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होमो सेक्सुअलिटी भ्रम है, मिथ्या है,सेक्सुअल कुंठा है ...
होमो सेक्सुअलिटी एक भ्रम है, एक मिथ्या है। ऐसे किसी भी रिश्ते...
समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 years ago
निशि भाट
होमो सेक्सुअलिटी एक भ्रम है, एक मिथ्या है। ऐसे किसी भी रिश्ते का दूरगामी परिणाम अब तक बेहतर नहीं देखा गया है। किन्नरों के लिए जिन्हें भगवान ने कोई भी निर्धारित जेंडर नहीं दिया, उनके लिए यह मजबूरी हो सकती है, लेकिन एक स्त्री और एक पुरुष को समझने की मशक्कत से बचने के लिए बनाए गए समलैंगिक रिश्ते सेक्सुअल कुंठा को प्रदर्शित करते हैं।
खैर, पांच से छह साल रिलेशनशिप में रहने के बाद उन दोनों मित्रों में एक लड़की जो लड़के की भूमिका निभाती थी, उसने महिला मित्र पर शादी का दवाब बनाया और उसकी किसी और जगह शादी न होने देने का हर संभव प्रयास करती रही। मुझे बताई गई सूचना के अनुसार लड़के का रोल निभा रही लड़की ने कई बार चिकित्सक से अपना लिंग बदलवाने के लिए भी संपर्क किया, अपनी लड़की मित्र पर बेवजह दवाब बनाना, दूसरे लड़कों से मिलने के लिए मना करना और घर पहुंचते ही उसका मोबाइल चेक करना आदि, ऐसी हरकतों से जब वह परेशान हो गई तो उसने विद्रोह किया। इसके बाद दोनों में जबरदस्त झगड़ा होने लगा और लड़के का चरित्र निभा रही लड़की ने अपनी दोस्त के साथ मारपीट तक शुरू कर दी। इसके बाद लड़की ने पुलिस में शिकायत की। हालांकि, पुलिस स्टेशन में दोनों को रूममेट मानकर अलग रहने के लिए कहा गया, लेकिन असल कहानी सामने ही नहीं आ पाई।
इसी तरह दो लड़कों के बीच के ऐसे संबंध में एक लड़की का चरित्र निभा रहा होता है तो दूसरा लड़के का। यदि कोई भी ऐसा गे या समलैंगिक संबंध जिसमें एक लड़का या एक लड़की का रोल निभा रहा तो अप्राकृतिक रिश्ते का सामान्य रिश्ता बनाने की बेकार कोशिश ही कही जाएगी। निश्चित रूप से दोनों पक्ष में एक पक्ष कुछ दिन बाद जेंडल बदलने का भी प्रयास करता है। यदि यह प्रयास कामयाब हो जाता है तो ठीक, लेकिन असफलता में रिश्तों में तकरार शुरू होने लगती है। अब आप खुद समझिए, लिंग परिवर्तन के इस रिश्ते को कहां तक सामान्य संबंध माना जा सकता है। फिर कहती हूं, किन्नर और ट्रांसजेंडर से अपनी तुलना मत कीजिए प्लीज...
(ये लेखक के निजी विचार हैं।)
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