डॉ. हरीश भल्ला और भी बहुत कुछ थे, बहुत कुछ करते थे, काफ़ी कुछ करना चाहते थे। सब कुछ दूसरों के लिए। अपने लिए न तो किसी सम्मान की मांग की और न किसी पुरस्कार के लिए संघर्ष किया।
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समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।