म पर लाना ज्यादा बेहतर बिजनेस मॉडल है।
इसका फायदा थिएटर कारोबार को मिल रहा है। निर्माता अब फिल्मों को पहले सिनेमाघरों में रिलीज करने के मॉडल पर लौट रहे हैं। इससे फिल्मों की कहानी, निर्माण और मार्केटिंग पर भी ज्यादा मेहनत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अब माइक्रो बजट, छोटे बजट, मिड-बजट और बड़े बजट की फिल्मों को दर्शक मिल रहे हैं। यानी फिल्म इंडस्ट्री में हर तरह की फिल्मों के लिए अवसर बन रहे हैं।
विज्ञापन से कमाई बढ़ाने के लिए नया डिजिटल प्लेटफॉर्म
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि विज्ञापन से होने वाली कमाई बढ़ाने के लिए भी नई योजनाओं पर काम चल रहा है।
CFO गौरव शर्मा के मुताबिक, पहली छमाही में बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों की संख्या कम थी, इसलिए विज्ञापन से होने वाली कमाई पर भी इसका असर पड़ा। हालांकि, दूसरी छमाही में 'Ramayana', 'King', 'Avengers' और 'Love & War' जैसी बड़ी फिल्मों के आने से विज्ञापन कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
कंपनी एक नया डिजिटल पे-पर-आईबॉल (Pay Per Eyeball) मॉडल भी तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य ऐसी फिल्मों से विज्ञापन की कमाई बढ़ाना है, जो बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करती हैं, लेकिन शुरुआत में उन्हें बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म के तौर पर प्रचारित नहीं किया जाता।
इसमें 'Hanuman Ansh', 'Mahavatar Narsimha' और 'Saiyaara' जैसी फिल्मों का उदाहरण दिया गया। कंपनी चाहती है कि ऐसी फिल्मों को देखने आने वाले दर्शकों की संख्या के आधार पर भी विज्ञापनदाताओं से कमाई की जा सके।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम चल रहा है और इसे शुरू होने में करीब 8 से 10 महीने लग सकते हैं। इसके बाद कंपनी पारंपरिक विज्ञापन बिक्री के साथ डिजिटल माध्यम से भी विज्ञापन बेच सकेगी।
फूड एंड बेवरेज कारोबार में अभी भी ग्रोथ की गुंजाइश
PVR INOX के फूड एंड बेवरेज कारोबार पर भी कॉन्फ्रेंस कॉल में विस्तार से चर्चा हुई। CFO गौरव शर्मा ने बताया कि कंपनी के फूड एंड बेवरेज कारोबार में हुई ग्रोथ का करीब 40% हिस्सा बिक्री की मात्रा बढ़ने से आया है, जबकि करीब 60% ग्रोथ प्रति दर्शक खर्च बढ़ने से हुई है।
उन्होंने कहा कि अभी कंपनी का फूड एंड बेवरेज खर्च औसत टिकट मूल्य का करीब 60% है। जबकि कुछ विकसित विदेशी बाजारों में प्रति दर्शक फूड खर्च औसत टिकट मूल्य के बराबर होता है। इसलिए इस कारोबार में आगे भी ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं।
कंपनी के CEO गौतम दत्ता ने बताया कि कंपनी के कुल फूड एंड बेवरेज कारोबार में करीब 60% योगदान पॉपकॉर्न और पेप्सी का है। ये दोनों उत्पाद कंपनी के लिए अच्छे ग्रॉस मार्जिन वाले उत्पाद हैं।
कंपनी सप्लायर्स के साथ शर्तों पर दोबारा बातचीत कर रही है। इसके अलावा, सप्लाई चेन को ज्यादा व्यवस्थित करने के लिए 4PL मॉडल की ओर बढ़ रही है। ऑटोमेशन के जरिए खाने-पीने की चीजों की बर्बादी कम करने और एक्सपायरी के करीब पहुंच रहे उत्पादों का समय रहते इस्तेमाल करने पर भी काम किया जा रहा है।
गौरव शर्मा ने बताया कि वीकेंड पर बड़े पॉपकॉर्न और पेप्सी के साथ फ्री रिफिल की सुविधा पिछले दो साल से दी जा रही है। इससे ग्राहक छोटे या मीडियम पैक की जगह बड़े पैक खरीदने के लिए प्रोत्साहित होते हैं। इसके अलावा मंगलवार और दूसरे दिनों में भी फूड प्रमोशन चलाए जाते हैं।
गौतम दत्ता के मुताबिक, कंपनी अपने सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों के डेटा का इस्तेमाल करके उन्हें उनकी पसंद के हिसाब से ऑफर देती है। कंपनी यह देखती है कि दर्शक कौन-सी फिल्म देखने आते हैं, किस तरह की सीट पसंद करते हैं और क्या खाते हैं।
उन्होंने बताया कि सिनेमाघरों में आने वाले करीब 85% लोग कुछ न कुछ खाने-पीने की चीज जरूर खरीदते हैं।
कंपनी अब सिनेमा हॉल के बाहर भी अपने फूड कारोबार को बढ़ाने पर काम कर रही है। इसमें होम डिलीवरी, Grab & Go काउंटर, आउटडोर कैटरिंग और अपने फूड ब्रांड शामिल हैं।
विज्ञापन, स्क्रीन और विस्तार पर कंपनी की दूसरी योजनाएं
कॉन्फ्रेंस कॉल में कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि नए सिनेमाघरों के लिए एसेट-लाइट, FOCO और लीज मॉडल का इस्तेमाल किया जाएगा।
CFO गौरव शर्मा के मुताबिक, एसेट-लाइट मॉडल में सिनेमा की पूरी आय और खर्च कंपनी के खातों में दर्ज होते हैं। जबकि फ्रेंचाइजी मॉडल में कंपनी सिर्फ मैनेजमेंट फीस को अपनी आय में शामिल करती है। फ्रेंचाइजी के संचालन से जुड़े खर्च फ्रेंचाइजी मालिक के खाते में रहते हैं।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष के लिए करीब 300 से 330 करोड़ रुपये के कैपेक्स का अनुमान दिया है। पहली छमाही में करीब 132 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। अगले वित्त वर्ष में स्क्रीन की संख्या ज्यादा बढ़ने के कारण कैपेक्स 350 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। हालांकि, यह वास्तविक विस्तार और परियोजनाओं की प्रगति पर निर्भर करेगा।
कंपनी ने प्रोजेक्टर और आईटी उपकरणों जैसी कुछ संपत्तियों की उपयोगी अवधि (Useful Life) का दोबारा आकलन भी किया है। इसके बाद सालाना डेप्रिसिएशन खर्च में करीब 35 से 40 करोड़ रुपये की कमी आने का अनुमान है।
दक्षिण भारत में भी विस्तार पर रहेगा जोर
कॉन्फ्रेंस कॉल में दक्षिण भारत में कंपनी की विस्तार योजनाओं पर भी चर्चा हुई।कमल ज्ञानचंदानी ने बताया कि देश की कुल करीब 10,500 सिनेमा स्क्रीन में से लगभग 45-50% स्क्रीन दक्षिण भारत के पांच राज्यों में हैं। हालांकि, कंपनी के पास इस बारे में सटीक उद्योग आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
गौरव शर्मा ने बताया कि पिछले दो से तीन वर्षों में कंपनी हर साल अपनी नई स्क्रीन का करीब 35-40% हिस्सा दक्षिण भारत में खोल रही है। कंपनी इस क्षेत्र को प्राथमिकता वाले बाजार के रूप में देखती है।
ज्ञानचंदानी के मुताबिक, दक्षिण भारत में औसत टिकट मूल्य देश के बाकी हिस्सों से करीब 25% कम है। तमिलनाडु में यह सबसे कम है, जबकि केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में यह अपेक्षाकृत बेहतर है। हालांकि, दक्षिण भारत में ऑक्यूपेंसी ज्यादा होने से कम टिकट कीमत की भरपाई हो जाती है।
आने वाली फिल्मों से दूसरी छमाही में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है। आने वाले महीनों में हिंदी, क्षेत्रीय और हॉलीवुड फिल्मों की अच्छी लाइनअप है।
हिंदी फिल्मों में नवंबर में 'Ramayana: Part 1', दिसंबर में शाहरुख खान की 'King' और चौथी तिमाही में 'Love & War' तथा 'Golmaal 5' रिलीज होने वाली हैं।
पैन-इंडिया फिल्मों में चिरंजीवी की 'Kaaka' और प्रभास की 'Fauji' का जिक्र किया गया। वहीं हॉलीवुड में 'The Hunger Games: Sunrise on the Reaping', 'Avengers: Doomsday', 'Dune: Part Three' और 'Jumanji: Open World' जैसी फिल्मों से उम्मीदें हैं।
कंपनी दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए कम कीमत वाले ऑफर भी जारी रखेगी। इनमें वीकडे मॉर्निंग शो 99 रुपये में, शुक्रवार के पहले शो 149 रुपये में और फ्रंट रो सीट 79 रुपये से शुरू होने वाले ऑफर शामिल हैं।
अजय कुमार बिजली ने कहा कि कंपनी रिकॉर्ड कमाई, बेहतर मार्जिन, मजबूत बैलेंस शीट और आने वाली फिल्मों की अच्छी लाइनअप के साथ वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में प्रवेश कर रही है। कंपनी का फोकस सिर्फ कारोबार बढ़ाने पर नहीं, बल्कि कमाई की गुणवत्ता, कैश फ्लो और निवेश पर बेहतर रिटर्न हासिल करने पर भी रहेगा।
इस तरह PVR INOX अब बड़े शहरों के पारंपरिक मल्टीप्लेक्स कारोबार के साथ छोटे शहरों में किफायती SMART Cinemas, फूड कारोबार और डिजिटल विज्ञापन के जरिए भी अपनी कमाई के नए रास्ते तैयार कर रही है
अपनी नई भूमिका में धीरज जैन सरकारी और नियामकीय मामलों से जुड़े संवाद के साथ-साथ नीतिगत पैरवी (पॉलिसी एडवोकेसी) और ग्रुप की कॉरपोरेट प्रतिष्ठा के प्रबंधन की देखरेख भी करेंगे।
by
Samachar4media Bureau
देश के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल अमारा राजा (Amara Raja) ग्रुप ने धीरज जैन को हेड ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स नियुक्त किया है। धीरज जैन ने 2 नवंबर 2026 से अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली है।
अपनी नई भूमिका में धीरज जैन सरकारी और नियामकीय मामलों से जुड़े संवाद के साथ-साथ नीतिगत पैरवी (पॉलिसी एडवोकेसी) और ग्रुप की कॉरपोरेट प्रतिष्ठा के प्रबंधन की देखरेख भी करेंगे। वह ग्रुप के बाहरी संपर्कों और संवाद को उसकी व्यावसायिक प्राथमिकताओं के अनुरूप बनाए रखने पर काम करेंगे।
धीरज जैन को कॉरपोरेट अफेयर्स, नियामकीय रणनीति और सार्वजनिक नीति के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम किया है। उन्हें जटिल नियामकीय परिस्थितियों से निपटने और संस्थागत संबंधों को मजबूत बनाने का भी अनुभव है।
उनके पूर्व के कार्य अनुभव में Santos International, ReGen Powertech, Vestas और GE Renewable Energy जैसी कंपनियां शामिल हैं। अमारा राजा ग्रुप में शामिल होने से पहले वह Hitachi Energy में कार्यरत थे।
अपनी नियुक्ति पर धीरज जैन, हेड ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स, अमारा राजा ग्रुप ने कहा, ‘अमारा राजा ने भारत की ऊर्जा यात्रा में चार दशकों का भरोसा अर्जित किया है और अब वह इसका अगला अध्याय लिख रहा है। इस महत्वपूर्ण दौर में ग्रुप से जुड़कर मैं उत्साहित हूं। नई ऊर्जा तकनीकों को तेजी और बड़े स्तर पर अपनाने में सक्षम बनाने वाली साझेदारियों और नीतिगत ढांचे के निर्माण में योगदान देना चाहता हूं।’
आतिफ अली ने WPP Media में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली है। इससे पहले वह भारत मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप से जुड़े थे और मीडिया में 10 साल का अनुभव रखते हैं।
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Samachar4media Bureau
आतिफ अली (Aatif Ali) ने डब्ल्यूपीपी मीडिया (WPP Media) में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (Associate Vice President) के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पर इसकी जानकारी साझा की। इससे पहले वह भारत मीडिया एंड एंटरटेनमेंट ग्रुप (Bharat Media & Entertainment Group) के साथ जुड़े हुए थे।
आतिफ के पास मार्केटिंग, सेल्स और ऑपरेशंस में 10 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्हें मीडिया बाइंग (Media Buying), डिजिटल ऐड सेल्स (Digital Ad Sales), ब्रांड सॉल्यूशंस (Brand Solutions), स्ट्रैटेजी (Strategy) और कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस (Corporate Communications) का अनुभव है।
अपने करियर के दौरान वह एमकैनवास (mCanvas), आईक्यूब्सवायर (iCubesWire), एबीपी ग्रुप (ABP Group), रेडियो मिर्ची (Radio Mirchi) और हाउसिंग डॉट कॉम (Housing.com) जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर चुके हैं।