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ZEEL में प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रस्ताव को ग्लोबल पेंशन फंड्स का समर्थन
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर बाजार और शेयरधारकों के बीच राय बंटी हुई है, लेकिन इन फंड्स का समर्थन यह संकेत देता है कि कुछ संस्थागत निवेशकों की सोच कंपनी की रणनीतिक दिशा से मेल खाती है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के प्रमोटरों की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रस्ताव पर जहां कुछ प्रॉक्सी सलाहकार संस्थाओं ने हाल ही में सवाल उठाए थे, वहीं अब कुछ प्रमुख वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने इस प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया है।
अमेरिका की तीन बड़ी पब्लिक पेंशन फंड्स- CalSTRS (California State Teachers’ Retirement System), Florida SBA (State Board of Administration) और CalPERS (California Public Employees’ Retirement System) ने ग्लास लुईस प्लेटफॉर्म के जरिए इस प्रस्ताव का समर्थन जताया है।
हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर बाजार और शेयरधारकों के बीच राय बंटी हुई है, लेकिन इन फंड्स का समर्थन यह संकेत देता है कि कुछ संस्थागत निवेशकों की सोच कंपनी की रणनीतिक दिशा से मेल खाती है। अब निगाहें 10 जुलाई को होने वाली शेयरधारकों की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर लगनी है।
ZEEL के बोर्ड ने जून महीने में दो महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनमें कंपनी की रणनीतिक दिशा और वित्तीय आधार को मजबूत करने पर विचार किया गया।
पहली बैठक में वैश्विक इन्वेस्टमेंट बैंक जे.पी. मॉर्गन ने जी की विकास योजनाओं का मूल्यांकन प्रस्तुत किया और कई संभावित रणनीतिक विकल्प सामने रखे, जिनमें बैलेंस शीट को सुदृढ़ बनाना, नए बिजनेस वर्टिकल की संभावनाएं तलाशना और मीडिया-एंटरटेनमेंट के बदलते परिदृश्य में भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी करना शामिल था।
इसके बाद बोर्ड ने प्रमोटर ग्रुप की संस्थाओं को 132 रुपये प्रति वारंट के हिसाब से अधिकतम 16.95 करोड़ पूरी तरह परिवर्तनीय वारंट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस प्रस्ताव के जरिए प्रमोटर समूह द्वारा 2237 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 18.39 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यह प्रस्ताव अब शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है।
हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर InGovern Research Services और Institutional Investor Advisory Services (IiAS) जैसी प्रमुख प्रॉक्सी सलाहकार कंपनियों ने आपत्ति दर्ज की है। सूत्रों के अनुसार, इन संस्थाओं ने शेयरधारकों को प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करने की सलाह दी है, यह कहते हुए कि इस प्रक्रिया में मूल्यांकन, पारदर्शिता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को लेकर स्पष्टता की कमी है।
अब यह देखना अहम होगा कि 10 जुलाई को होने वाली बैठक में जी के सभी शेयरधारक इस प्रस्ताव को किस तरह तौलते हैं और गवर्नेंस व रणनीति से जुड़े व्यापक सवालों के बीच किस दिशा में फैसला लेते हैं।
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