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ABP माझा के पत्रकार को मिली जमानत, सरकार के कदम से नाराज NBA
लॉकडाउन के बावजूद मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में मजदूरों के जुटने के मामले में गिरफ्तार किए गए ‘एबीपी माझा’ के रिपोर्टर राहुल कुलकर्णी को मुंबई की एक अदालत ने जमानत दे दी है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
लॉकडाउन के बावजूद मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में मजदूरों के जुटने के मामले में गिरफ्तार किए गए ‘एबीपी माझा’ न्यूज चैनल के रिपोर्टर राहुल कुलकर्णी को मुंबई की एक अदालत ने जमानत दे दी है। आरोप है कि चैनल पर चलाई गई एक खबर के कारण स्टेशन पर इस तरह की अराजक स्थिति बनी।
वहीं, चैनल ने पत्रकार की गिरफ्तारी को छवि खराब करने वाला कदम बताया था। एबीपी माझा ने पूरी घटना को लेकर एक बयान भी जारी किया था, जिसमें कहा गया था, 'मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्टेशन में जुटी भीड़ और चैनल पर चली खबर के आपसी संबंध को बताने वाली कई रिपोर्ट्स आ रही हैं, ये रिपोर्ट्स बिल्कुल गलत हैं और इन्हें चैनल की छवि खराब करने के लिए फैलाया जा रहा है। चैनल की खबर को जनहित में प्रसारित किया गया था, जिसका आधार वैध दस्तावेज और जानकारी थी।
चैनल की ओर से यह भी कहा गया था, ‘सुबह 10 बजे प्रधानमंत्री के लॉकडाउन बढ़ाने के संबंध में दिए गए संबोधन और रेल मंत्रालय की तरफ से कई ट्रेन को रद्द करने और 3 मई 2020 तक के किराए के रिफंड की घोषणा के बाद दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हमने कई खबरें चलाईं। एबीपी माझा पर हमने साफ कहा कि कोई भी ट्रेन नहीं चलेगी, इसलिए करीब दोपहर 3:45 पर बांद्रा वेस्ट स्टेशन पर जुटी भीड़ और चैनल की खबर को आपस में जोड़े जाने की कोई वजह नहीं बनती।
चैनल की ओर से यह भी कहा गया था कि हम कानून के तहत जरूरी और त्वरित कदम उठाएंगे। हम पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि हम जिम्मेदार पत्रकारिता के रास्ते से भटके नहीं हैं। हम कोई भी खबर या जानकारी किसी विश्वसनीय सूत्र से लेने से पहले और उसे प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता की हर संभव जांच करते हैं। चैनल के संपादक राजीव खांडेकर का कहना था, ‘हमारी रिपोर्टिंग में कोई गलती नहीं है। हम अपने रिपोर्टर के साथ खड़े हैं। ये खबर हवा से नहीं निकाली गई क्योंकि संबंधित महकमे में इस तरह की योजना बनाए जाने की बातें चल रही थीं।’
बता दें कि राहुल कुलकर्णी की गिरफ्तारी की सब तरफ आलोचना हो रही थी। निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने राहुल कुलकर्णी की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे अपने पत्र में ‘एनबीए’ के प्रेजिडेंट और ‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने राहुल कुलकर्णी को तुरंत छोड़े जाने की मांग उठाई थी।
अपने लेटर में रजत शर्मा ने यह भी लिखा था कि कुलकर्णी को सच्ची पत्रकारिता (upright journalism) के लिए जाना जाता है। कुलकर्णी की गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए एनबीए का यह भी कहना था कि यह बोलने की आजादी के अधिकार का उल्लंघन है और प्रेस की आजादी पर सीधा हमला है।
शर्मा का यह भी कहना था कि ‘एनबीए’ ने प्रसारण के खिलाफ आई शिकायत पर विचार करने और फैसला लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके सीकरी के नेतृत्व में स्वत्रंत निकाय ‘न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्स अथॉरिटी’ (एनबीएसए) का गठन किया है। इस निकाय द्वारा समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जाती है और यदि किसी ब्रॉडकास्टर की गलती मिलती है, तो उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। यह शिकायत ‘NBSA’ के पास भेजी जानी चाहिए।
उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कुलकर्णी किसी भी नियम के उल्लंघन के दोषी पाए जाते हैं तो एनबीएसए के नियमों के अनुसार उचित कार्यवाही की जाएगी। रजत शर्मा ने दोहराया कि यह कदम प्रेस की स्वतंत्रता के हित में होगा।
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