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ये बने देश के नए सूचना और प्रसारण मंत्री, पिता रहे हैं पत्रकार
30 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई सांसदों ने ली है मंत्री पद की शपथ
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
मोदी सरकार के शपथ लेते ही अब मंत्रिमंडल में नए मंत्रियों को विभागों का बंटवारा हो गया है। इसके तहत प्रकाश जावड़ेकर को नया सूचना-प्रसारण मंत्री बनाया गया है। प्रकाश जावड़ेकर वर्ष 2008 से राज्यसभा सांसद है। 2008 में वह महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद रहे थे, वहीं 2014 में उन्हें मध्य प्रदेश से चुना गया।
वर्ष 2008 में महाराष्ट्र से राज्यसभा के लिए चुने जाने के साथ ही केंद्र की राजनीति में उनका प्रवेश हुआ था। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मिली शानदार जीत के बाद उन्हें पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया था। इसके बाद वह संसदीय मामलों के राज्य मंत्री भी बनाए गए। 05 जुलाई 2016 को वह मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री बने और अब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में उन्हें सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) का कार्यभार सौंपा गया है। सूचना-प्रसारण मंत्रालय के साथ ही उन्हें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।
केन्द्रीय मंत्री बनने से पहले जावड़ेकर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे हैं। 30 जनवरी 1951 को पुणे में पत्रकार पिता और शिक्षिका माता के घर जन्मे जावड़ेकर अपने स्कूली जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे हैं। उनके पिता केशव कृष्ण ने लोकमान्य तिलक द्वारा स्थापित मराठी दैनिक 'केसरी' में बतौर संयुक्त संपादक कार्य किया। जावड़ेकर ने 1969 में पुणे के एमईएस कॉलेज ऑफ कामर्स से स्नातक की पढ़ाई की है। कॉलेज के बाद उन्होंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र में नौकरी भी की। इस दौरान भी वह राजनीति और छात्र आंदोलन से जुड़े रहे। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABBP) के सदस्य के तौर पर काफी सक्रिय रहे हैं और आपातकाल के दौरान छात्र आंदोलनों में शामिल रहे थे। इस दौरान उन्हें कुछ महीनों तक पुलिस की गिरफ्त में भी रहना पड़ा था। जावड़ेकर ने 1981 में बैक ऑफ महाराष्ट्र की नौकरी छोड़ दी और इसके बाद सक्रिय राजनीति में कदम रखा और भाजपा में शामिल हो गए। 1984-90 तक वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव और फिर महासचिव भी रह चुके हैं। वह वर्ष 1990 से 2002 तक महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं।
प्रकाश जावड़ेकर के परिवार की बात करें तो उनकी पत्नी डॉ. प्राची प्रकाश जावड़ेकर भी आपातकाल के दौरान आंदोलन में शामिल रही थीं और उनके साथ जेल भी गई थीं। हालांकि उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। डॉ. प्राची, इंदिरा प्रबंधन संस्थान पुणे की निदेशक रह चुकी हैं। इसके अलावा वह बतौर शिक्षा सलाहकार भी अपनी सेवाएं देती हैं। इसके अलावा उनके परिवार में दो बेटे डॉ. आशुतोष जावड़ेकर और अपूर्व जावड़ेकर हैं। प्रकाश जावड़ेकर के दोनों बेटी भी राजनीति से काफी दूर हैं। आशुतोष डॉक्टर हैं तो अपूर्व पेशे से सीए हैं।
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