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नए IT नियमों को लेकर एडिटर्स गिल्ड नाराज, कहा- नियम वापस ले सरकार
केंद्र सरकार के सोशल मीडिया को लेकर बनाए गए नए नियमों को लेकर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (Editors Guild of India) ने नाराजगी व्यक्त की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
केंद्र सरकार के सोशल मीडिया को लेकर बनाए गए नए नियमों को लेकर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (Editors Guild of India) ने नाराजगी व्यक्त की है। एडिटर्स गिल्ड ने नए नियमों को कठोर और सेंशरशिप के समान बताया।
एडिटर्स गिल्ड ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नए आईटी संशोधन नियम (New IT Amendment Rules) परेशान करने वाले हैं। एडिटर्स गिल्ड का कहना है कि इन संशोधनों का देश में प्रेस की स्वतंत्रता पर गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
एडिटर्स गिल्ड ने अपने बयान में कहा है कि नए नियमों के माध्यम से केंद्र सरकार ने खुद को एक फैक्ट चेक यूनिट बनाने की शक्ति दे दी है। इसके पास केंद्र सरकार के किसी भी काम के संबंध में फेक या गलत या भ्रामक क्या है, यह निर्धारित करने के लिए व्यापक शक्तियां होंगी। इसके पास 'मध्यस्थों' (सोशल मीडिया मध्यस्थों, इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और अन्य सर्विस प्रोवाइडर सहित) को ऐसी कंटेंट को होस्ट न करने का निर्देश देने का अधिकार भी होगा।
एडिटर्स गिल्ड ने आगे कहा है कि सही मायनों में सरकार ने खुद को अपने स्वयं के काम के संबंध में, कोई खबर फेक है या नहीं, यह निर्धारित करने और इसे हटाने का आदेश देने के लिए पूर्ण शक्ति दी है। तथाकथित 'फैक्ट चेकिंग यूनिट' का गठन मंत्रालय द्वारा एक साधारण 'आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना' द्वारा किया जा सकता है।
एडिटर्स गिल्ड का कहना है कि इस तरह की फैक्ट चेकिंग यूनिट के लिए गवर्निंग मैकेनिज्म क्या होगा, इसका कोई उल्लेख नहीं है। न ही इसमें न्यायिक निरीक्षण, अपील करने का अधिकार, या श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटाने या सोशल मीडिया हैंडल ब्लॉक करने के लिए निर्धारित गाइडलाइन्स का पालन करने का प्रस्ताव है।
एडिटर्स गिल्ड के इस बयान में इस तथ्य की भी आलोचना की गई है कि जनवरी 2023 में पेश किए गए पहले के मसौदे संशोधनों को वापस लेने के बाद मंत्रालय ने इस संशोधन को 'बिना किसी सार्थक परामर्श के, जो उसने वादा किया था' अधिसूचित किया है।
बता दें कि नए आईटी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) संसोधित नियम, 2023 में यह कहा गया है कि प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के फैक्ट चेक यूनिट द्वारा 'फर्जी/फेक' मानी जाने वाली किसी भी खबर को सभी प्लेटफार्मों से हटाना होगा, जिसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी शामिल हैं।
वहीं, सरकार ने गुरुवार को घोषणा की कि वह फर्जी, झूठी या भ्रामक सूचनाओं की पहचान करने के लिए एक जांच इकाई का गठन करेगी।
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