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सभी में होनी चाहिए राष्ट्रीयता, इसके बिना अस्तित्व ही नहीं: राकेश शर्मा, INS
इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी के प्रेजिडेंट राकेश शर्मा ने कहा, ‘राष्ट्रीयता तो सभी में होनी चाहिए। राष्ट्रीयता के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
एक्सचेंज4मीडिया (exchange4media) समूह की हिंदी वेबसाइट 'समाचार4मीडिया' (samachar4media.com) द्वारा तैयार की गई 'समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40 अंडर 40’ (40 Under 40)' की लिस्ट से 12 अगस्त 2024 को पर्दा उठ गया। दिल्ली में स्थित ‘इंडिया इंटरनेशनल सेंटर’ (IIC) के मल्टीपर्पज हॉल में आयोजित एक कार्यक्रम में इस लिस्ट में शामिल हुए प्रतिभाशाली पत्रकारों के नामों की घोषणा की गई और उन्हें सम्मानित किया गया।
सुबह दस बजे से मीडिया संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न पैनल चर्चा और वक्ताओं का संबोधन शामिल था। इसके बाद शाम को पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विजेताओं को पुरस्कृत किया।
इस दौरान इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी के प्रेजिडेंट राकेश शर्मा ने कहा, ‘राष्ट्रीयता तो सभी में होनी चाहिए। राष्ट्रीयता के बिना हमारा कोई अस्तित्व नहीं है। हजारों साल की गुलामी के बाद आजादी आज से 78 वर्ष पूर्व हमें मिली थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से तीन वर्ष पहले जो विभाजन विभाषिका दिवस 14 अगस्त को बनाना शुरू किया, जरा उसकी गहराई में जाकर देखिए। वही विभाषिका आज बांग्लादेश के हिंदू अल्पसंख्यक भी महसूस कर रहे हैं। दिन वही हैं, जो विभाजन के समय थे।
इस दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता राहुल गांधी की बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे से मुलाकात की खबरों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए अपने एक लेख का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि हैरान हूं, परेशान हूं, निराश हूं कि अपने ही देश के खिलाफ कोई ऐसी साजिश भी कर सकता है। शेख हसीना भारत की समर्थक प्रधानमंत्री थीं। चीन ने चाहा कि उन्हें बांग्लादेश में बंदरगाह मिल जाए, जिससे कि भारत को खतरें में रख सके, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। अमेरिका ने चाहा कि वो टॉपू हमें मिल जाए, जिससे कि वो क्रिस्चन स्टेट बना सकें, जिसके अंदर भारत के त्रिपुरा, मणिपुर और मेत्रालय को जोड़कर क्रिस्चनेस्तान बना लें, उन्होंने बड़े ही साहस तरीके बना कर दिया। 1971 के बाद से पाकिस्तान इस ताक में बैठा था कि जिस बेइज्जती से उसके दो टुकड़े हुए थे, उसका हल कैसे निकाला जाए। वहां कि आईसीआई, वहां के जिहादी तत्व बांग्लादेश लगातार कार्यरत थे, लेकिन यह महिला जो आजकल भारत की धरा के ऊपर बैंठी हैं, उन्होंने बड़ी ही हिम्मत से काम किया। देश को आगे ले गईं। वहां कि इकॉनोमी पाकिस्तान से आगे निकल गई। वहां पर कैपिटल आय बढ़ गई। वहां कि जीडीपी बढ़ गई। वहां हर प्रकार की शांति थी, जिससे बहुत से लोग डिस्टर्ब हो रहे थे। वो सभी ताकतें भारत को भी हिलाना चाहती हैं और यह सत्य है।
इस दौरान उन्होंने आगे कहा कि हमारे प्रधानमंत्री से विकसित भारत की बात की जा रही है कि कैसे उन्होंने दसवें स्थान से पांचवें स्थान पर भारत की अर्थव्यवस्था को ला दिया। कैसे वो मेहनत कर रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था 2027 या 2028 तक पांचवें स्थान से दूसरे या तीसरे स्थान तक पहुंच जाए। कैसे वो मेहनत कर रहे हैं कि देश की अर्थव्यवस्था 2047 तक विश्व की पहली अर्थव्यवस्था बन जाए और भारत विश्वगुरु बने। ये उन लोगों को पच नहीं रहा, जो विश्व में नंबर एक और नंबर दो की पोजिशन बनाकर बैठे हैं और विश्व की अर्थव्यवस्था को कंट्रोल कर रहे हैं।
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