होम / विचार मंच / बाजार में एफआईआई कब लौटेंगे? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

बाजार में एफआईआई कब लौटेंगे? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

भारतीय शेयर बाज़ार की क़िस्मत FII से जुड़ी रही है। विदेशी निवेशक पैसे लगाते हैं तो बाज़ार ऊपर जाता है और निकालते हैं तो नीचे। भारतीय शेयर बाज़ार में अब भी सबसे बड़े मालिक है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 11 months ago

मिलिंद खांडेकर, वरिष्ठ पत्रकार।

भारतीय शेयर बाज़ार में पिछले पाँच महीनों में 15% से ज़्यादा गिरावट आयी है। इस गिरावट का कारण है विदेशी निवेशक यानी Foreign Institutional Investors जो शेयर बेच ज़्यादा रहे हैं और ख़रीद कम रहे हैं। इस साल अब तक डेढ़ लाख करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं। म्यूचुअल फंड से जैसे Domestic Institutional Investor (DII) ख़रीद कर भरपाई कर रहे हैं। फिर भी बाज़ार को उठा नहीं पा रहे हैं।

भारतीय शेयर बाज़ार की क़िस्मत FII से जुड़ी रही है। विदेशी निवेशक पैसे लगाते हैं तो बाज़ार ऊपर जाता है और निकालते हैं तो नीचे। भारतीय शेयर बाज़ार में अब भी सबसे बड़े मालिक है। उनके पास 17% शेयर है। लगभग इतने ही शेयर DII के पास है। आने वाले समय में DII आगे भी निकल सकते हैं। पिछले 6 महीनों में FII ने 3.23 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं जबकि DII ने 3.37 लाख करोड़ रुपये की ख़रीदारी की है।

इसका कारण है Systematic Investment Plan ( SIP) से आने वाला पैसा। यह पैसा जब तक आता रहेगा तब तक विदेशी निवेशकों का माल म्यूचुअल फंड ख़रीद सकते हैं। यह सिलसिला धीमा पड़ा तो बाज़ार में और दिक़्क़त हो सकती है। तो अब लौटते हैं बिलियन डॉलर सवाल पर, FII को वापस बुलाने के लिए माँग उठ रही है कि कैपिटल गेन्स टैक्स ख़त्म किया जाए।

विदेशी निवेशक किसी देश में यह टैक्स नहीं देते हैं इसलिए भारत भी ना लगाएँ। Helios Capital के फाउंडर समीर अरोड़ा का वीडियो वायरल है जिसमें वो बता रहे हैं कि सरकार को इससे 2023 में 82 हज़ार करोड़ रुपये मिले हैं जबकि शेयर बाज़ार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण 1 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुक़सान हो चुका है।

सरकार इसे हटा देती है तो विदेशी निवेशकों को राहत मिलेगी। एक अनुमान के मुताबिक़ FII भारत में ₹100 लगाते हैं और ₹10 कमाते हैं तो लाँग टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स में ₹1.25 कट जाएँगे और शॉर्ट टर्म टैक्स लगने पर ₹2 कटेंगे। सरकार यह माँग तुरंत मान लेगी ऐसा नहीं लगता है। सरकार इनकम टैक्स में कटौती कर चुकी है जिससे क़रीब ₹1 लाख करोड़ का नुक़सान होने का अनुमान है। तो फिर FII कैसे लौटेंगे? तो इसका जवाब है जिन कारणों से उन्होंने बिकवाली की है उसमें जब बदलाव होगा। तीन मुख्य कारण हैं। कमजोर अर्थव्यवस्था : अगले साल GDP ग्रोथ 6.3% रहने का अनुमान है, जिससे कंपनियों के मुनाफ़े बढ़ सकते हैं।

महंगे शेयर : मुनाफ़े में गिरावट से शेयर महंगे हो गए हैं। दो ही रास्ते हैं, या तो शेयर 10-15% और गिरें या फिर कंपनियों की कमाई बढ़े। रुपये की गिरावट : पिछले एक साल में रुपया 3% गिरा है। जब FII बिकवाली कर निकलते हैं, तो उन्हें रुपये मिलते हैं, जिन्हें डॉलर में बदलने पर घाटा होता है। इस सबके बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने बाज़ारों को अनिश्चितता में डाल रखा है।

पता नहीं कौनसा फ़ैसला कब करेंगे या पलट देंगे। ऐसे में विदेशी निवेशकों को अमेरिका बॉन्ड में निवेश सेफ़ लगता है। 4-5% रिटर्न मिल जाता है। फिर चीन का बाज़ार है। विदेशी निवेशकों को सस्ता लग रहा है, इसलिए वहाँ पैसे लगा रहे हैं। ऐसे में जानकार कहते हैं कि FII भारत में लौटेंगे ज़रूर लेकिन वापसी में 3 से 6 महीने लग सकते हैं।

( यह लेखक के निजी विचार हैं )


टैग्स
सम्बंधित खबरें

AI पर नियंत्रण करना भी बेहद आवश्यक: रजत शर्मा

प्रधानमंत्री मोदी ने कम शब्दों में कई बड़ी बातें कहीं। भारत एआई में विश्व का अग्रणी बनना चाहता है, हमारे देश के पास दिमाग़ भी है, युवा शक्ति भी है और सरकार का समर्थन भी है।

1 day ago

रामबहादुर राय-पत्रकारिता क्षेत्र में शुचिता और पवित्रता के जीवंत व्यक्तित्व

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वे शीर्ष नेताओं में थे। जब पत्रकारिता में आए तो शीर्ष पत्रकार बने। आज की भारतीय पत्रकारिता में उन सरीखे सम्मानित और सर्वस्वीकार्य नाम बहुत कम हैं।

1 day ago

भविष्य को आकार देने की कोशिश कर रहा है भारत: राहुल कंवल

यदि कुछ समय के लिए राजनीति को अलग रख दें, तो एक बात स्पष्ट है। भारत की एआई रणनीति (AI strategy) की सफलता में हमारे सामूहिक भविष्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा निहित है।

2 days ago

मधुसूदन आनंद हमेशा यादों में बने रहेंगे : अनिल जैन

आनंद जी ने जर्मनी में 'डायचे वेले' (द वाॅयस ऑफ जर्मनी) में कुछ सालों तक काम किया और वे 'वाॅयस ऑफ अमेरिका' के नई दिल्ली स्थित संवाददाता भी रहे।

3 days ago

प्रवक्ता, अहंकार और संवाद की संवेदनहीनता का सबक: नीरज बधवार

चूंकि समाज के अवचेतन में अंग्रेज़ी को लेकर एक हीन भावना मौजूद है, इसलिए जो व्यक्ति अंग्रेज़ी में प्रभावशाली ढंग से बोल लेता है, वह अक्सर खुद को विद्वान भी मान बैठता है।

3 days ago


बड़ी खबरें

पद्मश्री आलोक मेहता की कॉफी-टेबल बुक 'Revolutionary Raj' का भव्य लोकार्पण

शुभी पब्लिकेशंस द्वारा प्रकाशित यह कॉफी-टेबल बुक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों पर केंद्रित है। इसका भूमिका लेख (Foreword) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा है।

9 hours ago

BBC के पूर्व इंडिया हेड संजीव श्रीवास्तव ने खोली कचौरी की दुकान, बताई ये वजह

समाचार4मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि दुकान की री-मॉडलिंग और तैयारियों में करीब छह महीने लगे और इस दौरान कई जटिलताएं भी सामने आईं, लेकिन अब चीजें धीरे-धीरे स्थिरता की ओर हैं।

1 hour ago

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की फैक्ट-चेकिंग यूनिट मामले में याचिका फिर से की बहाल

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उस याचिका को फिर से बहाल कर दिया है, जिसमें केंद्र ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

1 day ago

प्रसार भारती ने WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाई

प्रसार भारती ने अपने OTT प्लेटफॉर्म WAVES पर सैटेलाइट टीवी चैनलों को जोड़ने के लिए आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ा दी है।

1 day ago

WBD डील पर Paramount को शुरुआती राहत, अमेरिका में एंटीट्रस्ट अवधि पूरी

Warner Bros. Discovery को खरीदनें को लेकर बड़ी कंपनियों के बीच जोरदार मुकाबला चल रहा है। अब देखना होगा कि आखिर यह डील किसके हाथ लगती है

1 day ago