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‘साहित्य आजतक’ में बोलीं कली पुरी, जीवन की नाजुक डोरों को जोड़ने का काम करता है साहित्य
‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जिक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी ने दिल्ली में आयोजित ‘साहित्य आजतक’ के आठवें संस्करण का उद्घाटन किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 months ago
‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जिक्यूटिव एडिटर-इन-चीफ कली पुरी ने कहा कि साहित्य जीवन की नाज़ुक डोरों को जोड़ने का काम करता है। वह दिल्ली में आयोजित ‘साहित्य आजतक’ के आठवें संस्करण का उद्घाटन कर रही थीं, जहां साहित्य, कला और संगीत जगत की कई नामी हस्तियों ने हिस्सा लिया।
कली पुरी ने अपने संबोधन में जीवन की अनिश्चितता पर भी बात की और साल 2025 में हुई कुछ दुखद घटनाओं जैसे- पाहलगाम आतंकी हमले से लेकर अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान दुर्घटना का जिक्र भी किया।
कली पुरी का कहना था कि वर्ष 2025 की शुरुआत भारत के लिए बेहद दर्दनाक रही। साल की शुरुआत में ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ, जब मासूम सैलानियों पर आतंकियों ने हमला कर दिया। इस घटना में 26 लोगों की मौत हो गई। इसके दो महीने बाद एक और बड़ी दुर्घटना हुई, जब अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गई, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई।
कली पुरी ने कहा कि ऐसी घटनाएं हमें यह एहसास कराती हैं कि जिंदगी कितनी नाजुक है। उन्होंने किशोर कुमार के मशहूर गाने की पंक्तियां उद्धृत करते हुए कहा—‘जिंदगी एक सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो किसने जाना।’ जीवन की इस अनिश्चितता के बीच कली पुरी ने यह भी बताया कि साहित्य कैसे रिश्तों को मजबूत बनाने और जीवन को बेहतर दिशा देने में मदद करता है।
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