शस्त्र पूजा और सेना पर राजनीति करने वालों को आलोक मेहता ने यूं सुनाई खरी खरी

लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की आलोचना-विरोध की पूरी गुंजाइश है, लेकिन क्या यह इतना गंभीर मामला है, जिससे आधुनिक भारत की छवि बिगड़ रही है

आलोक मेहता by
Published - Saturday, 12 October, 2019
Last Modified:
Saturday, 12 October, 2019
Alok Mehta


आलोक मेहता, वरिष्ठ पत्रकार।। राफेल सौदे के बाद अब विमान तथा उसमें लगे प्रक्षेपास्त्र पर प्रतीकात्मक शस्त्र पूजा को लेकर राजनीतिक विरोध। कांग्रेस सह...
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