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फौजी वर्दी में ओसामा बिन लादेन है आसिम मुनीर: रजत शर्मा

भारत की नीति साफ है। भारत की सेना तैयार है। इस बार मुनीर और उसकी सेना ने कोई हरकत की, तो पाकिस्तान को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा पाएगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago

रजत शर्मा, इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ।

पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक बार फिर एटम बम की धमकी दी। जब जनरल साहब को ये याद आया कि भारत की सेना ने थोड़े दिन पहले उनकी कितनी पिटाई की थी तो जनरल मुनीर ने कहा कि अगर भारत के साथ युद्ध में पाकिस्तान कमजोर पड़ता है, तो पाकिस्तान अकेला नहीं मरेगा, ‘आधी दुनिया को साथ लेकर मरेगा’। भारत ने पाकिस्तान को फिर याद दिलाया कि अब एटम बम के ब्लैकमेल से कुछ नहीं होगा।

अब कोई गड़बड़ी हुई तो पाकिस्तान को फिर घर में घुसकर मारा जाएगा। पाकिस्तान का कोई कोना नहीं है, जो हमारी सेना की पहुंच से बाहर हो। विदेश मंत्रालय ने दुनिया के तमाम देशों से कहा कि पाकिस्तान में परमाणु बम आतंकवादियों के हाथ में हैं, दुनिया इस बात पर गंभीरता से विचार करे कि पाकिस्तान के परमाणु बम कितने सुरक्षित हैं? जिस पाकिस्तान में सरकार और सेना पूरी तरह आतंकवादियों के साथ हो, उस देश के परमाणु हथियार क्या पूरी दुनिया के लिए खतरा नहीं हैं?

जनरल मुनीर की एटम बम की धमकी का मतलब क्या है? सिंधु जल संधि स्थगित होने से जनरल क्यों बेचैन है? दिलचस्प बात ये है कि इसी भाषण में जनरल मुनीर ने अपने देश को पत्थरों से लदा एक पुराना ट्रक और भारत को एक चमचमाती मर्सिडीज कार बताया और डींग हांकी कि अगर इन दोनों के बीच टक्कर होती है तो किसे ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। आसिम मुनीर अपने बयान को लेकर चौतरफा घिरे हुए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के पूर्व अधिकारी माइकल रुबिन ने कहा है कि मुनीर के बयान को पढ़कर लगता है मानो “वह सूट पहने हुए ओसामा बिन लादेन हों।”

उन्होंने कहा कि जब मुनीर अमेरिका में खड़े होकर दुनिया को इस तरह की धमकी दे रहे थे तो उन्हें उसी वक्त अमेरिका से बाहर निकाल देना चाहिए था। अब पाकिस्तान के लोग भी पूछ रहे हैं कि “फेल्ड फील्ड मार्शल” ऐसी बहकी-बहकी बातें क्यों कर रहे हैं? अमेरिका इस बयान पर खामोश क्यों है? हमारे विदेश मंत्रालय ने जनरल मुनीर को उनकी औक़ात के हिसाब से जवाब दिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जनरल मुनीर के बयान के बाद दुनिया को इस बात की चिंता करनी चाहिए कि पाकिस्तान के परमाणु हथियार कितने सुरक्षित हैं, पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का नियंत्रण बिल्कुल सुरक्षित नहीं है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चाहिए कि वह तुरंत पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा पर ध्यान दे क्योंकि ये परमाणु हथियार किसी भी वक्त आतंकवादियों के हाथ में जाने का खतरा हैं, पाकिस्तान की सेना आतंकवादियों के साथ मिली हुई है।

हैरानी की बात तो ये है कि इस बार आसिम मुनीर ने यह बयान पाकिस्तान में नहीं बल्कि अमेरिका की धरती से दिया है। आसिम मुनीर, दो महीने के भीतर दूसरी बार अमेरिका के दौरे पर पहुंचे हैं। वहां अमेरिकी सेना के उच्च अधिकारियों और जनरलों से मुलाकात की। मुनीर ने अमेरिका के संयुक्त मुख्यालय स्टाफ समिति के अध्यक्ष जनरल डैन केन से मुलाकात की। मुनीर, अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान के जनरल माइकल कुरीला के सेवा निवृत्ति समारोह में शामिल हुए।

रिटायरमेंट समारोह में शामिल होने के बाद आसिम मुनीर ने टैम्पा शहर के ग्रैंड हयात होटल में पाकिस्तानी मूल के लोगों से मुलाकात की। इस बैठक में शामिल लोगों के मोबाइल फ़ोन, कैमरा और अन्य गैजेट्स बाहर रखवाए गए थे, किसी को कोई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अंदर ले जाने की अनुमति नहीं थी लेकिन इस कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बाद में बताया कि आसिम मुनीर ने भारत को एटम बम की धमकी दी थी। मज़े की बात यह है कि पाकिस्तान में विपक्ष के नेताओं ने मुनीर के बयान का विरोध किया। जेल में कैद इमरान खान के पूर्व सलाहकार शहबाज़ गिल ने कहा कि उनके आर्मी चीफ ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान दिया है, अब दुनिया इसका नोटिस लेगी और पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करेगी।

आसिम मुनीर जिस तरह की बहकी-बहकी बातें कर रहे हैं, वह उनका दोष नहीं है। दोष तो उनका है जिन्होंने “फेल्ड फील्ड मार्शल” को व्हाइट हाउस में लंच कराया था। आसिम मुनीर जिस तरह से आधी दुनिया को उड़ाने की धमकी दे रहे हैं, वह उनका दोष नहीं है। दोष तो उनका है जिन्होंने दूसरी बार आतंकवाद के सरगना को अमेरिका बुलाया और अमेरिकी सेना के अधिकारियों के साथ बैठाया। दोष पिटे हुए मुनीर का नहीं है। दोष तो पाकिस्तान की थकी हुई सरकार का है जिसने युद्ध हारने वाले जनरल को फील्ड मार्शल बनाया।

अगर आसिम मुनीर का दिमाग खराब हुआ तो दोष उसका नहीं है, दोष उस सिस्टम का है जिसने उसे आतंकवाद की फैक्ट्री का मालिक बनाया। दोष उन देशों का भी है जिन्होंने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से कर्ज दिलवाया। मुनीर की दहशतगर्दी के लिए फंड का इंतजाम करवाया। आसिम मुनीर से निपटना तो भारत जानता है। अभी दो दिन पहले ही हमारे वायु सेना प्रमुख ने बताया कि पाकिस्तान को कहां-कहां मारा, कितना मारा, छह विमानों को तबाह किया।

वायु रक्षा प्रणाली को बर्बाद किया, वायु सेना स्टेशन उड़ा दिए। भारत को पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल का भी कोई डर नहीं है क्योंकि वायु सेना प्रमुख और सेना प्रमुख दोनों कह चुके हैं कि भारत की मिसाइलें पाकिस्तान के हर कोने पर पहुंचती हैं। समस्या तो उन देशों से है जिन्होंने पाकिस्तान को हथियार दिए, वास्तविक समय की खुफिया जानकारी दी और पाकिस्तान को अपने हथियारों का परीक्षण स्थल बनाया। इसीलिए मुनीर की हिम्मत इतनी बढ़ी। लेकिन भारत की नीति साफ है। भारत की सेना तैयार है। इस बार मुनीर और उसकी सेना ने कोई हरकत की, तो पाकिस्तान को बर्बाद होने से कोई नहीं बचा पाएगा।

( यह लेखक के निजी विचार हैं )


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