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अरनब गोस्वामी ने जारी किया स्टेटमेंट, बतायी ये बात
मुंबई पुलिस ने ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) के मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को पिछले 12 घंटों में दो नोटिस भेजे हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
मुंबई पुलिस ने ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) के मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को पिछले 12 घंटों में दो नोटिस भेजे हैं। दरअसल मुंबई पुलिस सोनिया गांधी पर अरनब गोस्वामी द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर तत्काल पूछताछ करना चाहती है। लिहाजा यह नोटिस उसी सिलसिले में भेजे गए हैं।
हालांकि इस मामले में अरनब गोस्वामी ने एक स्टेटमेंट जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि कानून का पालन करने वाले एक नागरिक के तौर पर मैं जांच में पूरी तरह से सहयोग करूंगा और सोमवार सुबह ही उनके पास पूछताछ में सहयोग के लिए पेश होउंगा।
उन्होंने कहा कि मैं मुंबई पुलिस से भी यह आग्रह करूंगा कि वह 23 अप्रैल को सुबह 12:15 बजे मुझ पर, मेरी पत्नी पर और रिपब्लिक टीवी के एक वरिष्ठ सहयोगी पर हुए हमले की जांच करने में इसी तरह की निपुणता और समझदारी दिखाएं।
उन्होंने जारी किए स्टेटमेंट में यह भी कहा कि मेरे बार-बार अनुरोध के बावजूद मुंबई पुलिस ने हमले को उकसाने और हमले को अंजाम देने के लिए वाड्रा कांग्रेस की भूमिका और उनके नेतृत्व का उल्लेख करने से इनकार कर दिया है।
अरनब गोस्वामी ने कहा कि इस हमले में वाड्रा कांग्रेस की भूमिका को झुठलाया नहीं जा सकता है, लिहाजा मैं मुंबई पुलिस के सामने सभी तथ्य शेयर करूंगा। उन्होंने मुंबई पुलिस पर विश्वास जताते हुए कहा कि मुंबई पुलिस वाड्रा कांग्रेस की भूमिका पर उपलब्ध विस्तृत सबूतों को नष्ट नहीं करेगी और हमले में साजिश और हमले में शामिल लोगों का खुलासा भी करेगी।
गौरतलब है कि अरनब गोस्वामी और उनकी पत्नी व रिपब्लिक टीवी की संपादक सम्यब्रता रे पर मुंबई में 23 अप्रैल की सुबह 12:15 बजे हमला हुआ। अरनब पर ये हमला उनके घर से कुछ ही दूरी पर गणपतराव कदम मार्ग पर हुआ। हमले के दौरान अरनब कार ड्राइव कर रहे थे और उनकी पत्नी भी कार में मौजूद थीं। हमले के दौरान गुंडों ने कार के शीशे को तोड़ने की भी कोशिश की जब उनसे शीशा नहीं टूटा तो उन्होंने पूरे कार पर स्याही फेंक दी। हमले के तुरंत बाद अरनब के सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन हमलावरों को पकड़कर पूछताछ के लिए पुलिस के हवाले कर दिया। इन आरोपियों के खिलाफ सेक्शन 341, 504 के तहत केस दर्ज किया गया है। सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक अरनब पर हमला करने वाले बाइक सवार गुंडे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता थे।
हालांकि इसके बाद अरनब के खिलाफ कई कांग्रेस शासित राज्यों में मुकदमें दर्ज किए गए। अरनब के खिलाफ पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान और झारखंड के अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक एफआईआर कांग्रेस नेताओं के द्वारा दर्ज कराई गई, जिसके बाद अरनब गोस्वामी ने उनके खिलाफ देश के विभिन्न स्थानों पर दर्ज एफआईआर को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अरनब को फौरी राहत प्रदान करते हुए तीन सप्ताह तक उनकी गिरफ्तारी या किसी अन्य तरह की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी। इसके अलावा कोर्ट ने अरनब गोस्वामी को अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया।
न्यायमूर्ति डॉ. डी. वाई. चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने विडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की गई सुनवाई के दौरान अरनब की याचिका पर सभी छह राज्य सरकारों को नोटिस जारी किए। इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट ने अरनब गोस्वामी के खिलाफ एक एफआईआर को छोड़कर सभी एफआईआर पर रोक लगा दी है। यह एक एफआईआर नागपुर में दर्ज की गई थी, जिसे अब मुंबई स्थानांतरित कर दी गई है।
वहीं कोर्ट ने अरनब को अपनी याचिका में संशोधन की अनुमति दी और सभी प्राथमिकियों और शिकायतों को अपनी याचिका में शामिल करने का निर्देश दिया है। वहीं इस बीच वह अग्रिम जमानत याचिका दायर कर सकते हैं। शीर्ष अदालत ने मुंबई पुलिस आयुक्त को भी यह निर्देश दिया कि वह वहां रिपब्लिक टीवी के कार्यालय और कर्मचारियों की सुरक्षा मुहैया करायें।
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