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हैप्पी बर्थडे मार्कंड अधिकारी: आप हैं भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री के असली पायनियर
आज मार्कंड अधिकारी का जन्मदिन है, लिहाजा उनके जन्मदिन के मौके पर यह याद करना जरूरी है कि उन्होंने भारतीय प्रसारण के अर्थशास्त्र को कैसे नए सिरे से परिभाषित किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 5 months ago
एक ऐसे उद्योग में, जो अक्सर ग्लैमर पर फलता-फूलता रहा है, टेलीविजन के व्यवसाय पर जितना गहरा प्रभाव मार्कंड नवनीतलाल अधिकारी ने डाला है, वैसा बहुत कम लोगों ने किया है। आज मार्कंड अधिकारी का जन्मदिन है, लिहाजा उनके जन्मदिन के मौके पर यह याद करना जरूरी है कि उन्होंने भारतीय प्रसारण के अर्थशास्त्र को कैसे नए सिरे से परिभाषित किया। टेलीविजन पर स्पॉन्सरशिप-आधारित प्रोग्रामिंग की शुरुआत का श्रेय उन्हें जाता है। मार्कंड अधिकारी ने 1995 में भारत की पहली सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध टेलीविजन प्रोडक्शन कंपनी बनाई, उस समय जब कंटेंट क्रिएटर्स को गंभीर बोर्डरूम इकाइयों के रूप में नहीं देखा जाता था।
इसके बाद, समय की नब्ज पकड़ने और बदलाव लाने की उनकी क्षमता कभी कमजोर नहीं पड़ी। केबल और सैटेलाइट बूम के बाद अवसर देखते हुए, अधिकारी ने SAB ग्रुप की प्रसारण क्षेत्र में साहसिक एंट्री की अगुवाई की। SAB टीवी, मस्ती, जनमत और मी मराठी जैसे चैनलों ने भारतीय दर्शकों के लिए मनोरंजन का दायरा बढ़ाया, जबकि बाद में दबंग, धमाल और दिल्लगी जैसे लॉन्च ने हिंदी रीजनल मार्केट्स पर उनके भरोसे को मजबूत किया।
सबसे चर्चित अध्याय 2005 में आया, जब SAB टीवी ब्रैंड और उससे जुड़े एसेट्स को लगभग 13 मिलियन अमेरिकी डॉलर में सोनी को बेच दिया गया। इस सौदे ने परिदृश्य को बदलकर SAB को आज का सोनी SAB बना दिया।
यह यात्रा चुनौतियों से खाली नहीं रही, जिसमें कॉरपोरेट पुनर्गठन और नियामकीय जांच भी शामिल रही। फिर भी, मीडिया बिजनेस पर अधिकारी की छाप निर्विवाद बनी रही। उनके नेतृत्व में श्री अधिकारी ब्रदर्स टेलीविजन नेटवर्क लिमिटेड (SABTNL) प्रमुख हिंदी जनरल एंटरटेनमेंट चैनलों के लिए पसंदीदा कंटेंट पार्टनर बना। साथ ही, उनके मार्गदर्शन में समूह ने प्रकाशन और फिल्मों में कदम रखकर अपना पोर्टफोलियो विस्तारित किया।
अगस्त 2024 में अधिकारी ने SABTNL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया और जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपी। रवि अधिकारी को चेयरमैन (नॉन-एग्जिक्यूटिव) और कैलाशनाथ अधिकारी को मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया गया, जबकि उन्होंने चेयरमैन एमेरिटस की भूमिका ग्रहण की।
मार्कंड अधिकारी की कहानी आज भी यह याद दिलाती है कि दूरदर्शिता, जोखिम उठाने की क्षमता और किसी एसेट को उसकी चरम स्थिति में बेचने का साहस न सिर्फ एक कंपनी, बल्कि पूरी इंडस्ट्री को आकार दे सकता है।
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