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निशांत चतुर्वेदी के बचाव में उतरे ये टीवी पत्रकार, दिया यूं जवाब
राबड़ी देवी के ट्वीट पर टिप्पणी को लेकर उपजे विवाद ने अब नया रूप ले लिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी पर ‘आजतक’ के संपादक निशांत चतुर्वेदी की टिप्पणी पर उपजे विवाद ने अब नया रूप ले लिया है। अब चतुर्वेदी पर यह आरोप लगाये जा रहे हैं कि वो जाति-धर्म के हिसाब से टिप्पणियां करते हैं। सीधे शब्दों में कहें तो ऊँची जाति के नेताओं पर कुछ लिखते वक़्त उनके शब्द काफी संतुलित होते हैं, जबकि पिछड़ी जातियों के मामले में यह संतुलन कहीं खो जाता है।
अफ़सोस की बात यह है कि विवाद के इस नए रूप में पत्रकारों की भागीदारी भी कम नहीं है। राबड़ी देवी के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव तो पहले से ही इसमें जाति-धर्म का एंगल ले आये थे, अब पत्रकार उस एंगल को सही साबित करने में लगे हैं और इसके लिए निशांत चतुर्वेदी की सोशल मीडिया कुंडली खंगाली जा रही है।
निशांत का इस तरह राबड़ी देवी का मजाक उड़ाना पूरी तरह गलत है और वो इसके लिए माफ़ी भी मांग चुके हैं, मगर जिस तरह से उनके ट्वीट को जातिवाद का रंग देने का प्रयास कुछ मीडियाकर्मियों की तरफ से हो रहा है, क्या उसे गलत नहीं कहा जाना चाहिए? इस सवाल का जवाब खोजने की भी ज़रूरत है। इंडिया टुडे के पूर्व मैनेजिंग एडिटर दिलीप मंडल तो निशांत के खिलाफ मोर्चा ही खोल बैठे हैं। वह न केवल उन्हें संविधान विरोधी बता रहे हैं, बल्कि एक तरह से लोगों से अपील कर रहे हैं कि वो निशांत की शिकायत इंडिया टुडे के चेयरमैन अरुण पुरी से करें, इसके लिए मंडल ने पुरी का ईमेल एड्रेस भी उपलब्ध कराया हुआ है। पूर्व एडिटर ने अपने कई ट्वीट में निशांत को जातिवाद से जोड़ने का भरसक प्रयास किया है।
वैसे, कुछ पत्रकार निशांत के पक्ष में भी हैं और वो यह कतई मानने को तैयार नहीं कि हर बात को धर्म-जाति के चश्मे से देखा जाना सही है। डीडी न्यूज़ के वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने ट्वीट किया, ‘ निशांत को बरसों से जानता हूँ, किसी की मां/महिला का असम्मान करें, ऐसे उनके संस्कार नहीं। अंग्रेज़ी न जानने पर किसी का मज़ाक बनाना गलत है जिसके लिए निशांत ने माफी मांगी पर इस मामले में @yadavtejashwi ने @aroonpurie @supriyapd पर जिस तरह दबाव बनाया वो मीडिया को दबाने की कोशिश है।’
इसके अलावा उन्होंने निशांत के कमेंट को जातिवाद का रंग देने के लिए तेजस्वी यादव को भी आड़े हाथ लिया। अशोक ने अपने अगले ट्वीट में लिखा ‘@yadavtejashwi जी @nishantchat के ट्वीट में जातिवाद भी ढूंढ निकाला,वाह। ये हम जानते हैं कि जातिवाद की राजनीति से ज़्यादा सोच पाना आपके बस की बात नहीं। पर मालिकों से शिकायत करके उन्हें दबा कर पत्रकारों को डराना-धमकाना बंद कीजिए।’
अशोक श्रीवास्तव ने उन पत्रकारों पर भी हमले किये, जो निशांत चतुर्वेदी को लगातार निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा ‘और @nishantchat के एक ट्वीट को लेकर @JantaKaReporter सहित जो पत्रकार @yadavtejashwi जी की माँ पर ‘हमला’ बता कर निशांत के खिलाफ मोर्चा खोले हैं उनमें ज़्यादातर वो हैं जो खुन्नस के चलते #NarendraModi जी की माँ पर भद्दी राजनीतिक टिपणियां करते हैं या ऐसी टिप्पणियों पर मज़े लेते हैं’।
इसी तरह पत्रकार संतोष पाठक ने भी दिलीप मंडल के उस ट्वीट पर उन्हें घेरा जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘आप सीरियल ऑफेंडर यानी बार-बार अपराध में लिप्त होने वाले आदमी हैं निशांत। आप पूर्व मुख्यमंत्री को बबुआ कैसे बोल सकते हैं। बीजेपी में किस नेता के साथ आप ये आजादी लेते हैं। किसी सवर्ण या ब्राह्मण नेता को आप बबुआ कहते हैं।’ पाठक ने इसके जवाब में लिखा, ‘बात-बात में सवर्ण.....ऐसा लगता है जैसे सवर्णों ने कुछ लोगों की भैंस खोल ली है। अरे महाराज, सवर्ण-सवर्ण के अलावा कोई और तर्क नहीं है क्या? गलत है तो सिर्फ उसकी बात करो। सवर्णों और ब्राह्मणों ने आपका क्या बिगाड़ा है?'
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