सूत्रों की मानें तो देवलीना मजूमदार जल्द ही ‘बिग एफएम’ (BIG FM) के साथ बड़े पद पर जॉइन करने जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल अभी आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘टीवी9 नेटवर्क’ (TV9 Network) से निकलकर एक बड़ी खबर सामने आई है। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से मिली इस खबर के मुताबिक टीवी9 नेटवर्क में चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर (CHRO) देवलीना सान्याल मजूमदार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, नेटवर्क ने उनका इस्तीफा अभी मंजूर नहीं किया है।
सूत्रों की मानें तो देवलीना मजूमदार जल्द ही ‘बिग एफएम’ (BIG FM) के साथ बड़े पद पर जॉइन करने जा रही हैं। हालांकि, फिलहाल अभी आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
बता दें कि मीडिया और कॉरपोरेट क्षेत्र में मानव संसाधन (HR) प्रबंधन की अनुभवी प्रोफेशनल देवलीना मजूमदार TV9 नेटवर्क में CHRO के साथ-साथ नेटवर्क समर्थित प्रोडक्शन हाउस ‘स्टूडियो9’ में डायरेक्टर बिजनेस अफेयर्स की जिम्मेदारी भी संभाल रही थीं। इस भूमिका में वह मानव संसाधन प्रबंधन के अलावा बिजनेस डेवलपमेंट और बिजनेस ऑपरेशंस से जुड़े कार्यों की देखरेख कर रही थीं।
देवलीना फरवरी 2022 में TV9 नेटवर्क से जुड़ी थीं। इससे पहले उन्होंने LEAN People Consulting Services Pvt Ltd की फाउंडर और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया। उनकी इस कंपनी का फोकस टैलेंट एक्विजिशन, टैलेंट मैनेजमेंट, लर्निंग एंड डेवलपमेंट, चेंज मैनेजमेंट और संगठनात्मक विकास से जुड़ी सेवाएं प्रदान करना था।
इससे पहले वह Culture Machine Media और Rainshine Entertainment में चीफ ऑफ स्टाफ की भूमिका निभा चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने बिजनेस ऑपरेशंस, रेवेन्यू प्लानिंग, ऑपरेशनल एफिशिएंसी और पीपल एंड कल्चर से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल के दौरान Culture Machine ने महिलाओं के लिए ‘फर्स्ट डे ऑफ पीरियड’ (FOP) लीव पॉलिसी लागू की थी, जिसे देश और विदेश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में व्यापक चर्चा मिली।
करीब ढाई दशक से अधिक के पेशेवर अनुभव के साथ देवलीना सान्याल मजूमदार की गिनती मीडिया और कॉरपोरेट जगत की प्रमुख HR लीडर्स में होती है। वह टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network), वायकॉम18 (Viacom18) और Zoom Entertainment में हेड (ह्यूमन रिसोर्सेज) के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने ICICI Prudential Life Insurance, IBM Daksh और Wipro Spectramind जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी विभिन्न पदों पर काम किया है।
मानव संसाधन प्रबंधन, संगठनात्मक विकास, नेतृत्व निर्माण, प्रतिभा प्रबंधन, कर्मचारी जुड़ाव (Employee Engagement), विविधता एवं समावेशन (Diversity & Inclusion) तथा बिजनेस ऑपरेशंस के क्षेत्रों में उनकी विशेषज्ञता मानी जाती है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो देवलीना सान्याल मजूमदार ने मुंबई विश्वविद्यालय से इंडस्ट्रियल साइकोलॉजी में मास्टर्स की डिग्री ली है। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से साइकोलॉजी में ऑनर्स किया है।
वह दिल्ली स्थित इकोनॉमिक टाइम्स की फीचर्स टीम से जुड़ी हैं। प्रतिष्ठा बगाई इससे पहले बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म 'मिंट' में कॉरेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत थीं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
युवा पत्रकार प्रतिष्ठा बगाई ने देश के प्रतिष्ठित बिजनेस अखबार 'द इकोनॉमिक टाइम्स' (The Economic Times) में सीनियर कॉरेस्पोंडेंट के रूप में नई पारी शुरू की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन के जरिए इस बारे में जानकारी साझा की है। वह दिल्ली स्थित इकोनॉमिक टाइम्स की फीचर्स टीम से जुड़ी हैं।
प्रतिष्ठा बगाई इससे पहले बिजनेस न्यूज प्लेटफॉर्म 'मिंट' में कॉरेस्पोंडेंट के पद पर कार्यरत थीं। मई 2024 से जून 2026 तक करीब दो वर्ष तक उन्होंने वहां अपनी सेवाएं दीं। मिंट में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई विशेष और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स पर काम किया।
पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रतिष्ठा का सफर काफी कम उम्र में शुरू हो गया था। वर्ष 2022 में उन्होंने इकोनॉमिक टाइम्स में एडिटोरियल इंटर्न के रूप में भी काम किया था। इसके अलावा वह पिक्सस्टोरी में कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट इंटर्न, फोटोप्लेन में कंटेंट राइटर और मैक्रोडाटा में कंटेंट राइटर के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। मैक्रोडाटा में उन्होंने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े विषयों पर कंटेंट तैयार किया था। इसके अलावा वह मेंटल हेल्थ एक्शन ट्रस्ट (एमएचएटी) और फ्रॉगवॉक्सआउट टेक्नोलॉजीज में भी इंटर्नशिप कर चुकी हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो प्रतिष्ठा बगाई ने एशियन कॉलेज ऑफ जर्नलिज्म से बिजनेस एंड फाइनेंशियल जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे पहले उन्होंने सिम्बायोसिस सेंटर फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन (एससीएमसी) से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया स्टडीज में स्नातक की पढ़ाई पूरी की।
मैत्रेयी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर इस बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने करीब चार महीने पहले इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र से जुड़ी कंपनी जैकसन ग्रुप (Jakson Group) ने मैत्रेयी त्रिपाठी को हेड (कॉरपोरेट अफेयर्स एंड कम्युनिकेशंस) के पद पर नियुक्त किया है। मैत्रेयी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर इस बारे में जानकारी साझा की है। उन्होंने करीब चार महीने पहले इस पद की जिम्मेदारी संभाली थी।
नई भूमिका में मैत्रेयी त्रिपाठी समूह के कॉरपोरेट अफेयर्स और कम्युनिकेशंस कार्यों का नेतृत्व कर रही हैं। उनकी जिम्मेदारियों में स्ट्रैटेजिक कम्युनिकेशन, ब्रैंड पोजिशनिंग, स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट और प्रतिष्ठा प्रबंधन (रिप्यूटेशन मैनेजमेंट) से जुड़े विभिन्न पहलुओं की देखरेख शामिल है।
कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस क्षेत्र की अनुभवी प्रोफेशनल मैत्रेयी को बाहरी और आंतरिक संचार, कंटेंट निर्माण, ब्रैंड मैनेजमेंट, जनसंपर्क, मीडिया रिलेशंस, सोशल मीडिया स्ट्रैटेजी और क्राइसिस कम्युनिकेशन का काफी अनुभव है।
कम्युनिकेशंस और मार्केटिंग नेतृत्व की भूमिकाओं में आने से पहले वह एक दशक से अधिक समय तक ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता से भी जुड़ी रहीं। इस अनुभव ने उन्हें स्टोरीटेलिंग, मीडिया कम्युनिकेशन और सार्वजनिक विमर्श की मजबूत समझ प्रदान की।
जैकसन ग्रुप से जुड़ने से पहले मैत्रेयी त्रिपाठी स्टरलाइट पावर में चीफ मैनेजर (कॉरपोरेट अफेयर्स) के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने कंपनी की कम्युनिकेशंस और स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट गतिविधियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पूर्व में वह एचसीएलटेक, यूनाइटेड नेशंस इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (यूएनआईडीओ) समेत कई संस्थानों में नेतृत्व और संचार से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस, पब्लिक अफेयर्स और स्ट्रैटेजिक ब्रैंड मैनेजमेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय अनुभव हासिल किया।
मुंबई स्थित डिजिटल एंटरटेनमेंट कंपनी Rusk Media ने शुक्रवार को प्री-सीरीज़ C फंडिंग राउंड में ₹100 करोड़ जुटाने की घोषणा की।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मुंबई स्थित डिजिटल एंटरटेनमेंट कंपनी Rusk Media ने शुक्रवार को प्री-सीरीज़ C फंडिंग राउंड में ₹100 करोड़ जुटाने की घोषणा की। इस निवेश दौर की अगुवाई Nazara Technologies ने की, जबकि Info Edge Ventures, IvyCap Ventures और Audacity VC के नेतृत्व वाले निवेशक समूह ने भी इसमें भागीदारी की।
कंपनी ने बताया कि इस फंड का इस्तेमाल अपने कंटेंट, प्लेटफॉर्म और टेक्नोलॉजी बिजनेस के विस्तार के लिए किया जाएगा। रस्क मीडिया अपने लोकप्रिय युवा-केंद्रित कंटेंट ब्रांड्स I-Popstar और Engaged को नई भाषाओं और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है।
इसके अलावा कंपनी अपने मोबाइल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म Alright! TV को और मजबूत करेगी। यह प्लेटफॉर्म खास तौर पर Gen Z दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। रस्क मीडिया आने वाले समय में Gen Z और Gen Alpha दर्शकों के लिए खेल और ऑडियो-आधारित नए कंटेंट फॉर्मेट भी लॉन्च करेगी।
कंपनी की अगली विकास रणनीति में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अहम भूमिका होगी। रस्क मीडिया इस पूंजी का उपयोग ऐसे AI टूल्स विकसित करने में करेगी, जो कंटेंट प्रोडक्शन की लागत कम करने, तेजी से कंटेंट तैयार करने और ब्रांड्स के लिए नए कमाई के अवसर पैदा करने में मदद करेंगे।
रस्क मीडिया के सीईओ व को-फाउंडर मयंक यादव ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य नई पीढ़ी के लिए कहानी कहने के तरीके को बदलना है। उन्होंने कहा कि नज़ारा टेक्नोलॉजीज, इन्फो एज वेंचर्स और ऑडेसिटी वीसी जैसे निवेशकों का समर्थन मिलने से कंपनी वैश्विक स्तर पर विस्तार के लिए मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।
वहीं, नज़ारा टेक्नोलॉजीज के मैनेजिंग डायरेक्टर नीतिश मित्रसेन ने कहा कि रस्क मीडिया ने युवाओं के बीच मजबूत पहचान बनाई है। कंपनी का टेक्नोलॉजी-आधारित मॉडल और तेजी से बढ़ता उपभोक्ता प्लेटफॉर्म इसे नई पीढ़ी की मीडिया कंपनियों में अलग पहचान देता है।
इन्फो एज वेंचर्स के पार्टनर अमित बहल ने कहा कि रस्क मीडिया ने Gen Z दर्शकों के लिए मोबाइल-फर्स्ट और सांस्कृतिक रूप से जुड़ा कंटेंट तैयार किया है। उनका मानना है कि कंपनी अपने कंटेंट ब्रांड्स के जरिए वैश्विक दर्शकों तक पहुंचने की अच्छी स्थिति में है।
आईवीकैप वेंचर्स के फाउंडर व मैनेजिंग पार्टनर विक्रम गुप्ता ने कहा कि रस्क मीडिया ने कंटेंट, टेक्नोलॉजी और ऑडियंस एंगेजमेंट के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार किया है और यह भविष्य की मीडिया इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
फंडिंग राउंड के तहत नज़ारा टेक्नोलॉजीज और ऑडेसिटी वीसी के प्रतिनिधि अब रस्क मीडिया के निदेशक मंडल में भी शामिल होंगे। कंपनी का मानना है कि इससे रणनीतिक स्तर पर सहयोग और मजबूत होगा तथा उसके वैश्विक विस्तार की योजनाओं को गति मिलेगी।
भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने GST विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए टैक्स विभाग की उस गणना पद्धति को खारिज कर दिया है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इमरान फजल, असिसटेंट एडिटर, समाचार4मीडिया ।।
भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने GST विवाद में अहम फैसला सुनाते हुए टैक्स विभाग की उस गणना पद्धति को खारिज कर दिया है, जिसके आधार पर गेमिंग कंपनियों पर करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी बनाई गई थी। हालांकि, इस फैसले के बावजूद एक बड़ा सवाल अभी भी बाकी है- क्या इन टैक्स मामलों में कंपनियों के प्रमोटर्स और निदेशकों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?
यह मामला ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, फैंटेसी स्पोर्ट्स कंपनियों और कैसीनो से जुड़ा है। टैक्स विभाग का दावा था कि खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए हर दांव (Bet) पर 28% GST लगाया जाना चाहिए। वहीं कैसीनो के मामलों में बार-बार इस्तेमाल होने वाले चिप्स की पूरी राशि को टैक्स के दायरे में शामिल किया गया था। इसी आधार पर कई कंपनियों को भारी-भरकम नोटिस भेजे गए थे।
सबसे चर्चित मामला गेम्सक्राफ्ट (Gameskraft) का रहा, जिस पर लगभग 2.09 लाख करोड़ रुपये का GST नोटिस जारी किया गया था। यह रकम कंपनी की उस अवधि की कुल आय, जो करीब 4,650 करोड़ रुपये थी, से कई गुना अधिक थी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ऑनलाइन मनी गेमिंग कंपनियों के मामलों में टैक्स की गणना CGST नियमों के Rule 31B के तहत की जाएगी। इसका मतलब यह है कि GST केवल खिलाड़ियों द्वारा प्लेटफॉर्म में जमा की गई मूल राशि (Player Deposits) पर लगेगा, न कि हर बार लगाए गए दांव पर। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि खिलाड़ी अपनी जीती हुई रकम को निकाले बिना दोबारा खेल में इस्तेमाल करता है, तो उसे नई जमा राशि नहीं माना जाएगा।
गेमिंग और टेक्नोलॉजी कानून विशेषज्ञ जय सयटा के अनुसार, इस फैसले से गेमिंग कंपनियों की टैक्स देनदारी में बड़ी कमी आएगी। उन्होंने कहा कि अब टैक्स की गणना हर दांव पर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के शुरुआती जमा पर होगी, जिससे पहले जारी किए गए नोटिसों की रकम काफी कम हो सकती है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला टैक्स विभाग की पहले की गणना पद्धति में बड़ा बदलाव लाता है। CMS INDUSLAW के पार्टनर शशि मैथ्यूज के मुताबिक, कोर्ट ने माना है कि Rule 31B केवल नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद नियमों की स्पष्टता के लिए लाया गया प्रावधान है। इसलिए इसे पिछली अवधि पर भी लागू किया जाएगा।
इसका सीधा असर यह होगा कि 1 अक्टूबर 2023 से पहले के सभी लंबित मामलों और नोटिसों की फिर से गणना करनी होगी। हालांकि कोर्ट ने टैक्स देनदारी पूरी तरह खत्म नहीं की है, बल्कि सिर्फ उसकी गणना का तरीका बदला है। इसलिए उद्योग पर टैक्स का बोझ कम होगा, लेकिन समाप्त नहीं होगा।
फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट ने कंपनियों के साथ-साथ उनके निदेशकों, प्रमोटर्स और प्रमुख प्रबंधन अधिकारियों को जारी किए गए नोटिसों को रद्द नहीं किया है। कोर्ट ने संबंधित पक्षों को आठ सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने और उसके बाद अधिकारियों को मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया है।
यही कारण है कि अब उद्योग में एक नई बहस शुरू हो गई है। यदि कोई गेमिंग कंपनी वित्तीय संकट या दिवालिया होने की स्थिति में पहुंचती है, तो क्या उसके प्रमोटर्स और निदेशकों से व्यक्तिगत रूप से टैक्स वसूला जा सकता है?
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सवाल का जवाब अभी पूरी तरह साफ नहीं है। शशि मैथ्यूज के मुताबिक, व्यक्तिगत जिम्मेदारी का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि टैक्स विभाग ने किस कानूनी प्रावधान के तहत नोटिस जारी किया है और क्या कंपनी के अधिकारियों की किसी तरह की जानबूझकर की गई चूक, धोखाधड़ी या कर चोरी में भूमिका साबित होती है।
गेमिंग नीति विशेषज्ञ और वकील राजाराम सुरियनारायणन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में प्रमोटर्स या निदेशकों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी पर कोई सीधा फैसला नहीं दिया गया है। इस मुद्दे की जांच अलग-अलग मामलों में कंपनियों अधिनियम, दिवाला कानून (IBC) और CGST अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत की जाएगी।
वहीं जय सयटा का मानना है कि चूंकि यह पूरा विवाद कानून की व्याख्या से जुड़ा था और पहले कई हाई कोर्ट गेमिंग कंपनियों के पक्ष में फैसले दे चुके थे, इसलिए धोखाधड़ी या जानबूझकर जानकारी छिपाने जैसे आरोपों को साबित करना आसान नहीं होगा।
KS Legal & Associates की मैनेजिंग पार्टनर सोनम चंदवानी ने भी कहा कि किसी कंपनी के दिवालिया होने मात्र से उसके प्रमोटर्स या निदेशकों पर व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं आ जाती। GST कानून के तहत व्यक्तिगत जवाबदेही केवल विशेष परिस्थितियों में तय की जा सकती है, जब यह साबित हो कि टैक्स की वसूली न हो पाने के पीछे निदेशकों की गंभीर लापरवाही, कर्तव्य उल्लंघन या गलत आचरण जिम्मेदार था।
कुल मिलाकर, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारत के ऑनलाइन गेमिंग उद्योग के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे कंपनियों पर बने भारी GST दावों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है। लेकिन अब उद्योग की नजर एक नए सवाल पर टिक गई है—क्या टैक्स की अंतिम जिम्मेदारी सिर्फ कंपनियों तक सीमित रहेगी या फिर उसके प्रमोटर्स और निदेशकों तक भी पहुंचेगी। आने वाले महीनों में शुरू होने वाली सुनवाई और निर्णय इस सवाल का जवाब तय करेंगे।
ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट लिमिटेड ने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रितु तिवारी को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
फिल्म प्रोडक्शन और कंटेंट बनाने वाली कंपनी 'ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट लिमिटेड' (पूर्व नाम इंद्रा इंडस्ट्री लिमिटेड) ने अपने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए रितु तिवारी को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक (Additional Non-Executive Independent Director) नियुक्त किया है। कंपनी के बोर्ड ने 16 जून 2026 को पारित प्रस्ताव के जरिए उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी। हालांकि, यह नियुक्ति कंपनी के शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन रहेगी।
कंपनी ने इस संबंध में बताया कि रितु तिवारी का पहला कार्यकाल लगातार पांच वर्षों का होगा, जो 16 जून 2026 से प्रभावी माना जाएगा। यह फैसला कंपनी की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति (Nomination and Remuneration Committee) की सिफारिश के आधार पर लिया गया है।
रितु तिवारी एक योग्य कंपनी सेक्रेटरी हैं और उन्हें कॉरपोरेट अनुपालन (Corporate Compliance), कॉरपोरेट गवर्नेंस तथा शैक्षणिक क्षेत्र में व्यापक अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वह खैरातुंडा बरवा अड्डा रोड लिमिटेड में कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस ऑफिसर के रूप में कार्यरत हैं।
इसके अलावा वह कबरा ड्रग्स लिमिटेड, केसीडी इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड और ब्लू पर्ल एग्रीवेंचर्स लिमिटेड के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।
कॉरपोरेट जिम्मेदारियों के साथ-साथ रितु तिवारी शिक्षा जगत से भी जुड़ी हुई हैं। वह प्रबंधन, कानून और वाणिज्य विषयों में फैकल्टी एवं प्रोफेसर के रूप में कार्य कर चुकी हैं और छात्रों के मार्गदर्शन तथा शिक्षण का लंबा अनुभव रखती हैं।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि रितु तिवारी का कंपनी के किसी भी मौजूदा निदेशक से कोई संबंध नहीं है। साथ ही, बीएसई के दिशानिर्देशों के अनुसार उन पर सेबी या किसी अन्य नियामक अथॉरिटी द्वारा निदेशक पद संभालने पर किसी प्रकार की रोक नहीं है।
ब्लूगॉड एंटरटेनमेंट का मानना है कि रितु तिवारी का अनुभव और विशेषज्ञता कंपनी के कॉरपोरेट गवर्नेंस को और मजबूत करने में मदद करेगी तथा बोर्ड को रणनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग जगत की प्रमुख शख्सियतों में गिना जाता है। उन्हें BW 40 Under 40 और IMPACT 40 Under 40 जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में शामिल किया जा चुका है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
भारत में 'फैमिली कंटिन्यूटी' और डिजिटल लेगेसी मैनेजमेंट कैटेगरी विकसित करने की दिशा में काम कर रही कंपनी ‘द प्लान बियॉन्ड’ (The Plan Beyond) ने प्रियंका अरोड़ा को चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) नियुक्त किया है।
कंपनी में फाउंडिंग मेंबर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के रूप में वह भारत में ‘फैमिली कंटिन्यूटी’ कैटेगरी के निर्माण का नेतृत्व करेंगी। इसके साथ ही वह संगठन के ब्रैंड, ग्रोथ, मार्केट डेवलपमेंट और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप से जुड़ी पहलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।
प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग और बिजनेस क्षेत्र की एक अनुभवी पेशेवर के तौर पर जाना जाता है। उनके पास मार्केटिंग, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, ग्रोथ स्ट्रैटेजी, कंज्यूमर एंगेजमेंट, ब्रैंड बिल्डिंग और नई कैटेगरी विकसित करने के क्षेत्र में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर में वित्तीय सेवाओं, टेलीकॉम, कंसल्टिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में काम किया है।
‘The Plan Beyond’ से जुड़ने से पहले वह एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में वाइस प्रेजिडेंट के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने बड़े स्तर पर मार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मार्केटिंग इकोसिस्टम, डिजिटल-फर्स्ट ग्रोथ स्ट्रैटेजी, ब्रैंड रीपोजिशनिंग और बिजनेस विस्तार से जुड़े कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में कंज्यूमर्स जुड़ाव, राजस्व वृद्धि, बाजार हिस्सेदारी बढ़ाने और ब्रैंड विकास से संबंधित कई पहलें आगे बढ़ीं।
अपने करियर के दौरान प्रियंका अरोड़ा भारती लाइफ वेंचर्स, आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, एयरटेल, मैकिंजी एंड कंपनी और मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों में भी नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा चुकी हैं। इन संगठनों में उन्होंने कस्टमर एनालिटिक्स, कंज्यूमर इनसाइट्स, ब्रैंड स्ट्रैटेजी, कस्टमर लाइफटाइम वैल्यू मैनेजमेंट, फिनटेक इकोसिस्टम डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, स्ट्रैटेजिक प्लानिंग और बिजनेस ग्रोथ जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल की।
प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग जगत की प्रमुख शख्सियतों में गिना जाता है। उन्हें BW 40 Under 40 और IMPACT 40 Under 40 जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में शामिल किया जा चुका है। इसके अलावा वह कई ACEF Awards से भी सम्मानित हो चुकी हैं। वह Effie Awards की जूरी सदस्य रह चुकी हैं, ET Sharks में भाग ले चुकी हैं और विभिन्न इंडस्ट्री प्लेटफॉर्म्स एवं नेतृत्व कार्यक्रमों में नियमित वक्ता के रूप में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रहती हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने CBC और DPD के साझा कैडर में प्रोडक्शन मैनेजर (प्रिंटेड पब्लिसिटी) / प्रोडक्शन ऑफिसर (प्रोडक्शन) के एक पद को प्रतिनियुक्ति के आधार पर भरने के लिए आवेदन मांगे हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने अपने अधीनस्थ कार्यालयों सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन (CBC) और डायरेक्टरेट ऑफ प्रिंटिंग एंड डिजाइन (DPD) के साझा कला एवं प्रोडक्शन कैडर में प्रोडक्शन मैनेजर (प्रिंटेड पब्लिसिटी) / प्रोडक्शन ऑफिसर (प्रोडक्शन) के एक पद को प्रतिनियुक्ति (Deputation) के आधार पर भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।
मंत्रालय द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार यह पद ग्रुप ‘A’ गजटेड, गैर-मंत्रालयी श्रेणी का है और इसका वेतनमान सातवें वेतन आयोग के अनुसार पे मैट्रिक्स लेवल-11 (67,700 रुपये से 2,08,700 रुपये) निर्धारित किया गया है।
प्रतिनियुक्ति की अवधि और आयु सीमा
चयनित अधिकारी की नियुक्ति प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए होगी, जिसे नियुक्ति प्राधिकारी के विवेक से बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, किसी भी अधिकारी की कुल प्रतिनियुक्ति अवधि सामान्यतः तीन वर्ष से अधिक नहीं होगी।
इस पद के लिए प्रतिनियुक्ति पर नियुक्ति हेतु अधिकतम आयु सीमा 56 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना आवेदन प्राप्त होने की अंतिम तिथि के आधार पर की जाएगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह अवसर केंद्र और राज्य सरकारों के उन अधिकारियों के लिए है जो—
इसके अलावा उम्मीदवार के पास निम्न शैक्षणिक योग्यता और अनुभव होना आवश्यक है—
जरूरी योग्यता
वांछनीय योग्यता
क्या होगी जिम्मेदारी?
चयनित अधिकारी को पोस्टर, फोल्डर, लीफलेट, बुकलेट, ब्रॉडशीट और अन्य प्रचार सामग्री के मुद्रण कार्य की निगरानी और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
आवेदन प्रक्रिया
सभी मंत्रालयों और विभागों से अनुरोध किया गया है कि वे पात्र अधिकारियों के आवेदन निर्धारित प्रारूप में मंत्रालय को भेजें। आवेदन के साथ पिछले पांच वर्षों की एसीआर/एपीएआर, सतर्कता (Vigilance) मंजूरी, सत्यनिष्ठा (Integrity) प्रमाणपत्र और यह प्रमाणपत्र भी संलग्न करना होगा कि पिछले दस वर्षों में अधिकारी पर कोई बड़ी या छोटी अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हुई है।
आवेदन रोजगार समाचार (Employment News) में विज्ञापन प्रकाशित होने की तिथि (18 जून 2026) से छह सप्ताह के भीतर मंत्रालय के शास्त्री भवन स्थित कार्यालय में भेजने होंगे।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अधूरे आवेदन, निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदन या आवश्यक दस्तावेजों के बिना भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
इस पद पर उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। एन. मुरली ने डॉ. निर्मला लक्ष्मण का स्थान लिया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में से एक 'द हिंदू' समूह की प्रकाशन कंपनी द हिंदू ग्रुप पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड (THGPPL) ने एन. मुरली को कंपनी के निदेशक मंडल का चेयरमैन नियुक्त किया है। इस पद पर उनका कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
एन. मुरली ने डॉ. निर्मला लक्ष्मण का स्थान लिया है। बता दें कि डॉ. निर्मला लक्ष्मण ने 18 जून 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक में अपने तीन वर्षीय कार्यकाल की समाप्ति के करीब पहुंचने पर चेयरपर्सन पद से इस्तीफा दे दिया था।
कंपनी के बोर्ड की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी, जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता कृष्णा श्रीनिवासन कर रहे हैं, ने सर्वसम्मति से एन. मुरली के नाम की सिफारिश की। समिति का मानना है कि न्यूज मीडिया और पेशेवर पत्रकारिता के लिए चुनौतीपूर्ण दौर में उनके अनुभव और नेतृत्व का लाभ कंपनी को मिलेगा।
एन. मुरली को न्यूजपेपर इंडस्ट्री के प्रबंधन, कारोबार और वित्तीय मामलों में 56 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव है। उन्होंने मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज हाई स्कूल से स्कूली शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद चेन्नई के लोयोला कॉलेज से वाणिज्य (कॉमर्स) में स्नातक की डिग्री हासिल की और चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में पेशेवर योग्यता प्राप्त की।
वर्ष 1969 में उन्होंने 'द हिंदू' के पारिवारिक व्यवसाय से जुड़कर अपने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1977 में वे जनरल मैनेजर बने, जबकि 1995 में उन्हें जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्ष 2006 में उन्होंने 'द हिंदू' और अन्य संबद्ध प्रकाशनों के प्रकाशक कस्तूरी एंड संस लिमिटेड (Kasturi & Sons Limited) के मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाला।
इसके बाद उन्होंने कस्तूरी एंड संस लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में भी सेवाएं दीं। पिछले कई वर्षों से वे द हिंदू ग्रुप पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड (THGPPL) और कस्तूरी एंड संस लिमिटेड (KSL) के निदेशक के रूप में जुड़े रहे हैं।
अदालत विवादित प्रावधान के अमल पर अंतरिम रोक लगा चुकी है। हालांकि पूरी TV रेटिंग पॉलिसी 2026 पर रोक नहीं है, लेकिन नए नियमों के आधार पर रेटिंग जारी करने की प्रक्रिया प्रभावी रूप से प्रभावित हुई है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
टेलीविजन ऑडियंस मापन में लैंडिंग पेज व्यूअरशिप को शामिल करने या बाहर रखने को लेकर चल रहा विवाद अब और गंभीर होता जा रहा है। केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तक स्थगित कर दी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि जब तक इस विवाद पर अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक संशोधित TV रेटिंग ढांचे के तहत नई रेटिंग्स लागू नहीं की जा सकतीं।
यह मामला TV रेटिंग पॉलिसी 2026 की धारा 5.4.1 से जुड़ा है, जिसमें लैंडिंग पेज से मिलने वाली व्यूअरशिप को ऑडियंस मापन की गणना से बाहर रखा गया है। इस प्रावधान को ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) ने अदालत में चुनौती दी है। फेडरेशन का कहना है कि लैंडिंग पेज दर्शकों तक चैनल पहुंचाने का एक वैध माध्यम है और उसकी व्यूअरशिप को पूरी तरह नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
इससे पहले अदालत विवादित प्रावधान के अमल पर अंतरिम रोक लगा चुकी है। हालांकि पूरी TV रेटिंग पॉलिसी 2026 पर रोक नहीं है, लेकिन नए नियमों के आधार पर रेटिंग जारी करने की प्रक्रिया प्रभावी रूप से प्रभावित हुई है।
केंद्र सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि लैंडिंग पेज और बूट-अप स्क्रीन वर्षों से TV रेटिंग्स को प्रभावित करते रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, TV ऑन करते ही किसी चैनल का स्वतः दिखाई देना दर्शकों की वास्तविक पसंद नहीं माना जा सकता। ऐसे इम्प्रेशंस केवल "पैसिव एक्सपोजर" होते हैं, जिससे कुछ चैनलों को कृत्रिम लाभ मिलता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) का कहना है कि नई नीति व्यापक उद्योग परामर्श के बाद तैयार की गई है और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) भी लंबे समय से लैंडिंग पेज के कारण रेटिंग्स में होने वाली विकृतियों पर चिंता जताता रहा है।
दूसरी ओर, केबल और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों का तर्क है कि लैंडिंग पेज चैनल डिस्कवरी और दर्शक सहभागिता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं। उनका मानना है कि इन्हें रेटिंग गणना से पूरी तरह बाहर करना उचित नहीं होगा।
यह विवाद प्रसारण उद्योग के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि TV रेटिंग्स का सीधा असर एडवर्टाइजिंग स्पेंड्स, चैनल रैंकिंग, मीडिया प्लानिंग, सब्सक्रिप्शन स्ट्रैटेजी और कैरिज फीस एग्रीमेंट्स पर पड़ता है। ऐसे में अब पूरे उद्योग की नजर 13 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
उन्होंने पिछले साल जून में यहां जॉइन किया था और एग्जिक्यूटिव शो प्रड्यूसर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में निखिल दुबे ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
वरिष्ठ टीवी पत्रकार निखिल दुबे ने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने पिछले साल जून में यहां जॉइन किया था और एग्जिक्यूटिव शो प्रड्यूसर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। समाचार4मीडिया से बातचीत में निखिल दुबे ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। निखिल दुबे का कहना था कि वह जल्द ही अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे, तब इसके बारे में बताएंगे।
बता दें कि निखिल दुबे इससे पहले हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर रात नौ बजे के प्राइम टाइम शो ‘Public Interes’ को लीड कर चुके हैं। निखिल दुबे की ‘एबीपी न्यूज’ के साथ यह चौथी पारी थी।
‘एबीपी न्यूज’ के साथ अपनी चौथी पारी शुरू करने से पहले निखिल दुबे ‘टीवी9’ में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। वह इस नेटवर्क के हिंदी न्यूज चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इस चैनल के साथ भी उनका संक्षिप्त कार्यकाल रहा था। वहीं, इससे पहले वह ‘इंडिया टीवी’ (India TV) में सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर कार्यरत थे।
‘इंडिया टीवी’ से पहले निखिल दुबे ‘टीवी टुडे नेटवर्क’ में कार्यरत थे। इससे पहले वह ‘जी न्यूज’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। ‘जी न्यूज’ से पहले वह ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर कार्यरत थे।
टीवी न्यूज इंडस्ट्री में पर्दे के पीछे काम करने वालों में निखिल कुमार दुबे ऐसा चेहरा हैं, जिन्हें काफी काबिल माना जाता है। निखिल दुबे को तमाम चैनल्स के साथ काम करने का 22 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने फरवरी 2019 में ‘न्यूज नेशन’ जॉइन किया था और मई में उसे अलविदा कह दिया था। वहीं ‘इंडिया न्यूज’ में वह नवंबर 2018 से जनवरी 2019 तक कार्यरत रहे।
‘इंडिया न्यूज’ से पहले निखिल दुबे ‘एबीपी न्यूज’ में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने वहां 9 जुलाई 2016 को पदभार संभाला था। जब वहां के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने अचानक चैनल से इस्तीफा दिया था तो निखिल ने भी वहां से अपना इस्तीफा दे दिया था। इससे पहले वह अप्रैल 2006 से अक्टूबर 2009 में एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर भी इस चैनल के साथ काम कर चुके हैं। तब इस चैनल का नाम ‘एबीपी न्यूज’ की जगह ‘स्टार न्यूज’ था।
निखिल कुमार ने 1995 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से एलएलबी करने के बाद 2002 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से मॉसकॉम किया और इसके बाद पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा। मई 2003 में उन्होंने ‘सहारा समय’ से अपने करियर की शुरुआत की और नवंबर 2005 तक वह यहां रहे। ‘सहारा समय’ में अपने सफर में वह विशेष संवाददाता की भूमिका में थे। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2006 में ‘स्टार न्यूज’ के साथ अपने सफर को आगे बढ़ाया। वहां तीन साल सात महीने रहने के बाद उनके सफर का अगला पड़ाव ‘आजतक’ बना। नवंबर 2010 से नवंबर 2012 तक वह सीनियर प्रड्यूसर के तौर पर ‘आजतक’ को अपना योगदान देते रहे। इसके बाद उन्होंने कुछ समय तक फ्रीलांस के तौर पर काम किया।
इसके बाद वह जुलाई 2013 में मुंबई में एंडेमॉल प्रॉडक्शन हाउस (Endemol production house) के साथ जुड़ गए और सितंबर 2013 तक बतौर स्क्रिप्ट राइटर काम किया। फिर वह एसोसिएट एडिटर बनकर ‘इंडिया टीवी’ आ गए। सितंबर 2013 से जनवरी 2014 तक वे यहां रहे। ‘इंडिया टीवी’ के बाद उन्होंने ‘न्यूज एक्सप्रेस’ में बतौर डिप्टी एग्जिक्यूटिव एडिटर काम किया और जनवरी से अगस्त 2014 तक रहे।
फिर करीब तीन महीने तक उन्होंने ‘न्यूज24’ का हाथ थामा और डिप्टी एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर के तौर पर नवंबर 2014 तक का सफर तय किया। इसके बाद वह एसोसिएट एडिटर बनकर ‘जी न्यूज’ आ गए और जुलाई 2016 तक रहे। इसके बाद वह ‘टीवी टुडे नेटवर्क’, ‘इंडिया टीवी’ और ‘टीवी9’ होते हुए ‘एबीपी न्यूज’ पहुंचे थे और वहां अपनी पारी को विराम देने के बाद पिछले साल ‘एनडीटीवी’ के साथ नई पारी का आगाज किया था, जहां से अब उन्होंने बाय बोल दिया है।
आपको यह भी बता दें कि निखिल दुबे ने इंडिया टीवी में ‘तलाश’ नाम से शो बनाया था। वह एबीपी में ‘घंटी बजाओ’ और ‘वायरल सच’ शो में काम कर चुके हैं। इसके अलावा चार घंटे का मॉर्निंग शो ‘नमस्ते भारत’ प्रोड्यूस किया। जी न्यूज में रहते हुए उन्होंने क्रिकेट विश्वकप पर सात करोड़ रुपये की प्रॉडक्शन कास्ट का शो ‘वर्ल्ड war’ प्रड्यूस किया। इसके अलावा भी वह तमाम जाने-माने शो प्रड्यूस कर चुके हैं।