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जानें, IIMC के प्रोफेसर क्यों बोले-'उर्दू के चाहने वालो मदद कीजिए'
हर साल देश भर से सैकड़ों छात्र-छात्राएं आईआईएमसी में पत्रकारिता कोर्स के लिए आते हैं
पंकज शर्मा 6 years ago
देश के प्रतिष्ठित मास कम्युनिकेशन शिक्षण संस्थान ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (IIMC) के उर्दू पत्रकारिता कोर्स में छात्रों की रुचि नहीं दिखाई दे रही है। शायद यही कारण है कि सात साल पहले शुरू हुए इस कोर्स को अब भी छात्रों की तलाश है। बताते हैं कि आईआईएमसी में उर्दू पत्रकारिता कोर्स की शुरुआत वर्ष 2012-13 में की गई थी। इसमें फिलहाल 15 सीटें हैं, लेकिन तब से लेकर किसी भी साल एक बार भी ये सीटें भर नहीं पाई हैं।
इस साल की ही बात करें तो अब तक इस कोर्स में सिर्फ तीन छात्रों ने एडमिशन लिया है। ऐसे में अब आईआईएमसी के प्रोफेसर आनंद प्रधान ने इस कोर्स के लिए मदद की अपील की है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा है, 'उर्दू के चाहने वालो मदद कीजिए। आप या आपके कोई जानकार नौजवान दोस्त उर्दू पत्रकारिता में डिप्लोमा करना चाहते हैं तो आईआईएमसी ने एक मौका मुहैया कराया है। दाखिले के लिए फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 29 जुलाई है।'
गौरतलब है कि हर साल देश भर से सैकड़ों छात्र-छात्राएं आईआईएमसी में पत्रकारिता कोर्स के लिए आते हैं। इस संस्थान में हिंदी, अंग्रेजी के अलावा मलयाली, उड़िया व मराठी भाषाओं में भी डिप्लोमा कराया जाता है। आईआईएमसी के प्रोफेसर आनंद प्रधान द्वारा किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-
#उर्दू के चाहनेवालों मदद कीजिए!
— Anand Pradhan (@apradhan1968) July 18, 2019
आप या आपके कोई जानकार नौजवान दोस्त #उर्दू_पत्रकारिता में डिप्लोमा करना चाहते हैं तो @IIMC_India ने एक मौक़ा मुहैया कराया है।
दाख़िले के लिए फ़ार्म जमा करने की आख़िरी तारीख़ 29 जुलाई है।ज्यादा जानकारी यहाँ है:https://t.co/pGEi4A1jzy#Urdu #Retweet pic.twitter.com/bZBocT4CTW
टैग्स आईआईएमसी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन भारतीय जनसंचार संस्थान प्रो.आनंद प्रधान उर्दू कोर्स