Goafest 2026: भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री के बदलावों पर बोले धीरज सिन्हा व डॉ. अनुराग बत्रा

डॉ. अनुराग बत्रा और धीरज सिन्हा ने भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री को तेजी से बदल रही ताकतों और भविष्य को लेकर इंडस्ट्री में बने मजबूत आशावाद पर विस्तार से चर्चा की।

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Thursday, 21 May, 2026
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गोवाफेस्ट 2026 में इस बार विज्ञापन इंडस्ट्री के भविष्य को लेकर सिर्फ डर और चिंता की बातें नहीं हुईं, बल्कि एक ऐसी बातचीत देखने को मिली जिसने इंडस्ट्री के बदलते दौर को नई नजर से समझाने की कोशिश की। इस खास सेशन में McCann Group के सीईओ धीरज सिन्हा और 'BW बिजनेसवर्ल्ड' व 'एक्सचेंज4मीडिया' ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा आमने-सामने थे। बातचीत को डॉ. अनुराग बत्रा ने होस्ट किया। दोनों ने मिलकर भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री में हो रहे बड़े बदलावों और उसके भविष्य पर खुलकर चर्चा की।

इस साल गोवाफेस्ट का माहौल थोड़ा अलग था। एक तरफ इंडस्ट्री क्रिएटिविटी, बड़े कैंपेन और इनोवेशन का जश्न मना रही थी, वहीं दूसरी तरफ AI, छोटी होती टीमों, बदलते बिजनेस मॉडल और एजेंसियों के भविष्य को लेकर चिंता भी साफ नजर आ रही थी।

इसी माहौल में धीरज सिन्हा और डॉ. अनुराग बत्रा की बातचीत शुरू हुई। यह बातचीत इसलिए खास रही क्योंकि इसमें सिर्फ डर फैलाने वाली बातें या दिखावटी पॉजिटिविटी नहीं थी। दोनों ने एक-दूसरे की बातों को आगे बढ़ाते हुए यह समझाने की कोशिश की कि विज्ञापन इंडस्ट्री खत्म नहीं हो रही, बल्कि खुद को नए तरीके से बदल रही है।

विज्ञापन खत्म नहीं हो रहा, बदल रहा है

धीरज सिन्हा ने बातचीत की शुरुआत विज्ञापन इंडस्ट्री को लेकर फैल रही निराशा के खिलाफ अपनी राय रखते हुए की। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा आधा भरा गिलास देखने वाला इंसान हूं। जब दुनिया के कई बाजार सिर्फ 4% ग्रोथ की बात कर रहे हैं, तब भारत 15% ग्रोथ की बात कर रहा है। भारत तेजी से एक बड़ी कंज्यूमर इकोनॉमी बन रहा है। ऐसे में कोई न कोई तो नए ब्रांड बनाएगा ही।”

धीरज सिन्हा के मुताबिक, अभी जो बदलाव दिख रहे हैं, वह इंडस्ट्री के खत्म होने का संकेत नहीं बल्कि उसके बदलने का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “हां, विज्ञापन बदल रहा है। बिजनेस मॉडल बदल रहा है। लेकिन मैं आज भी विज्ञापन इंडस्ट्री को लेकर बेहद सकारात्मक हूं।”

डॉ. अनुराग बत्रा ने उनकी बात से सहमति जताई, लेकिन एक अहम बात भी जोड़ी। उन्होंने कहा कि सवाल अब यह नहीं है कि विज्ञापन बढ़ रहा है या नहीं। असली सवाल यह है कि क्या एजेंसियां खुद को इतनी तेजी से बदल पा रही हैं कि वे इस ग्रोथ का हिस्सा बनी रहें।

उन्होंने कहा, “आज भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये की है। अगले साल यह 2 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकती है। विज्ञापन बढ़ रहा है, ब्रांड्स पैसा खर्च कर रहे हैं, बिजनेस स्टोरीटेलिंग में निवेश कर रहे हैं। लेकिन भविष्य की विज्ञापन एजेंसी शायद वैसी न दिखे जैसी आज हम जानते हैं।”

यहीं से इस पूरे सेशन का असली टोन तय हो गया। यह बातचीत बचने की नहीं, खुद को नए तरीके से बनाने की थी।

अब साथ आ रहे हैं टेक्नोलॉजी, विज्ञापन और एंटरटेनमेंट

इस चर्चा का एक बड़ा मुद्दा था कि दुनिया भर में अब टेक्नोलॉजी, विज्ञापन और एंटरटेनमेंट एक साथ मिल रहे हैं। डॉ. बत्रा ने कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है जब सिलिकॉन वैली, मैडिसन एवेन्यू और हॉलीवुड जैसी तीन अलग-अलग दुनिया एक-दूसरे के करीब आ रही हैं।

उन्होंने कहा, “जो एजेंसियां टेक्नोलॉजी, स्टोरीटेलिंग और एंटरटेनमेंट को एक साथ जोड़ पाएंगी, वही भविष्य में सफल होंगी।”

धीरज सिन्हा ने इस बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि अब क्लाइंट सिर्फ विज्ञापन कैंपेन नहीं चाहते। उन्होंने कहा, “आज क्लाइंट्स को सिर्फ कैंपेन नहीं चाहिए। उन्हें बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन चाहिए। उन्हें डेटा इंटेलिजेंस चाहिए। उन्हें रियल टाइम में कंज्यूमर की समझ चाहिए। क्रिएटिविटी आज भी जरूरी है, लेकिन अब सिर्फ क्रिएटिविटी काफी नहीं है।”

डॉ. बत्रा ने पब्लिसिस जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने समय रहते डेटा, AI और ट्रांसफॉर्मेशन की तरफ कदम बढ़ा दिए, इसलिए उनका पूरा बिजनेस नैरेटिव बदल गया।

उन्होंने कहा, “पब्लिसिस ने बदलाव को जल्दी समझ लिया था। उन्होंने डेटा, AI और ट्रांसफॉर्मेशन में निवेश किया। इसी वजह से उनके बारे में लोगों की सोच भी बदल गई।”

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पुरानी होल्डिंग कंपनियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती खुद को अलग साबित करने की है।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “पुरानी होल्डिंग कंपनियां अब क्लाउड किचन जैसी हो गई हैं। बाहर अलग-अलग ब्रांड्स दिखते हैं, लेकिन अंदर का सिस्टम लगभग एक जैसा होता है। अब सवाल यह है कि आप खुद को सच में अलग कैसे दिखाएंगे?”

इंडस्ट्री की सबसे बड़ी समस्या उसकी अपनी सोच भी हो सकती है

इस बातचीत का एक दिलचस्प हिस्सा तब आया जब चर्चा इंडस्ट्री की अपनी मानसिकता पर पहुंची। धीरज सिन्हा ने माना कि इंडस्ट्री के अंदर जरूरत से ज्यादा नकारात्मक माहौल बन गया है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “हर सुबह मैं ट्रेड मीडिया देखता हूं और सोचता हूं कि आज कौन सी बुरी खबर पढ़ने को मिलेगी।”

लेकिन इसके बाद उन्होंने गंभीर होकर कहा कि इसके लिए इंडस्ट्री के बड़े लीडर्स भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा, “अगर इंडस्ट्री के बड़े लोग ही बार-बार कहेंगे कि इंडस्ट्री खत्म हो रही है, तो वही सबसे बड़ा नैरेटिव बन जाएगा।”

डॉ. बत्रा ने भी इस बात से सहमति जताई और माना कि इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म्स और लीडरशिप ने डर को ज्यादा बढ़ाया है, संभावनाओं को कम दिखाया है।

उन्होंने कहा, “हमने अपनी अच्छी बातों को उतना सेलिब्रेट नहीं किया। ईमानदारी जरूरी है, लेकिन सही नजरिया रखना भी जरूरी है।”

दोनों बार-बार एक बात पर लौटे कि भारतीय विज्ञापन इंडस्ट्री आज भी बढ़ रही है। एजेंसियां असरदार काम कर रही हैं। नए बिजनेस बन रहे हैं। नया टैलेंट सामने आ रहा है। फॉर्मेट बदल सकता है, लेकिन स्टोरीटेलिंग की जरूरत कभी खत्म नहीं होगी।

AI सबकुछ बदल रहा है, लेकिन इंसानी क्रिएटिविटी अभी भी सबसे खास

पूरी बातचीत में AI सबसे बड़ा विषय रहा, लेकिन दिलचस्प बात यह रही कि दोनों में से किसी ने भी इसे खतरे के रूप में नहीं देखा। दोनों का मानना था कि AI काम करने के तरीके पूरी तरह बदल देगा, लेकिन इंसानी सोच और ओरिजिनैलिटी की अहमियत और बढ़ जाएगी।

डॉ. बत्रा ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि एक बड़ी कंपनी के CEO अपने ऑफिस में दो लैपटॉप रखते हैं। एक रोजमर्रा के काम के लिए और दूसरा सिर्फ AI टूल्स एक्सपेरिमेंट करने के लिए, क्योंकि उनकी कंपनी बाहरी LLM एक्सेस की अनुमति नहीं देती।

उन्होंने कहा, “क्लाइंट्स पहले से सीख रहे हैं। अगर एजेंसियां उसी रफ्तार से नहीं सीखेंगी, तो यह खतरनाक होगा।” धीरज सिन्हा ने माना कि AI आने वाले समय में कंपनियों की संरचना पूरी तरह बदल देगा।

उन्होंने कहा, “हां, पारंपरिक सेटअप में लोगों की संख्या कम हो सकती है। लेकिन एंटरप्रेन्योरशिप बढ़ेगी। आज एक क्रिएटर अकेले भी एजेंसी जैसा काम कर सकता है। AI ऑपरेशनल निर्भरता कम करता है और व्यक्ति की क्षमता बढ़ाता है।”

फिर भी दोनों का मानना था कि AI के दौर में असली और इंसानी सोच की कीमत और बढ़ेगी। डॉ. बत्रा ने कहा, “जितना AI बढ़ेगा, उतनी इंसानी खासियत की अहमियत बढ़ेगी। AI सामान्य काम बहुत अच्छे से कर लेगा, लेकिन असली भावनाएं, ओरिजिनल सोच और इंसानी समझ अभी भी इंसानों के पास ही है।”

धीरज सिन्हा ने भी इसी बात को अपने तरीके से कहा। उन्होंने कहा, “टेक्नोलॉजी काम को तेज कर सकती है, लेकिन सांस्कृतिक जुड़ाव आज भी इंसानी समझ से ही आता है।”

सिर्फ परफॉर्मेंस मार्केटिंग से नहीं बनते बड़े ब्रांड

दोनों इस बात पर भी सहमत दिखे कि इंडस्ट्री अब जरूरत से ज्यादा परफॉर्मेंस मार्केटिंग पर निर्भर हो गई है। 

डॉ. बत्रा ने कहा कि परफॉर्मेंस विज्ञापन तुरंत रिजल्ट जरूर देता है, लेकिन सिर्फ उसी के भरोसे बड़े ब्रांड नहीं बन सकते। उन्होंने कहा, “परफॉर्मेंस विज्ञापन एक बाघ की तरह है। जब तक उसे खाना देते रहेंगे, वह काम करता रहेगा। जैसे ही रोकेंगे, असर खत्म हो जाएगा। असली ब्रांड बिल्डिंग लंबे समय की याद बनाती है।”

धीरज सिन्हा ने माना कि IPL जैसे बड़े विज्ञापन प्लेटफॉर्म्स में पिछले कुछ वर्षों में क्रिएटिविटी ऊपर-नीचे हुई है, लेकिन उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को छोटे समय के आधार पर जज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “एक अच्छा साल या एक कमजोर साल क्रिएटिविटी तय नहीं करता। विज्ञापन 12 महीने का खेल नहीं है। बड़े ब्रांड कई सालों में बनते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि इंडस्ट्री हर साल खुद को साबित करने की जल्दबाजी में रहती है।

उन्होंने कहा, “हम हर 12 महीने में खुद को मापते हैं क्योंकि अवॉर्ड्स हर साल होते हैं और बिजनेस रिपोर्टिंग हर तिमाही में होती है। लेकिन असली क्रिएटिव असर बनने में समय लगता है।”

भविष्य की एजेंसी छोटी होगी, लेकिन ज्यादा तेज और एंटरप्रेन्योरियल

सेशन का सबसे व्यावहारिक हिस्सा ऑपरेशनल बदलावों पर चर्चा थी।

डॉ. बत्रा ने पत्रकारिता का उदाहरण देते हुए कहा कि आज एक व्यक्ति AI टूल्स की मदद से रिपोर्टिंग, शूटिंग, एडिटिंग और पब्लिशिंग सबकुछ अकेले कर सकता है। उन्होंने कहा, “एजेंसियों में भी यही बदलाव आएगा। सबसे जरूरी चीज कंज्यूमर की समझ, स्ट्रैटेजी और क्रिएटिविटी रहेगी। बाकी चीजें ज्यादा सेंट्रलाइज्ड और एफिशिएंट हो जाएंगी।”

धीरज सिन्हा ने इसे गिरावट नहीं बल्कि बदलाव बताया। उन्होंने कहा, “अब वैल्यू बड़े स्ट्रक्चर से हटकर व्यक्ति की क्षमता में जा रही है। छोटी टीमें, तेज टैलेंट और एंटरप्रेन्योरियल सोच ही भविष्य तय करेगी।”

डॉ. बत्रा ने यह भी कहा कि भारत में इस समय छोटे-छोटे क्रिएटिव बिजनेस तेजी से बढ़ रहे हैं। मीम एजेंसियां, क्रिएटर स्टूडियोज और इंडिपेंडेंट कंटेंट कंपनियां इसका उदाहरण हैं। उन्होंने कहा, “इस इंडस्ट्री में इस समय एंटरप्रेन्योरशिप की जबरदस्त ऊर्जा है और यह बहुत पॉजिटिव संकेत है।”

AI के दौर में इंसानी जुड़ाव की अहमियत और बढ़ेगी

हालांकि पूरी बातचीत AI और ऑटोमेशन पर केंद्रित रही, लेकिन सबसे भावुक हिस्सा इंसानी रिश्तों और जुड़ाव को लेकर था।

डॉ. बत्रा ने कहा कि जैसे-जैसे डिजिटल अनुभव ज्यादा ऑटोमेटेड होते जाएंगे, लोग असली इंसानी अनुभवों की तरफ ज्यादा आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा, “जितना AI बढ़ेगा, इंसानी टच उतना ही ज्यादा कीमती होगा। यही वजह है कि हॉस्पिटैलिटी, लाइव एक्सपीरियंस और एक्सपीरिएंशियल मार्केटिंग तेजी से बढ़ रही है।”

धीरज सिन्हा ने भी गोवाफेस्ट का उदाहरण देते हुए सहमति जताई। उन्होंने कहा, “लोग आज भी साथ बैठना, मिलना, सहयोग करना और आइडियाज को सेलिब्रेट करना चाहते हैं।”

इसके बाद बातचीत संस्कृति, राजनीति और कंज्यूमर बिहेवियर तक पहुंची, जहां दोनों ने कहा कि इवेंट्स, कम्युनिटीज और लाइव एक्सपीरियंस अब ब्रांड बिल्डिंग का बड़ा हिस्सा बनते जा रहे हैं।

डर की नहीं, बदलाव की बातचीत

सेशन के अंत में चर्चा फिर उसी बड़े सवाल पर पहुंची कि इंडस्ट्री तभी बचती है जब वह खुद को बदलना सीखती है, लेकिन अपनी पहचान नहीं खोती।

धीरज सिन्हा और डॉ. बत्रा दोनों के मुताबिक विज्ञापन इंडस्ट्री की असली पहचान आज भी स्टोरीटेलिंग, सांस्कृतिक समझ और इंसानी सोच ही है। सिर्फ उसके काम करने के तरीके, स्ट्रक्चर और बिजनेस मॉडल बदल रहे हैं।

डॉ. बत्रा ने इसे भगवान शिव के “क्रिएटिव डिस्ट्रक्शन” के विचार से जोड़ते हुए कहा, “कई बार नए मॉडल आने के लिए पुराने बिजनेस मॉडल टूटने जरूरी होते हैं। यह खत्म होना नहीं, बल्कि नया जन्म है।”

धीरज सिन्हा ने भी बातचीत को सकारात्मक अंदाज में खत्म किया। उन्होंने कहा, “जिंदगी बहुत बड़ी है। इसमें साथ रहने और असर पैदा करने की जगह हमेशा रहती है। और हमारी इंडस्ट्री में आज भी बहुत बड़ा असर पैदा करने की ताकत है।”

अगर गोवाफेस्ट की इस बातचीत से एक बात साफ निकलकर सामने आई, तो वह यह थी कि विज्ञापन इंडस्ट्री अपने आखिरी दौर में नहीं है, बल्कि एक नए दौर में प्रवेश कर रही है।

 

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Dish TV ने अमितेश पुनहानी को बनाया कॉर्पोरेट हेड-मार्केटिंग (DTH)

उनकी नियुक्ति 18 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। कंपनी के अनुसार, अमितेश पुनहानी सीनियर मैनेजमेंट टीम का हिस्सा होंगे और मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

Last Modified:
Thursday, 18 June, 2026
Dish TV Amitesh

डायरेक्ट-टू-होम (DTH) सर्विस प्रोवाइडर कंपनी डिश टीवी (Dish TV) ने अमितेश पुनहानी को कॉर्पोरेट हेड-मार्केटिंग (DTH) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 18 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। कंपनी के अनुसार, अमितेश पुनहानी सीनियर मैनेजमेंट टीम का हिस्सा होंगे और मार्केटिंग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

अमितेश पुनहानी को बिजनेस ग्रोथ, ब्रैंड निर्माण, बड़े पैमाने पर पी एंड एल (P&L) पोर्टफोलियो प्रबंधन और राजस्व वृद्धि से जुड़ी पहलों का नेतृत्व करने का दो दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने भारत, एशिया-प्रशांत (APAC) और वैश्विक बाजारों में विभिन्न भूमिकाओं में काम करते हुए कई महत्वपूर्ण व्यावसायिक और मार्केटिंग परियोजनाओं का नेतृत्व किया है।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टाटा स्टील से की थी। इसके बाद उन्होंने रॉकवेल ऑटोमेशन, गैप इंक, भारती एयरटेल लिमिटेड, इंटेक्स टेक्नोलॉजीज और जाब्रा जैसी कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं।

अपने पेशेवर सफर के दौरान पुनहानी ने बड़े बिजनेस पोर्टफोलियो का प्रबंधन किया, रणनीतिक साझेदारियों को विकसित किया, विभिन्न श्रेणियों में कारोबार वृद्धि की पहल का नेतृत्व किया और राजस्व बढ़ाने से जुड़ी रणनीतियों को सफलतापूर्वक लागू किया।

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गेम्सक्राफ्ट मामला: पूर्व CFO का दावा- 250 करोड़ रुपये के लेन-देन से वाकिफ थे फाउंडर्स

ऑनलाइन गेमिंग यूनिकॉर्न गेम्सक्राफ्ट से कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन मामले में नया मोड़ सामने आया है।

Last Modified:
Thursday, 18 June, 2026
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ऑनलाइन गेमिंग यूनिकॉर्न गेम्सक्राफ्ट से कथित तौर पर 250 करोड़ रुपये के फंड डायवर्जन मामले में नया मोड़ सामने आया है। कंपनी के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) रमेश प्रभु ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिए अपने बयान में दावा किया है कि धनराशि का ट्रांसफर कंपनी के संस्थापकों के निर्देश पर किया गया था और इसकी जानकारी शीर्ष नेतृत्व को थी। यह दावा कर्नाटक हाईकोर्ट के 16 जून के आदेश में दर्ज बयान के आधार पर सामने आया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में ED द्वारा की गई गिरफ्तारियों की वैधता की समीक्षा करते हुए संबंधित तथ्यों का उल्लेख किया है।

संस्थापकों के निर्देश पर हुआ फंड ट्रांसफर: प्रभु

हाईकोर्ट के आदेश में दर्ज जानकारी के अनुसार, रमेश प्रभु ने 18 नवंबर 2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत ED के समन के जवाब में ईमेल भेजा था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के संस्थापक विकास तनेजा, दीपक सिंह अहलावत, पृथ्वी राज सिंह और दीपक कुमार झा के निर्देश पर धनराशि कंपनी से बाहर ट्रांसफर की गई थी। प्रभु के अनुसार, इन लेनदेन को कंपनी के भीतर ऐसे निवेश के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसे बाद में लाभ के साथ वापस कंपनी में लाया जाना था।

2019 के विवाद के बाद बनी योजना

बयान में प्रभु ने दावा किया कि इस व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 2019 में हुई थी। उनके अनुसार, उस समय रम्मीसर्कल संचालित करने वाली कंपनी गेम्स24x7 ने गेम्सक्राफ्ट के कुछ संस्थापकों के खिलाफ कथित रूप से सोर्स कोड और कस्टमर डेटाबेस की चोरी को लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की थी।

प्रभु ने कहा कि इस मुकदमे के बाद संस्थापकों को कंपनी में जमा हो रही धनराशि को लेकर चिंता थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें धीरे-धीरे कंपनी से पैसा निकालकर शेयर बाजार में निवेश करने के लिए कहा गया था, ताकि बाद में उसे कंपनी में वापस लाया जा सके।

फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेडिंग में लगाया गया पैसा

रमेश प्रभु ने ED को बताया कि ट्रांसफर की गई रकम को उनके जेरोधा खाते के जरिए फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग में निवेश किया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक अन्य ट्रेडिंग खाता उनकी पत्नी के नाम पर खोला गया था, जिसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। प्रभु के मुताबिक, कंपनी से ट्रांसफर किया गया पूरा पैसा डेरिवेटिव ट्रेडिंग में नुकसान के रूप में समाप्त हो गया और उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई लाभ नहीं हुआ।

म्यूचुअल फंड निवेश दिखाने का आरोप

मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड से जुड़ा है। प्रभु ने आरोप लगाया कि उनके खातों में भेजी गई रकम को गेम्सक्राफ्ट के वित्तीय दस्तावेजों में म्यूचुअल फंड निवेश के रूप में दर्ज किया गया था। उन्होंने यह भी दावा किया कि संस्थापकों ने ऑडिट के लिए फर्जी म्यूचुअल फंड स्टेटमेंट तैयार करने को कहा था। हालांकि, उन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान ऐसा करने से इनकार कर दिया था। उल्लेखनीय है कि गेम्सक्राफ्ट की ओर से पहले दर्ज कराई गई पुलिस शिकायत में भी फर्जी निवेश रिकॉर्ड और कथित नकली म्यूचुअल फंड दस्तावेजों के जरिए फंड डायवर्जन छिपाने की बात कही गई थी।

बैंक ट्रांजैक्शन की जानकारी दोनों हस्ताक्षरकर्ताओं को मिलती थी

प्रभु ने अपने बयान में यह भी कहा कि जिस RBL बैंक खाते से धनराशि ट्रांसफर की गई, उसके संचालन के लिए दो अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की आवश्यकता थी। इनमें वह स्वयं और सह-संस्थापक पृथ्वी राज सिंह शामिल थे। उनका दावा है कि खाते से होने वाले प्रत्येक लेनदेन की सूचना ईमेल और SMS के जरिए दोनों अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं को प्राप्त होती थी।

IPO की तैयारी के दौरान बढ़ा दबाव

प्रभु ने आरोप लगाया कि जब गेम्सक्राफ्ट संभावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रही थी, तब कंपनी के खातों में धनराशि दिखाना जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि कंपनी अगले दो वर्षों में IPO लाने की योजना बना रही थी। चूंकि F&O ट्रेडिंग में पैसा पहले ही खत्म हो चुका था, इसलिए नुकसान के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया। प्रभु का यह भी आरोप है कि बाद में उन्हें देश छोड़ने की सलाह दी गई और आश्वासन दिया गया कि स्थिति को संभाल लिया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि इन लेनदेन से जुड़े निर्देश मौखिक रूप से दिए जाते थे और लिखित संचार से बचा जाता था।

ED की जांच का अहम आधार बना बयान

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में रमेश प्रभु के बयान को महत्वपूर्ण आधार बनाया है। हाईकोर्ट के आदेश में दर्ज गिरफ्तारी के आधारों के अनुसार, ED का आरोप है कि गेम्सक्राफ्ट के संस्थापक और पूर्व CFO कथित तौर पर मिलकर 250 करोड़ की राशि को फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस तथा म्यूचुअल फंड निवेश के नाम पर डायवर्ट और मनी लॉन्ड्रिंग करने में शामिल थे।

एजेंसी का यह भी आरोप है कि कथित अपराध से अर्जित धन का एक हिस्सा निवेश संरचनाओं और डिविडेंड भुगतान के माध्यम से परिवार-नियंत्रित संस्थाओं और संपत्तियों तक पहुंचाया गया। हालांकि, कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपने आदेश में इन आरोपों की सत्यता पर कोई निष्कर्ष नहीं दिया है। अदालत ने केवल यह परखा कि PMLA के तहत की गई गिरफ्तारियों के लिए ED के पास पर्याप्त आधार मौजूद थे या नहीं।

संस्थापकों की गिरफ्तारी को हाईकोर्ट ने बताया अवैध

इस बीच, कर्नाटक हाईकोर्ट ने गेम्सक्राफ्ट के संस्थापक दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा की गिरफ्तारी को अवैध करार देते हुए उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति एम. नागप्रसन्ना ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि ED गिरफ्तारी से संबंधित वैधानिक प्रक्रियाओं और सुरक्षा प्रावधानों का पालन करने में विफल रही। यह आदेश 7 और 8 मई को हुई ED की तलाशी कार्रवाई के बाद की गई गिरफ्तारियों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया गया।

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ITC को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले संजीव पुरी: दूरदर्शी नेतृत्व की मिसाल

कॉर्पोरेट जगत में ऐसे लीडर कम ही देखने को मिलते हैं जो किसी पुराने और स्थापित संस्थान को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे भविष्य के लिए भी तैयार कर सकें।

Last Modified:
Thursday, 18 June, 2026
SanjivPuri5421

कॉर्पोरेट जगत में ऐसे लीडर कम ही देखने को मिलते हैं जो किसी पुराने और स्थापित संस्थान को नई दिशा देने के साथ-साथ उसे भविष्य के लिए भी तैयार कर सकें। आईटीसी (ITC) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव पुरी ऐसे ही लीडर्स में गिने जाते हैं। उन्होंने यह दिखाया है कि सिर्फ त्वरित लाभ कमाने पर ध्यान देने के बजाय लंबी अवधि की सोच, मजबूत रणनीति और लगातार मेहनत से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।

संजीव पुरी का पूरा प्रोफेशनल करियर आईटीसी के साथ ही बीता है। यही वजह है कि उन्हें कंपनी की कार्यप्रणाली, संस्कृति और कारोबार की गहरी समझ है। अपने करियर के दौरान उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेशंस, सप्लाई चेन और बिजनेस मैनेजमेंट जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया। इससे उन्हें कंपनी के अलग-अलग कारोबारों को करीब से समझने का अवसर मिला।

उनके नेतृत्व में आईटीसी ने अपनी पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर कई नए क्षेत्रों में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। कंपनी ने एफएमसीजी कारोबार को तेजी से विस्तार दिया, पैकेज्ड फूड, पर्सनल केयर और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स में अपनी पकड़ मजबूत की। साथ ही प्रीमियम उत्पादों, डिजिटल तकनीकों और इनोवेशन पर भी विशेष जोर दिया गया।

आज आईटीसी के कई ब्रांड देश के करोड़ों घरों तक पहुंच चुके हैं। इसके पीछे कोई जल्दबाजी में किया गया विस्तार नहीं, बल्कि वर्षों की योजनाबद्ध निवेश रणनीति और लगातार किए गए प्रयास हैं।

संजीव पुरी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि कारोबार सिर्फ मुनाफे तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके नेतृत्व में आईटीसी ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। जल संरक्षण, जिम्मेदार खरीद व्यवस्था, पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन और जलवायु संतुलन से जुड़े कार्यक्रमों के लिए कंपनी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिल चुकी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक कंपनी के जटिल ढांचे को अधिक प्रभावी और भविष्य के अनुरूप बनाना रहा है। उन्होंने कारोबारी पोर्टफोलियो को बेहतर ढंग से व्यवस्थित किया, पूंजी निवेश की रणनीति को मजबूत बनाया और तेजी से बढ़ने वाले उपभोक्ता व्यवसायों पर फोकस बढ़ाया। इससे निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ और कंपनी के लिए नए अवसरों के रास्ते खुले।

इंडस्ट्री जगत में संजीव पुरी को एक शांत, व्यवस्थित और परिणामों पर ध्यान देने वाले लीडर के रूप में देखा जाता है। वे सुर्खियों में रहने से ज्यादा अपने काम और उसके नतीजों पर विश्वास करते हैं। उनका नेतृत्व दिखावे से अधिक निरंतरता और ठोस क्रियान्वयन पर आधारित माना जाता है।

भारत की अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है और उपभोक्ताओं की जरूरतें भी तेजी से बदल रही हैं। ऐसे समय में आईटीसी खुद को नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए पहले से कहीं अधिक मजबूत स्थिति में पाती है। इसके पीछे पिछले कई वर्षों में रखी गई मजबूत रणनीतिक नींव का बड़ा योगदान माना जाता है।

आज उनके जन्मदिन के अवसर पर संजीव पुरी की यात्रा यह संदेश देती है कि सफल नेतृत्व केवल बड़े फैसलों या चर्चित क्षणों से नहीं बनता। असली नेतृत्व वह है जो लगातार उत्कृष्टता की ओर बढ़े, समय के साथ खुद को बदलने का साहस दिखाए और ऐसा संस्थान तैयार करे जो शेयरधारकों, ग्राहकों, समाज और देश—सभी के लिए मूल्य पैदा करे।

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हैप्पी बर्थडे सुधीर चौधरी: हर नई पारी में खुद को साबित करने वाले पत्रकार हैं आप

भारतीय टीवी पत्रकारिता में अपने विशिष्ट अंदाज, धारदार प्रस्तुति और गहन रिपोर्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर सुधीर चौधरी आज, 18 जून को अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं

Last Modified:
Thursday, 18 June, 2026
Sudhir Chaudhary Birthday

भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता में जब भी निर्भीक अंदाज, सटीक विश्लेषण और स्पष्ट प्रस्तुति शैली की बात होती है, तो वरिष्ठ पत्रकार और लोकप्रिय न्यूज एंकर सुधीर चौधरी का नाम स्वाभाविक रूप से जुबान पर आ जाता है। आज यानी 18 जून को वह अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं और जीवन के 55वें वर्ष में कदम रख रहे हैं। तीन दशकों से अधिक के लंबे करियर में सुधीर चौधरी ने जो पहचान बनाई है, वह सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक भरोसे का प्रतीक बन चुकी है।

अपने करियर की शुरुआत एक छोटे पद से करने वाले सुधीर चौधरी आज न सिर्फ देश के सबसे चर्चित पत्रकारों में गिने जाते हैं, बल्कि वह पत्रकारिता के उन चेहरों में भी शामिल हैं, जिन्होंने इस पेशे को अपनी मेहनत, निष्ठा और विजन से नई दिशा दी है। पत्रकारिता के लगभग हर मोर्चे को उन्होंने बेहद गहराई से जिया है, चाहे वो फील्ड रिपोर्टिंग हो, चुनावी कवरेज, या फिर न्यूजरूम में नेतृत्व की भूमिका।

हाल ही में उन्होंने देश के प्रतिष्ठित सार्वजनिक प्रसारण चैनल 'डीडी न्यूज' के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है, जहां वे कंसल्टिंग एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। इसी क्रम में मई 2025 में उन्होंने DD News पर अपना नया प्राइम टाइम शो ‘Decode with Sudhir Chaudhary’ लॉन्च किया, जो लॉन्च के साथ ही डिजिटल जगत में तहलका मचा चुका है।

इस शो के पहले एपिसोड को यूट्यूब पर मात्र 24 घंटों में 10 लाख से अधिक व्यूज मिले और पूरे मई महीने में ‘डिकोड’ ने DD News के कुल डिजिटल ट्रैफिक का लगभग 50 प्रतिशत अकेले हासिल किया। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि सुधीर चौधरी के प्रति जनता के अटूट विश्वास और उनकी प्रस्तुतिकरण शैली की लोकप्रियता का जीवंत प्रमाण है।

भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के पूर्व छात्र रहे सुधीर चौधरी ने पत्रकारिता को हमेशा एक मिशन की तरह देखा है। शुरुआत से ही उनके लक्ष्य स्पष्ट थे- सार्थक पत्रकारिता, तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग और जनहित को सर्वोपरि रखना। उनका यह समर्पण ही है कि उन्होंने अपने करियर में कभी दिशा नहीं खोई। जैसे अर्जुन को सिर्फ चिड़िया की आंख दिखती थी, वैसे ही सुधीर चौधरी की नजर हमेशा अपने लक्ष्य पर टिकी रही है।

उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनावों की रिपोर्टिंग से लेकर कई दिग्गज राजनेताओं के साक्षात्कार तक, हर विषय को गहन रिसर्च और निष्पक्षता के साथ जनता के सामने रखा है। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल चर्चित नहीं होते, बल्कि जनमत को दिशा देने वाले भी होते हैं।

आज के दौर में, जहां पत्रकारिता कई बार सनसनी और पक्षपात के घेरे में फंस जाती है, सुधीर चौधरी ने तथ्यों की ठोस जमीन पर खड़े रहकर अपनी विश्वसनीयता को कायम रखा है। यही वजह है कि वे नए पत्रकारों के लिए न सिर्फ प्रेरणा हैं, बल्कि एक आदर्श भी हैं।

सोशल मीडिया पर भी सुधीर चौधरी की जबरदस्त पकड़ है। उनकी पोस्ट्स, रिपोर्टिंग स्टाइल और विषय-वस्तु में हमेशा एक स्पष्ट दृष्टिकोण और राष्ट्रहित की भावना झलकती है।

आज जब सुधीर चौधरी अपने जीवन के 55वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, तब यह कहना गलत नहीं होगा कि वे केवल अतीत की सफलता के सहारे नहीं टिके हैं, बल्कि आज भी वे पूरी ऊर्जा, प्रामाणिकता और नवाचार के साथ पत्रकारिता को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

‘समाचार4मीडिया’ की ओर से सुधीर चौधरी को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं। हम कामना करते हैं कि आने वाला साल उनके लिए और अधिक सफलता, सृजनात्मकता और समाज के लिए सार्थक पत्रकारिता का प्रतीक बने।

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निजता में दखल पर विधायक फातिमा तहलिया सख्त, ऑनलाइन चैनलों को दी चेतावनी

केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की विधायक फातिमा तहलिया ने कुछ ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म्स के कामकाज पर गंभीर आपत्ति जताई है।

Last Modified:
Wednesday, 17 June, 2026
Fatima85421

केरल की इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की विधायक फातिमा तहलिया ने कुछ ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉर्म्स के कामकाज पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि अगर उनके निजी जीवन से जुड़े वीडियो बिना अनुमति रिकॉर्ड किए गए या उन्हें भ्रामक तरीके से पेश किया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे। पेराम्ब्रा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहीं फातिमा ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की निजी गतिविधियों को लगातार रिकॉर्ड करना और उसका पीछा करना स्वीकार्य नहीं है।

अपने संदेश में उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के रूप में सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होना उनके दायित्व का हिस्सा है। हालांकि, हाल के दिनों में कई ऐसे लोग कार्यक्रम स्थलों पर पहुंच रहे हैं जो खुद को मीडिया प्रतिनिधि बताते हैं, लेकिन उनके पास न तो कोई आधिकारिक पहचान होती है और न ही किसी संस्थान की स्पष्ट मान्यता। ऐसे लोगों की मौजूदगी के कारण वास्तविक पत्रकारों और स्वयंभू कंटेंट क्रिएटर्स के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है।

विधायक का कहना है कि कुछ लोग इस स्थिति का फायदा उठाकर सार्वजनिक आयोजनों के दौरान उनकी निजी बातचीत या सामान्य गतिविधियों को रिकॉर्ड कर लेते हैं। बाद में इन्हीं वीडियो को संदर्भ से अलग करके सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता है। उनके मुताबिक, इस तरह की सामग्री को आकर्षक या सनसनीखेज शीर्षकों के साथ पेश किया जाता है, जिससे लोगों के बीच गलत संदेश जाता है और अनावश्यक विवाद पैदा होते हैं।

फातिमा तहलिया ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ प्लेटफॉर्म्स द्वारा किए जा रहे ऐसे दावों में कोई सच्चाई नहीं है कि वे उनके जनसंपर्क या प्रचार अभियान का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में होने का अर्थ यह नहीं है कि किसी व्यक्ति की निजता समाप्त हो जाती है। हर नागरिक की तरह जनप्रतिनिधियों को भी व्यक्तिगत सम्मान और निजी दायरे का अधिकार प्राप्त है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं, तो उन्हें निजता के उल्लंघन और पीछा करने जैसी श्रेणी में मानते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उनका कहना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और मीडिया संस्थानों को भी जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए और व्यक्तिगत अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

यह मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में अभिनेता सलीम कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान कुछ ऑनलाइन मीडिया कर्मियों के व्यवहार को लेकर भी सवाल उठे थे। उस घटना के बाद मीडिया की कार्यशैली और पेशेवर मर्यादाओं को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी। कई सार्वजनिक हस्तियों ने भी मीडिया संस्थानों से आत्मनियमन और जिम्मेदार रिपोर्टिंग की अपेक्षा जताई थी।

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FIFA World Cup 2026 के विज्ञापन के फैन हुए अमिताभ बच्चन, बोले- ‘खोपड़ी में चढ़ गया है’

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का एक विज्ञापन अब बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का ध्यान भी खींचने में कामयाब रहा है।

Last Modified:
Tuesday, 16 June, 2026
amitabh741

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 11 जून को हो चुका है। टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में दुनिया भर के कई बड़े कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी। कनाडा के टोरंटो में आयोजित एक ओपनिंग सेरेमनी में बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही ने भी शानदार परफॉर्मेंस देकर दर्शकों का दिल जीता। इसी बीच, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए ZEE5 द्वारा बनाया गया विज्ञापन भी खूब चर्चा बटोर रहा है। इस अभियान को अब एक अप्रत्याशित और बेहद प्रतिष्ठित समर्थन भी मिला है, क्योंकि बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने इसकी तारीफ की है। 

अमिताभ बच्चन ने इस विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर मजेदार प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, “आहा हा हा हा... FIFA World Cup का AD जो चलता है... वाह... क्या भाषा बनाई है : POORA INDIA, WATCHEGA !!!” इसके साथ उन्होंने हंसने वाली इमोजी भी शेयर कीं और विज्ञापन के स्लोगन की तारीफ की।

सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में भी इस विज्ञापन का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि टीवी पर बार-बार आने वाला यह प्रचार उनके दिमाग में पूरी तरह बैठ गया है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि लोगों को वर्ल्ड कप देखने के लिए प्रेरित करने वाला यह विज्ञापन लगातार याद दिला रहा है- “पूरा इंडिया वाचेगा!”

अमिताभ बच्चन की प्रतिक्रिया को देखकर ऐसा लगता है कि वह फीफा वर्ल्ड कप 2026 के इस विज्ञापन से काफी प्रभावित हुए हैं। खास तौर पर “पूरा इंडिया वाचेगा” जैसी टैगलाइन ने उनका ध्यान खींचा है और उन्होंने इसे अपने अंदाज में सराहा भी है।

ZEE5 और Unite8 Sports ने FIFA World Cup 2026 के लिए "पूरा इंडिया वाचेगा" नाम से एक देशव्यापी मार्केटिंग अभियान शुरू किया है। इस अभियान को विज्ञापन एजेंसियों Talented और mktgstack ने तैयार किया है।

इस कैंपेन का विचार भारत में मौजूद अलग-अलग तरह के फुटबॉल प्रशंसकों को केंद्र में रखकर बनाया गया है। यानी यह दिखाने की कोशिश की गई है कि फुटबॉल अब सिर्फ कुछ शहरों या खास वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों और अलग-अलग आयु वर्ग के लोग भी इसे देख रहे हैं।

इस अभियान का मुख्य आकर्षण एक ब्रैंड फिल्म है, जिसका निर्देशन Atul Kattukara ने किया है और इसे First December Films ने प्रोड्यूस किया है।

यहां देखें ये विज्ञापन-

 

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भारत दशकों से रहा दुनिया के लिए अनोखा कंटेंट क्रिएटर, परंपरा आज भी जारी: डॉ. एल. मुरुगन

भारत के सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में जबरदस्त और ऐतिहासिक विकास हुआ है।

Last Modified:
Tuesday, 16 June, 2026
DrLMurugan541

भारत के सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में भारत के मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में जबरदस्त और ऐतिहासिक विकास हुआ है। उनका कहना है कि इसकी झलक पिछले साल मुंबई में आयोजित पहले वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंटरटेनमेंट समिट में भी साफ दिखाई दी थी।

मुंबई में आयोजित Mumbai International Film Festival 2026 के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत दशकों से दुनिया के लिए एक असाधारण और अनोखा कंटेंट क्रिएटर रहा है और यह परंपरा आज भी मजबूती से आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को एक क्रिएटिव पावरहाउस के रूप में पहचान रही है, जो न सिर्फ शानदार कहानियां गढ़ रहा है बल्कि कंटेंट क्रिएशन में एक भरोसेमंद भागीदार भी बन चुका है। उनके मुताबिक भारत की कहानियों में इतनी ताकत है कि वे दुनिया के हर हिस्से के लोगों को प्रेरित करने की क्षमता रखती हैं।

डॉ. मुरुगन ने यह भी कहा कि भारत में एक ऐसा विशाल और प्रतिभाशाली क्रिएटिव टैलेंट पूल तैयार हो रहा है, जो सोचने और उसे वास्तविक रूप देने दोनों में अद्वितीय क्षमता रखता है। यह क्षमता दुनिया में किसी और देश के मुकाबले बेहद खास और अलग है।

कुल मिलाकर सरकार का मानना है कि भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर तेजी से वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और आने वाले समय में यह दुनिया के कंटेंट इकोसिस्टम में और भी बड़ी भूमिका निभाएगा।

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'इंडिया टीवी' ने बदला ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ का प्रसारण समय

'इंडिया टीवी' (India TV) ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ के प्रसारण समय में बदलाव किया है। 15 जून 2026 से यह शो रात 8:30 बजे प्रसारित होगा।

Last Modified:
Monday, 15 June, 2026
rajatsharma

'इंडिया टीवी' (India TV) ने अपने लोकप्रिय प्राइम टाइम समाचार विश्लेषण कार्यक्रम ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ के प्रसारण समय में बदलाव की घोषणा की है। 15 जून 2026 से यह कार्यक्रम रात 8:30 बजे प्रसारित किया जाएगा। चैनल के अनुसार, यह बदलाव दर्शकों को प्राइम टाइम की शुरुआत में ही विश्वसनीय समाचार विश्लेषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।

‘आज की बात’ देश के प्रमुख समाचार विश्लेषण कार्यक्रमों में गिना जाता है। तथ्य आधारित प्रस्तुति और रजत शर्मा की विशिष्ट एंकरिंग शैली ने इसे दर्शकों के बीच मजबूत पहचान दिलाई है।

'ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल इंडिया' (Broadcast Audience Research Council India-BARC India) के 2+ इंडिया आंकड़ों के अनुसार, कार्यक्रम की लाइफटाइम रीच 44 करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंच चुकी है। वहीं वर्ष 2025 में इस शो ने प्रतिदिन औसतन 3.8 करोड़ व्यूइंग मिनट्स दर्ज किए।

कार्यक्रम का दर्शक वर्ग विज्ञापनदाताओं के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। शो के 73 प्रतिशत दर्शक 31 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं, जबकि 57 प्रतिशत दर्शक प्रीमियम NCCS-A श्रेणी से आते हैं। इसी वजह से ‘आज की बात’ को समाचार श्रेणी में एक मजबूत विज्ञापन मंच माना जाता है।

रजत शर्मा भारतीय टीवी पत्रकारिता के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक विभिन्न राजनीतिक दौरों को करीब से कवर किया है और 150 से अधिक राष्ट्रीय एवं राज्य चुनावों की रिपोर्टिंग की है। उनका चर्चित कार्यक्रम ‘आप की अदालत’ भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे समय तक चलने वाले इंटरव्यू शोज़ में शामिल है।

'इंडिया टीवी' (India TV) का मानना है कि 8:30 बजे का नया स्लॉट दर्शकों को शाम की प्रमुख खबरों का विश्लेषणात्मक और भरोसेमंद दृष्टिकोण पहले उपलब्ध कराएगा तथा चैनल की प्राइम टाइम रणनीति को और मजबूत बनाएगा।

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Infomo Digital ने सौम्य आचार्य को बनाया चीफ ग्रोथ ऑफिसर

डिजिटल मार्केटिंग और मीडिया क्षेत्र की कंपनी Infomo Digital ने सौम्य आचार्य को अपना नया चीफ ग्रोथ ऑफिसर (CGO) नियुक्त किया है।

Last Modified:
Monday, 15 June, 2026
AnimeshKumar845

डिजिटल मार्केटिंग और मीडिया क्षेत्र की कंपनी Infomo Digital ने सौम्य आचार्य को अपना नया चीफ ग्रोथ ऑफिसर (CGO) नियुक्त किया है। इस नई भूमिका में वह कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी, रणनीतिक साझेदारियों (Strategic Partnerships) और बिजनेस विस्तार से जुड़ी प्रमुख पहलों का नेतृत्व करेंगे।

इंफोमो डिजिटल से जुड़ने से पहले सौम्य आचार्य Zee Media में हेड (स्ट्रैटेजी एंड अलायंसेज) के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्होंने कंपनी की रणनीतिक योजनाओं और साझेदारियों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सौम्य आचार्य के पास मीडिया, विज्ञापन, उपभोक्ता व्यवहार विश्लेषण और बिजनेस ग्रोथ के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। अपने करियर के दौरान उन्होंने Publicis Groupe, GroupM, Madison Media, Dentsu, IMRB और MoMagic जैसी अग्रणी संस्थाओं में काम किया है। उन्हें मीडिया, विज्ञापन, कंज्यूमर इनसाइट्स और बिजनेस विस्तार की गहरी समझ के लिए जाना जाता है।

कंपनी के सीईओ अनिमेष कुमार ने नियुक्ति पर खुशी जताते हुए कहा, “सौम्य अपने साथ मजबूत इंडस्ट्री नेटवर्क, रणनीतिक सोच और बेहतरीन बिजनेस नेतृत्व लेकर आए हैं। हमारी तेज़ी से आगे बढ़ रही विकास यात्रा में उनका साथ मिलना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है।”

वहीं, इंफोमो डिजिटल के संस्थापक राघवेंद्र अग्रवाल ने कहा, “मीडिया और मार्केटिंग इकोसिस्टम में सौम्य का व्यापक अनुभव हमारी बाजार में मौजूदगी को और मजबूत करेगा। साथ ही, वह ब्रांड्स और हमारे साझेदारों के लिए अधिक मूल्य सृजित करने में अहम भूमिका निभाएंगे।”

अपनी नई जिम्मेदारी को लेकर सौम्य आचार्य ने कहा, “इंफोमो डिजिटल ऐसे समय में तेजी से आगे बढ़ रही है, जब कंपनी के लिए विकास के नए अवसर खुल रहे हैं। मैं इस महत्वपूर्ण चरण में कंपनी से जुड़कर उत्साहित हूं और प्रभावशाली साझेदारियां बनाने के साथ-साथ कंपनी के अगले विस्तार चरण में योगदान देने के लिए उत्सुक हूं।”

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शेयर बाजार में बड़ी छलांग की तैयारी, Bright Outdoor Media मेन बोर्ड की ओर अग्रसर

मुंबई स्थित आउट-ऑफ-होम (OOH) विज्ञापन कंपनी Bright Outdoor Media Limited के निदेशक मंडल (Board of Directors) की बैठक 12 जून 2026 को आयोजित की गई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

Last Modified:
Saturday, 13 June, 2026
Bright Outdoor Media

मुंबई स्थित आउट-ऑफ-होम (OOH) विज्ञापन कंपनी Bright Outdoor Media Limited ने अपने निवेशकों और शेयर बाजार को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी है। कंपनी के निदेशक मंडल (Board of Directors) की बैठक 12 जून 2026 को आयोजित की गई, जिसमें कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

कंपनी ने बताया कि उसका बोर्ड अब कंपनी के इक्विटी शेयरों को BSE के SME प्लेटफॉर्म से BSE के मेन बोर्ड पर स्थानांतरित (Migration) करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके साथ ही कंपनी के शेयरों को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मेन बोर्ड पर सूचीबद्ध (Listing) कराने का भी प्रस्ताव मंजूर किया गया है।

बोर्ड बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सुश्री काजल ए. अवलानी (DIN: 11765598) को 12 जून 2026 से कंपनी का अतिरिक्त निदेशक (Additional Director) और स्वतंत्र गैर-कार्यकारी निदेशक (Independent Non-Executive Director) नियुक्त किया गया। उनकी नियुक्ति पांच वर्ष की अवधि के लिए की गई है, हालांकि इसके लिए आगामी आम बैठक (General Meeting) में शेयरधारकों की मंजूरी आवश्यक होगी।

कंपनी ने बताया कि शेयरधारकों से उपरोक्त प्रस्तावों पर मंजूरी प्राप्त करने के लिए पोस्टल बैलेट (Postal Ballot) की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इस संबंध में पोस्टल बैलेट नोटिस के मसौदे को भी बोर्ड ने मंजूरी प्रदान कर दी है।

इसके अलावा, ई-वोटिंग प्रक्रिया की निगरानी और संचालन के लिए प्रैक्टिसिंग कंपनी सेक्रेटरी श्री निकुंज कनाबार, जो M/s Nikunj Kanabar & Associates के एकमात्र स्वामी हैं, को स्क्रूटिनाइजर (Scrutinizer) नियुक्त किया गया है।

बोर्ड ने पोस्टल बैलेट नोटिस भेजने और ई-वोटिंग के लिए पात्र शेयरधारकों की पहचान हेतु कट-ऑफ/रिकॉर्ड डेट तय करने को भी मंजूरी दी।

कंपनी के अनुसार, यह बैठक 12 जून 2026 को शाम 5:15 बजे शुरू हुई और शाम 5:30 बजे समाप्त हुई।

काजल अवलानी का प्रोफाइल

कंपनी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, काजल ए. अवलानी की आयु 47 वर्ष है और उनके पास स्नातक (Bachelor’s Degree) की डिग्री है। उन्हें अकाउंटिंग और फाइनेंस के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है।

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि काजल अवलानी का कंपनी के किसी भी मौजूदा निदेशक के साथ कोई संबंध नहीं है। साथ ही, उनकी नियुक्ति स्वतंत्र निदेशक के रूप में की गई है।

Bright Outdoor Media का यह कदम कंपनी की विकास रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। SME प्लेटफॉर्म से मेन बोर्ड पर स्थानांतरण आमतौर पर किसी कंपनी की बढ़ती कारोबारी मजबूती और व्यापक निवेशक आधार तक पहुंच बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

 

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