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वायनाड में राहुल गांधी के लिए आसान वॉकओवर नहीं: रजत शर्मा
वायनाड में इस बार राहुल गांधी का मुकाबला CPI की एनी राजा और केरल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन से है। सुरेंद्रन ने गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल किया।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago
रजत शर्मा, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
बुधवार को राहुल गांधी ने वायनाड से नामांकन पत्र दाखिल किया। बहन प्रियंका गांधी भी राहुल के साथ थी लेकिन प्रियंका खुद चुनाव लड़ेंगी या नहीं, इसका फैसला भी नहीं हुआ है। पर्चा भरने से पहले राहुल गांधी ने बड़ा रोड शो किया। कांग्रेस ने वायनाड में अपनी ताकत दिखाई, रोड शो में जबरदस्त भीड़ उमड़ी। वायनाड में राहुल के सारे प्रोग्राम का इंतजाम कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने किया था। वायनाड में राहुल ने नरेन्द्र मोदी, बीजेपी, आरएसएस के साथ साथ वाम मोर्चा को भी कोसा।
राहुल ने कहा कि उन्होंने तो वायनाड को अपना परिवार माना लेकिन यहां की समस्याएं दूर नहीं कर पाए क्योंकि केरल की वाम मोर्चा सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। राहुल ने वादा किया कि जब केंद्र और राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो वो वायनाड के सारे मुद्दे हल कर देंगे। केरल में 26 अप्रैल को वोटिंग होगी। वायनाड में इस बार राहुल गांधी का मुकाबला CPI की एनी राजा और केरल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के. सुरेंद्रन से है। सुरेंद्रन ने गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। CPI की एनी राजा ने बुधवार को ही पर्चा भर दिया।
एनी राजा हजारों कार्यकर्ताओं के साथ पैदल चलकर कलक्टक के दफ्तर में पहुंची। एनी राजा ने कहा कि राहुल गांधी वायनाड के लोगों के लिए बाहरी हैं, उनकी भाषा नहीं जानते, उनके मुद्दों को नहीं समझते, पिछले 5 साल में संसद में राहुल ने एक बार भी वायनाड की बात नहीं की। एनी राजा ने कहा कि पिछली बार लोगों ने राहुल को वोट इसलिए दे दिया था क्योंकि ये भ्रम फैलाया गया था कि कांग्रेस जीत रही है और राहुल देश के प्रधानमंत्री बनेंगे, अब वायनाड के लोगों को हकीकत समझ में आ गई है। एनी राजा सीपीआई के महासचिव डी. राजा की पत्नी हैं।
CPI मोदी विरोधी मोर्चे का हिस्सा है लेकिन CPI ने वायनाड में राहुल गांधी के खिलाफ उम्मीदवार उतार दिया। एनी राजा की सामाजिक कार्य़कर्ता के तौर पर मान भी है, लेफ्ट का वोट बैंक भी है। बीजेपी भी वायनाड में पूरी ताकत से चुनाव लड़ रही है, इसलिए राहुल को दिक्कत हो सकती है। राहुल गांधी को पिछले चुनाव में वायनाड में 65 परसेंट वोट मिले थे, जबकि लेफ्ट को 24 परसेंट। अंतर तो बहुत था, इसलिए कांग्रेस के लोग दावा कर सकते हैं कि राहुल गांधी आसानी से जीत जाएंगे लेकिन CPI की उम्मीदवार राहुल गांधी के बारे में क्या कहती हैं ये बहुत दिलचस्प हैं।
एनी राजा पूछ रही हैं कि राहुल ने इस क्षेत्र के लिए क्या किया? राहुल ने तो संसद में एक बार भी वायनाड का नाम नहीं लिया। एनी राजा ये भी कह रही हैं कि यहां के लोग कहते हैं कि वो राहुल गांधी से बिना दुभाषिए के बात भी नहीं कर सकते। ऐसा MP किस काम का? वैसे भी केरल में 2019 से 2024 तक बहुत कुछ बदल गया है। RSS के कार्यकर्ताओं की हत्या को बीजेपी ने बड़ा मुद्दा बनाया, इसके खिलाफ संघर्ष किया, जमीन पर RSS ने बहुत काम किया, बीजेपी का नेटवर्क भी केरल के हर जिले तक पहुंच गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनाव प्रचार की शुरूआत केरल में ही रोड शो करके की थी। अब पीएम मोदी की सभाएं भी होंगी। इसलिए राहुल को आसानी से वॉकओवर तो नहीं मिलेगा। कांग्रेस को इस बात का फायदा जरूर मिल सकता है कि वायनाड में पचास परसेंट से ज्यादा मुस्लिम आबादी है। SDPI ने भी इस बार कांग्रेस को सपोर्ट करने का एलान किया है, इसलिए कांग्रेस के नेताओं में आत्मविश्वास है। लेकिन बीजेपी अब SDPI के सपोर्ट को भी मुद्दा बना रही है क्योंकि SDPI को PFI (People’s Front of India) का पॉलिटिकल विंग कहा जाता है और PFI पर जिहादी आतंकवादी गतिविधियों के कारण बैन लगाया गया है।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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