मुश्किल में घिरे TV9 मीडिया समूह के नए मालिक

टीवी9 के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश के आरोपों के बाद चर्चा में आया था नए मालिक का नाम

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Friday, 05 July, 2019
Last Modified:
Friday, 05 July, 2019
TV9

टीवी9 (TV9) समूह के नए मालिक और रियल एस्टेट फर्म ‘माय होम’ (My Home) ग्रुप के चेयरमैन रामेश्वर राव के हैदराबाद स्थित घर व ऑफिस पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की है। बताया जाता है कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार की सुबह सात बजे ही छापेमारी शुरू कर दी थी। 

बताया जाता है कि ‘माय होम’ के खिलाफ यह छापेमारी उसकी स्ट्रैटेजिक पार्टनर और बेंगलुरु की रियल एस्टेट कंपनी  ‘RMZ Corp’ से कनेक्शन को लेकर की गई है। बता दें कि ‘माय होम’ और ‘RMZ Corp’ ने हाईटेक सिटी के पास एक प्रोजेक्ट में 50:50 की पार्टनरशिप की है और स्काईव्यू नाम से इस प्रोजेक्ट का पहला चरण 3.5 मिलियन स्कवॉयर फीट से ज्यादा हिस्से में फैला हुआ है। आयकर अधिकारियों ने इस पार्टनरशिप के दौरान हुए लेन-देन का विवरण खंगालने के लिए यह छापेमारी की।

रामेश्वर राव उस समय सुर्खियों में आए थे, जब वरिष्ठ टीवी पत्रकार और टीवी9 के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश ने समूह के प्रमोटर्स पर तमाम आरोप लगाए थे। रवि प्रकाश का आरोप था कि कंपनी के पूर्व और वर्तमान प्रमोटर्स ने 294 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की है।

रवि प्रकाश के वकील दिलजीत सिंह अहलूवालिया ने तेलंगाना हाई कोर्ट के जस्टिस जी. श्रीदेवी की कोर्ट में ये आरोप लगाए थे कि चैनल के वास्तविक प्रमोटर सी. श्रीनिवास राजू ने ‘टीवी9’ का संचालन करने वाली ‘एसोसिएटेड ब्रॉडकास्टिंग कंपनी लिमिटेड’ (ABCL) कंपनी में अपने 90 प्रतिशत शेयर ‘माई होम ग्रुप’ (My Home group) के प्रमोटर्स जे. रामेश्वर राव और जे. जगपथी राव व अन्य को 500 करोड़ रुपए में बेच दिए हैं। रवि प्रकाश के वकील ने कोर्ट को बताया कि इस सौदे में 206 करोड़ रुपए चेक से दिए गए जबकि बाकी की रकम के लिए नकद में गुपचुप रूप से डील हुई और हवाला के जरिये यह रकम दी गई।

अहलूवालिया का यह भी कहना था कि  रवि प्रकाश ने इस ‘गुपचुप’ डील की शिकायत सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से करते हुए मामले की जांच की मांग की थी। इस बारे में अहलूवालिया ने कोर्ट के समक्ष उस ई-मेल की कॉपी भी पेश की, जो रवि प्रकाश ने सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय को भेजी थी। माना जा रहा है कि ये मामला सामने आने के बाद आयकर विभाग के अधिकारियों के कान खड़े गए और अब यह छापेमारी की गई।

बता दें कि हाल ही में ‘टीवी9’ को आलंद मीडिया कंपनी (Alandha Media Company) ने टेक ओवर किया है। आलंद मीडिया कंपनी में राव की 62 प्रतिशत हिस्सेदारी है। गौरतलब है कि रवि प्रकाश ने ‘एसोसिएट ब्रॉडकास्टिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड’ (ABCL) कंपनी शुरू की थी, जिसके तहत ‘टीवी9’ चैनल का संचालन होता था। इस कंपनी में सबसे ज्यादा शेयर श्रीनी राजू (Srini Raju) के थे, जिन्होंने अपने शेयर आलंद मीडिया कंपनी को बेच दिए थे।

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राजनैतिक दलों के अखबारों पर VP की बड़ी टिप्पणी

राष्ट्रीय प्रेस दिवस के मौके पर उपराष्ट्रपति ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया को लेकर रखे अपने विचार

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 16 November, 2019
Last Modified:
Saturday, 16 November, 2019
Venkaiah Naidu

‘राष्ट्रीय प्रेस दिवस’ (National Press Day) के मौके पर शनिवार को उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायूड ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में मीडिया को लेकर अपने विचार रखे। उनका कहना था कि आज के दौर में सनसनीखेज खबरों को ज्यादा तवज्जो दी जाती है, लेकिन इन खबरों में संवेदनाएं नहीं होती हैं। उप राष्ट्रपति का यह भी कहना था कि आजकल कुछ बिजनेस समूहों, राजनीतिक दलों अथवा कुछ लोगों द्वारा अपने हितों के लिए चैनल व अखबार स्थापित किए जा रहे हैं। ऐसे में पत्रकारिका के मूल मूल्य नष्ट हो रहे हैं।  

उपराष्ट्रपति के अनुसार, पहले के दौर में खबर का मतलब सिर्फ खबर होता था। इनमें किसी तरह की मिलावट अथवा गलत व्याख्या नहीं होती थी। अब न्यूज और व्यूज आपस में मिलाए जा रहे हैं, यह सबसे बड़ी समस्या हो गई है। उपराष्ट्रपति का यह भी कहना था, ‘यदि आप मुझसे पूछें कि क्या राजनैतिक दलों को अपना अखबार शुरू करने का अधिकार नहीं है, मेरा मानना है कि उन्हें बिल्कुल यह अधिकार है, लेकिन यह उल्लेख किया जाना चाहिए कि इस अखबार को किस राजनैतिक दल द्वारा संचालित किया जा रहा है।’

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जल्द इस सरकारी पद पर जॉइन करेंगे पत्रकार नीरज भट्ट

उत्तराखंड में चंपावत के रहने वाले नीरज भट्ट कई मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अपनी जिम्मेदारी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 16 November, 2019
Last Modified:
Saturday, 16 November, 2019
Neeraj Bhatt

पत्रकार नीरज भट्ट ने ‘इंडिया टुडे’ समूह की हिंदी वेबसाइट ‘लल्लनटॉप’ (lallantop) से इस्तीफा दे दिया है। यहां वह करीब दो साल से जुड़े हुए थे और बतौर असिस्टेंट एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। नीरज भट्ट ने बताया कि उनका भारतीय सूचना सेवा (Indian Information Service) में चयन हो गया है और वे अलीगढ़ में फील्ड पब्लिसिटी ऑफिसर के पद पर जॉइन करने जा रहे हैं।

नीरज भट्ट ‘लल्लनटॉप’ को जॉइन करने से पहले ‘जी हिन्दुस्तान’ (Zee Hindustan) से बतौर प्रड्यूसर जुड़े हुए थे। यहां वह ‘एबीपी न्यूज’ से आए थे। नीरज भट्ट 'एबीपी न्यूज' से करीब पांच सालों तक जुड़े रहे हैं और असोसिएट प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थे।

उत्तराखंड में चंपावत के मूल निवासी नीरज ने कुमाऊं यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान ‘आईआईएमसी’ (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है और यहीं से बतौर ट्रेनी उनका ‘एबीपी न्यूज’ में कैंपस प्लेसमेंट हुआ था।

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वरिष्ठ टीवी पत्रकार रजत शर्मा ने उठाया चौंकाने वाला कदम

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने अपने फैसले की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Saturday, 16 November, 2019
Last Modified:
Saturday, 16 November, 2019
Rajat Sharm

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने ‘दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ’ (DDCA) के प्रेजिडेंट पद से इस्तीफा दे दिया है। रजत शर्मा का कहना है, ‘ऐसा लगता है कि ईमानदारी और पारदर्शिता के मेरे उसूलों के साथ ‘DDCA’ में आगे जाना संभव नहीं है। मैं अपने उसूलों के साथ समझौता करने को तैयार नहीं हूं।

रजत शर्मा ने अपने इस्तीफे की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर भी शेयर की है। इस ट्वीट में रजत शर्मा ने  लिखा है,‘यहां काम करना आसान नहीं था, लेकिन आपके विश्वास ने मुझे ताकत दी। आज मैंने डीडीसीए का अध्यक्ष पद छोड़ने का फैसला किया है और अपना इस्तीफा एपेक्स काउंसिल को भेज दिया है। आपने जो प्यार और सम्मान मुझे दिया है उसके लिए आपका आभार।

उन्होंने ट्वीट में यह भी लिखा है, ‘जब से आपने मुझे ‘DDCA’ का अध्यक्ष चुना है, मैं समय-समय पर आपको अपने काम के बारे में जानकारी देता रहा हूं। मैने ‘DDCA’ को बेहतर बनाने के लिए, प्रोफेशनल और पारदर्शी बनाने के लिए जो कदम उठाये, उसके बारे में आपको बताया। आपसे किए गए वादों के पूरा होने की जानकारी दी।’

बता दें कि रजत शर्मा जुलाई 2018 में दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के अध्यक्ष बने थे। उन्होंने इसके लिए हुए चुनाव में पूर्व क्रिकेटर मदन लाल को हराया था। रजत शर्मा को 1521 वोट मिले थे, वहीं मदन लाल को 1004 वोट हासिल हुए थे।

रजत शर्मा ने ‘DDCA’ के सदस्यों के लिए एक लेटर भी लिखा है। अंग्रेजी में लिखे इस लेटर को आप यहां हूबहू पढ़ सकते हैं।

Dear Members,
 
I take this opportunity to thank you all to have reposed faith in me during my tenure as the President of DDCA. In my short stint I have made every effort to discharge my obligations in the best interest of the Association with honesty and sincerity. The sole agenda was welfare of the Association and transparency in each and every aspect. In my endeavour though I faced many road blocks, opposition and oppressions, just to keep me from discharging my duties in fair and transparent manner, however, somehow I kept moving with only one agenda that all promises made to the members must be fulfilled while keeping the interest and welfare of Cricket paramount at all times. 
 
​​However, cricket administration here is full of pulls and pressures all the time. I feel that vested interests are always actively working against the interest of cricket. It seems that it may not be possible to carry on in DDCA with my principles of integrity, honesty and transparency, which I am not willing to compromise at any cost. That’s why I have decided to call it a day and hereby tender my resignation to the Apex Council from the post of President, DDCA with immediate effect.
 
I would like to add that when I took over as President, coffers of DDCA were empty and now we have a corpus of around Rs.25 Crores, I urge upon you that this money be spent only for promoting cricket and helping cricketers. 

I thank you all for the overwhelming support, respect and affection you have given me throughout my tenure. Whatever I have contributed here would have not been possible without your support.

Best wishes to you all.
 
Sincerely,

RAJAT SHARMA
President
DELHI & DISTRICT CRICKET ASSOCIATION

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लंबी फेहरिस्त है ऐसे खबरनवीसों की, 'कारनामे' सुनकर आप भी रह जाएंगे दंग

एक साल में 16 हुए गिरफ्तार, कई पत्रकारों के खिलाफ अभी भी चल रही है जांच

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 15 November, 2019
Last Modified:
Friday, 15 November, 2019
Journalist

कर्नाटक में पिछले एक साल में 16 पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया है। गौर करने वाली बात ये है कि इन पत्रकारों पर जबरन वसूली और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप हैं। सबसे ताजा मामला पांच मई का है, जब केंद्रीय अपराध शाखा पुलिस द्वारा ‘फोकस टीवी’ के प्रबंध निदेशक हेमंत कम्मर को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। आरोपों के मुताबिक, कम्मर ने कथित तौर पर महादेवपुर के भाजपा विधायक अरविंद लिंबावली को फर्जी विडियो क्लिप का हवाला देकर 50 लाख रुपये कि मांग की थी।

इस संबंध में शिकायत विधायक के सहयोगी गिरीश द्वारा दर्ज कराई गई थी। गिरीश ने पुलिस को बताया कि कम्मर ने पैसा न मिलने की सूरत में क्लिप वायरल करने के लिए फेसबुक और वॉट्सऐप पर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए थे। पुलिस को आशंका है कि हेमंत कम्मर ने विधायक की तरह और भी कई लोगों को ब्लैकमेल किया होगा। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

थोड़ा पीछे चलें तो 24 अप्रैल को नेलमंगला पुलिस ने पूर्व टीवी पत्रकार किरण शानबाग को गिरफ्तार किया था। शानबाग प्रसिद्ध कन्नड़ न्यूज चैनल ‘TV9’ में काम कर चुके हैं। आरोप है कि शानबाग ने आयुर्वेदिक कॉलेज और अस्पताल चलाने वाले नेलमंगला के एक डॉक्टर से 25 लाख की मांग की थी। पुलिस के मुताबिक, शानबाग और उसका सहयोगी जगन्नाथ गौड़ा कथित रूप से डॉक्टर को धमका रहे थे। आरोपितों ने डॉक्टर से कहा था कि उनके पास पीड़ित की आपत्तिजनक सामग्री है, यदि पैसे नहीं मिले तो वो उसे वायरल कर देंगे। बदनामी के डर से डॉक्टर ने आरोपितों को भुगतान भी किया, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने फिर पैसे की मांग करना शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने पुलिस में शिकायत की और आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।   

इसी तरह, 27 अप्रैल को बेंगलुरु पुलिस ने पत्रकार, एस.ए हेमंत कुमार को गिरफ्तार किया था। कुमार पर वीरशैव लिंगायत धर्म को लेकर गृहमंत्री एमबी पाटिल की ओर से कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी को लिखे फर्जी पत्र को सोशल मीडिया पर वायरल करने का आरोप है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गृहमंत्री ने 13 अप्रैल को स्वयं विजयपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। साइबर सेल के महानिरीक्षक हेमंत निंबालकर ने बताया कि कुमार की गिरफ्तारी सबूतों और अन्य आरोपितों के बयान के आधार पर की गई थी। गौरतलब है कि पाटिल ने पत्र को 'फर्जी' करार देते हुए इसे प्रतिद्वंद्वियों द्वारा उन्हें बदनाम करने की साजिश करार दिया था। जबकि भाजपा ने कुमार की गिरफ्तारी की निंदा की थी, बाद में कुमार को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

27 मार्च को भी कुछ पत्रकारों पर उगाही के आरोप में विजयापुर पुलिस ने कार्रवाई की थी। आरोपितों में कन्नड़ न्यूज चैनल ‘सुवर्णा न्यूज’ के जिला संवाददाता प्रसन्ना देशपांडे, उनके कैमरामैन संगमेश काम्बर और कन्नड़ साप्ताहिक ‘संग्राम’ के रवि बिसनलारा शामिल हैं। विजयपुरा पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने लिंग परिक्षण करने वाले एक डॉक्टर का विडियो बनाया था। इसके एवज में 50 लाख की मांग की गई थी, जिसे बाद में घटाकर 10 लाख कर दिया गया। इतना ही नहीं, तीनों ने पैसे देते हुए डॉक्टर को इस तरह कैमरे में कैद किया, जैसे वह उन्हें रिश्वत की पेशकश कर रहा है।

इसी तरह कन्नड़ न्यूज चैनल ‘पब्लिक टीवी’ से जुड़े पत्रकार हेमंत कश्यप पर भी उगाही का आरोप है। उन्हें बेंगलुरु की सदाशिवनगर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया था। कश्यप ‘समया टीवी’ चैनल के अपने पत्रकार साथी के साथ मिलकर प्रसिद्ध चिकित्सक और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. रमन राव को ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपितों ने कथित तौर पर पीड़ित के अवैध संबंधों को उजागर करने वाली एक विडियो क्लिप तैयार की, जिसके ऐवज में 50 लाख रुपए की मांग की जा रही थी। आरोपी धमकाने के लिए कई बार पीड़ित की क्लिनिक भी गए थे।

मामला सामने आने के बाद ‘पब्लिक टीवी’ के प्रमुख एच.आर. रंगनाथ को एक विडियो संदेश जारी करके अपना रुख स्पष्ट करना पड़ा। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह के अपराधियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। हालांकि, कश्यप को बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।

फेक न्यूज फैलाने में कई पत्रकार भी पीछे नहीं हैं। ऐसा ही एक मामला पिछले साल मार्च में सामने आया, जब पुलिस ने ‘पोस्टकार्ड न्यूज’ के संस्थापक महेश विक्रम हेगड़े को गिरफ्तार किया। महेश ने जैन मुनि पर मुस्लिमों के हमले की फर्जी खबर फैलाई थी। वैसे ये कोई पहला मौका नहीं था। इससे पूर्व उन पर जम्मू और कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के प्रमुख यासीन मलिक को गिरफ्तार किए जाने के सम्बन्ध में भड़काऊ ट्वीट को लेकर मामला दर्ज किया गया था। साथ ही उन पर सोनिया गांधी को लिखे फर्जी पत्र को वायरल करने का भी आरोप था, पुलिस ने महेश को गिरफ्तार किया था, लेकिन सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया।

कलम के सिपाहियों द्वारा अपराधियों जैसे कारनामों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती। न्यूज चैनल ‘जनश्री’ के सीईओ लक्ष्मीप्रसाद वाजपेयी पर भी व्यवसायी को कथित तौर पर धमकाने और 10 करोड़ की मांग करने के आरोप लगे थे। इसी तरह जब कर्नाटक के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस भास्कर राव के बेटे अश्विन को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, तो उनके साथ दो पत्रकारों को भी गिरफ्तार किया गया था।

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नेटवर्क18: दो बड़े पदों पर आसीन प्रफेशनल्स ने कहा 'अलविदा'

दोनों ने पिछले साल मार्च में ‘एनडीटीवी’ को छोड़कर इस मीडिया नेटवर्क के साथ की थी अपनी शुरुआत

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 14 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 14 November, 2019
network18

‘फोर्ब्स इंडिया’ की सीईओ और ‘नेटवर्क18’ की प्रेजिडेंट (मार्केटिंग) प्रियंका कौल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही ‘नेटवर्क18’ की एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) अदिति सिंह ने भी यहां से बाय बोल दिया है। दोनों ने पिछले साल मार्च में ‘नेटवर्क18’ में अपनी नई शुरुआत की थी। इससे पहले दोनों ‘एनडीटीवी’ में अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। प्रियंका कौल को यहां ‘फोर्ब्स’ के सीईओ के साथ ही ब्रॉडकास्ट फोकस व ब्रैंडेड कंटेंट के हेड की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई थी।  

‘एनडीटीवी’ में अपनी पारी के दौरान प्रियंका कौल चीफ रेवेन्यू और मार्केटिंग ऑफिसर के पद पर जुड़ी हुई थीं। यहां उनके पास घरेलू के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मार्केट के रेवेन्यू की जिम्मेदारी थी। ‘एनडीटीवी’ में अपनी 20 साल की पारी के दौरान कौल ने टीवी के विभिन्न पहलुओं जैसे प्रॉडक्शन, कंटेंट क्रिएशन व एंकरिंग के साथ ही सेल्स और मार्केटिंग में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रियंका कौल ने मुंबई के सोफिया कॉलेज से इकनॉमिक्स की डिग्री ली है। इसके अलावा उन्होंने बोस्टन के हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से मैनेजमेंट की पढ़ाई की है।

वहीं, अदिति सिंह को टेलिविजन इंडस्ट्री में काम करने का करीब 22 साल का अनुभव है। ‘नेटवर्क18’ को जॉइन करने से पहले वह ‘एनडीटीवी’ में सीओओ के साथ ही स्पेशल प्रोजेक्ट्स और इवेंट डिवीजन में बतौर हेड अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। इससे पहले वह ‘एनडीटीवी24x7’ में चैनल प्रड्यूसर के तौर पर प्रॉडक्शन से जुड़े कामों को देखती थीं। अदिति सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है। बता दें कि हाल ही में‘नेटवर्क18’ के डिजिटल बिजनेस की मार्केटिंग हेड संगीता अय्यर (Sangeetha Aiyer) ने भी इस्तीफा दे दिया था। यहां वह करीब दस साल से जुड़ी हुई थीं।

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TRAI: नए टैरिफ ऑर्डर में किए जा सकते हैं ये बदलाव

ट्राई के सचिव ने कहा, नए टैरिफ ऑर्डर में सिर्फ मामूली फेरबदल और आवश्यक संशोधन ही किए जाएंगे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 14 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 14 November, 2019
TRAI

‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ (TRAI)  के सचिव एसके गुप्ता ने नए टैरिफ ऑर्डर (NTO) में होने वाले बदलाव की खबरों के बीच स्पष्ट किया है कि इसमें खास कुछ भी नहीं बदलने वाला है। बस इसमें थोड़े बदलाव और आवश्यक संशोधन किए जाएंगे।

एसके गुप्ता का कहना है कि इसमें सिर्फ न्यू टैरिफ ऑर्डर को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, ‘ट्राई चैनल्स के बुके (bouquet) यानी कई चैनल्स के पैक का विरोधी नहीं है। नए टैरिफ ऑर्डर को लेकर बनाई गई पॉलिसी में थोड़ा यह बदलाव हो सकता है कि जो कंज्युमर ‘À la carte’ (अलग-अलग) आधार पर चैनल लेना चाहते हैं, उन पर बुके यानी पैक के लिए दबाव नहीं डाला जाए।’

गौरतलब है कि ट्राई ने नए टैरिफ नियम लागू किए हैं। इन नियमों में कंज्यूमर को अपने पसंद के चैनल चुनने का अधिकार दिया गया है और जिन चैनलों को वे देखना चाहेंगे, उन्हीं के लिए भुगतान करना होगा।

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काली कमाई के फेर में लगे थे पांच 'पत्रकार', इस तरह फूटा भांडा

जयपुर समेत देश के कई शहरों में घटनाओं को दे चुके हैं अंजाम, फर्जी पहचान पत्र और चैनलों की माइक आईडी बरामद

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 14 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 14 November, 2019
Fake Journalist

खुद को पत्रकार बताकर लोगों को धमकी देकर उगाही करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मध्य प्रदेश में ग्वालियर की महाराजपुरा पुलिस ने इस गिरोह में शामिल पांच पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपित ग्वालियर के व्यवसायी को धमका रहे थे और 50 हजार रुपयों की मांग कर रहे थे। इनके कब्जे से फर्जी प्रेस कार्ड और कई चैनलों के माइक आईडी बरामद हुए हैं।

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सुभाष शुक्ला, भगवान बसंत, विजय सिरोलिया और हुकुम सिंह इंदौर के रहने वाले हैं, जबकि दीपक तिवारी ग्वालियर के डबरा का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि वह जयपुर सहित कई शहरों में इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं।

बताया जाता है कि ग्वालियर स्थित मुरार निवासी सूरज कौशल शेयरों की खरीद-फरोख्त का काम करता है। उसने डीडी नगर में अपना ऑफिस बनाया हुआ है। मंगलवार को पांच लोग सूरज के पास पहुंचे और खुद को पत्रकार बताते हुए उस पर फर्जी कंपनी बनाने का आरोप लगाने लगे। इन लोगों ने सूरज को इस बारे में खबर चलाने की धमकी भी दी और फिर वहां से चले गए।  

कुछ देर बाद ही इनमें से दीपक तिवारी नामक व्यक्ति वापस सूरज के पास आया और मामला निपटाने के नाम पर 50 हजार रुपए की मांग की। सूरज ने शाम को रुपए देने का वायदा किया और उन लोगों को महाराजपुरा गेट 2 पर आने को कहा। इसके बाद सूरज ने पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराया। सूरज की शिकायत पर महाराजपुरा पुलिस ने पांचों फर्जी पत्रकारों को गिरफ्तार कर लिया।

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TV9 में होगी अब वरिष्ठ पत्रकार की 'ग्रुप एडिटर' के तौर पर एंट्री

30 साल से ज्यादा के करियर में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं बड़ी जिम्मेदारी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 14 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 14 November, 2019
TV9

प्रतिष्ठित मीडिया समूह ‘नेटवर्क18’ (Network18) की वेबसाइट ‘Firstpost.com’ के एडिटर बी.वी राव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के अनुसार, अब वह ‘टीवी9’ (TV9) समूह के साथ अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। हालांकि ऑफिशियल तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है, पर विश्वस्त सूत्र बता रहे है कि टीवी9 समूह को एक समूह संपादक की तलाश थी, जो शायद अब पूरी हो गई है।  बी.वी राव ने वर्ष 2015 में नेटवर्क18 जॉइन किया था।

बता दें कि अपने 30 साल से ज्यादा के करियर में राव ‘टाइम्स ग्रुप’,‘एक्सप्रेस ग्रुप’,‘जी न्यूज’ और ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

बी.वी राव ने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1989 में ‘मिड-डे’ दिल्ली के साथ की थी। यहां उन्होंने वर्ष 1991 तक काम किया और फिर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ बेंगलुरु में बतौर न्यूज एडिटर अपनी नई पारी शुरू की। एक्सप्रेस समूह के साथ उन्होंने मुंबई व अहमदाबाद में भी काम किया।

वर्ष 1994 में बी.वी राव ने ‘फ्री प्रेस जर्नल’ का दामन थाम लिया। उन्हें एग्जिक्यूटिव एडिटर की जिम्मेदारी सौंपी गई और यहां उन्होंने करीब दो साल तक काम किया। राव करीब एक साल तक ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में डिप्टी रेजिडेंट एडिटर भी रहे हैं। इसके अलावा करीब तीन साल तक ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ में काम करने के अलावा वह ‘डीएनए’ मुंबई में करीब एक साल तक एसोसिएट एडिटर भी रह चुके हैं।

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'जागरण प्रकाशन' को मिली एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

13 नवंबर 2019 से प्रभावी होगा कार्यकाल। पांच साल के लिए की गई है नियुक्ति

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 13 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 13 November, 2019
Jagran Prakashan

‘जागरण प्रकाशन लिमिटेड’ (Jagran Prakashan Limited) ने दिव्या रूपचंद करणी (Divya Rupchand Karani) को कंपनी की अतिरिक्त महिला स्वतंत्र निदेशक (additional woman independent director) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 13 नवंबर 2019 से प्रभावी होगी और पांच साल के लिए होगी। 27 सितंबर 2019 को कंपनी की 43वीं सालाना आम बैठक में अनीता नैय्यर का कार्यकाल समाप्त होने के बाद करणी को यह पद दिया गया है। बताया जाता है कि करणी ने पदभार ग्रहण कर लिया है।  

बता दें कि करणी को साउथ ईस्ट एशिया, लदंन और एशिया पैसिफिक में विभिन्न एजेंसियों, मार्केटर्स और मीडिया संस्थानों के साथ काम करने का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। इस दौरान वह ‘Trikaya Grey’, ‘O&M’, ‘MediaCom’, ‘Bates Asia’, Media Edge(TME) और MEC(Singapore) जैसी एजेंसियों के साथ काम कर चुकी हैं।

एक मार्केटर के रुप में उन्होंने चेयरमैन ऑफिस के मीडिया एडवाइजर के तौर पर ‘रिलायंस एडीए ग्रुप’ में जॉइन किया था और वहां से वर्ष 2009 में ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ में बिजनेस हेड (वेस्ट) की जिम्मेदारी संभाली थी। ‘डेट्सू इंडिया’ को जॉइन करने से पहले वह स्वतंत्र सलाहकार के रूप में मीडिया एजेंसियों और मीडिया बिजनेस से जुड़े दिग्गजों को परामर्श देने का काम कर रही थीं।

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नेटवर्क18 में इस बड़े पद से संगीता अय्यर का इस्तीफा

19 साल से ज्यादा के करियर में वह रेडियो, रिटेल और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 13 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 13 November, 2019
Sangeetha Aiyer

देश के बड़े मीडिया समूहों में शामिल ‘नेटवर्क18’ (Network18) से संगीता अय्यर (Sangeetha Aiyer) ने इस्तीफा दे दिया है। यहां वह करीब दस साल से जुड़ी हुई थीं। इन दिनों वह ‘नेटवर्क18’ के डिजिटल बिजनेस की मार्केटिंग हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। ‘नेटवर्क18’ के डिजिटल ब्रैंड जैसे-‘फर्स्टपोस्ट’, ‘मनीकंट्रोल’, ‘सीएनबीसीटीवी18’ आदि की मार्केटिंग से जुड़े सभी कामों की कमान उन्हीं के पास थी।

संगीता अय्यर के अगले कदम के बारे में फिलहाल जानकारी नहीं मिल सकी है। बता दें कि संगीता को 19 साल से ज्यादा का अनुभव है। इस दौरान वह रेडियो, रिटेल और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। पूर्व में वह ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’, ‘रिलायंस मीडिया नेटवर्क’ और ‘स्टार नेटवर्क’ जैसे संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं।

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