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IMF व विश्व बैंक पाकिस्तान को कर्ज देना बंद करें: रजत शर्मा
भारत के कड़े रुख के बाद IMF ने कहा है कि पाकिस्तान को जो पैसा दिया गया है वो उसके रिजर्व बैंक में जमा है। इसे पाकिस्तान की सरकार बजट के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकती।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 8 months ago
रजत शर्मा, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।
पाकिस्तान को पानी के सवाल पर घेरने और आतंकियों के अड्डे नेस्तनाबूद करने के बाद अब भारत ने पाकिस्तान पर फाइनेंशियल स्ट्राइक करने का फैसला किया है। भारत अब विश्व बैंक और IMF के सामने पाकिस्तान के आतंकी कनेक्शन के सबूत देगा। विश्व बैंक से इस्लामाबाद को होने वाली फंडिंग रोकने को कहेगा। पाकिस्तान विश्व बैंक से बीस अरब डॉलर का कर्ज हासिल करने के लिए हाथ पैर मार रहा है लेकिन भारत सरकार ने बैंक से साफ-साफ कहा है कि पाकिस्तान आतंक की सरपरस्ती करने वाला देश बन चुका है।
इसलिए पाकिस्तान की फंडिंग बंद करना जरूरी है। अब पाकिस्तान को बीस अरब डॉलर तो क्या, एक पाई भी नहीं मिलनी चाहिए। इसके अलावा भारत ने FATF यानी Financial Action Task Force से पाकिस्तान को फिर से Grey लिस्ट में डालने की मांग की है ताकि भविष्य में पाकिस्तान को किसी देश से कर्ज न मिल सके।
IMF ने एक हफ्ता पहले पाकिस्तान को 1.4 अरब डॉलर की मदद दी, भारत ने इस पर आपत्तियां उठाई। IMF को इस बात के सबूत सौंपे हैं कि उससे मिले पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान आतंकवादियों को पालने-पोसने में कर रहा है। अब IMF ने पाकिस्तान पर 11 नई शर्तें लगाई हैं। IMF ने पिछले साल ही पाकिस्तान को 7 अरब डॉलर का कर्ज़ मंजूर किया था। जिनमें से 1.4 अरब डॉलर पाकिस्तान को इसी महीने मिले हैं। पाकिस्तान के ऊपर 224 अरब डॉलर का क़र्ज़ है जो GDP के 70 फीसद के बराबर है।
भारत के कड़े रुख के बाद IMF ने कहा है कि पाकिस्तान को जो पैसा दिया गया है वो उसके रिजर्व बैंक में जमा है। इसे पाकिस्तान की सरकार बजट के तौर पर इस्तेमाल नहीं कर सकती। इस पैसे का इस्तेमाल सिर्फ उन विकास योजनाओं पर होगा, जिसके लिए दिया गया है। IMF ने कहा है कि उसकी टीम इस फंड के इस्तेमाल पर नजर रखेगी और अगर पाकिस्तान ने इस फंड का गलत इस्तेमाल किया तो उसे भविष्य में कौई पैसा नहीं मिलेगा।
इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि पाकिस्तान को IMF का कर्ज़ कैसे मिला। विदेश मामलों के विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी ने लिखा है कि इसके लिए ट्रंप जिम्मेदार है। ब्रह्म चेलानी का दावा है कि पाकिस्तान को लेकर डॉनल्ड ट्रंप का रुख एक डील को लेकर बदला। उन्होंने याद दिलाया कि कई साल पहले ट्रंप ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया था कि पाकिस्तान से अमेरिका को झूठ और फरेब के अलावा कुछ नहीं मिला।
Nothing but lies and deciet। लेकिन अब ट्रंप भारत और पाकिस्तान को एक ही नजर से क्यों देख रहे हैं। ब्रह्म चेलानी के मुताबिक, ट्रंप के रुख में बदलाव की वजह ट्रंप के परिवार से जुड़ी एक क्रिप्टोकरेंसी फर्म की डील है। ब्रह्म चेलानी ने ट्विटर पर लिखा कि 26 अप्रैल को पाकिस्तान ने WLF (World Liberty Financial) कंपनी के साथ पार्टनरशिप साइन की। इस फर्म के अधिकारियों को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ ने रेड कार्पेट वेलकम दिया।
ब्रह्म चेलानी का आरोप है कि क्रिप्टो बिजनेस से ट्रंप के परिवार को अरबों डॉलर का फायदा हुआ। इसको लेकर दो तरह की बातें सामने आई हैं। एक तो ये कि पाकिस्तान की WLF से डील तो हुई पर अरबों का फायदा हुआ इसका कोई सबूत नहीं है। दूसरा, पाकिस्तान को IMF का कर्ज़ इस डील की बदौलत मिला, इसका भी सबूत नहीं है। मुझे लगता है कि इस मामले में किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने से पहले ब्यौरे का इंतजार करना चाहिए।
जहां तक पानी का सवाल है, पाकिस्तानी फौज के प्रवक्ता ने कहा है कि अगर भारत पानी बंद करेगा, तो हम उनकी सांस बंद कर देंगे। फौज के प्रवक्ता और हाफिज सईद जैसे आतंकवादी एक ही भाषा बोलते हैं। ये बात किसी से छिपी नहीं है कि मोदी की वॉटर स्ट्राइक से पाकिस्तान के नेता किस कदर घबराए हुए हैं। लेकिन अगर वो ये सोच रहे हैं कि अमेरिका उन्हें बचा लेगा तो वो गलतफहमी में हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा है कि पाकिस्तान के मामले में किसी तीसरे मुल्क का न कोई रोल है, न होगा। अगर पाकिस्तान बात करना चाहता है, तो भारत सिर्फ POK के मुद्दे पर बात करेगा। जबतक पाकिस्तान की फौज और पाकिस्तान में छिपे हाफिज सईद और मसूद अजहर जैसे आतंकवादी सरगना एक ही भाषा बोलते रहेंगे तब तक भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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