समस्या यह है कि आज यह पेशा सिर्फ एक नौकरी बन कर रह गया है। जैसे-जैसे पेशेवर शिक्षा की जगह व्यावसायिकता ने ली है, भाषा और प्रस्तुति की संवेदनशीलता कम होती गई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।