होम / इंडस्ट्री ब्रीफिंग / 50 से ज्यादा न्यूज चैनल्स ने बनाया ये संगठन, सरकार ने दीं शुभकामनाएं
50 से ज्यादा न्यूज चैनल्स ने बनाया ये संगठन, सरकार ने दीं शुभकामनाएं
जावड़ेकर ने कहा, हम सेंसरशिप में विश्वास नहीं रखते हैं, लेकिन सेल्फ रेगुलेशन होना चाहिए
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के हितों की रक्षा के लिए उन्हें एक मंच प्रदान करने के तहत ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) के गठन की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए बीड़ा उठाते हुए 50 से ज्यादा न्यूज चैनल्स एक साथ मिलकर आगे आए हैं। बताया जाता है कि यह न्यूज चैनल्स की अब तक की सबसे बड़ी फेडरेशन होगी। ‘NBF’ में देश के विभिन्न भागों के साथ ही तमाम भाषाओं में न्यूज प्रसारित कर रहे ब्रॉडकास्टर्स को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही यह देश की पहली ऐसी न्यूज फेडरेशन होगी, जिसका मुख्यालय दिल्ली से बाहर होगा।
न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन के गठन के लिए 50 से ज्यादा न्यूज चैनल्स के एक साथ आने पर सरकार ने भी खुशी जताई है। इस बारे में सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर का कहना है, ‘मुझे बहुत खुशी है कि ‘एनबीएफ’ के गठन के लिए 50 से ज्यादा न्यूज ब्रॉडकास्टर्स मिलकर एक साथ आगे आए हैं। ये ब्रॉडकास्टर्स देश के अलग-अलग भागों के और विभिन्न भाषाओं में अलग-अलग राज्यों में प्रसारण कर रहे हैं। देश में 700 से ज्यादा चैनल्स हैं और यदि न्यूज की तरह दूसरे जॉनर के चैनल्स भी इस तरह मिलकर साथ आते हैं तो यह विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा।’
जावड़ेकर का यह भी कहना था, ‘हम सेंसरशिप में विश्वास नहीं रखते हैं, लेकिन हमारा मानना है कि सेल्फ रेगुलेशन होना चाहिए। मुझे पूरा विश्वास है कि न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन एक ऐसा प्लेटफॉर्म होगी, जहां पर टीवी न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा सकेगी। इसके साथ ही मुझे यह भी उम्मीद है कि एनबीएफ अपनी सिफारिशें देगा और ब्रॉडकास्टिंग में ऐसे मानक निर्धारित करेगी, जिससे सच्चाई प्रभावित नहीं होगी। मैं इस फेडरेशन को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।’
‘एनबीएफ’ के गठन के लिए जो ब्रॉडकास्टर्स आगे आए हैं, उनमें ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (रिपब्लिक टीवी और रिपब्लिक भारत), ‘Puthiyathalaimurai और V6 News’ (तमिलनाडु), ‘Orissa TV (ओडिशा), ‘IBC24’ (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़), ‘एशियानेट न्यूज नेटवर्क’ (केरल और कर्नाटक), ‘टीवी9 भारतवर्ष’, ‘न्यूजलाइव’ और ‘नॉर्थईस्ट लाइव’ (असम और नॉर्थईस्ट), ‘फर्स्ट इंडिया न्यूज’ (राजस्थान), ‘कोलकाता टीवी’ (पश्चिम बंगाल), ‘सीवीआर न्यूज’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘Polimer News’ (तमिलनाडु), ‘खबर फास्ट’ (हरियाणा), ‘लिविंग इंडिया न्यूज’ (पंजाब), ‘Prag News’ (असम), ‘एनटीवी’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘महा न्यूज’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘टीवी5 न्यूज’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘एमकेटीवी’ (तमिलनाडु), ‘वनिता टीवी’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘DNN’ और ‘IND24’ (मध्य प्रदेश), ‘श्री शंकर टीवी और आयुष टीवी’ (कर्नाटक), ‘A1 TV’ (जयपुर), ‘पावर टीवी’(कर्नाटक), ’राज न्यूज’ (तमिलनाडु), ‘फ्लॉवर्स टीवी’ (केरल), ‘सीवीआर न्यूज नेटवर्क’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना),’ नेशनल वॉयस’ (उत्तर प्रदेश), ‘निर्माण न्यूज’(गुजरात), ‘आनंदी टीवी’ (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़), ‘वीआरएल मीडिया’ (कर्नाटक), ‘कलकत्ता न्यूज’ (पश्चिम बंगाल), ‘न्यूज 7’ (तमिलनाडु), ‘डीएनएन एंड न्यूज वर्ल्ड’ ( मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़), ‘एमएच वन’ (हरियाणा), ‘मंतव्य न्यूज’ (गुजरात), ‘गुजरात टेलिविजन’ ( गुजरात), ‘एस न्यूज’( पश्चिम बंगाल) ‘बंसल टीवी’ ( मध्य प्रदेश) और ‘Onkat TV’ (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।
बता दें कि भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री के इतिहास में ऐसा पहली बार है कि अपने हितों की रक्षा के लिए और न्यूज ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों को एक मंच देने के लिए रीजनल और नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एक साथ आगे आए हैं।
टैग्स रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क एशियानेट न्यूज नेटवर्क प्रकाश जावड़ेकर न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन एनबीएफ