होम / विचार मंच / इन सवालों के जवाब आप खुद तलाशिये मिस्टर मीडिया

इन सवालों के जवाब आप खुद तलाशिये मिस्टर मीडिया

बीते दिनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आईं थीं। चैनलों में से कितने ऐसे थे, जिन्होंने समझौतों के अलावा परदे के पीछे की सियासत का विश्लेषण किया?

राजेश बादल 6 years ago

राजेश बादल, वरिष्ठ पत्रकार।।

टीवी चैनल्स की डिबेट्स हमें क्या देती हैं? ज्ञान बढ़ाती हैं? विशुद्ध खबरें देती हैं? हमारी विश्लेषण क्षमता बढ़ाती हैं? किसी मसले पर नजरिया परिपक्व बनाती हैं? मुल्क के राष्ट्रीय हितों के मद्देनजर गंभीर अध्ययन के बाद निष्कर्ष निकालती हैं? अगर इन सारे सवालों का उत्तर नहीं में है तो क्या यह हमारी पत्रकारिता के लिए कोई गंभीर संकेत है? अब इसके उलट विचार करिए।

क्या चैनल की चर्चा के बाद आपको खीज होती है? क्या एंकर अपनी राय दर्शकों पर थोपते लगते हैं? क्या चर्चा में शामिल सभी मेहमानों को अपनी बात रखने का पूरा समय नहीं मिलता? क्या चर्चा में आए गेस्ट विषय में पारंगत नहीं होते? क्या गेस्ट तर्क में फेल होने पर चीखते चिल्लाते हैं और एंकर उनके मजे लेता है? क्या डिबेट के बाद आप दुःखी होते हैं? यदि इन प्रश्नों का उत्तर आप हां में है तो भी यह बेहद चिंता की बात है।

बीते दिनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आईं थीं। चैनलों में से कितने ऐसे थे, जिन्होंने समझौतों के अलावा परदे के पीछे की सियासत का विश्लेषण किया?  शेख हसीना ने प्याज निर्यात रोकने के बहाने तंज क्यों किया? रोहिंग्या मामले में चीन ने न्यूयॉर्क में म्यांमार और बांग्लादेश के बीच समझौता कराया। हम क्यों नहीं करा सके? क्या बांग्लादेश हमारी कोख से नहीं निकला? क्या हम अपने मित्र पड़ोसी देशों से संरक्षक जैसा व्यवहार करते हैं? 

क्या हमारे दोस्त पड़ोसी हम पर सौ फ़ीसदी यकीन करते हैं?  बांग्लादेश की आर्थिक रफ्तार क्या चौंकाने वाली नहीं है? क्या बांग्लादेश दुनिया का आठवां बड़ा देश नहीं है? क्या म्यांमार की मुखिया आंग सान सू ची और शेख हसीना के लिए भारत दूसरा घर नहीं है? क्या सू ची भारत से कुछ साल से खफा नहीं हैं? क्या हिन्दुस्तान ने उनके सरोकारों को कभी समझने की कोशिश की? 

क्या इन पड़ोसियों  की अंदरूनी चिंताओं पर भारतीय मीडिया ने तथ्यपरक और तार्किक विश्लेषण किया? क्या बांग्लादेश, म्यांमार,भूटान, नेपाल और श्रीलंका पर चीन का प्रभाव बढ़ रहा है? उसके कारण क्या हैं? क्या हमें कोई सबक लेने की आवश्यकता है? इस बार का मिस्टर मीडिया केवल सवालों के साथ है। बाकी के उत्तर आप खोजिए मिस्टर मीडिया।

(यह लेखक के निजी विचार हैं)

वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल की 'मिस्टर मीडिया' सीरीज के अन्य कॉलम्स आप नीचे दी गई हेडलाइन्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं-

मिस्टर मीडिया: मिस्टर मीडिया: गांधी से साहसी पत्रकार कौन?

मिस्टर मीडिया: मीडिया सेमिनारों की उपयोगिता के मायने क्या?

मिस्टर मीडिया: बेशर्मी के साथ हो रही है अखबार के इस गरिमावान अंग की चरित्र हत्या

मिस्टर मीडिया: हम कितने गैर जिम्मेदार और देहाती हैं 


टैग्स न्यूज चैनल्स राजेश बादल पत्रकारिता टीवी डिबेट
सम्बंधित खबरें

समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो एआई का इस्तेमाल: रजत शर्मा

मेरा यह मानना है कि सबसे ज़रूरी है, AI का इस्तेमाल रोज़मर्रा की जिंदगी में आने वाली समस्य़ाओं को हल करने के लिए हो। भारी भरकम शब्दों से इसे परिभाषित करके उससे डराया न जाए।

18 hours ago

मैट शूमर के लेख का मतलब क्या है? पढ़िए इस सप्ताह का 'हिसाब किताब'

मैट ने सबको सलाह दी है कि हर रोज AI का इस्तेमाल गंभीरता से शुरू करें। ChatGPT , Gemini जैसे टूल को गूगल सर्च की तरह इस्तेमाल नहीं करें। उससे अपने रोजमर्रा के काम करवाए।

2 days ago

सभ्यतागत चेतना की पुनर्स्थापना का संकल्प: अनंत विजय

जब प्रधानमंत्री मोदी 2047 में विकसित भारत की बात करते हुए आध्यत्मिकता की बात करते हैं तो हमें स्मरण होता है कि यही काम तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अपने देश में कर रहे हैं।

2 days ago

अब परदेस में भी आतंकियों पर सीधे प्रहार को भारत तैयार: आलोक मेहता

किसी भी राज्य की आधिकारिक भूमिका पर अंतिम निर्णय कानूनी प्रक्रिया और साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा। भारत सरकार ने अमेरिका या कनाडा में ऐसे किसी भी प्रयास के आरोप गलत बताए हैं।

2 days ago

बांग्लादेश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत: रजत शर्मा

बांग्लादेश संसदीय चुनाव में बीएनपी गठबंधन को बड़ी जीत मिली है। तारिक रहमान प्रधानमंत्री बनेंगे। शेख हसीना ने चुनाव को गैरकानूनी बताया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई सरकार को बधाई दी।

4 days ago


बड़ी खबरें

Zee ने बढ़ाया कंटेंट नेटवर्क, 350+ चैनल और वर्टिकल-ऑडियो फॉर्मेट पर जोर

देश की बड़ी मीडिया कंपनी जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Z) ने अपने सिंडिकेशन बिजनेस को और मजबूत कर लिया है।

8 hours ago

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट: पीएम मोदी ने AI, नौकरियों और भविष्य को लेकर रखी विस्तार से बात

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आगाज हो चुका है। इस बड़े मंच पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के असर, उसके फायदे और उससे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हो रही है।

15 hours ago

NDTV में फुल-टाइम भूमिका में लौटे शाह रजा

एनडीटीवी के साथ वर्ष 2013 से जुड़े हुए हैं रजा, पिछले कुछ महीनों से अपने गृह नगर में निजी कारणों से पार्ट-टाइम भूमिका में कर रहे थे काम

5 hours ago

PMAR 2026 की झलक: 1.55 लाख करोड़ के विज्ञापन बाजार में डिजिटल का 60% दबदबा

मेडिसन वर्ल्ड (Madison World) ने प्रतिष्ठित मैगजीन 'पिच' (Pitch) और एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के साथ मिलकर पिच मेडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट (PMAR) 2026 की एक झलक पेश की।

15 hours ago

'आजतक' का नया प्रयोग, लॉन्च किया अपना डिजिटल ‘वीडियो पेपर’

हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में जाना-पहचाना नाम ‘आजतक’ अब एक नए अंदाज़ में सामने आया है। ‘आजतक’ ने अपना नया डिजिटल ‘वीडियो पेपर’ लॉन्च किया है

15 hours ago