‘कल्याण कर सिर्फ वरिष्ठ पत्रकार नहीं थे, बल्कि वह कई रूपों में हमारे जीवन का हिस्सा थे’

उनके साथ काम करने वाले लोग उन्हें एक सख्त लेकिन बेहद स्नेही संपादक के रूप में याद करते हैं, जिन्होंने पत्रकारिता में उत्कृष्टता के उच्चतम मानकों को स्थापित किया।

Last Modified:
Monday, 10 February, 2025
Pallavi Goorha


पल्लवी गूढ़ा कश्यप, फाउंडर (PG Comm)।। आज वॉट्सऐप पर मिले संदेश कि सभी के प्रिय कल्याण दा अब हमारे बीच नहीं रहे, ने मुझे झकझोर कर रख दिया। 7 फरवरी 20...
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