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WAVES समिट में जुटेंगे ग्लोबल लीडर्स, क्या भारत बन रहा है नया मीडिया सुपरपावर?
जब दुनिया के मीडिया बाजार अब परिपक्व हो चुके हैं और उनकी ग्रोथ सीमित हो रही है, ऐसे वक्त में भारत एक जीवंत, युवा और तेजी से बदलता हुआ केंद्र बनकर उभरा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 10 months ago
जब दुनिया के मीडिया बाजार अब परिपक्व हो चुके हैं और उनकी ग्रोथ सीमित हो रही है, ऐसे वक्त में भारत एक जीवंत, युवा और तेजी से बदलता हुआ केंद्र बनकर उभरा है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, युवा आबादी और सरकार की नीतिगत मदद ने भारत को ग्लोबल मीडिया कंपनियों का पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।
अब से सिर्फ 10 दिन में भारत एक ऐसा ऐतिहासिक आयोजन करने जा रहा है, जहां Netflix के को-CEO टेड सारंडोस, Instagram के हेड एडम मोसेरी और YouTube के CEO नील मोहन एक ही मंच पर WAVES समिट के दौरान मौजूद रहेंगे। ये इवेंट भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की बढ़ती ताकत का प्रतीक बन चुका है, जिसकी गूंज हालिया इंडस्ट्री रिपोर्ट्स में भी सुनाई दे रही है।
यह महज एक विजिट नहीं, बल्कि इस बात की खुली स्वीकारोक्ति है कि भारत अब ग्लोबल मीडिया के भविष्य को आकार देने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो गया है।
भारत का तेजी से फलता-फूलता मीडिया इकोसिस्टम
भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ने 2024 में ₹2.5 लाख करोड़ (करीब 29.4 अरब डॉलर) के आंकड़े को छू लिया। FICCI-EY की रिपोर्ट "Shape the Future" के मुताबिक, पिछले साल के मुकाबले यह ₹8,100 करोड़ की वृद्धि है यानी 3.3% की ग्रोथ।
डिजिटल मीडिया ने टेलीविजन को पीछे छोड़ते हुए 32% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ा सेगमेंट बन गया है। PwC की रिपोर्ट के मुताबिक, यह इंडस्ट्री 2028 तक ₹3.65 लाख करोड़ (करीब 44 अरब डॉलर) तक पहुंच जाएगी, यानी 8.3% की सालाना ग्रोथ—जो वैश्विक औसत 4.6% से कहीं अधिक है।
इंटरनेट ऐडवर्टाइजिंग इसका बड़ा इंजन बनकर उभरा है, जो 15.6% की CAGR से बढ़ते हुए 2028 तक ₹85,000 करोड़ (10.2 अरब डॉलर) तक पहुंच सकती है। यह वैश्विक औसत से 1.6 गुना तेज ग्रोथ है।
डिजिटल प्लैटफॉर्म्स पर परफॉर्मेंस-आधारित ऐडवर्टाइजिंग और प्रीमियम डिजिटल OOH मीडिया ने 8.1% की ऐडवर्टाइजिंग ग्रोथ को बढ़ावा दिया है। लाइव इवेंट्स (15%), डिजिटल मीडिया (17%) और OOH मीडिया (10%) सबसे तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं प्रिंट और रेडियो जैसे पारंपरिक माध्यम भी खासकर रिटेल विज्ञापन में अपनी पकड़ बनाए हुए हैं।
FICCI M&E कमेटी के चेयरमैन केविन वाज के अनुसार, “भारत की मीडिया इंडस्ट्री बदलाव के दौर से गुजर रही है, जहां डिजिटल अपनाने और उपभोक्ता की बदलती पसंद बड़ी भूमिका निभा रही है।”
डिजिटल वर्चस्व और जनसांख्यिकीय लाभ
भारत की 91 करोड़ की मिलेनियल और Gen Z आबादी दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल यूजर बेस में शामिल है। 2024 तक भारत में 80 करोड़ ब्रॉडबैंड सब्सक्रिप्शन और 78 करोड़ इंटरनेट यूजर हैं, जो डिजिटल कंटेंट खपत को मजबूत आधार देते हैं।
YouTube भारत में 49.1 करोड़ यूजर के साथ सबसे बड़ा डिजिटल प्लैटफॉर्म बना हुआ है। म्यूजिक, कॉमेडी और एजुकेशन जैसे सेगमेंट में इसकी पकड़ मजबूत है। वहीं Instagram पर Reels और Stories के चलते यूजर्स औसतन हर महीने 20 घंटे से ज्यादा समय बिताते हैं। शॉर्ट वीडियो कंटेंट सोशल मीडिया की दिशा बदल रहा है।
भारत में डिजिटल मीडिया पर खर्च 2024 में $10.1 अरब रहा, जिसमें से $4.59 अरब अकेले VoD यानी वीडियो-ऑन-डिमांड पर खर्च हुआ।
Netflix अब भारत में 1.2–1.5 करोड़ पेड सब्सक्राइबर्स तक पहुंच चुका है। इसके लोकल ओरिजिनल कंटेंट और स्मार्ट डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटेजीज ने इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। FY24 में Netflix इंडिया की रेवेन्यू 28.5% बढ़कर ₹2,845.7 करोड़ हुई और मुनाफा 49% बढ़कर ₹52.4 करोड़ पहुंच गया।
भारत अब Netflix के लिए नए पेड यूजर्स के लिहाज से दूसरा सबसे बड़ा और रेवेन्यू ग्रोथ में तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है।
सरकारी नीतियों और इंडस्ट्री कंसोलिडेशन से नई रफ्तार
सरकार की ओर से क्रिएटर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए $1 अरब का फंड लॉन्च किया गया है, जिसका मकसद कंटेंट क्रिएटर्स को सपोर्ट देना और डिजिटल स्किल्स बढ़ाना है। साथ ही मुंबई में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज के लिए ₹400 करोड़ का बजट तय किया गया है।
इंडस्ट्री में विलय और अधिग्रहण का सिलसिला भी तेज हो गया है। Disney और Reliance के बीच $8.5 अरब का मर्जर इस साल की सबसे बड़ी डील्स में शामिल है, जिससे बनने वाली नई कंपनी 100 से ज्यादा टीवी चैनल्स और 5 करोड़ से ज्यादा स्ट्रीमिंग सब्सक्राइबर्स को संभालेगी।
यह मर्जर पारंपरिक टीवी को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ डिजिटल कंटेंट इन्वेस्टमेंट को भी रफ्तार देगा।
भारत अब ग्लोबल मीडिया इनोवेशन का न सिर्फ प्रयोगशाला, बल्कि लॉन्चपैड भी बनता जा रहा है। चाहे वो AI से लैस कहानी कहने के नए प्लेटफॉर्म हों या लाइव इवेंट्स—हर दिशा में भारत नए प्रयोगों का केंद्र बन चुका है।
1 से 4 मई के बीच मुंबई में होने जा रही WAVES 2025 समिट इसका बड़ा प्रमाण है। टेड सारंडोस, एडम मोसेरी और नील मोहन जैसे ग्लोबल लीडर्स की मौजूदगी भारत की मीडिया इंडस्ट्री के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।
आज जब पूरी दुनिया की नजरें भारत पर हैं, तो यह कहना गलत नहीं होगा कि वैश्विक मीडिया का भविष्य अब यहीं से लिखा जाएगा।
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