होम / ऐड वर्ल्ड / नहीं रुका कमलनाथ की फजीहत का सिलसिला, ‘भूल सुधार’ में भी भूल कर गए कांग्रेसी
नहीं रुका कमलनाथ की फजीहत का सिलसिला, ‘भूल सुधार’ में भी भूल कर गए कांग्रेसी
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिन के मौके पर कांग्रेस कमेटी की ओर से प्रदेश के अधिकांश अखबारों में दिए गए थे विज्ञापन
नीरज नैयर 6 years ago
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपना 73वां जन्मदिन हमेशा याद रहेगा। पहले उन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस द्वारा जारी विज्ञापन के लिए फजीहत झेलनी पड़ी, फिर उस विज्ञापन की गलतियों के लिए छपे ‘भूल सुधार’ में उनका नाम ही भुला दिया गया। अब इस ‘भूल’ को वाकई भूल माना जाए या साजिश, इसका फैसला तो कमलनाथ को ही करना है।
दरअसल, 18 नवंबर को कमलनाथ का जन्मदिन था। इस मौके पर कांग्रेस कमेटी की तरफ से प्रदेश के अधिकांश अखबारों में विज्ञापन छापे गए। इन विज्ञापनों का मकसद मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान खिलाना और जनता को उनके संघर्ष से रूबरू कराना था, लेकिन हुआ इसके एकदम उलट।
कुछ विज्ञापनों में कमलनाथ की तारीफ के साथ-साथ इतिहास का हवाला देकर उन पर तंज भी कसे गए। बात जब आम हुई तो बवाल मच गया। पहले कांग्रेस नेता संबंधित विज्ञापन से पल्ला झाड़ते रहे और दूसरे दिन अखबारों में प्रकाशित ‘भूल सुधार’ के जरिये अपनी भूल सुधारने का प्रयास किया गया, लेकिन फजीहत का सिलसिला यहीं नहीं रुका।
‘भूल सुधार’ में फिर एक ऐसी भूल कर दी गई, जिसे देखकर कमलनाथ का आगबबूला होना लाजमी है। संबंधित अखबारों में ‘भूल सुधार’ की सूचना के तहत विवादस्पद विज्ञापनों को दुरुस्त करके पुन: दूसरे दिन प्रकाशित किया गया। पहली नजर में सबकुछ ठीक नजर आया है, पर जब नजरों पर जोर दिया गया, तो ‘भूल’ में एक और भूल नजर के सामने आ गई।
संशोधित विज्ञापन के पहले पैरा में मुख्यमंत्री का नाम ही बदल दिया गया। उन्हें कमलनाथ से कमलाथ बनाया गया है। ‘सांसद से मुख्यमंत्री तक का सफर’ शीर्षक तले कमलनाथ की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया है, जिसकी आखिरी लाइन कहती है, ‘कमलाथ के नेतृत्व में कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश में शानदार विजय हासिल की।’ इसे टाइपिंग त्रुटि कहा जा सकता है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या पहली गलती से सबक लिया गया? यदि लिया गया होता तो एक-एक शब्द को ध्यान से पढ़ा जाता और तब शायद कमलनाथ को पुन: अपना सिर नहीं पकड़ना पड़ता।
आमतौर पर कोई विज्ञापन जारी करने से पहले उसकी कई बार प्रूफरीडिंग की जाती है तो फिर मुख्यमंत्री से जुड़े विज्ञापन को पुन: जांचना कांग्रेसियों को क्यों याद नहीं रहा, यह समझ से परे है। बहरहाल यह आपसी साजिश है या भूल, ये कांग्रेस का आंतरिक मामला है, पर इतना तय है कि कमलनाथ ने ऐसा जन्मदिन पहले कभी नहीं मनाया होगा और न ही भविष्य में मनाना चाहेंगे।
विज्ञापन में हुई इस गलती को आप यहां देख सकते हैं-
टैग्स कमलनाथ विज्ञापन एजेंसी गलती भूल सुधार