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जानें, इस मांग को लेकर क्यों राहुल गांधी के ‘दरबार’ में पहुंचा दूरदर्शन
चुनाव के दौरान अपने ऊपर लगे आरोपों से 'दूरदर्शन' सकते में है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
चुनाव के दौरान अपने ऊपर लगे पक्षपात के आरोपों से ‘दूरदर्शन’ (Doordarshan) सकते में है। ‘दूरदर्शन’ नहीं चाहता कि उस पर किसी भी तरह के पक्षपात के आरोप लगें। यही कारण है कि 31 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम के लाइव प्रसारण को लेकर घिरे ‘दूरदर्शन’ ने अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से इंटरव्यू देने को कहा है। ‘इकनॉमिक टाइम्स’ (Economic Times) में छपी खबर के अनुसार, ‘दूरदर्शन’ ने यह कदम चुनाव आयोग की उस नसीहत के बाद उठाया है, जिसमें कहा गया था कि वह सभी राजनीतिक दलों को दिए जाने एयरटाइम कवरेज में समानता लाये औऱ किसी भी दल को खास तवज्जो देने अथवा असमान एयरटाइम कवरेज देने से परहेज करे।
बताया जाता है कि ‘प्रसार भारती’ के चेयरमैन शशि शेखर वेम्पती ने ‘डीडी न्यूज’ और ‘राज्यसभा टीवी’ के लिए राहुल गांधी के इंटरव्यू की मांग को लेकर कांग्रेस को पत्र लिखा है, ताकि प्रमुख विपक्षी पार्टी अपने विचार रख सके। हालांकि राहुल गांधी के कार्यालय से इस पत्र पर फिलहाल कोई जवाब नहीं दिया गया है। दरसअल, कांग्रेस ने इस बारे में चुनाव आयोग में शिकायत करते हुए कहा था कि 31 मार्च को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम ‘मैं भी चौकीदार’ को ‘दूरदर्शन’ ने 84 मिनट तक लाइव कवरेज़ दी थी। इसे भी पार्टी के एयरटाइम में ही जोड़ा जाए। अपनी शिकायत में कांग्रेस का यह भी कहना था कि इसके एवज में या तो बाकी दलों को भी ‘दूरदर्शन’ अतिरिक्त वक्त दे या फिर बीजेपी के वक्त में कटौती करे।
यहां बता दें कि चुनाव नियमों के मुताबिक प्रत्येक मान्यताप्राप्त राजनीतिक दल को ‘दूरदर्शन’ और ‘आकाशवाणी’ अपने दल की नीति और घोषणापत्र के प्रचार प्रसारण के लिए मुफ्त समय देते हैं। उन दलों की ओर से नामित नेता आकर ‘आकाशवाणी’ और ‘दूरदर्शन’ पर वक्तव्य देते हैं, जिसका प्रसारण किया जाता है।
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