सारेगामा इंडिया लिमिटेड में आदित्य खंडेलवाल को मिली अहम जिम्मेदारी

आदित्य खंडेलवाल ने सारेगामा इंडिया लिमिटेड में चीफ मैनेजर-स्ट्रैटेजी की जिम्मेदारी संभाली है। वह लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस को मजबूत करने और विस्तार देने के साथ आगामी लाइव शोज पर काम करेंगे।

Last Modified:
Wednesday, 28 October, 2026
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आदित्य खंडेलवाल (Aditya Khandelwal) ने सारेगामा इंडिया लिमिटेड (Saregama India Ltd.) में चीफ मैनेजर-स्ट्रैटेजी (Chief Manager-Strategy) की जिम्मेदारी संभाली है। उनका फोकस लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस पर रहेगा।

खंडेलवाल ने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की। उन्होंने संगीत से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का जिक्र करते हुए इस जिम्मेदारी को खास बताया। उन्होंने लिखा, “संगीत हमेशा से मेरी जिंदगी का हिस्सा रहा है, इसलिए यह जिम्मेदारी मेरे लिए थोड़ी ज्यादा व्यक्तिगत महसूस होती है।”

नई भूमिका में खंडेलवाल सारेगामा के लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस को मजबूत करने और उसका विस्तार करने पर काम करेंगे। उन्होंने नई टीम के साथ जुड़ने और कंपनी के आगामी लाइव शोज में भूमिका निभाने को लेकर भी उत्साह जताया।

इससे पहले खंडेलवाल स्विगी (Swiggy) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के साथ काम कर चुके हैं। इन कंपनियों में उनके अनुभव से लाइव एंटरटेनमेंट से जुड़ी नई भूमिका में उनके रणनीतिक काम को मजबूती मिलेगी। सारेगामा के लाइव एक्सपीरियंस बिजनेस का विस्तार कंपनी की संगीत विरासत को आगे बढ़ाने और लाइव एंटरटेनमेंट के जरिए दर्शकों से जुड़ने के नए अवसर तलाशने की दिशा में एक कदम है।

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इंस्टाग्राम को कॉपीराइट उल्लंघन वाली पोस्ट हटाने का अधिकार: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कॉपीराइट और दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट हटाने से जुड़े IT नियम को असंवैधानिक घोषित करने से इनकार कर दिया है।

Last Modified:
Wednesday, 28 October, 2026
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कॉपीराइट और दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट हटाने से जुड़े आईटी नियम को असंवैधानिक घोषित करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कंटेंट क्रिएटर अनमोल जैन की याचिका खारिज करते हुए कहा कि इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपने प्लेटफॉर्म से ऐसी सामग्री हटाने का अधिकार है, जो किसी दूसरे व्यक्ति के कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट या अन्य मालिकाना अधिकारों का उल्लंघन करती है।

यह मामला सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 3(1)(b)(iv) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने से जुड़ा था। मामले में चीफ जस्टिस अल्पेश वाई. कोगजे और जस्टिस विवेक रूसिया की खंडपीठ ने सुनवाई की। लिखित आदेश में जस्टिस रूसिया ने फैसला लिखा है।

क्या है पूरा मामला?

अनमोल जैन इंस्टाग्राम पर ‘memexnasha’ नाम से अकाउंट चलाते हैं। उनका कहना था कि उन्होंने 2019 से मेहनत करके करीब 39 हजार फॉलोअर्स जुटाए थे और यह अकाउंट उनकी कमाई का एक अहम जरिया बन गया था।

जैन के मुताबिक, इंस्टाग्राम ने कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायतों के आधार पर उनकी कई पोस्ट हटा दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पोस्ट हटाने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कुछ लोग झूठी शिकायतें करके इंस्टाग्राम की कॉपीराइट नीति का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

जैन ने प्लेटफॉर्म से शिकायत की और अपना अकाउंट बहाल करने की मांग भी की। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया।

याचिका में क्या कहा गया?

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि आईटी नियमों का संबंधित प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 19(1)(g) और 21 के खिलाफ है। उनका तर्क था कि किसी पोस्ट से कॉपीराइट या दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसका फैसला करने का अधिकार कोर्ट को होना चाहिए। किसी निजी कंपनी को शिकायत के आधार पर सामग्री हटाने की शक्ति देना उचित नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि पोस्ट हटाने से पहले उन्हें नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया, जिससे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन हुआ।

हाई कोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?

खंडपीठ ने याचिकाकर्ता की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने कहा कि संबंधित नियम को असंवैधानिक घोषित करने के लिए याचिका में पर्याप्त आधार नहीं है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 2(w) के तहत इंस्टाग्राम एक मध्यस्थ यानी इंटरमीडियरी है। आईटी नियम, 2021 के तहत ऐसे प्लेटफॉर्म को जरूरी सावधानियां बरतनी होती हैं और दूसरे व्यक्तियों के मालिकाना अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री को रोकने के लिए उचित प्रयास करने होते हैं।

कोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम एक निजी कंपनी होने के बावजूद कानून के तहत मध्यस्थ की श्रेणी में आता है। इसलिए उसे अपने प्लेटफॉर्म पर कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, पेटेंट या दूसरे बौद्धिक संपदा अधिकारों का उल्लंघन करने वाली पोस्ट हटाने का अधिकार है।

यूजर्स के लिए शिकायत और अपील का रास्ता

हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि आईटी नियमों में शिकायतों के समाधान के लिए व्यवस्था मौजूद है। नियम 3(2) के तहत सोशल मीडिया मध्यस्थ को शिकायत अधिकारी नियुक्त करना होता है। सामान्य शिकायतों के मामले में शिकायत अधिकारी को 24 घंटे के भीतर शिकायत मिलने की पुष्टि करनी होती है और 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना होता है। नियम में कुछ खास तरह की शिकायतों के लिए अलग समयसीमा भी निर्धारित है।

इसके अलावा, नियम 3A के तहत शिकायत अधिकारी के फैसले से असंतुष्ट व्यक्ति या तय समय में शिकायत का समाधान नहीं होने पर प्रभावित यूजर 30 दिनों के भीतर शिकायत अपीलीय समिति के पास अपील कर सकता है।

कोर्ट ने माना कि शिकायतकर्ता और प्रभावित यूजर, दोनों के लिए शिकायत और अपील की व्यवस्था मौजूद है। इसी आधार पर उसने संबंधित नियम को असंवैधानिक घोषित करने से इनकार कर दिया।

पोस्ट हटाए जाने के खिलाफ क्या कर सकते हैं यूजर?

कोर्ट ने अनमोल जैन की व्यक्तिगत शिकायत के संदर्भ में कहा कि उनके पास सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दूसरे कानूनी उपाय भी उपलब्ध हैं। कोर्ट ने अधिनियम के अध्याय IX का उल्लेख किया, जो दंड, मुआवजे और निर्णय प्रक्रिया से संबंधित है। साथ ही, अध्याय X में अपील से जुड़े प्रावधानों का भी जिक्र किया।

कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता संबंधित कानूनी उपाय अपनाते हैं, तो इंस्टाग्राम की कार्रवाई की जांच की जा सकती है।

 

 

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कोमल नाहटा बने जी एंटरटेनमेंट के क्रिएटिव डायरेक्टर

जी एंटरटेनमेंट ने कोमल नाहटा को मूवीज बिजनेस का क्रिएटिव डायरेक्टर नियुक्त किया है। नई व्यवस्था में जी स्टूडियोज की टीम उन्हें रिपोर्ट करेगी और फिल्मों के अधिग्रहण फैसलों की निगरानी करेंगे।

Last Modified:
Monday, 26 October, 2026
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Zee Entertainment Enterprises Ltd) ने जी स्टूडियोज (Zee Studios) और फिल्मों के अधिग्रहण से जुड़े कारोबार में बदलाव किया है। कंपनी ने इंडस्ट्री के अनुभवी कोमल नाहटा (Komal Nahta) को मूवीज बिजनेस के क्रिएटिव डायरेक्टर (Creative Director) की जिम्मेदारी सौंपी है।

नई व्यवस्था के तहत जी स्टूडियोज की टीम, जिसमें सूरज सिंह (Suraj Singh) भी शामिल हैं, अब कोमल नाहटा को रिपोर्ट करेगी। नाहटा सभी प्लेटफॉर्म पर फिल्मों से जुड़े व्यावसायिक और अधिग्रहण संबंधी फैसलों की निगरानी भी करेंगे। उनका फोकस हिंदी और अन्य भाषाओं की फिल्मों पर रहेगा।

इस नई भूमिका में कोमल नाहटा सीधे कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत गोयनका (Punit Goenka) को रिपोर्ट करेंगे।

नियुक्ति पर पुनीत गोयनका ने कहा कि कंपनी अपने विकास के लक्ष्यों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और इसके लिए कारोबार के प्रमुख हिस्सों को लगातार मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह कदम अधिक स्पष्ट और प्रदर्शन केंद्रित ऑपरेटिंग स्ट्रक्चर (Operating Structure) बनाने की कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि कंपनी विभिन्न प्लेटफॉर्म पर फिल्मों में किए गए निवेश का अधिकतम मूल्य हासिल करने के लिए क्रिएटिव सोच और कमर्शियल डिसिप्लिन (Commercial Discipline) को साथ ला रही है। उनके अनुसार, फिल्मों के पूरे क्षेत्र की गहरी समझ और मजबूत इंडस्ट्री रिलेशनशिप के कारण कोमल नाहटा अगले विकास चरण में टीमों का मार्गदर्शन करने के लिए उपयुक्त हैं।

कोमल नाहटा ने कहा कि वह एक दशक तक जी के ईटीसी चैनल (Zee ETC) के लोकप्रिय बॉलीवुड बिजनेस शो के होस्ट के रूप में जुड़े रहे हैं। इसलिए यह नई जिम्मेदारी उनके लिए घर वापसी जैसी है। उन्होंने कहा कि वह कंपनी के संस्थापक सुभाष चंद्र और सीईओ पुनीत गोयनका की ओर से जताए गए भरोसे और बड़ी जिम्मेदारी पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे।

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मीका सिंह ने सीएम धामी से की बात : दलेर मेहंदी के लिए मांगा स्पष्टीकरण

दलेर मेहंदी पर नशे में प्रस्तुति देने के आरोप के बाद मीका सिंह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात की और विधायक सुबोध उनियाल से स्पष्टीकरण की मांग की।

Last Modified:
Friday, 23 October, 2026
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दलेर मेहंदी पर लगे आरोपों को लेकर गायक मीका सिंह (Mika Singh) ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) से बात की है। टिहरी में एक कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक सुबोध उनियाल (Subodh Uniyal) ने दलेर मेहंदी (Daler Mehndi) पर शराब के नशे में मंच पर प्रस्तुति देने का आरोप लगाया था।

इस विवाद के बाद मीका सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री धामी ने खुद उनसे फोन पर बात की थी। मीका ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि सुबोध उनियाल से एक स्पष्टीकरण वीडियो जारी करवाया जाए और दलेर मेहंदी पर नशे में प्रस्तुति देने का आरोप लगाने के लिए उनसे माफी मंगवाई जाए।

मीका ने मुख्यमंत्री धामी की तारीफ करते हुए कहा कि वह उन्हें अच्छी तरह जानते हैं और उनके प्रति उनके मन में काफी सम्मान है। उन्होंने कहा कि गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन उन्हें बातचीत और सम्मान के साथ सुलझाया जा सकता है। मीका को उम्मीद है कि इस पहल से विवाद खत्म होगा और दलेर मेहंदी की प्रतिष्ठा भी बनी रहेगी।

टिहरी में नवरात्रि के एक कार्यक्रम के दौरान दलेर मेहंदी मंच पर प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने उन्हें गाना रोकने के लिए कहा और उन पर नशे में होने का आरोप लगाया। उनियाल का कहना था कि दलेर मेहंदी ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की प्रस्तुति से नवरात्रि के कार्यक्रम और वहां मौजूद लोगों का अपमान हुआ।

सुबोध उनियाल ने यह भी कहा था कि कार्यक्रम के आयोजकों ने दलेर मेहंदी को 35 लाख रुपये दिए थे। उनके मुताबिक, अगर गायक की तबीयत खराब थी तो उन्हें मंच पर प्रस्तुति नहीं देनी चाहिए थी।

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ईशा-आकाश अंबानी का 35वां जन्मदिन : संभाल रहे रिलायंस के बड़े कारोबार

ईशा और आकाश अंबानी 35 साल के हो गए हैं। दोनों रिलायंस समूह के प्रमुख उपभोक्ता कारोबार जियो और रिलायंस रिटेल की अहम जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

Last Modified:
Friday, 23 October, 2026
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रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और नीता अंबानी (Nita Ambani) के जुड़वां बच्चे ईशा अंबानी (Isha Ambani) और आकाश अंबानी (Akash Ambani) आज 35 साल के हो गए हैं। 23 अक्टूबर 1991 को जन्मे दोनों अब रिलायंस समूह की अगली पीढ़ी के चेहरे होने के साथ उसके दो बड़े उपभोक्ता कारोबार की कमान भी संभाल रहे हैं।

ईशा और आकाश 2014 में रिलायंस के बोर्ड में शामिल हुए थे। शुरुआती दौर में दोनों का काम समूह के दूरसंचार और रिटेल कारोबार से जुड़ा रहा। समय के साथ उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) में फेसबुक, गूगल और दुनिया की दूसरी बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के निवेश से जुड़ी चर्चाओं में भी दोनों की भूमिका रही।

जून 2022 में आकाश अंबानी ने रिलायंस जियो इन्फोकॉम (Reliance Jio Infocomm) के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में व्यावसायिक रूप से शुरू हुई जियो ने सस्ती 4जी सेवा के जरिए भारत के मोबाइल डेटा बाजार में बड़ा बदलाव किया। आकाश शुरुआती दौर से ही जियो के उत्पादों और डिजिटल सेवाओं से जुड़े रहे हैं।

इसके कुछ ही दिनों बाद ईशा अंबानी को रिलायंस रिटेल (Reliance Retail) की कमान सौंपी गई। यह कारोबार किराना, फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई उपभोक्ता ब्रांडों तक फैला हुआ है। 2022 की रिलायंस की वार्षिक आम बैठक में ईशा ने कंपनी के एफएमसीजी कारोबार में उतरने की घोषणा भी की थी। जियो और रिलायंस रिटेल की ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जुड़ी जिम्मेदारियां भी उनके काम का हिस्सा रही हैं।

ईशा और आकाश की अब तक की यात्रा रिलायंस समूह में हो रहे बदलाव को भी दिखाती है। समूह की नई पीढ़ी ने दूरसंचार, रिटेल और डिजिटल सेवाओं जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। इसके साथ रिलायंस अपने उपभोक्ता कारोबार का विस्तार कर रहा है।

विज्ञापन और मार्केटिंग की दुनिया के लिए भी ईशा और आकाश के कारोबार खास महत्व रखते हैं। जियो और रिलायंस रिटेल बड़े उपभोक्ता ब्रांडों में शामिल हैं। इन कारोबारों की ब्रांड पोजिशनिंग, साझेदारियों और उपभोक्ताओं तक पहुंचने से जुड़े फैसले कॉरपोरेट जगत से बाहर भी चर्चा में रहते हैं।

35 साल की उम्र में ईशा और आकाश अब केवल रिलायंस की अगली पीढ़ी नहीं हैं। वे समूह के कई बड़े कारोबारी दांव की जिम्मेदारी संभालने वाली पीढ़ी बन चुके हैं। उनके सामने कारोबार के बड़े स्तर को बनाए रखने के साथ बदलते बाजार और उपभोक्ताओं के बीच अपनी प्रासंगिकता कायम रखने की चुनौती भी है।

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सोनिया गांधी की इंस्टाग्राम पर एंट्री : ‘बिलॉन्गिंग’ की पहली झलक साझा की

सोनिया गांधी ने इंस्टाग्राम पर डेब्यू करते हुए अपनी संस्मरण पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक साझा की और निजी जीवन, राजनीति से जुड़े अनुभव बताए।

Last Modified:
Thursday, 22 October, 2026
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कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम (Instagram) पर डेब्यू किया है। अपनी पहली पोस्ट में उन्होंने आगामी संस्मरण पुस्तक ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ (Belonging: A Journey of Love) की पहली झलक साझा की।

79 वर्षीय सोनिया गांधी ने वीडियो के साथ अपनी पहली पोस्ट में लिखा, “नमस्कार सभी को, मैं आप सभी के साथ ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ की पहली झलक साझा करते हुए बेहद आभारी हूं। यह प्यार, कर्तव्य, खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। मैं इसे आपके साथ साझा करने के लिए उत्सुक हूं।”

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सोनिया गांधी की किताब की पहली प्रतियां भी अब उनके पास पहुंच गई हैं। प्रकाशकों ने उन्हें पुस्तक की पहली हार्डबैक प्रति भेंट की। इस दौरान उन्हें मिठाई का डिब्बा भी दिया गया। किताब हाथ में लेकर सोनिया गांधी ने तस्वीर खिंचवाई, जबकि आसपास मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उन्हें बधाई दी।

किताब देखते हुए सोनिया गांधी ने उसके पन्ने पलटे और अपनी बेटी प्रियंका गांधी को दिखाते हुए कहा, “बहुत सारी तस्वीरें हैं, प्रियंका।” ‘बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ दुनियाभर में 10 नवंबर को जारी होगी। किताब में सोनिया गांधी ने अपने जीवन, राजनीति में आने और निजी अनुभवों से जुड़े कई पहलुओं को साझा किया है।

सोनिया गांधी ने कहा कि दिल टूटने और नुकसान के अनुभव ने उन्हें राजनीति की सार्वजनिक दुनिया में आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में आने से पहले तक उन्होंने अपनी निजता की पूरी तरह रक्षा की थी।

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भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी बनीं अपूर्वा सिंह

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी ने 20 अक्टूबर 2026 को संगठन के नए पदाधिकारियों की नियुक्तियों की घोषणा की।

Last Modified:
Thursday, 22 October, 2026
Apurva Singh

‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ (BJYM) ने अपूर्वा सिंह को राष्ट्रीय सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया है। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के निर्देशानुसार युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी ने 20 अक्टूबर 2026 को संगठन के नए पदाधिकारियों की नियुक्तियों की घोषणा की।

अपूर्वा सिंह ने नई जिम्मेदारी सौंपे जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी के प्रति आभार जताया है। उन्होंने कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता पर भरोसा जताने के लिए वह सभी की आभारी हैं। उन्होंने पार्टी को और मजबूत करने के लिए पूरी ईमानदारी से काम करने और अधिक से अधिक युवाओं को संगठन से जोड़ने का प्रयास जारी रखने की बात भी कही।

अपूर्वा सिंह ने राजस्थान स्थित बनस्थली विद्यापीठ से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। अपूर्वा ने ‘Vibes of Bharat’ की भी शुरुआत की है। यह पॉडकास्ट के माध्यम से सोशल मीडिया पर चलाया जाने वाला एक अभियान है, जिसका उद्देश्य अलग-अलग पीढ़ियों और विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदायों के लोगों को जोड़ना है। समाचार4मीडिया से बातचीत में अपूर्वा सिंह ने बताया कि वह पहले भी युवाओं के बीच कई कैम्पेन कर चुकी हैं जैसे- देश बदला, अब दिल्ली बदलो; मेरा UP मेरा गौरव; फिर एक बार मोदी सरकार; मैं हूं पुर्वांचली BJP के साथ हूं; सशक्त बिहार आदि।

समाचार4मीडिया की ओर से अपूर्वा सिंह को इस नई जिम्मेदारी के लिए ढेर सारी बधाई और शुभकामनाएं।

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निलेश कोठारी को महिंद्रा मैनुलाइफ ने सौंपी सीएफओ की जिम्मेदारी

महिंद्रा मैनुलाइफ इंश्योरेंस ने निलेश कोठारी को सीएफओ नियुक्त किया है। जीवन बीमा उद्योग में 22 वर्षों से अधिक अनुभव रखने वाले कोठारी वित्तीय रणनीति और गवर्नेंस संभालेंगे।

Last Modified:
Wednesday, 21 October, 2026
nilesh

महिंद्रा मैनुलाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड (Mahindra Manulife Insurance Limited) ने निलेश कोठारी को चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी सीएफओ (CFO) नियुक्त किया है। निलेश को जीवन बीमा उद्योग में 22 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्हें वित्तीय रणनीति, पूंजी और सॉल्वेंसी मैनेजमेंट, बिजनेस प्लानिंग, निवेश संचालन, गवर्नेंस और नियामकीय मामलों में व्यापक विशेषज्ञता हासिल है।

महिंद्रा मैनुलाइफ से जुड़ने से पहले वह पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस (PNB MetLife India Insurance) में सीएफओ के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने भारती एक्सा लाइफ (Bharti AXA Life) और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (SBI Life Insurance) में सीएफओ और वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं संभाली हैं।

अपने करियर के दौरान निलेश ने कारोबार की वृद्धि और लाभप्रदता, परिचालन दक्षता तथा बड़े स्तर पर वित्तीय बदलाव से जुड़ी कई पहलों का नेतृत्व किया है। इसमें ईआरपी (ERP) और एनालिटिक्स आधारित आधुनिकीकरण कार्यक्रम भी शामिल रहे हैं।

महिंद्रा मैनुलाइफ में निलेश का फोकस ऐसी वित्तीय व्यवस्था तैयार करने पर रहेगा, जो कंपनी के सफल लॉन्च और लंबे समय तक टिकाऊ विकास को मजबूती दे। उनकी जिम्मेदारियों में मजबूत वित्तीय गवर्नेंस, पूंजी और सॉल्वेंसी मैनेजमेंट तथा बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले वित्तीय प्रक्रियाओं को स्थापित करना शामिल होगा।

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X पर अब भद्दे और भ्रामक विज्ञापनों पर लगेगी रोक, एलन मस्क ने दी बैन की चेतावनी

सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अब ऐसे विज्ञापन चलाना मुश्किल हो सकता है, जो देखने में भद्दे हों, जरूरत से ज्यादा आक्रामक हों या लोगों को गुमराह करते हों।

Last Modified:
Tuesday, 20 October, 2026
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सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर अब ऐसे विज्ञापन चलाना मुश्किल हो सकता है, जो देखने में भद्दे हों, जरूरत से ज्यादा आक्रामक हों या लोगों को गुमराह करते हों। कंपनी के मालिक एलन मस्क ने घोषणा की है कि ऐसे विज्ञापन चलाने वाले विज्ञापनदाताओं पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत केवल किसी विज्ञापन को हटाने के बजाय संबंधित विज्ञापनदाता के खाते पर पूरी तरह रोक लगाने का कदम भी उठाया जा सकता है।

मस्क ने 16 अक्टूबर को एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि मंच पर दिखाए जाने वाले सभी विज्ञापनों को एक उचित और स्वीकार्य दृश्य मानक पर खरा उतरना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे ब्रैंड्स, जिनके विज्ञापन भद्दे, जरूरत से ज्यादा शोर मचाने वाले, आक्रामक या बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए हों, उन्हें मंच से पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है।

उन्होंने यूजर्स से यह भी कहा कि अगर उन्हें कोई ऐसा विज्ञापन दिखाई देता है, जो इन मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो वे इसकी जानकारी एक्स के आधिकारिक विज्ञापन खाते को दें।

विज्ञापन हटाने से आगे बढ़कर होगी कार्रवाई

एक्स की मौजूदा विज्ञापन नीतियों में पहले से ही भ्रामक दावों, तेजी से चमकने वाले दृश्यों, गलत व्याकरण और लोगों का ध्यान खींचने के लिए अपनाए जाने वाले बनावटी तरीकों पर रोक लगाने से जुड़े नियम शामिल हैं। हालांकि, मस्क की नई घोषणा इन नियमों को और सख्त करने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है।

अब तक नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी विज्ञापन को अस्वीकार करना या हटाना कार्रवाई का हिस्सा रहा है। लेकिन नई घोषणा के मुताबिक, एक्स ऐसे विज्ञापनदाताओं के खातों तक पहुंच भी स्थायी रूप से बंद कर सकता है। इसका मतलब है कि विज्ञापन की सामग्री को लेकर नियमों का उल्लंघन करने पर किसी ब्रैंड के लिए एक्स पर विज्ञापन देना पूरी तरह बंद हो सकता है।

विज्ञापनों के लिए तय नहीं किए गए स्पष्ट मानक

हालांकि, मस्क की इस घोषणा के बाद कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किसी विज्ञापन को भद्दा, आक्रामक या जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया मानने के लिए किन मानकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके अलावा, नियमों को लागू करने की समयसीमा और विज्ञापनों की समीक्षा करने की प्रक्रिया के बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। चूंकि किसी विज्ञापन का अच्छा या खराब दिखना काफी हद तक व्यक्ति की पसंद पर निर्भर करता है, इसलिए यह देखना अहम होगा कि एक्स इन नियमों को किस तरह लागू करता है।

खास तौर पर दृश्य और ध्वनि से जुड़े मानकों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं होने से विज्ञापनदाताओं के सामने अनिश्चितता बनी रह सकती है।

पहले भी विज्ञापनों के डिजाइन पर उठा चुके हैं सवाल

मस्क इससे पहले भी एक्स पर विज्ञापनों के डिजाइन और प्रस्तुति को लेकर सख्त रुख दिखा चुके हैं। जून 2025 में उन्होंने सशुल्क विज्ञापनों के टेक्स्ट में हैशटैग के इस्तेमाल पर रोक लगाने का कदम उठाया था। उस समय उन्होंने हैशटैग को विज्ञापनों के लिए सौंदर्य की दृष्टि से खराब बताया था।

अब विज्ञापनों के दृश्य मानकों को लेकर की गई नई घोषणा से संकेत मिलता है कि एक्स विज्ञापन की सामग्री के साथ-साथ उसकी प्रस्तुति पर भी ज्यादा ध्यान देना चाहता है।

हालांकि, नए नियमों का विज्ञापनदाताओं पर कितना असर पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनी इनके लिए कितने स्पष्ट मानक तय करती है और उनका पालन किस तरह सुनिश्चित करती है। 

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‘अब किसी चर्चा में नहीं जाना’: राहुल देव ने टीवी डिबेट को लेकर रखी बात

वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव ने टीवी चैनलों की चर्चाओं से दूरी बनाने की वजह बताई। उन्होंने धर्म पर बहस के तरीके, निष्पक्षता, घृणा, हिंसा और मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

Last Modified:
Saturday, 17 October, 2026
rahuldev

वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव (Rahul Dev) ने टीवी चैनलों की बहसों से दूरी बनाने के अपने फैसले के बारे में बताया है। फेसबुक (Facebook) पर लिखी पोस्ट में उन्होंने कहा कि पिछले साल दिल्ली छोड़ने से पहले उन्होंने कई चैनलों और उनके एंकरों को बता दिया था कि वह अब उनके कार्यक्रमों में नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब भी बुलावे आते हैं, लेकिन वह विनम्रता से मना कर देते हैं।

राहुल देव ने कहा कि धीरे-धीरे उन्हें महसूस होने लगा था कि जब कोई चैनल और उसकी चर्चाएं निष्पक्ष और गरिमापूर्ण नहीं रह गई हैं तो उनमें शामिल होकर वे चैनलों को ही सम्मान और प्रतिष्ठा देते हैं और अपनी गरिमा को आहत करते हैं।

उन्होंने बताया कि एक चैनल की चर्चा के अनुभव ने उन्हें यह फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नाम ‘धर्म संकट’ था, जिसमें एक प्रसिद्ध हिंदू धर्मगुरु भी शामिल थे। राहुल देव के मुताबिक वह पहले भी इस कार्यक्रम में जा चुके थे, क्योंकि उनकी धर्म में रुचि है। उन्होंने धर्मगुरु को सज्जन, विनम्र और शालीन बताया।

राहुल देव ने कहा कि चर्चा में चार या पांच पैनलिस्ट थे और धर्म जैसे विषय पर भी बहस गरमा गई। उन्होंने सवाल उठाया कि धर्म जैसे गूढ़ विषय पर इतने कम समय में इतने अगंभीर तरीके से बातचीत कैसे हो सकती है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर चैनलों पर लोग खुद को सही और दूसरे को गलत साबित करने के लिए आते हैं, विषय चाहे कोई भी हो।

उन्होंने कार्यक्रम के नाम ‘धर्म संकट’ का जिक्र करते हुए कहा कि इससे यह मान लिया गया था कि धर्म संकट में है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भारत में धर्म शब्द आते ही उसे हिंदू धर्म से जोड़ दिया जाता है और हिंदू धर्म को सनातन धर्म मान लिया जाता है, जबकि दोनों के बीच अंतर को लेकर गंभीर चर्चा नहीं होती।

राहुल देव ने लिखा कि इसी बहस के दौरान उन्होंने धर्मगुरु से शांत तरीके से पूछा, “स्वामी जी, क्या जो सनातन है उस पर कोई संकट आ सकता है?” उनके मुताबिक धर्मगुरु गंभीर होकर सोचने लगे, लेकिन इससे पहले कि वह कुछ कहते, एंकर ने तुरंत दूसरा सवाल शुरू कर दिया और दूसरे पैनलिस्ट की ओर मुड़ गया। राहुल देव ने कहा कि उसी समय उन्होंने तय कर लिया कि अब किसी टीवी चर्चा में नहीं जाएंगे।

उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी सवाल उठाया कि क्या सचमुच तथाकथित सनातन धर्म पर संकट है? जो सनातन है, क्या उसे तोड़ा, मारा या आहत किया जा सकता है? उन्होंने पूछा कि जिस पर संकट की बात की जा रही है, वह वास्तव में सनातन है या कुछ और और इस संकट की प्रकृति और स्रोत क्या हैं।

राहुल देव ने कहा कि धर्म-संकट की चर्चा में इन सवालों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए और पूरे समाज में इन पर संवाद होना चाहिए। उन्होंने टीवी बहसों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि एंकरों का पूरा ध्यान चर्चा को गरमागरम और गतिशील बनाए रखने पर होता है, जबकि चैनल प्रबंधन की विचारधारा और उद्देश्य उनकी एंकरिंग पर हावी रहते हैं।

उन्होंने बताया कि जिस एंकर के कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे, वह उनके प्रिय एंकरों में रहा है और धर्म तथा शास्त्रों से भी अच्छी तरह परिचित है। राहुल देव ने कहा कि उन्होंने उसी समय एंकर से कहा था कि अब वह उसके चैनल में नहीं आएंगे। एंकर ने उन्हें गले लगाकर कहा, “सर आप तो सब समझते हैं।”

राहुल देव ने कहा कि इसके बाद से वह किसी टीवी चैनल पर नहीं गए हैं। हालांकि, यूट्यूब (YouTube) पर कुछ गिने-चुने लोगों की चर्चाओं में वह शामिल होते हैं, जिन्हें उन्हें जुड़ना ठीक लगता है। साथ ही उन्होंने माना कि वहां भी पत्रकारिता का संतुलन और निष्पक्षता कम ही दिखाई देती है।

उन्होंने खुद को पूरी तरह निष्पक्ष मानने से भी इनकार किया। राहुल देव के मुताबिक पूरी तरह निष्पक्ष और तटस्थ होना लंबी आध्यात्मिक-वैचारिक साधना और निस्संगता मांगता है। उन्होंने कहा कि वैचारिक रूप से वह किसी के साथ नहीं हैं, लेकिन वह स्पष्ट रूप से यह मानते हैं कि हर तरह की घृणा, धर्म-जाति-वर्ग के आधार पर द्वेष और भेदभाव, वैचारिक-वाचिक-शारीरिक हिंसा, प्रतिशोध और प्रतिहिंसा तथा धर्म के नाम पर होने वाले घोर अधर्म के खिलाफ होना जरूरी है।

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एटरनल ने नमन दत्ता को जोमैटो ब्रांड विज्ञापन की जिम्मेदारी सौंपी

नमन दत्ता एटरनल से जुड़े हैं, जहां वह जोमैटो ब्रांड विज्ञापन, पोस्ट-ऑर्डर स्क्रीन और नई विज्ञापन पहलों के लिए नॉन-एंडेमिक ब्रांड पार्टनरशिप की जिम्मेदारी संभालेंगे।

Last Modified:
Thursday, 15 October, 2026
naman

नमन दत्ता एटरनल (Eternal) से जुड़ गए हैं, जहां वह जोमैटो ब्रांड विज्ञापन (Zomato Brand Ads) की जिम्मेदारी संभालेंगे। वह जोमैटो (Zomato) की पोस्ट-ऑर्डर स्क्रीन और नई विज्ञापन पहलों के लिए नॉन-एंडेमिक ब्रांड पार्टनरशिप का नेतृत्व करेंगे।

नमन दत्ता ने ई4एम (e4m) से अपनी नियुक्ति की पुष्टि की है। एटरनल से जुड़ने से पहले वह क्रिकबज (Cricbuzz) में मैनेजर के पद पर काम कर रहे थे। यहां उन्होंने वेबसाइट और ऐप पर स्टूडियो आधारित कंटेंट इंटीग्रेशन और विज्ञापन से जुड़े काम संभाले।

दत्ता के पास डिजिटल विज्ञापन, मीडिया सेल्स और ब्रांड पार्टनरशिप का अनुभव है। क्रिकबज से पहले वह द इंडियन एक्सप्रेस ऑनलाइन (The Indian Express Online), न्यूजरूम एआई इंडिया (Newsroom AI India) और इंडिया टुडे ग्रुप (India Today Group) के साथ भी काम कर चुके हैं।

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