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डिजिटल में उछाल के बावजूद ट्रेडिशनल मीडिया के महत्व को स्वीकारना भी जरूरी: केविन वज
‘फिक्की फ्रेम्स’ के 24वें एडिशन में ‘वायकॉम18’ के सीईओ (ब्रॉडकास्ट और एंटरटेनमेंट) ने देश में मीडिया के उपभोग की बदलती आदतों के बारे में विचार रखे।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
‘वायकॉम18’ (Viacom18) के सीईओ (ब्रॉडकास्ट एंटरटेनमेंट) व ‘भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ’ (FICCI) की मीडिया और एंटरटेनमेंट कमेटी के चेयरमैन केविन वज का कहना है कि डिजिटल के दौर में ट्रेडिशनल मीडिया के महत्व को स्वीकारना भी जरूरी है।
केविन वज मंगलवार को मुंबई में आयोजित ‘फिक्की फ्रेम्स’ (Ficci Frames) के 24वें एडिशन में देश में मीडिया के उपभोग की बदलती आदतों के बारे में अपने विचार रख रहे थे। इस दौरान केविन वज का यह भी कहना था कि डिजिटल में उछाल के बावजूद देश में ट्रेडिशनल मीडिया भी लगातार ग्रोथ का अनुभव कर रहा है और यह देश में मीडिया उपभोग की विविध आदतों (diverse media consumption habits) को प्रदर्शित करता है। वज के अनुसार, हालांकि वैश्विक नजरिये से देखने पर यह एक विरोधाभास प्रतीत हो सकता है, लेकिन यह भारत की सच्चाई है।
केविन वज का कहना था, ‘यह स्पष्ट है कि हम अभूतपूर्व विकास और परिवर्तन के चौराहे पर खड़े हैं। विश्व स्तर पर, इंडस्ट्री उल्लेखनीय बदलाव देख रही है, जिसमें डिजिटल इनोवेशंस यानी डिजिटल के क्षेत्र में हुए नवाचार उपभोग पैटर्न (consumption patterns) और कंटेंट निर्माण गतिशीलता (content creation dynamics) को नया आकार दे रहे हैं।’
उनका कहना था, ‘भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट (M&E) सेक्टर में ट्रेडिशन और इनोवेशन का अनूठा मिश्रण है, जिसमें टेक्नोलॉजी के सपोर्ट वाले एंटरटेनमेंट टेलीविजन चैनल, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, एआई न्यूजरीडर वाले न्यूज चैनल, हार्डकॉपी ब्रॉडशीट्स, फिल्में और शॉर्ट फॉर्म रील न केवल सह-अस्तित्व में हैं, बल्कि आगे बढ़ रहे हैं।’
विज के अनुसार, वर्ष 2023 में इंडस्ट्री ने कंटेंट क्रिएशन का एक उल्लेखनीय दौर देखा, जिसमें सालाना 200,000 घंटे से अधिक कंटेंट का उत्पादन हुआ। भारतीय कंटेंट ने अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर लिया है, 160 से अधिक देशों में ऑडियंस को आकर्षित किया है और ग्लोबल प्लेटफार्म्स पर स्ट्रीमिंग चार्ट में टॉप पर है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केविन वज का कहना था, ‘वर्ष 2023 में, भारतीय कंटेंट को सर्वश्रेष्ठ गीत और सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के लिए एक नहीं बल्कि दो ऑस्कर मिले। भारतीय म्यूजिक टैलेंट को हाल ही में तीन ग्रैमी पुरस्कार मिले हैं। दो भारतीयों (वीर दास और एकता कपूर) ने प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय एमी पुरस्कार जीते। यह बदलाव एक नए युग का संकेत देता है जहां स्थानीय स्टोरीज को दुनिया भर के ऑडियंस द्वारा अपनाया जाता है और यह भारतीय स्टोरीज व हमारी कहानी कहने की (स्टोरीटैलिंग) सार्वभौमिक अपील को प्रदर्शित करता है।’
इस दौरान वज ने भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में डिजिटल टेक्नोलॉजीज के एकीकरण (integration) के बारे में भी बात की। वज के अनुसार, ‘सुलभ और सस्ते इंटरनेट की बदौलात कॉमर्शियल 5जी सेवाओं के आने से भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के विकास को गति मिल रही है। हमें क्रिएटिविटी में निवेश के अच्छे चक्र को पहचानना चाहिए जो भारत में किफायती इंटरनेट के विस्तार को बढ़ावा देता है। हमें इस तथ्य पर गर्व हो सकता है कि भारतीय कंपनियां, भारतीय क्रिएटर्स और भारतीय प्रड्यूसर्स डिजिटल कंटेंट की क्रांति में सबसे आगे हैं, फिर चाहे वह फिल्म में हो, संगीत में हो या गेमिंग में हो।’
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