मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनी Prime Focus Limited के खिलाफ चल रही कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) समाप्त हो गई है।
by
Vikas Saxena
मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनी Prime Focus Limited के खिलाफ चल रही कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) समाप्त हो गई है। कंपनी ने जानकारी में बताया कि नेशनल कंपनी लॉ अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) ने 10 जुलाई 2026 की सुनवाई में मौखिक रूप से कंपनी की अपील स्वीकार करते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), मुंबई बेंच के 6 मई 2026 के आदेश को रद्द कर दिया। इसके साथ ही कंपनी के खिलाफ चल रही CIRP बंद कर दी गई और इंट्रिम रेजॉल्यूशन प्रोफेशनल (Interim Resolution Professional) को उनके दायित्वों से मुक्त कर दिया गया।
कंपनी ने बताया कि मामले की सुनवाई 9 और 10 जुलाई 2026 को NCLAT की प्रधान पीठ, नई दिल्ली में हुई। 9 जुलाई की सुनवाई के दौरान NCLAT को बताया गया कि कंपनी के खिलाफ जारी सार्वजनिक नोटिस के बाद किसी भी लेनदार की ओर से कोई दावा प्राप्त नहीं हुआ। इस पर न्यायाधिकरण ने IRP को इस संबंध में शपथपत्र (एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश दिया।
10 जुलाई की सुनवाई में IRP ने शपथपत्र दाखिल कर पुष्टि की कि कंपनी के खिलाफ कोई दावा प्राप्त नहीं हुआ है। सुनवाई के दौरान यह भी बताया गया कि संबंधित पक्षों के बीच अपने विवादों के समाधान के लिए सशर्त सहमति बनी है।
इन तथ्यों के आधार पर NCLAT ने मौखिक रूप से कंपनी की अपील स्वीकार करते हुए NCLT के 6 मई 2026 के आदेश को निरस्त कर दिया, कंपनी के खिलाफ चल रही CIRP समाप्त कर दी और IRP को कार्यमुक्त कर दिया। इसके अलावा, NCLAT ने अपने रजिस्ट्रार के पक्ष में बनाई गई फिक्स्ड डिपॉजिट पर लगी लियन (Lien) हटाने का भी निर्देश दिया। समझौते के अनुसार संबंधित भुगतान किए जाएंगे।
कंपनी ने कहा कि CIRP समाप्त होने के साथ ही दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC), 2016 की धारा 14 के तहत लागू मोरेटोरियम भी समाप्त हो गया है। इसके साथ ही कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) की सभी शक्तियां पूरी तरह बहाल हो गई हैं और कंपनी का कारोबार पहले की तरह सामान्य रूप से जारी है।
‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन एमेरिटस डॉ. सुभाष चंद्रा इन दिनों अपने बारे में उठ रहे सवालों और चर्चाओं के बीच लोगों से सीधे संवाद करने जा रहे हैं।
by
Samachar4media Bureau
‘जी’ ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन एमेरिटस डॉ. सुभाष चंद्रा इन दिनों अपने बारे में उठ रहे सवालों और चर्चाओं के बीच लोगों से सीधे संवाद करने जा रहे हैं। उन्होंने ऐलान किया है कि इस सोमवार से वह हर सुबह 9 बजे Instagram पर LIVE आएंगे और लोगों के सवालों का सीधे जवाब देंगे।
सुभाष चंद्रा ने फेसबुक पर साझा किए अपने संदेश में कहा कि अक्सर दो लोगों के बीच दूरी तब आने लगती है, जब उनके बीच की बात कोई तीसरा करने लगता है। उन्होंने कहा, ‘तो क्यों न इस दूरी को खत्म किया जाए?’
उन्होंने आगे कहा, ‘आपके सवाल हैं, तो जवाब भी मुझसे ही होने चाहिए।” सुभाष चंद्रा ने यह भी कहा कि वह सही हैं या गलत, इसका फैसला भी सीधी बातचीत के बाद ही होना चाहिए।’
इसी सोच के साथ उन्होंने सीधे संवाद की शुरुआत करने का फैसला किया है। उन्होंने लोगों से कहा, ‘आप सवाल पूछिए। मैं जवाब दूँगा।” सुभाष चंद्रा ने अपने संदेश में बातचीत की प्रकृति भी साफ करते हुए कहा, “कोई बीच में नहीं। बस आप और मैं।’
वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज एंकर गरिमा सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई शुरुआत की जानकारी दी।
by
Samachar4media Bureau
हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज24’ (News24) से विदाई के बाद वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज एंकर गरिमा सिंह ने अपने नए सफर की शुरुआत कर दी है। उन्होंने अपना यूट्यूब चैनल 'भारत की गरिमा' शुरू किया है और इसकी पहली वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए साझा की है।
गरिमा सिंह ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नई शुरुआत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ‘प्रणाम मैं गरिमा सिंह। जो लिंक नीचे आपको दिख रहा है, ये नए पते पर मेरी शुरुआत का पहला क़दम है, मेरी पहली video।” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपनी पहली वीडियो देखने और इसे आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने लिखा, “आपका साथ भी चाहिए और प्यार भी।’
गौरतलब है कि गरिमा सिंह ने जुलाई 2026 में ‘न्यूज24’ से इस्तीफा दे दिया था। वह करीब तीन साल तक इस चैनल से जुड़ी रहीं और यहां सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर जिम्मेदारी संभालने के साथ ‘सबसे बड़ा सवाल’ शो को होस्ट करती थीं।
इससे पहले गरिमा सिंह ‘भारत एक्सप्रेस’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर और ‘सत्य’ शो की एंकर रह चुकी हैं। वह ‘सहारा मीडिया’ में चैनल हेड की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। उनके करियर में ‘दैनिक जागरण’, ‘टोटल टीवी’, ‘लाइव इंडिया’, ‘पी7 न्यूज’, ‘नेटवर्क18’, ‘समाचार प्लस’ और ‘जी न्यूज’ जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अनुभव शामिल है।
गरिमा सिंह ने वर्ष 2003 में ‘दैनिक जागरण’ से रिपोर्टर के तौर पर पत्रकारिता की शुरुआत की थी। दो दशक से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने रिपोर्टिंग, एंकरिंग और संपादकीय जिम्मेदारियों के साथ अपनी अलग पहचान बनाई है। वह ‘द कैपिटल पोस्ट’ में एडिटर-इन-चीफ की भूमिका भी निभा चुकी हैं।
अब उनकी नई डिजिटल पारी किस दिशा में आगे बढ़ती है और उनके यूट्यूब चैनल पर किस तरह का कंटेंट देखने को मिलता है, इस पर उनके दर्शकों की नजर रहेगी।
उर्वशी कपूर एक अवॉर्ड विनिंग पत्रकार हैं और मीडिया व AI लिटरेसी, फैक्ट-चेकिंग, साइबर सिक्योरिटी और पत्रकारिता में जिम्मेदार तकनीक के इस्तेमाल के क्षेत्र में काम करती हैं।
by
Samachar4media Bureau
जागरण न्यू मीडिया (Jagran New Media) ने उर्वशी कपूर को प्रमोट कर एग्जिक्यूटिव एडिटर और जनरल मैनेजर बनाया है। वह कंपनी में Literacy vertical का नेतृत्व जारी रखेंगी।
उर्वशी कपूर एक अवॉर्ड विनिंग पत्रकार हैं और मीडिया व AI लिटरेसी, फैक्ट-चेकिंग, साइबर सिक्योरिटी और पत्रकारिता में जिम्मेदार तकनीक के इस्तेमाल के क्षेत्र में काम करती हैं। वह Google News Initiative (GNI) India Training Network की सर्टिफाइड ट्रेनर भी हैं।
उर्वशी ने बड़े स्तर पर मीडिया और AI लिटरेसी से जुड़े कई अभियानों और डिजिटल लिटरेसी वर्कशॉप्स का नेतृत्व किया है। उन्होंने Google, Meta और International Fact-Checking Network (IFCN) जैसी ग्लोबल टेक्नोलॉजी और मीडिया संस्थाओं के साथ भी काम किया है। इन पहलों का फोकस डिजिटल सशक्तिकरण, गलत सूचनाओं के प्रति जागरूकता और ऑनलाइन सुरक्षा पर रहा है।
उर्वशी के पास भारत की बड़ी मीडिया लिटरेसी पहलों में से एक का कॉपीराइट भी है।
पत्रकारिता और डिजिटल लिटरेसी के क्षेत्र में उर्वशी के व्यक्तिगत योगदान को भी सम्मान मिला है। उन्हें ‘40 Under 40 in Journalism’ सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें इंडस्ट्री में उनके योगदान के लिए केरल के राज्यपाल की ओर से प्रदान किया गया था।
उर्वशी East-West Center, National Press Foundation और Sunway Fellow भी रही हैं। उन्होंने नॉर्वे, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, सिंगापुर, नेपाल और तुर्की में आयोजित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और वर्कशॉप्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए स्पीकर के तौर पर हिस्सा लिया है।
वह फिलहाल Trusted Information Alliance की Governing Council में भी शामिल हैं, जहां वह AI, ट्रस्ट, सेफ्टी और डिजिटल लिटरेसी से जुड़े राष्ट्रीय और वैश्विक विमर्श में योगदान दे रही हैं।
उर्वशी कपूर ने दैनिक जागरण में सितंबर 2011 में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की और सितंबर 2015 तक वहां काम किया। इसके बाद वह जी मीडिया में सीनियर करेसपॉन्डेंट रहीं। सितंबर 2015 से अगस्त 2017 तक यहां काम करने के बाद उन्होंने BW Businessworld में सीनियर सब एडिटर की जिम्मेदारी संभाली।
अप्रैल 2019 में वह जागरण न्यू मीडिया से चीफ सब एडिटर के तौर पर जुड़ीं। अप्रैल 2021 में उन्हें एसोसिएट एडिटर बनाया गया। सितंबर 2023 में उन्होंने सीनियर एडिटर की जिम्मेदारी संभाली और अब अगस्त 2026 में उन्हें एग्जिक्यूटिव एडिटर और जनरल मैनेजर के पद पर प्रमोशन मिला है।
इस दौरान वह भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), Delhi में गेस्ट फैकल्टी के तौर पर भी जुड़ी रहीं। उन्होंने अक्टूबर 2024 से अगस्त 2026 तक यहां अपनी सेवाएं दीं।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नेपाल पहुंच चुके विदेशी पत्रकारों को भी रिपोर्टिंग से पहले प्रेस पास लेना अनिवार्य होगा। बिना प्रेस पास रिपोर्टिंग को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जाएगा।
by
Samachar4media Bureau
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद आपदा की रिपोर्टिंग कर रहे घरेलू और विदेशी पत्रकारों के लिए सरकार ने प्रेस पास से जुड़ी प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। विदेशी संवाददाताओं को रिपोर्टिंग शुरू करने से पहले निर्धारित दस्तावेज जमा कर प्रेस पास हासिल करना होगा।
नेपाल के सूचना तथा संचार मंत्रालय के तहत सूचना विभाग ने विदेशी पत्रकारों से पासपोर्ट, वैध वीजा और संबंधित मीडिया संस्थान का नियुक्ति पत्र या समझौता पत्र मांगा है। इसके अलावा पत्रकार को अपने संस्थान का पहचान पत्र, वेतन और मिलने वाली अन्य सुविधाओं की जानकारी भी देनी होगी।
विदेशी संवाददाताओं को अपने मीडिया संस्थान की सिफारिश के साथ संबंधित देश के विदेश मंत्रालय या नेपाल स्थित उसके दूतावास अथवा कांसुलर कार्यालय की सिफारिश भी जमा करनी होगी। सभी दस्तावेज देने के बाद ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन मंजूर होने पर पत्रकार को व्यक्तिगत रूप से सूचना विभाग पहुंचकर प्रेस प्रतिनिधि प्रमाणपत्र और पत्रकार पहचान पत्र लेना होगा। इसके लिए निर्धारित प्रारूप में दो पासपोर्ट साइज फोटो भी जमा करनी होंगी।
विभाग के प्रवक्ता गोविंदा प्रसाद पांडे ने कहा कि यह कोई नई नीति नहीं है, बल्कि विदेशी पत्रकारों के लिए पहले से चली आ रही प्रक्रिया को ही जारी रखा गया है। हालांकि, मौजूदा व्यवस्था का उद्देश्य भोटेकोशी बाढ़ की रिपोर्टिंग को व्यवस्थित करना भी बताया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नेपाल पहुंच चुके विदेशी पत्रकारों को भी रिपोर्टिंग से पहले प्रेस पास लेना अनिवार्य होगा। बिना प्रेस पास रिपोर्टिंग को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप नहीं माना जाएगा। नेपाली पत्रकारों के लिए भी ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था है। उन्हें नागरिकता प्रमाणपत्र, मीडिया संस्थान का नियुक्ति पत्र और संस्थान की सिफारिश सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज देने होंगे।
एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका उनके समर्थन में सामने आए हैं।
by
Samachar4media Bureau
एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका उनके समर्थन में सामने आए हैं। हर्ष गोयनका ने कहा है कि डॉ. सुभाष चंद्रा को लेकर कई ऐसी बातें सामने आ रही हैं, जो पूरी तरह सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले सुभाष चंद्रा का पक्ष भी सुना जाना चाहिए।
यह मामला डॉ. सुभाष चंद्रा के कर्ज और नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में चल रही कार्यवाही से जुड़ा है।
'99 फीसदी से ज्यादा कर्ज माफी' के दावे पर सवाल
हर्ष गोयनका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए उन खबरों पर सवाल उठाया, जिनमें कहा जा रहा है कि डॉ. सुभाष चंद्रा ने बैंकों से 99 फीसदी से ज्यादा का हेयरकट हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा कि करीब ₹22,000 करोड़ की रकम को लेकर भी गलतफहमी पैदा हो रही है। गोयनका के मुताबिक, इस पूरे मामले को सिर्फ एक पक्ष से देखने के बजाय डॉ. सुभाष चंद्रा की बात भी सुनी जानी चाहिए।
गोयनका ने अपनी पोस्ट में कहा कि जब लगातार यह सुर्खियां दिखाई जा रही हैं कि डॉ. सुभाष चंद्रा को बैंकों से 99 फीसदी से ज्यादा का हेयरकट मिला है, तो उनके पक्ष को भी सुनना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ₹22,000 करोड़ की रकम को बड़े पैमाने पर गलत तरीके से समझा जा रहा है और कई तथ्य गलत तरीके से पेश किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि किसी भी कहानी के हमेशा दो पक्ष होते हैं और फैसला करने से पहले दोनों पक्षों को सुनना चाहिए।
With all the headlines screaming that Subhash Chandra got a 99%+ haircut from banks, it is worth listening to his side of the story too. The ₹22,000 crore figure is being widely misunderstood and several facts being circulated are simply wrong. There are always two sides to a… pic.twitter.com/wJTClahlvu
— Harsh Goenka (@hvgoenka) August 28, 2026
₹22,000 करोड़ के कर्ज पर क्या है विवाद?
दरअसल, डॉ. सुभाष चंद्रा की वित्तीय देनदारियों और NCLT से जुड़ी कार्यवाही को लेकर हाल में कई रिपोर्ट सामने आई हैं। इन रिपोर्टों में करीब ₹22,000 करोड़ के कर्ज और उसके निपटारे को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
डॉ. सुभाष चंद्रा ने इन दावों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि यह गलत धारणा बनाई जा रही है कि उनका करीब ₹22,000 करोड़ का कर्ज NCLT के जरिए महज ₹6.5 करोड़ में सेटल हो गया। डॉ. चंद्रा का कहना है कि मामले को जिस तरह पेश किया जा रहा है, उससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होती। उन्होंने इन रिपोर्टों के जवाब में अपना पक्ष सामने रखा है और कहा है कि आखिरकार सच्चाई सामने आएगी।
हर्ष गोयनका के बयान से मामला फिर चर्चा में
हर्ष गोयनका के समर्थन के बाद यह विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। गोयनका ने सीधे तौर पर यह नहीं कहा कि डॉ. सुभाष चंद्रा से जुड़े सभी आरोप गलत हैं, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि मामले में सामने आ रही कई जानकारियां गलत हैं और बिना पूरा पक्ष सुने किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं है।
ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर है कि डॉ. सुभाष चंद्रा की ओर से इस पूरे मामले में आगे क्या स्पष्टीकरण दिया जाता है और NCLT की कार्यवाही में इस कर्ज और उसके निपटारे को लेकर वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
उन्हें डिजिटल मीडिया रणनीति और प्लानिंग के क्षेत्र में अनुभव है। उनके काम का दायरा सर्च, सोशल, डिस्प्ले और प्रोग्रामेटिक के साथ-साथ बिजनेस एनालिसिस और क्लाइंट रिलेशनशिप तक रहा है।
by
Samachar4media Bureau
अभिषेक माथुर (Abhishek Mathur) को पब्लिसिस ग्रुप (Publicis Groupe) में 'डिजिटल बाइंग' (Digital Buying) के डायरेक्टर के पद पर प्रमोट किया गया है। उन्होंने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी नई भूमिका की जानकारी साझा की।
माथुर ने 2024 में Publicis Groupe के साथ 'डिजिटल बाइंग' के एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर अपनी पारी शुरू की थी। करीब दो साल के कार्यकाल के बाद उन्हें अब बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
उन्हें डिजिटल मीडिया रणनीति और प्लानिंग के क्षेत्र में अनुभव है। उनके काम का दायरा सर्च, सोशल, डिस्प्ले और प्रोग्रामेटिक के साथ-साथ बिजनेस एनालिसिस और क्लाइंट रिलेशनशिप तक रहा है।
Publicis Groupe में शामिल होने से पहले माथुर करीब तीन साल तक माइंडशेयर (Mindshare) के साथ जुड़े रहे। इससे पहले उन्होंने ओएमडी वर्ल्डवाइड (OMD Worldwide), परफॉर्मिक्स कन्वोनिक्स (Performics.Convonix) और साइबेज (Cybage) जैसी कंपनियों में भी काम किया है।
नई भूमिका में माथुर डिजिटल बाइंग से जुड़े कार्यों और रणनीति को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगे। डिजिटल मीडिया के अलग-अलग क्षेत्रों में उनका अनुभव इस जिम्मेदारी में अहम भूमिका निभाएगा।
कर्ज के दबाव से जूझ रही Vodafone Idea (Vi) ने अपने ऊपर बकाया स्पेक्ट्रम देनदारी को कम करने की दिशा में बड़ा प्लान तैयार किया है।
by
Samachar4media Bureau
कर्ज के दबाव से जूझ रही Vodafone Idea (Vi) ने अपने ऊपर बकाया स्पेक्ट्रम देनदारी को कम करने की दिशा में बड़ा प्लान तैयार किया है। कंपनी अगले तीन साल में करीब ₹49,000 करोड़ का स्पेक्ट्रम बकाया चुकाने की योजना बना रही है। कंपनी के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने यह जानकारी शेयरधारकों के साथ साझा की है।
कंपनी की 31वीं Annual General Meeting (AGM) में बिड़ला ने कहा कि अगले तीन साल में तय सभी स्पेक्ट्रम भुगतान को कंपनी की बिजनेस योजना में शामिल किया गया है। कंपनी का मकसद स्पेक्ट्रम बकाये के बड़े बोझ को कम करके अपनी वित्तीय स्थिति को और मजबूत करना है।
तीन साल में कैसे चुकाएगी रकम?
Vodafone Idea के लिए करीब ₹49,000 करोड़ का स्पेक्ट्रम बकाया आने वाले वर्षों में सबसे बड़ी वित्तीय जिम्मेदारियों में से एक है। मौजूदा योजना के अनुसार कंपनी को वित्त वर्ष 2026-27 में करीब ₹7,000 करोड़, वित्त वर्ष 2027-28 में ₹15,000 करोड़ और वित्त वर्ष 2028-29 में करीब ₹27,000 करोड़ का भुगतान करना होगा।
यानी कुल मिलाकर तीन साल में करीब ₹49,000 करोड़ का भुगतान किया जाना है।
अब और मोरेटोरियम नहीं लेने की योजना
कंपनी ने संकेत दिया है कि वह स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए आगे किसी और मोरेटोरियम की मांग नहीं करेगी। इसके बजाय भुगतान के लिए EBITDA में बढ़ोतरी, कंपनी के आंतरिक कैश फ्लो और नए बैंक कर्ज जैसे विकल्पों का इस्तेमाल किया जाएगा।
यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब Vodafone Idea नए बैंक फंडिंग की कोशिश भी कर रही है। कंपनी को उम्मीद है कि स्पेक्ट्रम बकाये के भुगतान का स्पष्ट रोडमैप कर्जदाताओं का भरोसा बढ़ाने में मदद करेगा।
नेटवर्क विस्तार पर भी जारी रहेगा खर्च
Vodafone Idea सिर्फ पुराने बकाये चुकाने पर ही ध्यान नहीं दे रही है। कंपनी ने अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करीब ₹45,000 करोड़ का कैपेक्स प्लान भी बनाया है। इसके तहत 4G नेटवर्क का विस्तार और 5G सेवाओं को तेजी से बढ़ाने पर काम किया जा रहा है।
कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के अंत तक उसके पास करीब 19.28 करोड़ ग्राहक थे। इनमें करीब 12.9 करोड़ 4G और 5G यूजर्स शामिल थे। कंपनी ने 4G कवरेज को भी बढ़ाया है और 5G सेवाएं 200 से ज्यादा शहरों और कस्बों में उपलब्ध हो चुकी हैं।
AGR का बोझ भी हुआ कम
Vodafone Idea पर लंबे समय से AGR यानी Adjusted Gross Revenue से जुड़ी देनदारियों का भी बड़ा दबाव रहा है। इस साल सरकार की ओर से AGR देनदारी में राहत मिलने के बाद स्पेक्ट्रम का करीब ₹49,000 करोड़ का बकाया कंपनी की सबसे बड़ी बाकी वित्तीय जिम्मेदारियों में शामिल हो गया है।
बिड़ला ने यह भी कहा है कि कंपनी को अब अपनी वित्तीय स्थिति को लेकर पहले के मुकाबले ज्यादा स्पष्टता है और आने वाले समय में नेटवर्क निवेश, बाजार में प्रतिस्पर्धा और ग्राहकों व कमाई में बढ़ोतरी पर ध्यान दिया जाएगा।
कंपनी के सामने अभी भी बड़ी चुनौती
हालांकि ₹49,000 करोड़ का भुगतान करने की योजना सामने आ गई है, लेकिन इतनी बड़ी रकम जुटाना Vodafone Idea के लिए आसान नहीं होगा। कंपनी को एक तरफ स्पेक्ट्रम बकाया चुकाना है, वहीं दूसरी तरफ नेटवर्क विस्तार के लिए भी बड़ी रकम खर्च करनी है।
इसी वजह से कंपनी के लिए कैश फ्लो बढ़ाना, EBITDA में सुधार करना और नए बैंक फंड हासिल करना बेहद महत्वपूर्ण होगा। बाजार विश्लेषकों और कर्जदाताओं की नजर अब इस बात पर रहेगी कि Vodafone Idea इस भुगतान योजना को कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है।
मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में अपना नया 6-स्क्रीन सिनेमा शुरू किया है। यह सिनेमा वर्थुर रोड स्थित ब्रिगेड कॉर्नरस्टोन यूटोपिया में खोला गया है।
by
Samachar4media Bureau
मल्टीप्लेक्स कंपनी PVR INOX ने बेंगलुरु के व्हाइटफील्ड इलाके में अपना नया 6-स्क्रीन सिनेमा शुरू किया है। यह सिनेमा वर्थुर रोड स्थित ब्रिगेड कॉर्नरस्टोन यूटोपिया (Brigade Cornerstone Utopia) में खोला गया है। इसमें कुल 949 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। कंपनी के मुताबिक, यह बेंगलुरु में उसका 28वां सिनेमा है।
Brigade Cornerstone Utopia के Arcadia में स्थित यह सिनेमा आसपास के रिहायशी इलाकों, ऑफिस, रिटेल और मनोरंजन केंद्रों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य लोगों को फिल्म देखने के साथ-साथ खाने-पीने और दोस्तों व परिवार के साथ समय बिताने का बेहतर अनुभव देना है।
लेटेस्ट तकनीक से लैस हैं सभी स्क्रीन
नए सिनेमा की सभी छह स्क्रीन में ऑल-लेजर प्रोजेक्शन, Dolby 7.1 सराउंड साउंड और Next-Gen 3D की सुविधा दी गई है। इनमें से दो ऑडिटोरियम में DTS:X इमर्सिव साउंड लगाया गया है, जिससे फिल्मों के दौरान ज्यादा बेहतर और चारों तरफ से आने वाली आवाज का अनुभव मिलेगा।
सिनेमा में दर्शकों के आराम का भी खास ध्यान रखा गया है। यहां Celebrity Recliners और Lounger Seats उपलब्ध हैं। इसके अलावा आधुनिक इंटीरियर और बेहतर हॉस्पिटैलिटी के साथ सिनेमा को प्रीमियम लुक दिया गया है।
Cinema Food Court भी शुरू किया
PVR INOX ने इस सिनेमा में अपना नया Cinema Food Court कॉन्सेप्ट भी पेश किया है। इसके जरिए कंपनी फिल्म देखने के अनुभव में खाने-पीने और सोशलाइजिंग को ज्यादा अहमियत दे रही है। दर्शक यहां फिल्म से पहले या बाद में खाना खा सकते हैं, आराम कर सकते हैं और दोस्तों या परिवार के साथ समय बिता सकते हैं।
नए सिनेमा की शुरुआत Yash स्टारर ‘Toxic: A Fairy Tale for Grown-Ups’ के साथ हुई है। इससे व्हाइटफील्ड और आसपास के दर्शकों को नई फिल्म को प्रीमियम माहौल में देखने का मौका मिलेगा।
बेंगलुरु में 28वां सिनेमा
PVR INOX के मैनेजिंग डायरेक्टर अजय बिजली ने कहा कि बेंगलुरु कंपनी के लिए हमेशा से महत्वपूर्ण बाजार रहा है। व्हाइटफील्ड क्षेत्र में रिहायशी इलाकों, ऑफिस, रिटेल और मनोरंजन सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में यहां नया सिनेमा कंपनी की मौजूदगी को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे सिनेमा डेस्टिनेशन तैयार करने पर ध्यान दे रही है, जहां लोगों को आसानी से पहुंचने के साथ बेहतर फिल्म और मनोरंजन का अनुभव मिल सके।
PVR INOX के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर संजीव कुमार बिजली ने कहा कि सिनेमा सिर्फ फिल्म देखने की जगह नहीं है, बल्कि लोगों के साथ मिलने-जुलने और यादें बनाने की जगह भी है। नए सिनेमा में आधुनिक प्रोजेक्शन और साउंड, प्रीमियम सीटिंग और Cinema Food Court जैसे फीचर्स इसी सोच को ध्यान में रखकर जोड़े गए हैं।
1,786 स्क्रीन का हुआ PVR INOX नेटवर्क
इस नए सिनेमा के खुलने के साथ PVR INOX का नेटवर्क बढ़कर 1,786 स्क्रीन हो गया है। कंपनी अब भारत और श्रीलंका के 113 शहरों में 356 प्रॉपर्टीज संचालित करती है।
PVR और INOX के 2023 में हुए विलय के बाद बनी PVR INOX लगातार बड़े शहरी बाजारों और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी अब सिर्फ स्क्रीन बढ़ाने के बजाय टेक्नोलॉजी, आराम, भोजन और हॉस्पिटैलिटी को मिलाकर दर्शकों के लिए ज्यादा बेहतर और प्रीमियम सिनेमा अनुभव तैयार करने पर भी जोर दे रही है।
अपनी नई भूमिका में हरीश दक्षिण भारत में चैनल की एडिटोरियल कवरेज को और मजबूत करने पर फोकस करेंगे।
by
Samachar4media Bureau
‘सीएनएन-न्यूज18’ (CNN-News18) ने पत्रकार हरीश उपाध्याय को एडिटर-साउथ की नई जिम्मेदारी सौंपी है। अपनी नई भूमिका में हरीश दक्षिण भारत में चैनल की एडिटोरियल कवरेज को और मजबूत करने पर फोकस करेंगे। वह स्टोरी आइडिएशन, एडिटोरियल प्लानिंग, कोऑर्डिनेशन और एग्जीक्यूशन से जुड़े काम देखेंगे और इस क्षेत्र में काम कर रहे चैनल के रिपोर्टर्स के साथ करीबी समन्वय करेंगे।
बता दें कि दक्षिण भारत CNN-News18 के लिए एक अहम बाजार है और यहां चैनल का एक महत्वपूर्ण दर्शक वर्ग है। हरीश पहले से ही CNN-News18 के डेली और वीकेंड साउथ-केंद्रित प्रोग्रामिंग को एंकर करते हैं। वह दक्षिण भारत से जुड़े बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों और ब्रेकिंग न्यूज की कवरेज में भी करीब से शामिल रहे हैं।
हरीश को दक्षिण भारत की राजनीति, शासन और बड़े ब्रेकिंग न्यूज घटनाक्रमों की कवरेज का व्यापक अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों और न्यूज ब्रेक्स को कवर किया है। इसके अलावा उन्होंने बड़ी प्राकृतिक आपदाओं और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की कवरेज का नेतृत्व भी किया है।
वह पिछले एक दशक से अधिक समय से भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और देश के स्पेस सेक्टर से जुड़े घटनाक्रमों को भी करीब से कवर करते आए हैं। इस दौरान उन्होंने भारत की अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पड़ावों की रिपोर्टिंग की है।
हरीश को बेस्ट यंग टीवी जर्नलिस्ट के लिए प्रतिष्ठित न्यूज टेलीविजन अवॉर्ड भी मिल चुका है। उन्हें रिपोर्टिंग के साथ-साथ टेलीविजन एंकरिंग का भी अनुभव है। फील्ड रिपोर्टिंग के अलावा उन्होंने अंग्रेजी और कन्नड़, दोनों भाषाओं में प्राइम-टाइम डिबेट्स और न्यूज प्रोग्राम्स को एंकर किया है।
सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी कंपनी ‘मेटा’ (Meta) की वाइस प्रेजिडेंट एवं हेड-इंडिया एंड साउथ ईस्ट एशिया संध्या देवनाथन ने एक दशक से ज्यादा समय बाद कंपनी से अलग होने का फैसला किया है।
by
Samachar4media Bureau
सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी कंपनी ‘मेटा’ (Meta) की वाइस प्रेजिडेंट एवं हेड-इंडिया एंड साउथ ईस्ट एशिया संध्या देवनाथन ने एक दशक से ज्यादा समय बाद कंपनी से अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने लिंक्डइन पर एक पोस्ट के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी।
अपनी लिंक्डइन पोस्ट में संध्या देवनाथन ने कहा कि मेटा में एक दशक से ज्यादा समय बिताने के बाद उन्होंने अपने अगले सफर की ओर बढ़ने का फैसला किया है। उन्होंने कंपनी और अपने सहयोगियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इस शानदार कंपनी और अपने बेहतरीन सहयोगियों को अलविदा कहना उनके लिए मुश्किल रहा, लेकिन वह अपने साथ कृतज्ञता और आने वाले समय को लेकर उत्साह लेकर जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह कुछ समय का ब्रेक लेने के बाद अपने करियर के अगले अध्याय की ओर बढ़ेंगी और इसके बारे में जल्द जानकारी साझा करेंगी।
संध्या देवनाथन को दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। उनका अंतरराष्ट्रीय करियर बैंकिंग, पेमेंट्स और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रहा है। वह 2016 में मेटा से जुड़ी थीं। मेटा में अपने शुरुआती दौर में उन्होंने सिंगापुर और वियतनाम के कारोबार और टीमों को तैयार करने में भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में मेटा की ई-कॉमर्स पहलों पर भी काम किया। 2020 में उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मेटा के गेमिंग कारोबार की जिम्मेदारी संभाली। यह मेटा के वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े वर्टिकल्स में से एक है।
वर्ष 2022 में संध्या देवनाथन को मेटा इंडिया की वाइस प्रेजिडेंट नियुक्त किया गया। इस भूमिका में उन्होंने संगठन की बिजनेस और रेवेन्यू प्राथमिकताओं को एक साथ लाने पर काम किया, ताकि पार्टनर्स और क्लाइंट्स को बेहतर तरीके से सेवाएं दी जा सकें। साथ ही उनका फोकस भारत में मेटा के कारोबार की दीर्घकालिक वृद्धि और भारत के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने पर रहा। बाद में उनकी जिम्मेदारी भारत के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया तक बढ़ी और वह वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड-इंडिया एंड साउथ ईस्ट एशिया की भूमिका में रहीं।
मेटा में अपने सफर को याद करते हुए संध्या देवनाथन ने कहा कि जब वह 2016 में मेटा से जुड़ी थीं, तब सिंगापुर में कंपनी में करीब 300 कर्मचारी थे। उस समय डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की काफी चर्चा थी और कंपनी इसी बदलाव के बीच काम कर रही थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान स्टार्टअप्स, कंपनियों, क्रिएटर्स और पूरे इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने में मदद की गई और करोड़ों यूजर्स के लिए बेहतर अनुभव तैयार करने पर काम हुआ। संध्या देवनाथन ने कहा कि समय के साथ टीम बड़ी हुई और कंपनी के प्रोडक्ट्स भी विकसित हुए, लेकिन क्लाइंट्स के लिए सर्वश्रेष्ठ देने की प्रतिबद्धता लगातार बनी रही।
उन्होंने अपने सफर के दौरान एशिया-प्रशांत क्षेत्र में ई-कॉमर्स और गेमिंग जैसे क्षेत्रों में काम करने और भारत तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में प्रतिभाशाली टीमों का नेतृत्व करने को अपने लिए विशेष अनुभव बताया।