मुश्किल में घिरे TV9 मीडिया समूह के नए मालिक

टीवी9 के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश के आरोपों के बाद चर्चा में आया था नए मालिक का नाम

पंकज शर्मा by
Published - Friday, 05 July, 2019
Last Modified:
Friday, 05 July, 2019
TV9


टीवी9 (TV9) समूह के नए मालिक और रियल एस्टेट फर्म ‘माय होम’ (My Home) ग्रुप के चेयरमैन रामेश्वर राव के हैदराबाद स्थित घर व ऑफिस पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की है। बताया जाता है कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार की सुबह सात बजे ही छापेमारी शुरू कर दी थी। 

बताया जाता है कि ‘माय होम’ के खिलाफ यह छापेमारी उसकी स्ट्रैटेजिक पार्टनर और बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी  ‘RMZ Corp’ से कनेक्शन को लेकर की गई है। बता दें कि ‘माय होम’ और ‘RMZ Corp’ ने हाईटेक सिटी के पास एक प्रोजेक्ट में 50:50 की पार्टनरशिप की है और स्काईव्यू नाम से इस प्रोजेक्ट का पहला चरण 3.5 मिलियन स्कवॉयर फीट से ज्यादा हिस्से में फैला हुआ है। आयकर अधिकारियों ने इस पार्टनरशिप के दौरान हुए लेन-देन का विवरण खंगालने के लिए यह छापेमारी की।

रामेश्वर राव उस समय सुर्खियों में आए थे, जब वरिष्ठ टीवी पत्रकार और टीवी9 के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश ने समूह के प्रमोटर्स पर तमाम आरोप लगाए थे। रवि प्रकाश का आरोप था कि कंपनी के पूर्व और वर्तमान प्रमोटर्स ने 294 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की है।

रवि प्रकाश के वकील दिलजीत सिंह अहलूवालिया ने तेलंगाना हाई कोर्ट के जस्टिस जी. श्रीदेवी की कोर्ट में ये आरोप लगाए थे कि चैनल के वास्तविक प्रमोटर सी. श्रीनिवास राजू ने ‘टीवी9’ का संचालन करने वाली ‘एसोसिएटेड ब्रॉडकास्टिंग कंपनी लिमिटेड’ (ABCL) कंपनी में अपने 90 प्रतिशत शेयर ‘माई होम ग्रुप’ (My Home group) के प्रमोटर्स जे. रामेश्वर राव और जे. जगपथी राव व अन्य को 500 करोड़ रुपए में बेच दिए हैं। रवि प्रकाश के वकील ने कोर्ट को बताया कि इस सौदे में 206 करोड़ रुपए चेक से दिए गए जबकि बाकी की रकम के लिए नकद में गुपचुप रूप से डील हुई और हवाला के जरिये यह रकम दी गई।

अहलूवालिया का यह भी कहना था कि  रवि प्रकाश ने इस ‘गुपचुप’ डील की शिकायत सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से करते हुए मामले की जांच की मांग की थी। इस बारे में अहलूवालिया ने कोर्ट के समक्ष उस ई-मेल की कॉपी भी पेश की, जो रवि प्रकाश ने सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय को भेजी थी। माना जा रहा है कि ये मामला सामने आने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों के कान खड़े गए और अब यह छापेमारी की गई।

बता दें कि हाल ही में ‘टीवी9’ को आलंद मीडिया कंपनी (Alandha Media Company) ने टेक ओवर किया है। आलंद मीडिया कंपनी में राव की 62 प्रतिशत हिस्सेदारी है। गौरतलब है कि रवि प्रकाश ने ‘एसोसिएट ब्रॉडकास्टिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड’ (ABCL) कंपनी शुरू की थी, जिसके तहत ‘टीवी9’ चैनल का संचालन होता था। इस कंपनी में सबसे ज्यादा शेयर श्रीनी राजू (Srini Raju) के थे, जिन्होंने अपने शेयर आलंद मीडिया कंपनी को बेच दिए थे।

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Goafest 2026: भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री के बदलावों पर बोले धीरज सिन्हा व डॉ. अनुराग बत्रा

डॉ. अनुराग बत्रा और धीरज सिन्हा ने भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री को तेजी से बदल रही ताकतों और भविष्य को लेकर इंडस्ट्री में बने मजबूत आशावाद पर विस्तार से चर्चा की।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 21 May, 2026
Last Modified:
Thursday, 21 May, 2026
Goafest5412

गोवाफेस्ट 2026 में इस बार विज्ञापन इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर सिर्फ डर और चिंता की बातें नहीं हुईं, बल्कि एक ऐसी बातचीत देखने को मिली जिसने इंडस्ट्री के बदलते दौर को नई नजर से समझाने की कोशिश की। इस खास सेशन में McCann Group के सीईओ धीरज सिन्हा और 'BW बिजनेसवर्ल्ड' व 'एक्सचेंज4मीडिया' ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा आमने-सामने थे। बातचीत को डॉ. अनुराग बत्रा ने होस्ट किया। दोनों ने मिलकर भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलावों और उसके भविष्य पर खुलकर चर्चा की।

इस साल गोवाफेस्ट का माहौल थोड़ा अलग था। एक तरफ इंडस्ट्री क्रिएटिविटी, बड़े कैंपेन और इनोवेशन का जश्न मना रही थी, वहीं दूसरी तरफ AI, छोटी होती टीमों, बदलते बिजनेस मॉडल और एजेंसियों के भविष्य को लेकर चिंता भी साफ नजर आ रही थी।

इसी माहौल में धीरज सिन्हा और डॉ. अनुराग बत्रा की बातचीत शुरू हुई। यह बातचीत इसलिए खास रही क्योंकि इसमें सिर्फ डर फैलाने वाली बातें या दिखावटी पॉजिटिविटी नहीं थी। दोनों ने एक-दूसरे की बातों को आगे बढ़ाते हुए यह समझाने की कोशिश की कि विज्ञापन इंडस्ट्री खत्म नहीं हो रही, बल्कि खुद को नए तरीके से बदल रही है।

विज्ञापन खत्म नहीं हो रहा, बदल रहा है

धीरज सिन्हा ने बातचीत की शुरुआत विज्ञापन इंडस्ट्री को लेकर फैल रही निराशा के खिलाफ अपनी राय रखते हुए की। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा आधा भरा गिलास देखने वाला इंसान हूं। जब दुनिया के कई बाजार सिर्फ 4% ग्रोथ की बात कर रहे हैं, तब भारत 15% ग्रोथ की बात कर रहा है। भारत तेजी से एक बड़ी कंज्यूमर इकोनॉमी बन रहा है। ऐसे में कोई न कोई तो नए ब्रांड बनाएगा ही।”

धीरज सिन्हा के मुताबिक, अभी जो बदलाव दिख रहे हैं, वह इंडस्ट्री के खत्म होने का संकेत नहीं बल्कि उसके बदलने का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “हां, विज्ञापन बदल रहा है। बिजनेस मॉडल बदल रहा है। लेकिन मैं आज भी विज्ञापन इंडस्ट्री को लेकर बेहद सकारात्मक हूं।”

डॉ. अनुराग बत्रा ने उनकी बात से सहमति जताई, लेकिन एक अहम बात भी जोड़ी। उन्होंने कहा कि सवाल अब यह नहीं है कि विज्ञापन बढ़ रहा है या नहीं। असली सवाल यह है कि क्या एजेंसियां खुद को इतनी तेजी से बदल पा रही हैं कि वे इस ग्रोथ का हिस्सा बनी रहें।

उन्होंने कहा, “आज भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये की है। अगले साल यह 2 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकती है। विज्ञापन बढ़ रहा है, ब्रांड्स पैसा खर्च कर रहे हैं, बिजनेस स्टोरीटेलिंग में निवेश कर रहे हैं। लेकिन भविष्य की विज्ञापन एजेंसी शायद वैसी न दिखे जैसी आज हम जानते हैं।”

यहीं से इस पूरे सेशन का असली टोन तय हो गया। यह बातचीत बचने की नहीं, खुद को नए तरीके से बनाने की थी।

अब साथ आ रहे हैं टेक्नोलॉजी, विज्ञापन और एंटरटेनमेंट

इस चर्चा का एक बड़ा मुद्दा था कि दुनिया भर में अब टेक्नोलॉजी, विज्ञापन और एंटरटेनमेंट एक साथ मिल रहे हैं। डॉ. बत्रा ने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब सिलिकॉन वैली, मैडिसन एवेन्यू और हॉलीवुड जैसी तीन अलग-अलग दुनिया एक-दूसरे के करीब आ रही हैं।

उन्होंने कहा, “जो एजेंसियां टेक्नोलॉजी, स्टोरीटेलिंग और एंटरटेनमेंट को एक साथ जोड़ पाएंगी, वही भविष्य में सफल होंगी।”

धीरज सिन्हा ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अब क्लाइंट सिर्फ विज्ञापन कैंपेन नहीं चाहते। उन्होंने कहा, “आज क्लाइंट्स को सिर्फ कैंपेन नहीं चाहिए। उन्हें बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन चाहिए। उन्हें डेटा इंटेलिजेंस चाहिए। उन्हें रियल टाइम में कंज्यूमर की समझ चाहिए। क्रिएटिविटी आज भी जरूरी है, लेकिन अब सिर्फ क्रिएटिविटी काफी नहीं है।”

डॉ. बत्रा ने पब्लिसिस जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते डेटा, AI और ट्रांसफॉर्मेशन की तरफ कदम बढ़ा दिए, इसलिए उनका पूरा बिजनेस नैरेटिव बदल गया।

उन्होंने कहा, “पब्लिसिस ने बदलाव को जल्दी समझ लिया था। उन्होंने डेटा, AI और ट्रांसफॉर्मेशन में निवेश किया। इसी वजह से उनके बारे में लोगों की सोच भी बदल गई।”

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी होल्डिंग कंपनियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती खुद को अलग साबित करने की है।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “पुरानी होल्डिंग कंपनियां अब क्लाउड किचन जैसी हो गई हैं। बाहर अलग-अलग ब्रांड्स दिखते हैं, लेकिन अंदर का सिस्टम लगभग एक जैसा होता है। अब सवाल यह है कि आप खुद को सच में अलग कैसे दिखाएंगे?”

इंडस्ट्री की सबसे बड़ी समस्या उसकी अपनी सोच भी हो सकती है

इस बातचीत का एक दिलचस्प हिस्सा तब आया जब चर्चा इंडस्ट्री की अपनी मानसिकता पर पहुंची। धीरज सिन्हा ने माना कि इंडस्ट्री के अंदर जरूरत से ज्यादा नकारात्मक माहौल बन गया है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “हर सुबह मैं ट्रेड मीडिया देखता हूं और सोचता हूं कि आज कौन सी बुरी खबर पढ़ने को मिलेगी।”

लेकिन इसके बाद उन्होंने गंभीर होकर कहा कि इसके लिए इंडस्ट्री के बड़े लीडर्स भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “अगर इंडस्ट्री के बड़े लोग ही बार-बार कहेंगे कि इंडस्ट्री खत्म हो रही है, तो वही सबसे बड़ा नैरेटिव बन जाएगा।”

डॉ. बत्रा ने भी इस बात से सहमति जताई और माना कि इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म्स और लीडरशिप ने डर को ज्यादा बढ़ाया है, संभावनाओं को कम दिखाया है।

उन्होंने कहा, “हमने अपनी अच्छी बातों को उतना सेलिब्रेट नहीं किया। ईमानदारी जरूरी है, लेकिन सही नजरिया रखना भी जरूरी है।”

दोनों बार-बार एक बात पर लौटे कि भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री आज भी बढ़ रही है। एजेंसियां असरदार काम कर रही हैं। नए बिजनेस बन रहे हैं। नया टैलेंट सामने आ रहा है। फॉर्मेट बदल सकता है, लेकिन स्टोरीटेलिंग की जरूरत कभी खत्म नहीं होगी।

AI सबकुछ बदल रहा है, लेकिन इंसानी क्रिएटिविटी अभी भी सबसे खास

पूरी बातचीत में AI सबसे बड़ा विषय रहा, लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि दोनों में से किसी ने भी इसे खतरे के रूप में नहीं देखा। दोनों का मानना था कि AI काम करने के तरीके पूरी तरह बदल देगा, लेकिन इंसानी सोच और ओरिजिनैलिटी की अहमियत और बढ़ जाएगी।

डॉ. बत्रा ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बड़ी कंपनी के CEO अपने ऑफिस में दो लैपटॉप रखते हैं। एक रोजमर्रा के काम के लिए और दूसरा सिर्फ AI टूल्स एक्सपेरिमेंट करने के लिए, क्योंकि उनकी कंपनी बाहरी LLM एक्सेस की अनुमति नहीं देती।

उन्होंने कहा, “क्लाइंट्स पहले से सीख रहे हैं। अगर एजेंसियां उसी रफ्तार से नहीं सीखेंगी, तो यह खतरनाक होगा।” धीरज सिन्हा ने माना कि AI आने वाले समय में कंपनियों की संरचना पूरी तरह बदल देगा।

उन्होंने कहा, “हां, पारंपरिक सेटअप में लोगों की संख्या कम हो सकती है। लेकिन एंटरप्रेन्योरशिप बढ़ेगी। आज एक क्रिएटर अकेले भी एजेंसी जैसा काम कर सकता है। AI ऑपरेशनल निर्भरता कम करता है और व्यक्ति की क्षमता बढ़ाता है।”

फिर भी दोनों का मानना था कि AI के दौर में असली और इंसानी सोच की कीमत और बढ़ेगी। डॉ. बत्रा ने कहा, “जितना AI बढ़ेगा, उतनी इंसानी खासियत की अहमियत बढ़ेगी। AI सामान्य काम बहुत अच्छे से कर लेगा, लेकिन असली भावनाएं, ओरिजिनल सोच और इंसानी समझ अभी भी इंसानों के पास ही है।”

धीरज सिन्हा ने भी इसी बात को अपने तरीके से कहा। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी काम को तेज कर सकती है, लेकिन सांस्कृतिक जुड़ाव आज भी इंसानी समझ से ही आता है।”

सिर्फ परफॉर्मेंस मार्केटिंग से नहीं बनते बड़े ब्रांड

दोनों इस बात पर भी सहमत दिखे कि इंडस्ट्री अब जरूरत से ज्यादा परफॉर्मेंस मार्केटिंग पर निर्भर हो गई है। 

डॉ. बत्रा ने कहा कि परफॉर्मेंस विज्ञापन तुरंत रिजल्ट जरूर देता है, लेकिन सिर्फ उसी के भरोसे बड़े ब्रांड नहीं बन सकते। उन्होंने कहा, “परफॉर्मेंस विज्ञापन एक बाघ की तरह है। जब तक उसे खाना देते रहेंगे, वह काम करता रहेगा। जैसे ही रोकेंगे, असर खत्म हो जाएगा। असली ब्रांड बिल्डिंग लंबे समय की याद बनाती है।”

धीरज सिन्हा ने माना कि IPL जैसे बड़े विज्ञापन प्लेटफॉर्म्स में पिछले कुछ वर्षों में क्रिएटिविटी ऊपर-नीचे हुई है, लेकिन उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को छोटे समय के आधार पर जज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “एक अच्छा साल या एक कमजोर साल क्रिएटिविटी तय नहीं करता। विज्ञापन 12 महीने का खेल नहीं है। बड़े ब्रांड कई सालों में बनते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री हर साल खुद को साबित करने की जल्दबाजी में रहती है।

उन्होंने कहा, “हम हर 12 महीने में खुद को मापते हैं क्योंकि अवॉर्ड्स हर साल होते हैं और बिजनेस रिपोर्टिंग हर तिमाही में होती है। लेकिन असली क्रिएटिव असर बनने में समय लगता है।”

भविष्य की एजेंसी छोटी होगी, लेकिन ज्यादा तेज और एंटरप्रेन्योरियल

सेशन का सबसे व्यावहारिक हिस्सा ऑपरेशनल बदलावों पर चर्चा थी।

डॉ. बत्रा ने पत्रकारिता का उदाहरण देते हुए कहा कि आज एक व्यक्ति AI टूल्स की मदद से रिपोर्टिंग, शूटिंग, एडिटिंग और पब्लिशिंग सबकुछ अकेले कर सकता है। उन्होंने कहा, “एजेंसियों में भी यही बदलाव आएगा। सबसे जरूरी चीज कंज्यूमर की समझ, स्ट्रैटेजी और क्रिएटिविटी रहेगी। बाकी चीजें ज्यादा सेंट्रलाइज्ड और एफिशिएंट हो जाएंगी।”

धीरज सिन्हा ने इसे गिरावट नहीं बल्कि बदलाव बताया। उन्होंने कहा, “अब वैल्यू बड़े स्ट्रक्चर से हटकर व्यक्ति की क्षमता में जा रही है। छोटी टीमें, तेज टैलेंट और एंटरप्रेन्योरियल सोच ही भविष्य तय करेगी।”

डॉ. बत्रा ने यह भी कहा कि भारत में इस समय छोटे-छोटे क्रिएटिव बिजनेस तेजी से बढ़ रहे हैं। मीम एजेंसियां, क्रिएटर स्टूडियोज और इंडिपेंडेंट कंटेंट कंपनियां इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, “इस इंडस्ट्री में इस समय एंटरप्रेन्योरशिप की जबरदस्त ऊर्जा है और यह बहुत पॉजिटिव संकेत है।”

AI के दौर में इंसानी जुड़ाव की अहमियत और बढ़ेगी

हालांकि पूरी बातचीत AI और ऑटोमेशन पर केंद्रित रही, लेकिन सबसे भावुक हिस्सा इंसानी रिश्तों और जुड़ाव को लेकर था।

डॉ. बत्रा ने कहा कि जैसे-जैसे डिजिटल अनुभव ज्यादा ऑटोमेटेड होते जाएंगे, लोग असली इंसानी अनुभवों की तरफ ज्यादा आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा, “जितना AI बढ़ेगा, इंसानी टच उतना ही ज्यादा कीमती होगा। यही वजह है कि हॉस्पिटैलिटी, लाइव एक्सपीरियंस और एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग तेजी से बढ़ रही है।”

धीरज सिन्हा ने भी गोवाफेस्ट का उदाहरण देते हुए सहमति जताई। उन्होंने कहा, “लोग आज भी साथ बैठना, मिलना, सहयोग करना और आइडियाज को सेलिब्रेट करना चाहते हैं।”

इसके बाद बातचीत संस्कृति, राजनीति और कंज्यूमर बिहेवियर तक पहुंची, जहां दोनों ने कहा कि इवेंट्स, कम्युनिटीज और लाइव एक्सपीरियंस अब ब्रांड बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं।

डर की नहीं, बदलाव की बातचीत

सेशन के अंत में चर्चा फिर उसी बड़े सवाल पर पहुंची कि इंडस्ट्री तभी बचती है जब वह खुद को बदलना सीखती है, लेकिन अपनी पहचान नहीं खोती।

धीरज सिन्हा और डॉ. बत्रा दोनों के मुताबिक विज्ञापन इंडस्ट्री की असली पहचान आज भी स्टोरीटेलिंग, सांस्कृतिक समझ और इंसानी सोच ही है। सिर्फ उसके काम करने के तरीके, स्ट्रक्चर और बिजनेस मॉडल बदल रहे हैं।

डॉ. बत्रा ने इसे भगवान शिव के “क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन” के विचार से जोड़ते हुए कहा, “कई बार नए मॉडल आने के लिए पुराने बिजनेस मॉडल टूटने जरूरी होते हैं। यह खत्म होना नहीं, बल्कि नया जन्म है।”

धीरज सिन्हा ने भी बातचीत को सकारात्मक अंदाज में खत्म किया। उन्होंने कहा, “जिंदगी बहुत बड़ी है। इसमें साथ रहने और असर पैदा करने की जगह हमेशा रहती है। और हमारी इंडस्ट्री में आज भी बहुत बड़ा असर पैदा करने की ताकत है।”

अगर गोवाफेस्ट की इस बातचीत से एक बात साफ निकलकर सामने आई, तो वह यह थी कि विज्ञापन इंडस्ट्री अपने आखिरी दौर में नहीं है, बल्कि एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।

 

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शेमारू एंटरटेनमेंट ने आशीष गुप्ता को बनाया नया CFO

वह अमित हरिया की जगह लेंगे, जिन्होंने कंपनी में करीब 19 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 21 May, 2026
Last Modified:
Thursday, 21 May, 2026
Ashish Gupta

मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी ‘शेमारू एंटरटेनमेंट’ (Shemaroo Entertainment) ने आशीष गुप्ता को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। वह अमित हरिया की जगह लेंगे, जिन्होंने कंपनी में करीब 19 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है।

कंपनी के मुताबिक, आशीष गुप्ता अपनी नई भूमिका में शेमारू एंटरटेनमेंट के वित्तीय और कारोबारी मामलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

शेमारू एंटरटेनमेंट से जुड़ने से पहले आशीष गुप्ता ‘BARC India’ में CFO के पद पर कार्यरत थे। उन्हें वित्तीय प्रबंधन और स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस का लंबा अनुभव हासिल है।

इस नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए शेमारू एंटरटेनमेंट के सीईओ हिरेन गडा ने कहा कि अमित हरिया ने कंपनी की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अमित कंपनी की वित्तीय प्रगति और बदलावों का अहम हिस्सा रहे हैं। कंपनी उनके समर्पण के लिए आभार व्यक्त करती है और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देती है।

हिरेन गडा ने आगे कहा कि शेमारू एंटरटेनमेंट खुद को भविष्य के लिए तैयार संगठन के रूप में विकसित कर रही है और ऐसे महत्वपूर्ण दौर में आशीष गुप्ता का कंपनी से जुड़ना बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योगों में आशीष का व्यापक अनुभव और उनकी मजबूत रणनीतिक व संचालन क्षमता कंपनी के वित्तीय ढांचे को मजबूत करने और अगले विकास चरण को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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Prius Communications में संजय शर्मा की एंट्री, बने डायरेक्टर-PR

कंपनी ने उन्हें अपने दो प्रमुख वर्टिकल्स—‘प्रियस ब्रैंड एंड बिजनेस पार्टनर्स’ और ‘प्रियस हेल्थकेयर’ के लिए स्ट्रैटेजिक पीआर जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

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Published - Thursday, 21 May, 2026
Last Modified:
Thursday, 21 May, 2026
Sanjay Sharma..

कॉरपोरेट कम्युनिकेशन और पब्लिक रिलेशंस सेक्टर की प्रमुख कंपनी ‘प्रियस कम्युनिकेशंस’ (Prius Communications) ने संजय शर्मा को डायरेक्टर-पीआर के पद पर नियुक्त किया है। कंपनी ने उन्हें अपने दो प्रमुख वर्टिकल्स—‘प्रियस ब्रैंड एंड बिजनेस पार्टनर्स’ और ‘प्रियस हेल्थकेयर’ के लिए स्ट्रैटेजिक पीआर जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

संजय शर्मा के पास मीडिया, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, ब्रैंड मैनेजमेंट और जर्नलिज्म के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में विज्ञापन, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, मार्केटिंग कम्युनिकेशन, मीडिया रिलेशंस और ब्रैंड स्ट्रैटेजी जैसे क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।

इससे पहले वह इंडियन एयरलाइंस/एयर इंडिया, डालमिया ग्रुप, जिंदल ग्रुप, बिरला ग्रुप, हिंदुस्तान टाइम्स ग्रुप और आईटीवी नेटवर्क जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके हैं।

नई जिम्मेदारी को लेकर संजय शर्मा ने कहा कि वह अपनी नई भूमिका को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उनके मुताबिक, आज के दौर में कम्युनिकेशन केवल विजिबिलिटी तक सीमित नहीं है, बल्कि भरोसा, विश्वसनीयता और हितधारकों के साथ मजबूत संबंध बनाने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रियस ने हेल्थकेयर, कॉरपोरेट रेप्युटेशन और ब्रांड कम्युनिकेशन के क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है और वह कंपनी की आगे की विकास यात्रा में योगदान देने के लिए उत्सुक हैं।

वहीं, ‘प्रियस ब्रैंड एंड बिजनेस पार्टनर्स’ के फाउंडर और सीईओ तथा पब्लिक रिलेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (दिल्ली चैप्टर) के चेयरमैन बलदेव राज ने कहा कि संजय शर्मा का कंपनी में स्वागत करते हुए उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि संजय शर्मा का व्यापक अनुभव, मीडिया की गहरी समझ और रणनीतिक पीआर विशेषज्ञता कंपनी की नेतृत्व टीम को और मजबूत करेगी।

बलदेव राज के अनुसार, कंपनी लगातार अपने कारोबार का विस्तार कर रही है और ऐसे समय में संजय शर्मा का मार्गदर्शन ग्राहकों, टीम और कंपनी की दीर्घकालिक विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।

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म्यूजिक बिजनेस में बड़ा निवेश करने की तैयारी में ZEEL: पुनीत गोयनका

कंपनी की चौथी तिमाही की कमाई संबंधी घोषणाओं के दौरान, ZEEL के सीईओ पुनीत गोयनका ने Zee Music Company के संभावित संरचनात्मक बदलावों के संकेत दिए।

Samachar4media Bureau by
Published - Thursday, 21 May, 2026
Last Modified:
Thursday, 21 May, 2026
Punit Goenka.

देश की प्रमुख मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) अब अपने म्यूजिक कारोबार को तेजी से विस्तार देने की तैयारी में है। कंपनी के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पुनीत गोयनका ने संकेत दिए हैं कि कंपनी अपनी म्यूजिक यूनिट ‘Zee Music Company’ के लिए बड़े निवेश और संभावित संरचनात्मक बदलावों पर विचार कर रही है।

कंपनी की चौथी तिमाही (Q4) की अर्निंग्स कॉल के दौरान पुनीत गोयनका ने कहा कि ZEEL लगातार अपने म्यूजिक बिजनेस में निवेश बढ़ाना चाहती है, क्योंकि यही भविष्य की ग्रोथ का बड़ा माध्यम बन सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी समय-समय पर बिजनेस की वैल्यू अनलॉक करने के विकल्पों पर विचार करती रहती है।

गोयनका ने संकेत दिए कि भविष्य में Zee Music Company को अलग कंपनी (डिमर्जर) के रूप में स्थापित करने या किसी स्ट्रैटेजिक पार्टनर को शामिल करने जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल कंपनी का मुख्य फोकस ऑर्गेनिक ग्रोथ और कारोबार को मजबूत बनाने पर है।

उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धियों की तुलना में Zee Music अभी भी अपेक्षाकृत छोटा प्लेयर है, इसलिए कंपनी लगातार निवेश करके इसे और बड़ा बनाने की दिशा में काम कर रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि भविष्य में अच्छे अवसर सामने आते हैं तो कंपनी उन पर गंभीरता से विचार करेगी।

दरअसल, पारंपरिक टीवी ब्रॉडकास्टिंग कारोबार की रफ्तार धीमी पड़ने के बाद ZEEL अब OTT, म्यूजिक, स्टूडियोज और लाइव इवेंट्स जैसे हाई-ग्रोथ सेगमेंट्स पर अधिक फोकस कर रही है। कंपनी का मानना है कि डिजिटल और म्यूजिक कारोबार आने वाले समय में नए राजस्व स्रोत तैयार कर सकते हैं।

गौरतलब है कि ZEEL ने वर्ष 2014 में म्यूजिक इंडस्ट्री में कदम रखते हुए Zee Music Company की शुरुआत की थी। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने म्यूजिक बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी बनाई है। हालांकि उसे T-Series, Saregama, Tips Music जैसी बड़ी कंपनियों के साथ-साथ Sony Music, Universal Music Group और Warner Music Group जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है।

मीडिया इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि यदि ZEEL अपने म्यूजिक कारोबार को अलग इकाई के रूप में स्थापित करती है या किसी बड़े रणनीतिक निवेशक को जोड़ती है, तो इससे कंपनी के डिजिटल और एंटरटेनमेंट बिजनेस को नई मजबूती मिल सकती है।

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अनिल अंबानी ने TOI, ET और PTI पर किया 2 करोड़ का मानहानि केस

उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI), इकोनॉमिक टाइम्स (ET) और पीटीआई (PTI) के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 20 May, 2026
Last Modified:
Wednesday, 20 May, 2026
anilambani

उद्योगपति अनिल अंबानी (Anil Ambani) ने टाइम्स ऑफ इंडिया (Times of India), इकोनॉमिक टाइम्स (Economic Times-ET) और प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में 2 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर किया है। अंबानी ने आरोप लगाया है कि उनकी कंपनियों से जुड़ी CBI और ED जांच को लेकर मीडिया संस्थानों ने सनसनीखेज और भ्रामक रिपोर्टिंग की।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद ने बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड (BCCL), टाइम्स ऑफ इंडिया, ET और PTI के संपादकों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 24 अगस्त के लिए तय की है।

अनिल अंबानी (Anil Ambani) का कहना है कि प्रकाशित खबरों और वीडियो में बिना सत्यापित स्रोतों और अटकलों के आधार पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से कथित अनियमितताओं से जोड़ा गया। मुकदमे में कहा गया है कि जांच रिलायंस कम्युनिकेशंस (Reliance Communications), रिलायंस होम फाइनेंस (Reliance Home Finance) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस (Reliance Commercial Finance) जैसी कंपनियों से जुड़ी है, न कि उनकी व्यक्तिगत भूमिका से।

याचिका में यह भी दावा किया गया कि संबंधित अवधि में वह इन कंपनियों के रोजमर्रा के संचालन में शामिल नहीं थे। अंबानी की ओर से यह भी कहा गया कि नवंबर और दिसंबर 2025 में भेजे गए कानूनी नोटिसों के बावजूद संबंधित कंटेंट हटाया नहीं गया और न ही माफी मांगी गई।

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Bengal Pro T20 League में Tribes की एंट्री, खरीदी Rarh Tigers फ्रेंचाइजी

स्पोर्ट्स और क्रिकेट की दुनिया में अब मार्केटिंग और कम्युनिकेशन कंपनी Tribes ने भी एंट्री कर ली है।

Samachar4media Bureau by
Published - Wednesday, 20 May, 2026
Last Modified:
Wednesday, 20 May, 2026
Tribes8541

स्पोर्ट्स और क्रिकेट की दुनिया में अब मार्केटिंग और कम्युनिकेशन कंपनी Tribes ने भी एंट्री कर ली है। कंपनी ने Bengal Pro T20 League के तीसरे सीजन से पहले Shrachi Sports की ‘Rarh Tigers’ फ्रेंचाइजी का अधिग्रहण कर लिया है। अब यह टीम ‘Shrachi Tribes Rarh Tigers’ के नाम से खेलेगी।

यह पहली बार है जब Tribes ने किसी स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी में निवेश किया है। कंपनी के चेयरमैन गौर गुप्ता ने कहा कि खेल सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं होते, बल्कि लोगों को जोड़ने और समुदाय बनाने का काम भी करते हैं। उन्होंने कहा कि Rarh Tigers फ्रेंचाइजी के जरिए कंपनी फैंस के साथ मजबूत जुड़ाव बनाना चाहती है और बंगाल में क्रिकेट को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहती है।

गौर गुप्ता के मुताबिक, यह सिर्फ छोटा निवेश नहीं बल्कि लंबी अवधि की रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसी टीम बनाना चाहती है जो लोगों के दिलों से जुड़ी हो और खेल के जरिए समाज में सकारात्मक बदलाव लाए।

वहीं, Shrachi Group के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल टोडी ने कहा कि बंगाल में क्रिकेट लोगों के जुनून और स्थानीय गर्व से जुड़ा हुआ है। उनका कहना है कि Rarh Tigers को हमेशा ऐसी टीम के रूप में तैयार किया गया जो इस भावना को दर्शाए। अब Tribes के जुड़ने से फ्रेंचाइजी और मजबूत होगी, टीम ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेगी और खिलाड़ियों व फैंस दोनों का अनुभव बेहतर होगा।

Bengal Pro T20 League पिछले कुछ समय में तेजी से लोकप्रिय हुई है और इसमें कई बड़े कॉरपोरेट समूह दिलचस्पी दिखा रहे हैं। ऐसे में Tribes का यह कदम बताता है कि अब ब्रांड्स सिर्फ विज्ञापन तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि सीधे खेल और फैन कम्युनिटी से जुड़ने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।

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Mastek ने अमित गजवानी को बनाया नया COO

अमित गजवानी के पास बिजनेस ग्रोथ, रणनीति और बड़े स्तर के संचालन का 28 साल से ज्यादा का वैश्विक अनुभव है।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 19 May, 2026
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Tuesday, 19 May, 2026
Amit Gajwani

आईटी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन सेवाएं देने वाली कंपनी Mastek ने अमित गजवानी को अपना नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। वह प्रमीला कालीव की जगह लेंगे, जो जून 2026 के अंत तक नेतृत्व परिवर्तन प्रक्रिया को सपोर्ट करने के लिए कंपनी के साथ जुड़ी रहेंगी। इसके बाद वह रिटायर हो जाएंगी।

अमित गजवानी के पास बिजनेस ग्रोथ, रणनीति और बड़े स्तर के संचालन का 28 साल से ज्यादा का वैश्विक अनुभव है। Mastek से जुड़ने से पहले वह LTM Limited में यूरोप, यूके और नॉर्डिक्स क्षेत्र के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे।

इससे पहले अमित गजवानी मीडिया एंड एंटरटेनमेंट तथा ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी बिजनेस से जुड़े वैश्विक कारोबार का नेतृत्व भी कर चुके हैं। वहीं, Cybage में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर उन्होंने ग्लोबल सेल्स, बिजनेस डेवलपमेंट और प्रमुख अकाउंट्स की जिम्मेदारी संभाली थी।

इस बारे में Mastek के सीईओ उमंग नाहटा ने कहा कि कंपनी के विकास के अहम दौर में अमित गजवानी का नेतृत्व टीम से जुड़ना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अमित के पास ऑपरेशनल लीडरशिप, कस्टमर-फोकस्ड अप्रोच और वैश्विक कारोबार को आगे बढ़ाने का मजबूत अनुभव है, जो कंपनी की AI-फर्स्ट ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति को गति देने में मदद करेगा।

वहीं, अमित गजवानी ने कहा कि वह Mastek के साथ इस परिवर्तनकारी दौर में जुड़कर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ने वैश्विक स्तर पर ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन और बिजनेस वैल्यू देने की मजबूत पहचान बनाई है।

प्रमीला कालीव ने भी कंपनी के साथ अपने सफर को संतोषजनक बताते हुए सहयोगियों, कस्टमर्स और नेतृत्व टीम का आभार जताया। उन्होंने विश्वास जताया कि अमित गजवानी का अनुभव कंपनी की विकास गति को और मजबूत करेगा।

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‘भारत एक्सप्रेस’ में वरुण कोहली की पारी खत्म, डायरेक्टर और ग्रुप CEO पद से दिया इस्तीफा

मीडिया इंडस्ट्री में वरुण कोहली को मजबूत स्ट्रैटेजिक सोच, ब्रैंड लॉन्चिंग और न्यूज प्लेटफॉर्म्स को नई पहचान देने की क्षमता के लिए जाना जाता है।

Samachar4media Bureau by
Published - Tuesday, 19 May, 2026
Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2026
Varun Kohli

हिंदी न्यूज चैनल ‘भारत एक्सप्रेस’ (Bharat Express) से एक बड़ी खबर सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, चैनल के डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ वरुण कोहली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, चैनल की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

वरुण कोहली ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम क्या होगा, फिलहाल इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। लेकिन माना जा रहा है कि वह जल्द ही किसी बड़े मीडिया संस्थान से अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे।

बता दें कि मीडिया इंडस्ट्री में 30 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले वरुण कोहली की भारत एक्सप्रेस के साथ यह दूसरी पारी थी। वह सितंबर 2025 में दोबारा ‘भारत एक्सप्रेस’ से जुड़े थे। उस समय उन्हें चैनल का डायरेक्टर और ग्रुप सीईओ बनाया गया था। इससे पहले वह जनवरी 2023 में भी ‘भारत एक्सप्रेस’ के साथ सीईओ और डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके थे।

‘भारत एक्सप्रेस’ से पहले वरुण कोहली टाइम्स नेटवर्क (Times Network) में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के पद पर भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। इसके अलावा वह आईटीवी नेटवर्क (ITV Network), नेटवर्क18 (Network18), एचटी मीडिया (HT Media), अमर उजाला (Amar Ujala), Mogae Media और डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स (Deccan Chronicle Holdings) जैसी प्रतिष्ठित मीडिया कंपनियों में अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं।

मीडिया इंडस्ट्री में वरुण कोहली को मजबूत स्ट्रैटेजिक सोच, ब्रैंड लॉन्चिंग और न्यूज प्लेटफॉर्म्स को नई पहचान देने की क्षमता के लिए जाना जाता है। ऐसे में उनका इस्तीफा मीडिया जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।

गौरतलब है कि जाने-माने पत्रकार उपेंद्र राय के नेतृत्व में संचालित ‘भारत एक्सप्रेस’ हिंदी न्यूज ब्रॉडकास्टिंग जगत के प्रमुख खिलाड़ियों में तेजी से उभरकर सामने आया है। हाल ही में नेटवर्क ने 'विकसित भारत 2047: नए भारत की बात' थीम के साथ अपनी तीसरी वर्षगांठ पर एक बड़े कॉन्क्लेव का आयोजन किया था, जिसने चैनल की बढ़ती संपादकीय महत्वाकांक्षाओं और इंडस्ट्री में मजबूत होती मौजूदगी को दर्शाया।

इसके अलावा चैनल लगातार अपने मीडिया विस्तार पर भी काम कर रहा है। हाल ही में उपेंद्र राय ने ‘भारत एक्सप्रेस’ की व्यापक ग्रोथ रणनीति के तहत सहारा समूह की मीडिया संपत्तियों के पुनरुद्धार और विस्तार से जुड़ी योजनाओं का भी ऐलान किया था।

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‘Exhicon’ की FY26 में शानदार ग्रोथ, रेवेन्यू 40% बढ़कर 205 करोड़ रुपये के पार

इवेंट, एग्जिबिशन और कन्वेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाएं देने वाली कंपनी Exhicon Events Media Solutions Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है।

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Published - Tuesday, 19 May, 2026
Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2026
EXHICON

इवेंट, एग्जिबिशन और कन्वेंशन इंफ्रास्ट्रक्चर सेवाएं देने वाली कंपनी Exhicon Events Media Solutions Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड कुल रेवेन्यू सालाना आधार पर 40.25% बढ़कर 205.46 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि FY25 में यह 146.50 करोड़ रुपये था।

कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू भी 41.24% बढ़कर 202.70 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने बताया कि यह वृद्धि एग्जिबिशन, कन्वेंशन और इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित कारोबार में मजबूत प्रदर्शन की वजह से दर्ज की गई।

वहीं, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 41.31% बढ़कर 50.50 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके अलावा प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी बड़ा उछाल देखने को मिला और यह 49.54% बढ़कर 45.24 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी का कहना है कि यह अब तक का उसका सबसे मजबूत वित्तीय प्रदर्शन है। Exhicon लगातार वेन्यू इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्जिबिशन कारोबार और Venue As A Service (VAS) प्लेटफॉर्म्स में अपनी मौजूदगी का विस्तार कर रही है।

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FIFA वर्ल्ड कप ब्रॉडकास्ट डील अब तक नहीं हुई फाइनल

FIFA के मीडिया राइट्स अधिकारी इस हफ्ते भारत दौरे पर हैं। वे अगले महीने शुरू होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों को लेकर बातचीत करने आए हैं।

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Published - Tuesday, 19 May, 2026
Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2026
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FIFA के मीडिया राइट्स अधिकारी इस हफ्ते भारत दौरे पर हैं। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, वे अगले महीने शुरू होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों को लेकर बातचीत करने आए हैं।

दरअसल, अभी तक भारत में वर्ल्ड कप के टीवी और डिजिटल ब्रॉडकास्टिंग राइट्स को लेकर कोई डील फाइनल नहीं हो पाई है। कीमत को लेकर चल रहे मतभेद इसकी सबसे बड़ी वजह बताए जा रहे हैं। ऐसे में करोड़ों भारतीय फुटबॉल फैंस के सामने टूर्नामेंट देखने का संकट खड़ा हो सकता है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट मुताबिक, FIFA और भारत की मीडिया कंपनियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अब तक किसी समझौते पर सहमति नहीं बन सकी है। हालांकि FIFA ने कहा है कि दुनिया के 180 से ज्यादा देशों में मीडिया राइट्स डील पूरी हो चुकी है और भारत में भी बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल इसे गोपनीय रखा गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Reliance Industries-Disney जॉइंट वेंचर और FIFA के बीच भी बातचीत हुई थी, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। बताया जा रहा है कि रिलायंस-डिज्नी ने करीब 2 करोड़ डॉलर की पेशकश की थी, जबकि FIFA शुरुआत में 10 करोड़ डॉलर मांग रहा था। बाद में यह रकम घटाकर करीब 6 करोड़ डॉलर तक लाई गई, लेकिन फिर भी सहमति नहीं बन पाई।

वहीं Sony Group Corporation ने भी इस बार बोली लगाने से दूरी बनाई है।

फुटबॉल वर्ल्ड कप 11 जून से शुरू होने वाला है। ऐसे में डील फाइनल करने, प्रसारण व्यवस्था तैयार करने और विज्ञापन बेचने के लिए बहुत कम समय बचा है।

भारत में फुटबॉल के करीब 8.5 करोड़ फैंस हैं। हालांकि क्रिकेट अब भी सबसे लोकप्रिय खेल बना हुआ है, जिसके करीब 49 करोड़ से ज्यादा फैंस हैं। 2022 फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान वैश्विक टीवी दर्शकों में भारत की हिस्सेदारी 2.9% रही थी।

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