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लोकसभा अध्यक्ष ने संसद कवर करने वाले पत्रकारों से मुलाकात कर दिया ये आश्वासन
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद कवर करने वाले मीडियाकर्मियों से मुलाकात की।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
नए संसद भवन में अब मीडियाकर्मियों के लिए लक्ष्मणरेखा खींच दी गई है। संसद परिसर में पत्रकार अब सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों से बयान नहीं ले सकेंगे। उन्हें एक सीमित दायरे में रहने की हिदायत दी गई है। पत्रकारों को अब एक शीशे के कमरे में रहना होगा और वहीं से सिर्फ आते जाते समय सांसदों की फोटो वीडियो से ही तसल्ली करनी होगी।
पुराने संसद भवन में मुख्य द्वार तक मीडियाकर्मियों की पहुंच थी और पत्रकार संसद में भाग लेने वाले सांसदों से सीधे सवाल कर सकते थे। लेकिन, अब जिन सांसदों को अपना बयान देना होता है, उन्हें पत्रकारों के बनाए गए स्थान पर पहुंचना होता है। हालांकि, इसका न केवल पत्रकारों ने बल्कि विपक्ष के नेताओं ने भी भारी विरोध किया है।
इसके बाद सोमवार शाम को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद कवर करने वाले मीडियाकर्मियों से मुलाकात की। पत्रकारों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद उन्होंने आश्वासन दिया कि पत्रकारों के मूवमेंट पर रोक और कवरेज से जुड़े सभी मुद्दों को हल किया जाएगा।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने संसद के इस फैसले को लेकर आपत्ति जताई है। पीसीआई ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट कर लिखा है, पत्रकारों ने परिसर में अपने आंदोलन पर प्रतिबंध के खिलाफ संसद में विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें मकर द्वार के सामने भी खड़े होने से हटा दिया। इस द्वार पर वे सभी पक्षों के सांसदों से बातचीत करते थे। पीसीआई ने कहा कि हम पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने की मांग करते हैं।’
Journalists stage protest in Parliament against restrictions on their movement in the premises and also they were removed to stand in front of “Makar Dwar”. At this Dwar, they used to interact with Parliamentarians from all sides
— Press Club of India (@PCITweets) July 29, 2024
We demand lifting of restrictions imposed on them pic.twitter.com/Trp2GfDczq
इस मामले को सोमवार को संसद सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी उठाया। राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों को आजादी के साथ काम करने का अधिकार मिलना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होगा तो लाेकतंत्र की खूबसूरती खत्म हो जाएगी।
वहीं समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मीडिया पर पाबंदी मामले को जोरदार तरीके से उठाया है। उन्होंने संसद भवन में पत्रकारों के लिए अलग से बनाए गए स्थान पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की।
इस मामले में कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ट्वीट किया है कि संसद कवर करने वाले पत्रकार सांसदों से सवाल पूछते थे पर अब वह इस पिंजड़ानुमा जगह में कैद रहेंगे। दूर से आवागमन देखो- सवाल पूछने का कोई बवाल ही नहीं। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का गुमान भी क्यों रहे। पत्रकार इसका विरोध कर रहे हैं, स्टूडियो वाले समझाएंगे पिंजड़े में रखना अच्छी पहल है।
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