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कमलनाथ के बर्थडे विज्ञापन पर छपा 'भूल सुधार', उड़ा खूब मजाक
आज संबंधित अखबारों में भूल सुधार के साथ संशोधित विज्ञापन प्रकाशित किया गया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
विज्ञापनों से तौबा करने वाली मध्यप्रदेश कांग्रेस ‘विज्ञापन’ को लेकर ही घिर गई है। सोशल मीडिया पर पार्टी का जमकर मजाक बनाया जा रहा है। भाजपा नेताओं को तो जैसे बैठे-बैठाए कांग्रेस पर ‘तीर’ चलाने का मौका मिल गया है और वे इस मौके को बखूबी भुना रहे हैं।
वैसे, इस मामले में ठीकरा विज्ञापन जारी करने वाली एजेंसी के माथे पर फोड़ दिया गया है। आज संबंधित अखबारों में संशोधित विज्ञापन प्रकाशित किया गया है और ‘भूल सुधार’ के माध्यम से बाकायदा यह साफ करने का प्रयास किया गया है कि ‘गलतियों’ का विज्ञापनदाता यानी मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी से कोई लेना देना नहीं है। वैसे, ये समझना मुश्किल है कि नेताओं ने बिना जांचे-परखे ही विज्ञापन को हरी झंडी कैसे दिखा दी? वो भी तब जब विज्ञापन मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिन से जुड़ा हो।
दरअसल, 18 नवंबर को कमलनाथ का जन्मदिन था, इस उपलक्ष्य में कांग्रेस नेताओं की तरफ से लगभग सभी अखबारों में फुल पेज विज्ञापन दिए गए। ऐसा ही एक विज्ञापन मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की तरफ से जारी किया गया, जिसमें कमलनाथ के जीवन से जुड़ी कुछ बातों पर प्रकाश डाला गया। जन्मदिन जैसे मौकों पर फोकस ‘अच्छी बातों’ पर रहना चाहिए, लेकिन विज्ञापन में कुछ ऐसी बातें भी शामिल हो गईं, जिन्हें पढ़ने के बाद तारीफ से ज्यादा कटाक्ष या तंज का अहसास हुआ।
मसलन- (1) सन 1993 में कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा थी। बताया जाता है कि तब अर्जुन सिंह ने दिग्विजय सिंह का नाम आगे किया और इस तरह कमलनाथ उस वक्त सीएम बनने से चूक गए। अब 25 साल बाद दिग्विजय के समर्थन से उन्हें मुख्यमंत्री बनने का मौका मिला। (2) छिंदवाड़ा से कमलनाथ को 1996 में हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें सुंदरलाल पटवा ने चुनाव मैदान में पटखनी दी थी।
(3) आपातकाल के बाद जनता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेजा था। तब इंदिरा संजय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं। कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़ पड़े और जज ने उन्हें सात दिन के लिए तिहाड़ भेज दिया। वहां वे संजय गांधी के साथ ही रहे।’
विज्ञापन की चर्चा आम होते ही भाजपा नेता अपने शाब्दिक ‘अस्त्रों’ को लेकर मोर्चे पर आ गए और कांग्रेस को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर भी कांग्रेस को घेरा गया। इतना सब होने के बाद जाहिर है कि खलबली मचनी थी। कांग्रेस नेता पहले खामोशी साधे रहे फिर डैमेज कंट्रोल के लिए सामने आये।
वरिष्ठ नेताओं द्वारा कहा गया कि कांग्रेस कमेटी ने विज्ञापन जारी नहीं किया है, लेकिन आज के संबंधित अखबारों में विज्ञापन के नीचे प्रकाशित ‘भूल सुधार’ उनके ही दावे को गलत साबित कर रहा है। ‘भूल सुधार’ में लिखा गया है, ‘एजेंसी की गलती के कारण 18 नवंबर के अंक में कुछ त्रुटिपूर्ण पंक्तियां प्रकाशित हो गई थीं। इसका विज्ञापनदाता से कोई लेना-देना नहीं है। इसका हमें खेद है, भूल सुधार करते हुए विज्ञापन दोबारा प्रकाशित किया जा रहा है’। अब भले ही ‘गलती’ का ठीकरा किसी के सिर भी फोड़ा जाए, फजीहत तो कांग्रेस की हो ही गई है। कमलनाथ पर अपनों से मिली इन ‘शुभकामनाओं’ का क्या असर हुआ होगा, समझा जा सकता है।
ऐसे ही एक अखबार में छपे भूल सुधार को आप यहां देख सकते हैं।
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