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'न्यूयॉर्क टाइम्स' की इस रिपोर्ट से IPS एसोसिएशन नाराज, जानिए वजह
यह रिपोर्ट सामने आने के बाद आईपीएस एसोसिएशन ने इसकी निंदा की है। आईपीएस एसोसिएशन ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में बीते महीने हुई हिंसा जिस तरह से भड़की उसे लेकर सबसे ज्यादा सवाल दिल्ली पुलिस पर उठाए गए। दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया गया कि ये दंगा दिल्ली पुलिस की नाकामी का ही नतीजा है। इस पर 'न्यूयॉर्क टाइम्स' की एक रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 24 फरवरी को जब नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली में दंगा भड़का और लोग एक-दूसरे पर पत्थर बरसा रहे थे, उस समय पुलिस की भूमिका निष्पक्ष नहीं थी। पुलिस ने एक समुदाय विशेष के लोगों को मदद नहीं दी।
हालांकि यह रिपोर्ट सामने आने के बाद आईपीएस एसोसिएशन ने इसकी निंदा की है। आईपीएस एसोसिएशन ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए, जिसमें इस रिपोर्ट को पूरी तरह से गलत और भारतीय संस्थाओं की प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास करार दिया गया है। साथ ही यह भी कहा कि इस देश की पुलिस हर किसी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एसोसिएशन ने अपने ट्वीट में कहा, 'दिल्ली हिंसा को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट पक्षपातपूर्ण, खतरनाक और सफेद झूठ है, जिसमें पुलिस के आचरण पर सवाल उठाए गए हैं। यह आर्टिकल भारतीय संस्थाओं को नीचा दिखाने और उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास है।'
वहीं एक अन्य ट्वीट में आईपीएस एसोसिएशन ने कहा कि भारतीय पुलिस बल एक पेशेवर इकाई है, जो अपनी भूमिकाओं का निर्वाह बिना किसी डर या पक्षपात के करती है। 'हमारे कर्मचारी न तो हिंदू हैं न मुसलमान। वे भारतीय हैं और भारतीय लोगों की सेवा करते हैं और संकट के वक्त उन्होंने खुद अपना जीवन अन्य भारतीयों के लिए कुर्बान किया है।'
आईपीएस एसोसिएशन ने कहा, 'पुलिस पर आरोप लगाना बहुत आसान है, लेकिन यह भी याद रखने की जरूरत है कि दंगों के दौरान 2 पुलिसकर्मियों ने जान गंवाई और 70 से अधिक घायल हुए।'
वहीं दूसरी तरफ, हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस की भूमिका पर उठाए जा रहे सवालों का गृहमंत्री अमित शाह ने भी राज्य सभा में विपक्ष को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक व्यक्ति हूं, देश का गृह मंत्री हूं मुझ पर जितने भी सवाल उठाने है उठाइए, लेकिन दिल्ली पुलिस पर सवाल मत उठाइए, क्योंकि पुलिस ने पूरी मुश्तैदी के साथ दंगों पर काबू पाया और उसे 13 प्रतिशत आबादी से बाहर नहीं फैलने दिया। यह दिल्ली पुलिस की सफलता है, इसलिए इस तरह के बयानों से उनका मनोबल नीचे गिरता है। उन्होंने कांग्रेस नेता आनंद शर्मा के सवालों पर जवाब देते हुए यह बात कही।
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