टूर्नामेंट को लेकर तैयारियों के बीच अभी तक किसी भी भारतीय ब्रॉडकास्टर ने इसके मीडिया राइट्स हासिल नहीं किए हैं।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
इमरान फजल, एक्सचेंज4मीडिया।।
भारत में होने वाले खेल प्रसारण के बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दुनिया के सबसे बड़े खेल आयोजनों में से एक FIFA वर्ल्ड कप 2026 को लेकर देश के प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स फिलहाल दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। दरअसल, टूर्नामेंट को लेकर तैयारियों के बीच अभी तक किसी भी भारतीय ब्रॉडकास्टर ने इसके मीडिया राइट्स हासिल नहीं किए हैं। यह स्थिति इस बात का संकेत है कि भारत में ग्लोबल स्पोर्ट्स इवेंट्स की व्यावसायिक वैल्यू को नए सिरे से आंका जा रहा है।
ब्रॉडकास्टर्स क्यों पीछे हटे? सूत्रों के मुताबिक, भारत के प्रमुख खिलाड़ी-स्टार स्पोर्ट्स (जियोस्टार), जियोसिनेमा और सोनी ने आंतरिक रूप से यह मान लिया है कि इस बार फीफा वर्ल्ड कप से अपेक्षित रिटर्न नहीं मिल पाएगा। बताया जा रहा है कि जियोस्टार ने करीब 2 करोड़ डॉलर (लगभग 20 मिलियन डॉलर) की बोली लगाई, जो फीफा की उम्मीदों से काफी कम थी। वहीं, सोनी ने बोली लगाने से ही दूरी बना ली। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का साफ कहना है कि इस बार आर्थिक समीकरण संतुलित नहीं बैठ रहे हैं। यानी महंगे राइट्स और सीमित कमाई की संभावना के चलते निवेश जोखिम भरा हो गया है।
क्रिकेट का भारी दबदबा: फीफा 2026 के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारत में क्रिकेट का वर्चस्व है। टूर्नामेंट के दौरान ही भारत-इंग्लैंड सीरीज और आईसीसी महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे बड़े क्रिकेट इवेंट्स होने हैं। ऐसे में दर्शकों का ध्यान और विज्ञापन बजट दोनों ही क्रिकेट की ओर ज्यादा झुकने की संभावना है। मीडिया विशेषज्ञों के अनुसार, क्रिकेट भारत में लगातार भरोसेमंद और ज्यादा कमाई देने वाला खेल बना हुआ है, जबकि फुटबॉल अभी भी उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया है।
विज्ञापन और कमाई की चुनौती: फीफा वर्ल्ड कप 2026 से दूरी की एक बड़ी वजह विज्ञापन बाजार में आई गिरावट भी है। रियल मनी गेमिंग (RMG) विज्ञापनों पर प्रतिबंध के बाद एक बड़ा रेवेन्यू गैप पैदा हुआ है। मिडिल ईस्ट में भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण वहां से आने वाला विज्ञापन निवेश भी प्रभावित हुआ है। इन दोनों कारणों ने ब्रॉडकास्टर्स के लिए कमाई के रास्ते सीमित कर दिए हैं।
टाइमिंग भी बनी समस्या: इस बार फीफा वर्ल्ड कप उत्तरी अमेरिका में आयोजित होगा, जिसके चलते भारत में कई मैच देर रात प्रसारित होंगे। लेट-नाइट टाइमिंग का सीधा असर टीवी रेटिंग और डिजिटल व्यूअरशिप पर पड़ता है, जिससे विज्ञापनदाताओं की दिलचस्पी कम हो जाती है।
बदल रहा है स्पोर्ट्स मीडिया बाजार: फीफा वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट में रुचि की कमी इस बात का संकेत है कि भारत का स्पोर्ट्स मीडिया बाजार अब ज्यादा व्यावहारिक और ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) केंद्रित हो गया है। पहले जहां ग्लोबल प्रतिष्ठा के आधार पर राइट्स खरीदे जाते थे, अब हर प्रॉपर्टी को उसकी कमाई की क्षमता के आधार पर आंका जा रहा है। हालांकि, इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि आखिरी समय में कम कीमत पर कोई समझौता हो सकता है, लेकिन मौजूदा स्थिति यह दिखाती है कि ब्रॉडकास्टर्स अब ज्यादा सतर्क निवेश स्ट्रैटेजी अपना रहे हैं।
(इमरान फजल द्वारा अंग्रेजी में लिखी मूल खबर को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं)
'नेटफ्लिक्स' (Netflix) में विज्ञापन उत्पादों के वाइस प्रेसिडेंट जॉन व्हिटिकॉम (Jon Whitticom) ने कहा कि यह पहल विज्ञापन प्रदर्शन को नए तरीके से परिभाषित करेगी।
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'ओमनीकॉम मीडिया ग्रुप' (Omnicom Media Group) और 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) ने विज्ञापन क्षेत्र में एक नई साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग के तहत 'ओमनीकॉम मीडिया ग्रुप' (Omnicom Media Group) की ऑडियंस इंटेलिजेंस इकाई 'एक्सिओम' (Acxiom) के डेटा और 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) की एआई (AI) आधारित विज्ञापन तकनीक को एक साथ इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि दर्शकों के लिए अधिक व्यक्तिगत और आकर्षक विज्ञापन अनुभव तैयार किए जा सकें।
नई व्यवस्था के तहत ब्रांड्स 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) के एआई-सक्षम विज्ञापन फॉर्मेट का उपयोग कर सकेंगे, जो विज्ञापनदाता की क्रिएटिव सामग्री को उन फिल्मों, सीरीज और कंटेंट की दुनिया से जोड़ता है जिन्हें दर्शक पसंद करते हैं। इसके साथ 'एक्सिओम' (Acxiom) की ऑडियंस इनसाइट्स को मिलाकर दर्शकों की रुचि और देखने की आदतों के अनुरूप विज्ञापन तैयार किए जाएंगे।
'ओमनीकॉम मीडिया' (Omnicom Media) की चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर मेगन पालियुका (Megan Pagliuca) ने कहा कि प्रीमियम स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर दर्शक प्रासंगिक और व्यक्तिगत अनुभव की अपेक्षा रखते हैं। उनके अनुसार यह साझेदारी ब्रांड्स को ऑडियंस इंटेलिजेंस और क्रिएटिव ट्रांसफॉर्मेशन को रियल टाइम में जोड़ने का अवसर देगी।
इस मॉडल के तहत 'ओमनीकॉम मीडिया' (Omnicom Media) विज्ञापनदाताओं द्वारा परिभाषित 'एक्सिओम' (Acxiom) ऑडियंस सेगमेंट और ब्रांड ब्रीफ उपलब्ध कराएगा। इसके बाद 'नेटफ्लिक्स' (Netflix) अपने एआई इंजन और एलएलएम (LLM) तकनीक की मदद से संबंधित कंटेंट और क्रिएटिव एसेट्स को जोड़कर अलग-अलग दर्शक समूहों के लिए पर्सनलाइज्ड विज्ञापन तैयार करेगा।
'नेटफ्लिक्स' (Netflix) में विज्ञापन उत्पादों के वाइस प्रेसिडेंट जॉन व्हिटिकॉम (Jon Whitticom) ने कहा कि यह पहल विज्ञापन प्रदर्शन को नए तरीके से परिभाषित करेगी। उनके अनुसार एआई (AI), डेटा, मीडिया और क्रिएटिविटी को एक मंच पर लाकर ऐसे विज्ञापन बनाए जा सकेंगे जो केवल दर्शकों का ध्यान ही नहीं खींचेंगे बल्कि बेहतर व्यावसायिक परिणाम भी देंगे।
यह सुविधा शुरुआत में अमेरिका में 'ओमनीकॉम मीडिया' (Omnicom Media) के ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी और वर्ष के अंत तक इसे अन्य देशों में भी शुरू करने की योजना है।
उपभोक्ता वस्तु (Consumer Goods) क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले सुनेजा के जुड़ने से कंपनी के नेतृत्व को व्यापक कारोबारी और उपभोक्ता-केंद्रित अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।
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ग्लोबल लगेज कंपनी सैमसोनाइट ग्रुप एस.ए. ने वैश्विक कन्फेक्शनरी कंपनी परफेटी वैन मेल के ग्रुप सीईओ समीर सुनेजा को अपने बोर्ड में स्वतंत्र गैर-कार्यकारी निदेशक (Independent Non-Executive Director) के रूप में शामिल किया है। उपभोक्ता वस्तु (Consumer Goods) क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले सुनेजा के जुड़ने से कंपनी के नेतृत्व को व्यापक कारोबारी और उपभोक्ता-केंद्रित अनुभव का लाभ मिलने की उम्मीद है।
समीर सुनेजा परफेटी वैन मेल से करीब 30 वर्षों से जुड़े हुए हैं और इस दौरान विभिन्न बाजारों तथा व्यावसायिक क्षेत्रों में कई अहम नेतृत्व भूमिकाएं निभा चुके हैं। वर्ष 2013 में उन्होंने कंपनी के CEO का पद संभाला था। इससे पहले वह ग्लोबल इनोवेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट और भारत में मैनेजिंग डायरेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
भारत में अपने कार्यकाल के दौरान समीर सुनेजा ने परफेटी वैन मेल के कई लोकप्रिय ब्रैंड्स को स्थापित करने और उनका विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उस दौर में जब देश का कन्फेक्शनरी बाजार तेजी से विकसित हो रहा था, उन्होंने कंपनी के विस्तार को गति देने और कैंडी श्रेणी में मजबूत स्थिति बनाने में अहम योगदान दिया।
मार्केटिंग और विज्ञापन के क्षेत्र में भी उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने ब्रैंड्स को अलग पहचान दिलाने के लिए नए और प्रभावी दृष्टिकोण अपनाए। मजबूत ब्रैंड पोजिशनिंग और क्रिएटिव कैंपेन के माध्यम से उन्होंने कंज्यूमर्स के बीच ब्रैंड्स की पहचान को और मजबूत बनाने में भूमिका निभाई।
परफेटी वैन मेल से पहले समीर सुनेजा फ्रिटो-ले और कोलगेट-पामोलिव में ब्रैंड मैनेजमेंट से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। इन भूमिकाओं ने उपभोक्ता व्यवहार की समझ, नवाचार और ब्रांड निर्माण के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता को मजबूत आधार प्रदान किया।
अंकित गुप्ता (Ankit Gupta) ने 'जाइडस वेलनेस' (Zydus Wellness) में कैटेगरी लीड के रूप में नई पारी शुरू की है। इससे पहले वह 'मैरिको' में ग्रुप प्रोडक्ट मार्केटिंग हेड – फूड्स के पद पर कार्यरत थे।
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अंकित गुप्ता (Ankit Gupta) ने 'जाइडस वेलनेस' (Zydus Wellness) में कैटेगरी लीड के रूप में नई जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने इस नियुक्ति की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'लिंक्डइन' (LinkedIn) पर साझा की।
अपनी पोस्ट में गुप्ता ने लिखा कि वह 'जाइडस वेलनेस' (Zydus Wellness) के स्वीटनर्स पोर्टफोलियो का नेतृत्व करने को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने इसे भारत के सबसे प्रतिष्ठित हेल्थ ब्रांड्स में से एक बताते हुए कहा कि यह ऐसा ब्रांड है जिसकी विरासत को संरक्षित रखना और भविष्य को मजबूत बनाना बेहद महत्वपूर्ण है।
'जाइडस वेलनेस' (Zydus Wellness) से जुड़ने से पहले अंकित गुप्ता (Ankit Gupta) ने तीन वर्ष से अधिक समय तक 'मैरिको' (Marico) में विभिन्न नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। अपनी पिछली भूमिका में वह ग्रुप प्रोडक्ट मार्केटिंग हेड-फूड्स के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने कंपनी में ग्रुप प्रोडक्ट मैनेजर के रूप में भी काम किया।
'मैरिको' (Marico) से पहले गुप्ता ने चार वर्षों से अधिक समय तक 'टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स' (Tata Consumer Products) में सेवाएं दीं। यहां उन्होंने सीनियर ब्रांड मैनेजर और ब्रांड मैनेजर – 'टाटा टी गोल्ड' (Tata Tea Gold) जैसी जिम्मेदारियां संभालीं।
अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने 'एमटीआर फूड्स' (MTR Foods) में भी काम किया, जहां वह मार्केटिंग मैनेजर और एरिया सेल्स मैनेजर सहित कई महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे।
'मेटा प्लेटफॉर्म्स' (Meta Platforms) ने 'क्रेड' (Cred) के संस्थापक कुणाल शाह (Kunal Shah) को 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) का नया प्रमुख नियुक्त किया है।
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'मेटा प्लेटफॉर्म्स' (Meta Platforms) ने बड़ा नेतृत्व परिवर्तन करते हुए 'क्रेड' (Cred) के संस्थापक कुणाल शाह (Kunal Shah) को 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) का नया प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की है। कुणाल शाह, 'विल कैथकार्ट' (Will Cathcart) की जगह लेंगे, जिन्होंने सात वर्षों तक 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) का नेतृत्व करने के बाद पद छोड़ने का फैसला किया है।
कंपनी ने 'विल कैथकार्ट' (Will Cathcart) के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वह 'मेटा' (Meta) के सबसे प्रभावशाली और सफल नेताओं में से एक रहे हैं। उनके नेतृत्व में 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) ने 3 अरब से अधिक यूजर्स तक अपनी पहुंच बनाई और प्लेटफॉर्म पर प्राइवेसी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कंपनी के अनुसार, कैथकार्ट अब 'मेटा' (Meta) के भीतर एक नई भूमिका संभालेंगे, जहां वह नए उत्पादों के विकास पर काम करेंगे।
इसी के साथ 'मेटा प्लेटफॉर्म्स' (Meta Platforms) ने 'क्रेड' (Cred) में 900 मिलियन डॉलर के निवेश की भी घोषणा की है। इस निवेश के बाद 'मेटा' (Meta) को कंपनी में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी। इस सौदे के बाद 'क्रेड' (Cred) का पोस्ट-मनी वैल्यूएशन 4.5 अरब डॉलर आंका गया है।
कुणाल शाह (Kunal Shah) भारत के प्रमुख स्टार्टअप उद्यमियों में गिने जाते हैं। 'क्रेड' (Cred) के जरिए उन्होंने फिनटेक और डिजिटल पेमेंट्स क्षेत्र में मजबूत पहचान बनाई है। 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) की कमान मिलने के साथ ही अब उनकी भूमिका वैश्विक टेक इंडस्ट्री में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी।
एयर इंडिया के सीईओ पद के लिए निपुण अग्रवाल और विनोद कन्नन प्रमुख दावेदार बनकर उभरे हैं। कैंपबेल विल्सन के इस्तीफे के बाद टाटा समूह नए नेतृत्व की तलाश में जुटा है।
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एयर इंडिया (Air India) के अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया के मुख्य वाणिज्यिक अधिकारी (Chief Commercial Officer) निपुण अग्रवाल (Nipun Aggarwal) और पूर्व विस्तारा (Vistara) CEO विनोद कन्नन (Vinod Kannan) इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
निपुण अग्रवाल टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण के बाद शुरू किए गए व्यापक परिवर्तन कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। एयरलाइन के वाणिज्यिक संचालन और रणनीतिक पहलों में उनकी सक्रिय भागीदारी के कारण उन्हें CEO पद के लिए एक मजबूत आंतरिक उम्मीदवार माना जा रहा है।
वहीं, विनोद कन्नन को एयरलाइन उद्योग में नेतृत्व का लंबा अनुभव है। उन्होंने विस्तारा के CEO के रूप में कार्य किया और 2024 में विस्तारा के एयर इंडिया में विलय से पहले कंपनी का नेतृत्व संभाला था। एविएशन सेक्टर में उनके अनुभव को भी इस पद के लिए बड़ी ताकत माना जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा संस (Tata Sons) के भीतर इस विषय पर चर्चा जारी है और अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) का समर्थन निपुण अग्रवाल को प्राप्त है।
गौरतलब है कि एयर इंडिया के मौजूदा CEO कैंपबेल विल्सन (Campbell Wilson) ने अप्रैल में अपने इस्तीफे की पुष्टि की थी। इसके बाद से ही उनके उत्तराधिकारी की तलाश तेज हो गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 'मेटा' बेंगलुरु स्थित फिनटेक कंपनी 'क्रेड' में करीब 4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर निवेश की संभावनाएं तलाश रही है। दोनों कंपनियों के बीच बातचीत शुरुआती चरण में बताई जा रही है।
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भारत के फिनटेक सेक्टर में एक बड़ा सौदा आकार ले सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार 'मेटा' (Meta) बेंगलुरु स्थित फिनटेक कंपनी 'क्रेड' (Cred) में निवेश को लेकर चर्चा कर रही है। बताया जा रहा है कि यह निवेश लगभग 4 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर हो सकता है।
'मनीकंट्रोल' (Moneycontrol) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में 'मेटा' (Meta) ने 'क्रेड' (Cred) में प्राइमरी कैपिटल के रूप में करोड़ों डॉलर निवेश करने की संभावना पर विचार किया है। प्रस्तावित वैल्यूएशन 2025 में कंपनी के संशोधित 3.5 अरब डॉलर के मूल्यांकन से थोड़ा अधिक है, लेकिन 2022 में हासिल 6.4 अरब डॉलर के शिखर वैल्यूएशन से काफी नीचे है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि 'मेटा' (Meta) ने अन्य रणनीतिक विकल्पों का भी आकलन किया है। इनमें कम वैल्यूएशन पर 'क्रेड' (Cred) का पूर्ण अधिग्रहण और कंपनी के संस्थापक 'कुणाल शाह' (Kunal Shah) को संगठन में परिचालन भूमिका देने जैसे विकल्प शामिल हैं। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 'मेटा' (Meta) किस दिशा में आगे बढ़ेगी।
'फेसबुक' (Facebook), 'इंस्टाग्राम' (Instagram) और 'व्हाट्सऐप' (WhatsApp) जैसे बड़े उपभोक्ता प्लेटफॉर्म्स के साथ 'क्रेड' (Cred) का भुगतान इकोसिस्टम 'मेटा' (Meta) की कॉमर्स रणनीति को नई ताकत दे सकता है।
हालांकि UPI बाजार में 'फोनपे' (PhonePe) और 'गूगल पे' (Google Pay) का दबदबा बना हुआ है, जो संयुक्त रूप से करीब 80 प्रतिशत लेनदेन नियंत्रित करते हैं। वहीं 'व्हाट्सऐप पे' (WhatsApp Pay), 'क्रेड' (Cred) और 'अमेजन पे' (Amazon Pay) की हिस्सेदारी अभी 1 प्रतिशत से भी कम बताई जाती है।
अपनी नई भूमिका में वह कंपनी की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजी को मजबूत करने के साथ-साथ मीडिया रिलेशंस, एग्जिक्यूटिव पोजिशनिंग और रेपुटेशन मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी।
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वित्तीय सेवा कंपनी ‘टाटा कैपिटल’ (Tata Capital) ने शिल्पी दासगुप्ता को असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (AVP)–कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस नियुक्त किया है। अपनी नई भूमिका में वह कंपनी की कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजी को मजबूत करने के साथ-साथ मीडिया रिलेशंस, एग्जिक्यूटिव पोजिशनिंग, थॉट लीडरशिप और रेपुटेशन मैनेजमेंट से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगी।
शिल्पी दासगुप्ता ने अपनी नई नियुक्ति की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर साझा की है।
दासगुप्ता के पास कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और मीडिया रिलेशंस के क्षेत्र में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (BFSI), फिनटेक और कॉरपोरेट सेक्टर में काम करते हुए विभिन्न रणनीतिक संचार कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है। अपने करियर के दौरान वह थॉट लीडरशिप को बढ़ावा देने, सीनियर एग्जिक्यूटिव्स की सार्वजनिक पहचान मजबूत करने और कॉरपोरेट प्रबंधन से जुड़े अभियानों का हिस्सा रही हैं।
टाटा कैपिटल से जुड़ने से पहले शिल्पी दासगुप्ता जोपर (Zopper) में AVP– मार्केटिंग एंड पीआर के पद पर कार्यरत थीं। वहां उन्होंने पब्लिक रिलेशंस और मार्केटिंग पहलों का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने कॉरपोरेट प्रबंधन, वरिष्ठ अधिकारियों के लिए कंटेंट डेवलपमेंट तथा प्रॉडक्ट्स और नए कारोबारी उपक्रमों से जुड़े संचार अभियानों की जिम्मेदारी भी संभाली।
Zopper से पहले दासगुप्ता एडेलमैन (Edelman) और वेबर शैंडविक (Weber Shandwick) में विभिन्न कम्युनिकेशंस भूमिकाओं में कार्य कर चुकी हैं। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग इंडस्ट्री के क्लाइंट्स के लिए इंटीग्रेटेड कम्युनिकेशंस, मीडिया एंगेजमेंट और ब्रैंड बिल्डिंग से जुड़ी स्ट्रैटेजी पर काम किया।
डिजिटल मार्केटिंग जगत के सबसे चर्चित आयोजनों में से एक e4m TechManch इस साल अपने दसवें संस्करण के साथ वापसी कर रहा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
डिजिटल मार्केटिंग जगत के सबसे चर्चित आयोजनों में से एक e4m TechManch इस साल अपने दसवें संस्करण के साथ वापसी कर रहा है। बहुप्रतीक्षित डिजिटल मार्केटिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन 24 जुलाई को मुंबई में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में विज्ञापन, मार्केटिंग और बिजनेस जगत की कई बड़ी हस्तियां हिस्सा लेंगी और इंडस्ट्री से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगी।
इस वर्ष e4m TechManch 2026 की थीम “Rewiring the Organisation for Tech-powered Growth” रखी गई है। इस थीम के तहत देश के प्रमुख मार्केटर्स और बिजनेस लीडर्स एक मंच पर आएंगे और इस बात पर चर्चा करेंगे कि भविष्य को ध्यान में रखकर काम करने वाले संगठन किस तरह पारंपरिक बाधाओं को तोड़ रहे हैं, मार्केटिंग प्रक्रिया के हर स्तर पर नई तकनीकों और इंटेलिजेंस को शामिल कर रहे हैं और ऐसे तकनीक-सक्षम इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जो वास्तविक कारोबारी नतीजे देने में सक्षम हों।
e4m TechManch 2026 का एजेंडा कई महत्वपूर्ण सत्रों से भरपूर होगा। इसमें प्रभावशाली कीनोट सेशन, दिलचस्प पैनल चर्चाएं और विचारोत्तेजक फायरसाइड चैट्स शामिल होंगी। इस डिजिटल मार्केटिंग सम्मेलन का उद्देश्य मार्केटर्स को इंडस्ट्री के नवीनतम रुझानों, बदलते उपभोक्ता व्यवहार और डिजिटल मार्केटिंग की नई कार्यप्रणालियों के बारे में जानकारी देना है, ताकि वे तेजी से बदलते बाजार के साथ खुद को बेहतर ढंग से तैयार कर सकें।
आज के डिजिटल दौर में सफलता काफी हद तक रियल-टाइम एंगेजमेंट, AI आधारित पर्सनलाइजेशन और डेटा-आधारित ग्रोथ रणनीतियों पर निर्भर करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में इंडस्ट्री के दिग्गज डिजिटल मार्केटिंग इकोसिस्टम के बदलते स्वरूप, उसके भविष्य, विकास की संभावनाओं, सामने आने वाली चुनौतियों और नए अवसरों पर अपने अनुभव और विचार साझा करेंगे।
इस साल e4m TechManch का फोकस उन बदलावों पर रहेगा जो तकनीक की मदद से मार्केटिंग की दुनिया को तेजी से बदल रहे हैं। सम्मेलन में AI-संचालित मार्केटिंग, आधुनिक परफॉर्मेंस मार्केटिंग रणनीतियों, नई तकनीकी नवाचारों और कंटेंट क्रिएशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन के भविष्य जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। आयोजन का उद्देश्य इंडस्ट्री से जुड़े पेशेवरों को यह समझाना है कि तकनीक और डेटा का बेहतर उपयोग करके वे अपने कारोबार को नई ऊंचाइयों तक कैसे पहुंचा सकते हैं।
e4m TechManch 2026 के जरिए एक बार फिर डिजिटल मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और बिजनेस जगत के विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे और भविष्य की मार्केटिंग रणनीतियों को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श करेंगे। इंडस्ट्री जगत की नजरें अब इस आयोजन पर टिकी हैं, जहां आने वाले समय की डिजिटल मार्केटिंग दिशा और दशा पर अहम चर्चा होने की उम्मीद है।
'फॉक्स' ने 22 अरब डॉलर में 'रोकू' का अधिग्रहण कर स्ट्रीमिंग और कनेक्टेड टीवी कारोबार में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। इस सौदे को मीडिया उद्योग की सबसे बड़ी डील्स में से एक माना जा रहा है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी 'फॉक्स' (Fox) ने 22 अरब डॉलर में कनेक्टेड टीवी प्लेटफॉर्म 'रोकू' (Roku) का अधिग्रहण कर स्ट्रीमिंग कारोबार में अपनी वापसी को और मजबूत कर लिया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा डिजिटल वीडियो, विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन बाजार में कंपनी की स्थिति को नई मजबूती देगा।
'फॉक्स' (Fox) ने पहले 'डायरेक्टटीवी' (DirecTV) और 'स्काई' (Sky) जैसे कारोबारों से दूरी बना ली थी और शुरुआती स्ट्रीमिंग प्रतिस्पर्धा से भी बाहर रही। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने 'ट्यूबी' (Tubi), 'रेड सीट वेंचर्स' (Red Seat Ventures), 'फॉक्स वन' (Fox One) और वर्टिकल वीडियो प्लेटफॉर्म 'होलीवॉटर' (Holywater) में निवेश के जरिए अपनी डिजिटल मौजूदगी बढ़ाई।
'रोकू' (Roku) वर्तमान में दुनिया के प्रमुख कनेक्टेड टीवी ऑपरेटिंग सिस्टम्स में शामिल है और इसके करीब 10 करोड़ मासिक सक्रिय उपयोगकर्ता हैं। कंपनी 'द रोकू चैनल' (The Roku Channel) और अपने चैनल स्टोर का भी संचालन करती है, जो 'अमेजन चैनल्स' (Amazon Channels) को टक्कर देता है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 'रोकू' (Roku) के पिछले 12 महीनों के लगभग 5 अरब डॉलर के राजस्व में 49 प्रतिशत हिस्सा विज्ञापन से और 39 प्रतिशत हिस्सा सब्सक्रिप्शन से आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 'रोकू' (Roku) का सेल्फ-सर्व विज्ञापन प्लेटफॉर्म भविष्य में छोटे और मध्यम कारोबारों को वीडियो विज्ञापन बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है।
'मैककैन' से अलग होने के बाद संबित मोहंती 'याप' (YAAP) में ग्रुप चीफ क्रिएटिव ऑफिसर के रूप में शामिल हो गए हैं। कंपनी ने इसे अपने विकास के अगले चरण की महत्वपूर्ण नियुक्ति बताया है।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
'मैककैन' (McCann) में अपनी विस्तारित भूमिका से अलग होने के बाद विज्ञापन जगत के अनुभवी पेशेवर संबित मोहंती (Sambit Mohanty) ने 'याप' (YAAP) में ग्रुप चीफ क्रिएटिव ऑफिसर का पद संभाल लिया है। 'याप' (YAAP) डिजिटल मार्केटिंग, कंटेंट और टेक्नोलॉजी सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली नई पीढ़ी की कंपनी है, जिसकी स्थापना अतुल हेगड़े (Atul Hegde) ने की है।
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए संबित मोहंती ने कहा कि विज्ञापन, कंटेंट, सोशल मीडिया, क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी के बीच की पारंपरिक सीमाएं अब लगभग खत्म हो चुकी हैं। उनके अनुसार भविष्य उन एकीकृत विचारों का है, जो विभिन्न प्लेटफॉर्म्स और संस्कृतियों के बीच सहज रूप से काम कर सकें। उन्होंने कहा कि 'याप' (YAAP) ने उद्यमशील सोच, मजबूत डिजिटल डीएनए और नए प्रयोगों की संस्कृति के साथ एक मजबूत आधार तैयार किया है, जिसका हिस्सा बनना उनके लिए उत्साहजनक है।
वहीं 'याप' (YAAP) के संस्थापक अतुल हेगड़े ने कहा कि आने वाले समय में मार्केटिंग की सफलता केवल मीडिया, टेक्नोलॉजी या क्रिएटिविटी से नहीं, बल्कि इन तीनों के प्रभावी मेल से तय होगी। उन्होंने संबित मोहंती को उद्योग के सबसे सम्मानित क्रिएटिव लीडर्स में से एक बताते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा है।
संबित मोहंती हाल तक 'मैककैन बेंगलुरु' (McCann Bengaluru) में बिजनेस लीडर और क्रिएटिव हेड की दोहरी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। विज्ञापन उद्योग में दो दशक से अधिक के अनुभव वाले मोहंती को ब्रांड रणनीति और प्रभावशाली कम्युनिकेशन तैयार करने की विशेषज्ञता के लिए जाना जाता है।