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ZEEL के MD पुनीत गोयनका ने NCLAT का खटखटाया दरवाजा, की ये अपील
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में एक अपील दायर की है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 years ago
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (Zee Entertainment Enterprises) के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ पुनीत गोयनका ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में एक अपील दायर की है, जिसमें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच द्वारा पारित आदेश के खिलाफ राहत की मांग गई है।दरअसल, नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल ने बुधवार को इंडसइंड बैंक द्वारा जी एंटरटेनमेंट के 83.08 करोड़ रुपए के कर्ज डिफॉल्ट के आवेदन को स्वीकार करते हुए इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया (दिवाला प्रक्रिया) को मंजूरी दी है।
बता दें कि इंडसइंड बैंक ने इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 के सेक्शन 7 के तहत कंपनी के खिलाफ याचिका दायर की थी। करीब तीन साल पहले फरवरी 2020 में इंडसइंड बैंक ने जी एंटरटेनमेंट के 83.08 करोड़ रुपए के बकाए के लिए बैंकरप्सी कोर्ट का रुख किया था।
इस बीच कंपनी की ओर से एक बयान जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि ZEEL के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ पुनीत गोयनका ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) में एक अपील दायर की है, जिसमें नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई बेंच द्वारा पारित आदेश के खिलाफ राहत की मांग गई है। कंपनी ने कहा कि पुनीत गोयनका जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ प्रस्तावित विलय को समय पर पूरा करने के लिए वह कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं।
कंपनी ने आगे कहा कि ZEEL एक कर्ज-मुक्त और वित्तीय रूप से मजबूत कंपनी है और अपने हितधारकों के लिए मूल्य निर्माण में विश्वास करती है।
हालांकि, इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया को मंजूरी दिए के बाद जी एंटरटेनमेंट और सोनी पिक्चर्स (Sony Pictures) के बीच होने वाली डील अब ठंडे बस्ते में पहुंच गई है। ऐसा इसलिए क्योंकि इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के नियमों के मुताबिक, एक बार जब कंपनी इनसॉल्वेंसी में चली गई तो किसी भी संपत्ति के ट्रांसफर पर रोक लग जाती है।
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