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न्यूज चैनल्स ने MIB के फैसले पर मनाया जश्न, रेवेन्यू में वृद्धि की जतायी उम्मीद
यह फैसला BARC की उस घोषणा के बाद आया है, जब BARC ने अपनी प्रक्रियाओं, प्रोटोकॉल, निरीक्षण तंत्र को संशोधित करने की पहल की है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
देश में टेलिविजन दर्शकों की संख्या मापने वाली संस्था ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) द्वारा न्यूज चैनल्स के लिए TRP डेटा को लंबे समय तक निलंबित करने के बाद, सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने बुधवार को न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स को तुरंत प्रभाव से जारी करने का निर्देश दिया है। यह फैसला BARC की उस घोषणा के बाद आया है, जब BARC ने अपनी प्रक्रियाओं, प्रोटोकॉल, निरीक्षण तंत्र को संशोधित करने की पहल की है।
सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने टेलीविजन निगरानी एजेंसी BARC से न्यूज चैनल्स की बीते तीन महीने की रेटिंग मासिक आधार पर भी जारी करने को कहा है, ताकि वास्तविक रुझान को निष्पक्ष व न्यायसंगत तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।
मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, नई व्यवस्था के अंतर्गत न्यूज और विशिष्ट वर्ग के लिए रेटिंग चार सप्ताह की रोलिंग औसत परिकल्पना पर आधारित होगी।
न्यूज जॉनर के लिए टीआरपी डेटा का ब्लैकआउट ऐसे समय में किया गया था, जब ऐडवर्टाइजर्स पहले से ही कोविड-19 से पड़ने वाले प्रभाव से निपटने में लगे हुए थे और अपने विज्ञापन बजट को कम कर रहे थे। प्रासंगिक रेटिंग के अभाव में यह न्यूज चैनल्स और ऐडवर्टाइजर्स दोनों के लिए समान रूप से एक अंधा खेल था। न्यूज चैनल्स अब ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल को डेटा जारी करने के लिए सूचना-प्रसारण मंत्रालय के फैसले का जश्न मना रहे हैं। उम्मीद है कि उनके स्थिर ऐड रेवेन्यू में वृद्धि होगी।
हमारी सहयोगी वेबसाइट 'एक्सचेंज4मीडिया' ने इस कदम पर न्यूज ब्रॉडकास्टिंग की दुनिया के हेड से बात की और उनकी प्रतिक्रिया जानी, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं-
'रिपब्लिक टीवी' (Republic TV) के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने कहा कि यह न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन के लिए एक बड़ी जीत है। उन्होंने कहा, 'यह न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (NBF) के लिए एक बड़ी जीत है। मुझे खुशी है कि NBF के सदस्य इसे पूरा करने के लिए चट्टान की तरह एक साथ खड़े रहे। मुझे NBF पर बहुत गर्व है, जिसका नेतृत्व करने और सेवा करने का मुझे सबसे बड़ा सौभाग्य मिला है।'
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क (Republic Media Network) के सीईओ विकास खनचंदानी ने कहा कि न्यूज डेटा को फिर से शुरू किए जाने से इस जॉनर में विज्ञापन राजस्व में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि रिपब्लिक नेटवर्क बेहद खुश है कि रेटिंग दोबारा से शुरू हो रही है। एनबीएफ टीम और उसके सदस्य कुछ समय से सभी हितधारकों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विज्ञापनदाताओं और एजेंसी पार्टनर्स को ट्रांसपेरेंसी देना जरूरी है और डेटा का अभाव एक बड़ी चिंता का विषय रहा है। रेटिंग जारी होने से उन जॉनर के ब्रैंड्स से और ज्यादा बिजनेस लाने में मदद मिलेगी, जो विज्ञापनों में काफी निवेश करते हैं।
न्यूज नेशन नेटवर्क के सेल्स एंड मार्केटिंग के प्रेजिडेंट अभय ओझा सूचना-प्रसारण मंत्रालय के फैसले को एक स्वागत योग्य कदम बताया है, खासकर इसलिए क्योंकि यह फैसला चुनावी मौसम के दौरान आया है। उन्होंने कहा, 'न्यूज नेशन नेटवर्क ने हमेशा ही न्यूज जॉनर के लिए रेटिंग को दोबारा शुरू करने की वकालत की है, जिसे पिछले डेढ़ साल से अनुचित तरीके से रोक दिया गया था। आगामी विधानसभा चुनावों के चलते जनवरी से मार्च 2022, न केवल एडिटोरियल के लिहाज से बल्कि फाइनेंशियल की दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण समय है। वार्षिक डील की योजना और रेटिंग से हमें वास्तविक ROI का आकलन करने में मदद मिलेगी, फिर चाहे वह एडिटोरियल की दृष्टि से हो या फिर सेल्स की।’
बता दें कि गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्यों में फरवरी में विधानसभा चुनाव होने हैं।
TV9 नेटवर्क के सीईओ बरुण दास का कहना है, 'मैं न्यूज जॉनर के लिए रेटिंग फिर से शुरू करने के सरकार के फैसले का स्वागत करता हूं। मैं लंबे समय से निलंबन के फैसले पर सवाल उठाते हुए रेटिंग बहाल करने की आवश्यकता की वकालत कर रहा हूं। इस दिशा में एनबीएफ के प्रयास अनुकरणीय हैं। चार-सप्ताह के रोलिंग एवरेज कॉन्सेप्ट पर अब रेटिंग देने का निर्णय समय की मांग है।
उन्होंने कहा कि जहां बड़े और पुराने मीडिया हाउस ऐडवर्टाइजर्स के भरोसे और वर्षों से विकसित संबंधों के कारण डेटा ब्लैकआउट से प्रभावित नहीं हुए, वहीं डेटा ब्लैकआउट के कारण छोटे चैनलों को एक बड़ा वित्तीय खामियाजा भुगतना पड़ा है। डेटा जल्द ही जारी होने की उम्मीद के बीच इंडस्ट्री अब राहत की सांस ले रही है।
‘राइटमेन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Writemen Media Private Ltd) [यह कंपनी कन्नड़ न्यूज चैनल ‘पब्लिक टीवी’ का संचालन करती है] के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर एच.आर. रंगनाथ ने कहा, ‘वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए न्यूज रेटिंग की बहाली पूरे इंडस्ट्री के लिए पॉजिटिव संकेत है। इतनी लंबी अवधि के लिए न्यूज रेटिंग को ब्लैकआउट करना स्वीकार्य नहीं था और इसे जारी रख पाना असंभव होता जा रहा था। मुझे इंडस्ट्री के मानक को बढ़ाने वाली नई प्रणाली से काफी उम्मीदें हैं। मेरा मानना है कि आने वाला समय पारिस्थितिकी तंत्र (इको सिस्टम) के लिए उत्सुक और चुनौतीपूर्ण दोनों होगा और उम्मीद है कि जारी होने वाली रेटिंग्स ब्रॉडकास्टर्स की अपेक्षाओं से मेल खाती होगी।
न्यूजफर्स्ट कन्नड़ (Newsfirst Kannada) के बिजनेस हेड दिवाकर एस. ने छोटे चैनलों के लिए खड़े होने के लिए सूचना-प्रसारण मंत्रालय और न्यूज ब्रॉडकास्ट फेडरेशन को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘न्यूजफर्स्ट को खुशी है कि BARC की रेटिंग आखिरकार जारी की जाएगी। हम एक साल से इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रेटिंग जारी होने के बाद हम खुद को एक महत्वपूर्ण स्थिति में देखते हैं। यह हमें ऐडवर्टाइजर्स से अधिक आत्मविश्वास के साथ संवाद करने और मार्केट में हमारे चैनल की स्थिति के बारे में अस्पष्टता को खत्म करने में भी मदद करेगा।’ वैसे संयोग से, ‘न्यूजफर्स्ट’ के लॉन्च के दो हफ्ते बाद ही रेटिंग ब्लैकआउट को खत्म कर इसे दोबारा से शुरू करने की घोषणा की गई है।
हालांकि, दिवाकर एस. न्यूज चैनल्स की रेटिंग्स साप्ताहिक की जगह मासिक आधार पर जारी करने के फैसले से खुश नहीं है। उन्होंने कहा, 'हम चाहते थे कि रेटिंग्स पहले की तरह साप्ताहिक आधार पर हो। ऐसा इसलिए क्योंकि साप्ताहिक रेटिंग हमें अपने पैरों पर खड़ा होने, नियमित रूप से रणनीति बनाने और साप्ताहिक युद्धाभ्यास करने में मदद करती थी। वैसे निश्चित रूप से बिना रेटिंग से तो बेहतर है मासिक रेटिंग। हम आशा करते हैं कि अब से बिना ब्रेक के, निष्पक्ष तरीके से रेटिंग दी जाएगी।’
24 न्यूज (24 news) और फ्लावर्स टीवी ग्रुप (Flowers TV Group) के सीओओ अनिल अयरूर (Anil Ayroor) ने कहा, 'यह अच्छी खबर है कि न्यूज चैनल्स की रेटिंग जारी की जाएगी। यह छोटे और मझौले चैनल्स के लिए एक पॉजिटिव कदम है, विशेष रूप से हमारे जैसे क्षेत्रीय चैनल के लिए क्योंकि यह एकमात्र मानदंड है, जो नेटवर्क के वॉल्यूम को बढ़ाएगा। NBF के सदस्य के तौर पर, हमने डेटा जारी करने के लिए लड़ाई लड़ी और अब जाकर राहत मिली कि डेटा अंततः जारी किया जा रहा है।’
हालांकि, वह टीआरपी डेटा को मासिक आधार पर जारी किए जाने के पक्ष में हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘पहले के साप्ताहिक के मुकाबले भले ही रेटिंग मासिक रूप से जारी की जाएगी, लेकिन यह इंडस्ट्री में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा करेगी और हम सभी अच्छे कंटें बनाने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। मुझे उम्मीद है कि रेटिंग जिस वजह से रोकी गई थी, उसका समाधान कर लिया गया होगा। रेवेन्यू के संदर्भ में, मासिक डेटा एक अच्छा कदम है क्योंकि पूरा रेवेन्यू RODP के टर्म में आता है और सेल्स टीम अब मासिक रेटिंग पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। इसे जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स के क्षेत्र के लिए भी लागू किया जाना चाहिए।’
टैग्स रेटिंग्स सूचना प्रसारण मंत्रालय एमआईबी ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल टीवी रेटिंग्स