उस दिन 'मामाजी' से मिलकर ऐसा लगा जैसे बहुत कुछ सीखने-समझने को मिल गया: आलोक मेहता

मालवा क्षेत्र के उज्जैन, इंदौर और सिंधिया रियासत के ग्वालियर में उस समय पत्रकारिता के मामा आदरणीय माणिकचंद वाजपेयी और बाबा राहुल बारपुतेजी को पहले पढ़ने, फिर देखने-मिलने का सौभाग्य मिला

आलोक मेहता by
Published - Wednesday, 07 October, 2020
Last Modified:
Wednesday, 07 October, 2020
Alok Mehta


आलोक मेहता, वरिष्ठ पत्रकार।। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, गणेश शंकर विद्यार्थी, माखनलाल चतुर्वेदी को देखने का सौभाग्य तो मुझे नहीं मिला, लेकिन मालवा क...
Read More
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए