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जानिए, कोरोना का न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप पर क्या पड़ा असर
कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया हुआ है और लोगों को घरों पर ही रहने की सलाह दी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 5 years ago
कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने देश में 21 दिनों का लॉकडाउन किया हुआ है और लोगों को घरों पर ही रहने की सलाह दी है। इसका असर यह हुआ है कि इस दौरान न्यूज बुलेटिन्स की व्युअरशिप में काफी बढ़ोतरी हो गई है, जो इससे पहले कभी नहीं देखी गई है। कम स्टाफ और अन्य समस्याओं के बावजूद व्युअरशिप के माममें में टीवी न्यूज अपने पिछले रिकॉर्ड को पछाड़ने में लगी हुई है और कई प्रमुख टीवी चैनल्स इस मामले में अपने पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ रहे हैं।
‘बार्क इंडिया’ (BARC India) और ‘नील्सन’ (Nielsen) की रिपोर्ट के अनुसार, लोग इन दिनों तमाम घटनाक्रमों के बारे में अपडेट रहना चाहते हैं। यही कारण है कि टीवी पर न्यूज काफी ज्यादा देखी जा रही है। अधिकांश टीवी न्यूज प्लेयर्स का कहना है कि यह पहले से अपेक्षित था।
लॉकडाउन के पहले हफ्ते में लोगों द्वारा ज्यादा टीवी देखा गया है यानी टीवी देखने के समय में वृद्धि हुई है, वहीं इस दौरान न्यूज जॉनर (news genre) में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है, इसके बाद मूवीज और किड्स जॉनर का नंबर आता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, टीवी न्यूज व्युअरशिप आगे और बढ़ेगी। हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) के साथ एक बातचीत में ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के फाउंडर और वरिष्ठ टीवी पत्रकार अरनब गोस्वामी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान न्यूज की व्युअरशिप में 50 से 100 प्रतिशत का उछाल आएगा, क्योंकि अब टीवी न्यूज का प्राइम टाइम रात नौ बजे के स्लॉट तक ही सीमित नहीं रह गया है। अब दिन का घर घंटा प्राइम टाइम बन गया है।
लॉकडाउन के इस दौर में जब लोगों को घर पर रहने (Stay At Home) पर जोर दिया जा रहा है, तब न्यूजपेपर्स के सर्कुलेशन को पीछे छोड़ते हुए टीवी न्यूज इंफॉर्मेशन का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ टीवी न्यूज की कुल व्युअरशिप में इजाफा हुआ है, बल्कि अलग-अलग चैनल्स की व्युअरशिप में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी गई है।
दसवें हफ्ते में (सात मार्च से 13 मार्च के बीच) हिंदी न्यूज जॉनर में ‘आजतक’ 153379000 इंप्रेशंस (impressions) के साथ सबसे आगे रहा। इस जॉनर में ‘आजतक’ सबसे आगे बना है, लेकिन इस बार 216024000 इंप्रेशंस के साथ एक हफ्ते में इसकी व्युअरशिप में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, 11वें हफ्ते में ‘जी न्यूज’ की व्युअरशिप बढ़कर 142089000 इंप्रेशंस हो गई जो इससे पहले के हफ्ते में 114390000 इंप्रेशंस थी।
अंग्रेजी न्यूज जॉनर की बात करें तो यहां पर भी यही स्थिति है। यहां 11वें हफ्ते में ‘रिपब्लिक टीवी’ 852000 इंप्रेशंस के साथ नंबर एक पर बना हुआ है, जबकि 10वें हफ्ते में इसकी व्युअरशिप 692000 इंप्रेशंस थी। ‘टाइम्स नाउ’ की व्युअरशिप जहां 10वें हफ्ते में 501000 इंप्रेशंस थी, वह बढ़कर 11वें हफ्ते में 644000 इंप्रेशंस हो गई है।
इस बारे में ‘नेटवर्क18’ के सीईओ अविनाश कौल का कहना है, ‘सुबह और दोपहर के दौरान नॉन प्राइम टाइम व्युअरशिप में ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई है, क्योंकि इस दौरान अखबार पढ़ने की दिनचर्या प्रभावित होने के कारण लोग टीवी न्यूज ज्यादा देख रहे हैं। टीवी देखने वालों में महिलाओं की संख्या भी काफी बढ़ रही है और टीवी देखने में बिताए जाने वाले समय में उन्होंने पुरुष दर्शकों को भी पीछे छोड़ दिया है, यानी वे पुरुषों से ज्यादा समय तक टीवी देख रही हैं। यदि हम आंकड़े देखें तो पता चलता है कि लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री का संबोधन अब तक का सबसे बड़ा टीवी कार्यक्रम था, यह आईपीएल के फाइनल से भी बड़ा था।’ पिछले हफ्ते ‘नेटवर्क18’ के चैनल्स की डेली एवरेज रीच (daily average reach) 10 करोड़ पहुंच गई थी। इस बढ़ोतरी का पता इस बात से लगाया जा सकता है कि कोविड-19 के प्रकोप से पहले यह आंकड़ा करीब सात करोड़ हुआ करता था।
बार्क के यह आंकड़े 22 साल से अधिक उम्र के पुरुषों की कैटेगरी (Males 22+ individuals’ category) के हैं, लेकिन नील्सन की रिपोर्ट में यह भी हाईलाइट किया गया है कि लॉकडाउन के दौरान दो से 14 साल की कैटेगरी में भी किड्स कंटेंट के मुकाबले न्यूज को ज्यादा देखा जा रहा है।
‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ के सीईओ अविनाश पांडे के अनुसार, ‘पिछले कई महीनों के दौरान चुनाव, प्रमुख फैसलों और अन्य बड़ी राष्ट्रीय घटनाओं के साथ ही अब चल रहे कोरोनावायरस के प्रकोप के कारण न्यूज चैनल्स की व्युअरशिप में काफी वृद्धि देखी गई है। हम इस बात को लेकर निश्चिंत हैं कि व्युअरशिप में बढ़ोतरी का यह सिलसिला आने वाले हफ्तों अथवा महीनों तक जारी रहेगा, क्योंकि क्वारंटाइन अथवा लॉकडाउन जैसे उपाय कुछ समय तक लागू रहेंगे।’
नेशनल ही नहीं, रीजनल न्यूज की व्युअरशिप में भी काफी इजाफा देखा गया है। उदाहरण के लिए-बंगाली न्यूज की ग्रोथ काफी अच्छी रही है। व्युअरशिप के मामले में बंगाल में ‘एबीपी आनंदा’ लिस्ट में सबसे ऊपर है। 11वें हफ्ते में इसकी व्युअरशिप 64821000 इंप्रेशंस दर्ज की गई है, जो 10वें हफ्ते में 34147000 इंप्रेशंस थी। यानी इस चैनल की व्युअरशिप में करीब 90 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
ब्रॉडकास्टर्स का कहना है कि न्यूज में यह ग्रोथ इसलिए है, क्योंकि वर्तमान परिस्थिति में लोग अपडेट रहना चाहते हैं। अविनाश पांडे के अनुसार, ‘एक जिम्मेदार न्यूज चैनल्स के रूप में कोविड-19 के संकट को हम व्युअरशिप बढ़ाने के रूप में नहीं देखते हैं। पूरी दुनिया इस समय इस अप्रत्याशित चुनौती का सामना कर रही है।’ उनका कहना है, ‘यहां लगातार चीजें बदल रही हैं और ऐसे में हमारा पूरा उद्देश्य व्यूअर्स को संपूर्ण तथ्यों के साथ सबसे तेज और सबसे बेहतर इंफॉर्मेशन उपलब्ध कराना है।’
वर्तमान में टीवी पर न्यूज की व्युअरशिप तो बढ़ ही रही है, डिजिटल मीडिया पर भी न्यूज देखने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। नील्सन रिपोर्ट के अनुसार, न्यूज ऐप्स यूजर्स की संख्या में हर हफ्ते बढ़ोतरी हो रही है और प्रति सप्ताह यूजर द्वारा न्यूज ऐप पर बिताए जाने वाले समय में 17 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। हालांकि, यह बढ़ोतरी गैर अंग्रेजी न्यूज ऐप्स में दर्ज की गई है।
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