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क्या AI आपकी नौकरी खा जाएगा, पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब-किताब'

यह एक कम्प्यूटर प्रोग्राम है जो हमारी तरह काम कर सकता है। फ़िलहाल यह उतना ही काम कर सकता है जितना इसको सिखाया पढ़ाया गया है। इसे AI की भाषा में मॉडल की ट्रेनिंग कहते हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago

मिलिंद खांडेकर, वरिष्ठ पत्रकार।

ChatGPT को आकर अभी एक हज़ार दिन ( सही आँकड़ा 904 दिन) भी नहीं हुए है, फिर भी इतने कम समय में असर नौकरियों पर दिखने लगा है। Amazon के CEO एंडी जैसी ने कहा कि आने वाले वर्षों में कंपनी नौकरियाँ कम करेगी। ChatGPT जैसा ही Generative Artificial Intelligence ( AI) एप है Claude . इसके CEO डैरियो अमोडेई ने कहा कि White Collar नौकरियों पर संकट आएगा। हिसाब किताब में आज चर्चा करेंगे कि AI का नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा?

पहले तो समझ लीजिए कि AI क्या है?

यह एक कम्प्यूटर प्रोग्राम है जो हमारी तरह काम कर सकता है। फ़िलहाल यह उतना ही काम कर सकता है जितना इसको सिखाया पढ़ाया गया है। इसे AI की भाषा में मॉडल की ट्रेनिंग कहते हैं। इसमें क्रांति आयी 2022 में ChatGPT लाँच होने से। यह Chat bot है जो आपके लगभग हर सवाल का जवाब दे सकता है। दुनिया भर में उपलब्ध जानकारी इसको लिखाई पढ़ाई गई है। इसके आधार पर यह हमारे हर सवाल का जवाब दे सकता है।

बात नौकरियों की

Generative AI देख सकता है, सुन सकता है, लिख सकता है, बोल सकता है। इसके चलते वो हर काम संभव है जो हमारी इन इंद्रियों के इस्तेमाल से संभव है। ख़ासतौर पर वो काम जिसमें कोई पैटर्न है, जो रोज़ रोज़ दोहराया जा रहा है। जैसे- ब्लड टेस्ट की रिपोर्ट या X Ray रिपोर्ट पढ़ना समझना, कस्टमर केयर पर ग्राहकों के सवालों के जवाब देना, किसी भी तरह की रिपोर्ट बनाना। जैसे JP Morgan ने कहा कि IPO के लिए जो रिपोर्ट बनाने में कई दिन लग जाते थे वो काम AI मिनटों में कर रहा है। अनुवाद हो या कॉपी एडिट यह काम AI बढ़िया कर रहा है। सॉफ़्टवेयर इंजीनियर की तरह कोड लिख सकता है।

AI का असर नौकरियों पर दिख रहा है। Goldman Sachs ने कहा कि दुनिया भर में 30 करोड़ नौकरियों पर AI असर डाल सकता है। ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी BT ने कहा कि वो दस हज़ार नौकरियों को कम करेगा। Amazon भी ऐसी बात कर रहा है। Anthropic के CEO ने कहा कि AI को लेकर सब मीठा मीठा बोल रहे हैं, ना सरकार सच बोल रही है ना ही कंपनियाँ। उनका कहना है कि आधी नौकरियां AI के कारण चली जाएगी।

AI का दूसरा पक्ष भी है जो आशान्वित है। उसका तर्क है कि बिजली आने से नौकरी नहीं गई, मोटर वाहन आने से नौकरी नहीं गई। कम्प्यूटर या इंटरनेट से नौकरी नहीं गई। बैंक में पैसे का लेनदेन की जगह ATM मशीन आ गई, फिर भी दूसरी तरह की नौकरी आ गई। इसी तरह AI से कुछ नौकरियाँ जाएँगी तो कुछ आएँगी। AI के लिए चिप बनाकर मालामाल हुई Nvidia के CEO जेंसन हुआंग का कहना है कि AI आपकी नौकरी नहीं लेगा, आपकी नौकरी वो व्यक्ति लेगा जो AI का इस्तेमाल करना जानता है। आख़िर में मेरी भी सलाह यही है कि AI सीखिए। नौकरी का पता नहीं लेकिन AI के बिना भविष्य में नौकरी नहीं मिलेगी।

( यह लेखक के निजी विचार हैं )


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