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पारदर्शिता को लेकर OpenPath पर उठे सवाल, WPP व डेंट्सू ने पीछे खींचे कदम

दुनिया की दो बड़ी विज्ञापन होल्डिंग कंपनियां Dentsu और WPP ने चुपचाप The Trade Desk की OpenPath पहल से दूरी बना ली है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 hour ago

दुनिया की दो बड़ी विज्ञापन होल्डिंग कंपनियां Dentsu और WPP ने चुपचाप The Trade Desk की OpenPath पहल से दूरी बना ली है। इंडस्ट्री में माना जा रहा है कि दोनों कंपनियों ने इस पहल में अपनी भागीदारी कम कर दी है।

OpenPath को साल 2022 में शुरू किया गया था। इसका मकसद था कि विज्ञापनदाता सीधे पब्लिशर्स से विज्ञापन इन्वेंट्री खरीद सकें और बीच के कई बिचौलियों को हटाया जा सके। इस पहल को इस तरह पेश किया गया था कि इससे कैंपेन का प्रदर्शन बेहतर होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रोग्रामेटिक विज्ञापन में होने वाली कई तरह की दिक्कतें कम होंगी।

लेकिन AdWeek की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इन दोनों एजेंसियों को कुछ मामलों में चिंता है। खासतौर पर फीस की स्पष्ट जानकारी, पारदर्शिता और विज्ञापन कहां दिखाए जा रहे हैं, इस बारे में साफ जानकारी को लेकर सवाल उठे हैं। इसी वजह से उन्होंने अपनी भागीदारी पर फिर से विचार करना शुरू किया।

इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि यह कदम बड़े एजेंसी ग्रुप्स और एड-टेक प्लेटफॉर्म्स के बीच बढ़ते तनाव की ओर इशारा करता है। खासकर प्रोग्रामेटिक विज्ञापन सप्लाई चेन में नियंत्रण और पारदर्शिता को लेकर अब ज्यादा चर्चा हो रही है।

कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि OpenPath की सेवाएं उन कामों से मिलती-जुलती हैं जो आमतौर पर एजेंसियों के ट्रेडिंग डेस्क करते हैं। इनमें सप्लाई-पाथ ऑप्टिमाइजेशन (SPO) और इन्वेंट्री क्यूरेशन जैसे काम शामिल हैं।

हालांकि WPP और Dentsu ने इस मामले पर टिप्पणी के लिए किए गए कॉल और मैसेज का जवाब नहीं दिया।

The Trade Desk की सफाई

दूसरी ओर The Trade Desk के अधिकारियों ने इस बात से असहमति जताई है कि OpenPath में कोई छिपी हुई लागत होती है। उनका कहना है कि यह पहल विज्ञापनदाताओं के लिए सप्लाई चेन को ज्यादा आसान और प्रभावी बनाने के लिए बनाई गई है।

कंपनी का कहना है कि OpenPath उसके सप्लाई-चेन इनिशिएटिव्स का हिस्सा है, जिन्हें ब्रांड्स और एजेंसियों के साथ मिलकर बनाया गया है ताकि पारदर्शिता, बेहतर वैल्यू और ज्यादा विकल्प मिल सकें। कंपनी के मुताबिक, पिछले एक साल में OpenPath के जरिए होने वाला खर्च लगातार बढ़ा है।

कंपनी के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर और ईवीपी Ian Colley ने भी कहा कि OpenPath कोई अलग मार्केटप्लेस नहीं है और इसमें कोई छिपी हुई फीस नहीं है। उनके अनुसार यह सिर्फ एक ऐसा रास्ता है जिससे विज्ञापनदाता पहले से टार्गेट किए गए विज्ञापन इम्प्रेशंस तक ज्यादा साफ और कम लागत में पहुंच सकते हैं।

सप्लाई चेन पर किसका नियंत्रण?

इस पूरे घटनाक्रम ने डिजिटल विज्ञापन उद्योग के एक बड़े सवाल को फिर सामने ला दिया है, आखिर सप्लाई चेन पर नियंत्रण किसका होना चाहिए?

जब डिमांड-साइड प्लेटफॉर्म (DSP) सप्लाई चेन में ज्यादा गहराई तक पहुंचने लगे हैं, तो एजेंसियां अब यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि उन्हें विज्ञापन इन्वेंट्री के रास्ते, कीमत और नीलामी की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी मिले।

OpenPath को पब्लिशर्स तक सीधा रास्ता देने के लिए बनाया गया था। इसे The Trade Desk ने ऐसे विकल्प के रूप में पेश किया था जो Google के बड़े विज्ञापन इकोसिस्टम से अलग मॉडल देता है।

लेकिन जैसे-जैसे DSP कंपनियां मार्केटप्लेस के सप्लाई हिस्से के करीब आ रही हैं, एजेंसियां और पब्लिशर्स नीलामी प्रक्रिया, फीस स्ट्रक्चर और इन्वेंट्री के स्रोत को लेकर ज्यादा स्पष्टता चाहते हैं।

एड-टेक इंडस्ट्री में बदलते समीकरण

यह घटनाक्रम एड-टेक इंडस्ट्री में बदलते रिश्तों की भी ओर इशारा करता है। बड़े एजेंसी ग्रुप्स अक्सर कुछ खास एड-टेक प्लेटफॉर्म्स के साथ रणनीतिक साझेदारी रखते हैं और उसी आधार पर अपने क्लाइंट्स के विज्ञापन बजट का बड़ा हिस्सा तय करते हैं।

जैसे-जैसे DSP प्लेटफॉर्म अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं और सप्लाई चेन में आगे बढ़ रहे हैं, एजेंसियां और विज्ञापनदाता अब पारदर्शिता, इन्वेंट्री की गुणवत्ता और फैसले लेने की स्पष्टता पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।

The Trade Desk के लिए OpenPath उसकी लंबी रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है। ऐसे में वैश्विक एड-टेक बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच एजेंसी पार्टनर्स के साथ मजबूत संबंध बनाए रखना कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेगा।


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