अब आदिवासियों का होगा अपना सैटेलाइट चैनल, इन राज्‍यों में होगा प्रसारित

आदिवासी समुदाय के लिए उनकी अपनी भाषा का पहला सैटेलाइट टीवी न्यूज चैनल लॉन्च होगा, जिसका नाम है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 12 August, 2021
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Thursday, 12 August, 2021
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आदिवासी समुदाय के लिए एक और अच्छी खबर है। दरअसल, इस समुदाय के लिए उनकी अपनी भाषा का पहला सैटेलाइट टीवी न्यूज चैनल लॉन्च होगा, जिसका नाम है 'ट्राइब टीवी'। 'दैनिक जागरण' के प्रदीप सिंह एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस न्यूज टीवी चैनल का प्रसारण लाइसेंस जारी होने के बाद टेस्ट रन चल रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पंद्रह दिनों के अंदर यह चैनल विभिन्न सैटेलाइट प्लेटफार्म पर दर्शकों के लिए लॉन्च हो जाएगा, जिसका मुख्यालय बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर के रायगंज में इस चैनल का मुख्यालय है।  इसका संचालन इंफोटेंमेंट के क्षेत्र में काम करने वाली कल्याणी सोल्वेक्स नामक संस्था करेगी। फिलहाल संताली भाषा में इस चैनल को लॉन्च किया गया है। संताली के बाद ट्राइब टीवी की योजना अन्य लोकप्रिय जनजातीय भाषाओं मुंडारी, कुडूख में भी टीवी चैनल लॉन्च करने की है।

चैनल से जुड़े अधिकांश पेशेवर भी जनजातीय समुदाय के हैं। संताली भाषा आदिवासी समुदाय की सबसे प्रचलित और अधिक उपयोग की जाने वाली भाषा है। फिलहाल ट्राइब टीवी का फोकस बंगाल, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और बिहार में होगा। इन प्रदेशों में संताली आदिवासियों की बड़ी तादाद है। असम में भी विस्तार करने का लक्ष्य है, जहां झारखंड से गए आदिवासी समुदाय के लोग बड़ी संख्या में हैं।

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रहे सुरेंद्र सोरेन इसकी संपादकीय टीम को लीड कर रहे हैं। सोरेन पाकुड़ के रहने वाले हैं और विभिन्न मीडिया संस्थानों में उन्हें कार्य करने का लंबा अनुभव है। उन्होंने विभिन्न टीवी चैनलों को सेवाएं दी हैं। संताली भाषा पर भी उनकी गहरी पकड़ है।

  

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CNN-News18 से गृह अतुल ने कहा अलविदा, चार साल की पारी के बाद लिया फैसला

न्यूज एंकर और एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर गृह अतुल (Griha Atul) ने CNN-News18 से अपनी चार साल की पारी खत्म कर दी है।

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Published - Tuesday, 03 November, 2026
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Tuesday, 03 November, 2026
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न्यूज एंकर और एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर गृह अतुल (Griha Atul) ने CNN-News18 से अपनी चार साल की पारी खत्म कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चैनल से विदाई लेने की जानकारी साझा की। हालांकि, उन्होंने अभी अपने अगले प्रोफेशनल कदम को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है।

 गृह अतुल ने लिंक्डइन पर अपनी पोस्ट में CNN-News18 के साथ बिताए समय को याद करते हुए लिखा, "CNN-News18 से विदाई ले रही हूं। चार साल, अनगिनत बुलेटिन और जिंदगी भर की यादें।"

 गृह अतुल का पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 20 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने ब्रॉडकास्ट न्यूज, फील्ड रिपोर्टिंग और एडिटोरियल लीडरशिप जैसी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं।

CNN-News18 से पहले गृह अतुल Times Network और India Today जैसे मीडिया संस्थानों के साथ भी काम कर चुकी हैं। इन संस्थानों में उन्होंने न्यूज कवरेज और संपादकीय से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि गृह अतुल अपनी अगली पारी किस मीडिया संस्थान के साथ शुरू करेंगी। उन्होंने अपने अगले करियर प्लान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

 

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टीवी से आगे बढ़कर स्पोर्ट्स, माइक्रो-ड्रामा और एनीमेशन पर दांव लगा रही है जी एंटरटेनमेंट

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेजगद (ZEEL) अब अपने पारंपरिक टेलीविजन कारोबार से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी कर रही है।

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Published - Tuesday, 03 November, 2026
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Tuesday, 03 November, 2026
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेजगद (ZEEL) अब अपने पारंपरिक टेलीविजन कारोबार से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी स्पोर्ट्स, क्षेत्रीय कंटेंट, माइक्रो-ड्रामा, एनीमेशन और लाइव इवेंट्स जैसे नए फॉर्मेट में निवेश कर रही है। कंपनी का मकसद आने वाले समय में कारोबार की ग्रोथ के लिए नए रास्ते तैयार करना है।

कंपनी के सीईओ पुनीत गोयनका ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों पर हुई चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने मौजूदा कारोबार को मजबूत बनाने के साथ-साथ नए क्षेत्रों में भी निवेश कर रही है। ये कदम लंबे समय में कंपनी की प्रतिस्पर्धी स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

पुनीत गोयनका के मुताबिक, बच्चों के कंटेंट, लाइव इवेंट्स, एनीमेशन, माइक्रो-ड्रामा और स्पोर्ट्स में किया जा रहा निवेश भविष्य में कंपनी के लिए ग्रोथ के नए मौके तैयार कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ये नए कारोबार फिलहाल निवेश के दौर में हैं और इनका फायदा लंबे समय में देखने को मिलेगा।

स्पोर्ट्स कारोबार को मिल रही है अहमियत

ZEEL की विस्तार रणनीति में स्पोर्ट्स की भूमिका लगातार अहम हो रही है। कंपनी ने फीफा वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों में निवेश किया था। इन अधिकारों के जरिए दर्शकों को ZEE5 और Unite8Sports पर मैच देखने का मौका मिला। कंपनी के मुताबिक, इससे उसके प्लेटफॉर्म पर नए दर्शक जुड़े और स्पोर्ट्स कंटेंट की पहुंच बढ़ी।

पुनीत गोयनका ने कहा कि लाइव मैचों के साथ मैच से पहले और बाद के खास कार्यक्रमों ने टीवी और डिजिटल, दोनों प्लेटफॉर्म पर दर्शकों को जोड़े रखा। उनके मुताबिक, इस निवेश से दर्शकों की भागीदारी बढ़ी और कंपनी के स्पोर्ट्स कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए एक आधार भी तैयार हुआ।

इसके बाद ZEEL ने जर्मनी की बुंडेसलीगा और इटली की सीरी ए जैसी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल लीग के अधिकार भी हासिल किए हैं। हालांकि, गोयनका ने कहा कि कंपनी स्पोर्ट्स समेत अपने हर कारोबार में निवेश को लेकर सावधानी बरतेगी। कंपनी का ध्यान लंबे समय की योजना के साथ मुनाफे पर भी बना रहेगा।

ZEE5 पर बढ़ा मल्टीलिंगुअल कंटेंट का जोर

डिजिटल कारोबार में ZEEL का फोकस अलग-अलग भाषाओं में मनोरंजन कंटेंट बढ़ाने और दर्शकों की भागीदारी मजबूत करने पर है। इसके लिए कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कंटेंट का भी सहारा ले रही है।

तिमाही के दौरान ZEE5 ने अलग-अलग भाषाओं में नए कंटेंट की पेशकश की। गोयनका के मुताबिक, दर्शकों ने इस कंटेंट को पसंद किया और इससे प्लेटफॉर्म पर उनकी भागीदारी और देखने में बिताया गया समय बढ़ा।

कंपनी ने बताया कि ZEE5 का रेवेन्यू सालाना आधार पर दोगुना हो गया, जबकि सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसमें मल्टीलिंगुअल मनोरंजन और अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कंटेंट का योगदान रहा।

गोयनका का मानना है कि दर्शकों का ध्यान हासिल करने की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ZEE5 कंपनी के लिए ग्रोथ का एक अहम जरिया बन सकता है। इसके लिए कंपनी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कामकाज को बेहतर बनाने और दर्शकों के अनुभव को आसान करने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कंटेंट आधारित कारोबार में दर्शकों की पसंद के मुताबिक सुझाव देना और बिना रुकावट देखने का अनुभव देना काफी अहम है। इसी दिशा में कंपनी अलग-अलग टीमों में टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों को शामिल कर रही है।

टीवी कारोबार में क्षेत्रीय कहानियों पर फोकस

टेलीविजन कारोबार में ZEEL अलग-अलग भाषाओं में फिक्शन और नॉन-फिक्शन कार्यक्रमों पर निवेश जारी रखे हुए है। गोयनका ने कहा कि सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी कहानियां दर्शकों का ध्यान खींच रही हैं। इसके साथ ही कंपनी नॉन-फिक्शन कार्यक्रमों की अपनी पेशकश को भी मजबूत कर रही है।

तिमाही के दौरान नेटवर्क ने कई भाषाओं में नए कार्यक्रम शुरू किए, जिनमें 'सा रे गा मा पा' भी शामिल है। इसके अलावा कंपनी 'जीना इसी का नाम है' को भी वापस ला रही है। गोयनका ने इसे एक लोकप्रिय शो बताते हुए कहा कि इसके जरिए दर्शकों को अपनी पसंदीदा हस्तियों की जिंदगी की झलक देखने को मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि इंडस्ट्री के आखिरी मान्यता प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नेटवर्क की हिस्सेदारी 20 फीसदी से ज्यादा रही है। फिलहाल टीवी रेटिंग दोबारा शुरू नहीं हुई हैं। ऐसे में कंपनी का जोर अच्छी क्वालिटी का कंटेंट पेश करने पर है।

विज्ञापन से होने वाली कमाई में गिरावट थमी

विज्ञापन कारोबार को लेकर पुनीत गोयनका ने कहा कि कंपनी ने रेवेन्यू में आ रही गिरावट को स्थिर कर लिया है। कमजोर आर्थिक माहौल के बावजूद उपभोक्ता मांग में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

उन्होंने विज्ञापन बाजार की चुनौतियों के लिए महंगाई, कमजोर मानसून और दूसरे बाहरी कारणों को जिम्मेदार बताया। कंपनी इस बदलते माहौल में रणनीतिक साझेदारियों के जरिए कमाई के नए रास्ते तलाश रही है, ताकि अलग-अलग स्रोतों से रेवेन्यू बढ़ाया जा सके।

क्षेत्रीय फिल्मों में भी Zee Studios का विस्तार

ZEEL अपने फिल्म कारोबार के जरिए भी क्षेत्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ा रही है। कंपनी के Zee Studios ने तिमाही के दौरान गुजराती बाजार में 'टॉम एंड जेरी' नाम की फैमिली कॉमेडी-ड्रामा फिल्म के साथ कदम रखा।

इसके अलावा स्टूडियो ने हिंदी, मराठी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं की फिल्मों के साथ अपनी कंटेंट सूची को भी मजबूत किया है।

इसी तरह Zee Music Company भी अपने म्यूजिक कैटलॉग को बढ़ाने के लिए नए अधिकार हासिल कर रही है। गोयनका के मुताबिक, कंपनी अपने पूरे कारोबार में अलग-अलग तरह के कंटेंट और पेशकश को बढ़ावा देती रहेगी।

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TV Today Network को साल की दूसरी तिमाही में कुछ यूं हुआ फायदा

इंडिया टुडे ग्रुप की कंपनी टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) ने 2 नवंबर 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही और पहली छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

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Published - Tuesday, 03 November, 2026
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Tuesday, 03 November, 2026
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इंडिया टुडे ग्रुप की कंपनी टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 7.75 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 1.98 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने 2 नवंबर 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही और पहली छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के मुताबिक, दूसरी तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 194.38 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 185.68 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के रेवेन्यू में करीब 4.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी की कुल आय 204.92 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 195.21 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कुल खर्च बढ़कर 194.41 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 187.49 करोड़ रुपये था।

पहली छमाही में भी मुनाफे में बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान TV Today Network का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 400.60 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी अवधि में यह 382.87 करोड़ रुपये था।

इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 18.01 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 5.37 करोड़ रुपये था। वहीं, कुल आय 417.58 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 403.04 करोड़ रुपये थी।

स्टैंडअलोन नतीजों में भी मुनाफा

स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने दूसरी तिमाही में 8.05 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को 2.04 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 194.38 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 185.68 करोड़ रुपये था।

पहली छमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 18.54 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 5.28 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू बढ़कर 400.60 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में 382.87 करोड़ रुपये था।

रेडियो कारोबार की बिक्री का प्रस्ताव

कंपनी ने अपने रेडियो ब्रॉडकास्टिंग कारोबार को बंद किए जा रहे ऑपरेशन (Discontinued Operations) के तौर पर अलग दिखाया है। कंपनी ने नवंबर 2025 में अभिजीत रियल्टर्स एंड इंफ्रावेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ रेडियो कारोबार को 10 करोड़ रुपये में बेचने के लिए समझौता किया था।

इस प्रस्तावित सौदे के तहत पहले रेडियो कारोबार को कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वाइबग्योर ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किया जाना है। इसके बाद वाइबग्योर की पूरी हिस्सेदारी खरीदार को सौंपी जानी है। कंपनी ने बताया कि इस सौदे को पूरा होने की अच्छी संभावना मानते हुए 30 सितंबर 2026 तक रेडियो कारोबार से जुड़ी संपत्तियों और देनदारियों को बिक्री के लिए रखी गई संपत्तियों के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। हालांकि, फाइलिंग में सौदा पूरा होने की जानकारी नहीं दी गई है।

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शेमारू एंटरटेनमेंट को दूसरी तिमाही में नहीं मिल सका लाभ, रेवेन्यू में आई गिरावट

मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं।

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Published - Tuesday, 03 November, 2026
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Tuesday, 03 November, 2026
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मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में 7.50 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले कंपनी का घाटा काफी कम हुआ है। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी को 45.26 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 2 नवंबर, 2026 को हुई बैठक में दूसरी तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

रेवेन्यू में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट

कंसोलिडेटेड नतीजों के मुताबिक, Shemaroo Entertainment का ऑपरेशंस से रेवेन्यू दूसरी तिमाही में 141.25 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 143.38 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के रेवेन्यू में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

कंपनी की कुल आय 142.09 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की सितंबर तिमाही में यह 143.82 करोड़ रुपये थी।

वहीं, कंपनी का कुल खर्च घटकर 153.03 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 206.83 करोड़ रुपये था। खर्च में कमी आने का असर कंपनी के घाटे पर भी दिखाई दिया।

पहली छमाही में 15.55 करोड़ रुपये का घाटा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 272.93 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 282.90 करोड़ रुपये था।

इस छह महीने की अवधि में कंपनी को 15.55 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का घाटा 91.07 करोड़ रुपये था।

स्टैंडअलोन नतीजों में भी घाटा कम हुआ

स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें तो कंपनी को सितंबर 2026 तिमाही में 8.15 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ। पिछले साल की समान तिमाही में यह घाटा 46.33 करोड़ रुपये था।

कंपनी का स्टैंडअलोन ऑपरेशंस से रेवेन्यू 130.19 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 135.21 करोड़ रुपये था।

GST मामले का भी किया जिक्र

कंपनी ने अपने वित्तीय नतीजों में GST से जुड़े मामले की भी जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक, पहले GST विभाग ने कथित तौर पर गलत तरीके से लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर 70.26 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश दिया था। इसके अलावा ब्याज और करीब 63.35 करोड़ रुपये की पेनल्टी भी लगाई गई थी।

कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ अपील की थी, जिसे विभाग के पक्ष में निपटा दिया गया। इसके बाद कंपनी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। कंपनी के मुताबिक, हाई कोर्ट ने संबंधित आदेशों के खिलाफ विभाग को आगे की कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। बाद में मामले को विचार के लिए बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया। 

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रिजीम चेंज पर Times Now Navbharat का अंडरकवर स्टिंग, कई चौंकाने वाले बयान आए सामने

देशभर में रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर छिड़ी बहस के बीच ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) ने अपने व्यापक अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कई अहम खुलासे किए हैं।

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Published - Monday, 02 November, 2026
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Monday, 02 November, 2026
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देशभर में रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर छिड़ी बहस के बीच ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) ने अपने व्यापक अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कई अहम खुलासे किए हैं। चैनल की इन्वेस्टिगेटिव टीम ने देश के अलग-अलग हिस्सों में खुफिया कैमरों के जरिए उन चेहरों तक पहुंचने की कोशिश की, जिनकी इस मुद्दे पर सक्रियता और भूमिका चर्चा में है। इस दौरान अंडरकवर रिपोर्टर्स ने बातचीत के जरिए रिजीम चेंज को लेकर उनके विचारों, संभावित रणनीतियों और आंदोलनों से जुड़े पहलुओं को समझने का प्रयास किया।

स्टिंग ऑपरेशन में सामने आई बातचीत में यह संकेत मिले कि कुछ लोग वोट के जरिए लोकतांत्रिक बदलाव के बजाय अन्य तरीकों से बदलाव के मौके की तलाश में हैं । स्टिंग के दौरान कई ऐसे बयान सामने आए, जिन्होंने देश में चल रही रिजीम चेंज की बहस को और गंभीर बना दिया है।

मुंबई में मौलाना सिराज खान का बयान: स्टिंग ऑपरेशन के दौरान मुंबई में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मुंबई चीफ मौलाना सिराज खान से अंडरकवर रिपोर्टर ने बातचीत की। सड़क पर फ्रांस जैसे हिंसक प्रोटेस्ट की संभावना को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने गैर-मुस्लिमों की तरफ से सड़क पर उतरने की बात कही। इस बातचीत में मौलाना सिराज खान का बयान था, 'मोमिन जिस दिन खड़ा होगा, किसी के संभाले संभलेगा नहीं'

टाइम्स नाउ नवभारत के स्टिंग ऑपरेशन में साफवान नाम के व्यक्ति से भी अंडरकवर रिपोर्टर ने बातचीत की। साफवान MSF यानी मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन का दिल्ली यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष है। भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका को लेकर सवाल पूछे जाने पर साफवान ने कहा, 'ये पक्का है कुछ तो होगा, सबकुछ लंबे वक्त तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।'

इसके बाद अंडरकवर रिपोर्टर ने पूछा कि क्या भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां बनती दिख रही हैं? खुफिया कैमरे पर इस सवाल के जवाब में साफवान का कहना था, 'मुझे लगता है अगर फिर 20 जुलाई जैसा दिन आया तो नेपाल जैसे हालात हो सकते हैं।' बातचीत को आगे बढ़ाते हुए अंडरकवर रिपोर्टर ने पूछा कि क्या आप लोग बांग्लादेश और नेपाल के लिए तैयार हैं? इस पर साफवान का जवाब था, 'कुछ तो करना पड़ेगा।'

प्रदर्शनों में लड़कियों को आगे रखने की रणनीति पर बातचीत: हाल में वोट चोरी को लेकर हुए प्रदर्शनों में लड़कियों की अग्रिम भूमिका ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया था। इस दौरान लड़कियां प्रदर्शनों की अगली कतार में दिखाई दी थीं। हालांकि, टाइम्स नाउ नवभारत के अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशन में प्रदर्शनों में लड़कियों को आगे रखने की कथित रणनीति को लेकर भी बातचीत सामने आई।

 अंडरकवर रिपोर्टर ने साफवान से पूछा, 'प्रदर्शनों में लड़कियों के आगे करने का नया तरीक दिखा है?' इस पर साफवान का जवाब था, 'हां, ऐसा कुछ है, वे किले की दीवार की तरह खड़ी हो जाती हैं औऱ बाकी लोग अंदर आ जाते हैं।' इसी बातचीत में आगे कहा गया, 'जब एक पुरुष पुलिस के सामने आता है तो वो पुलिस उसे काबू कर सकती है लेकिन जब एक महिला, 'पुरुष पुलिस' वाले के सामने आती है तो इससे दिल्ली पुलिस की नकारात्मक छवि बनती है । ऐसा हो भी रहा है।' इस बातचीत ने प्रदर्शनों में महिलाओं की भूमिका और उन्हें आगे रखने के पीछे की संभावित रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

इसी क्रम में चैनल की अगली टीम क्रांतिकारी युवा संगठन के कन्वीनर भीम तक पहुंची। अंडरकवर रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि 20 जुलाई से पहले प्रदर्शनों में दरी और टेंट दिखाई देते थे, लेकिन बाद में पंखे, कूलर और दूसरी व्यवस्थाएं भी नजर आने लगीं। आखिर इन व्यवस्थाओं के लिए संसाधन कहां से आ रहे थे?

इस सवाल के जवाब में भीम ने कथित तौर पर बताया कि करीब पांच लाख रुपये प्रतिदिन खर्च हो रहे थे। आगे बातचीत में उनका कहना था, 'शुरू में, ये चीज पता चल गई थी. ज्यादातर AAP के फैन थे. आम आदमी से जुड़े थे. बाउंसर कौन लेकर चलता है. जिसके पास कुछ नहीं है वो बाउंसर लेकर चल रहा है।'

इस पर अंडरकवर रिपोर्टर ने पूछा, 'किसके पास, दिपके के पास था?' भीम ने हां में सिर हिलाया। इस बातचीत ने प्रदर्शनों में होने वाले खर्च, संसाधनों की व्यवस्था और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की संभावित भागीदारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बांग्लादेश जैसे आंदोलन की इच्छा पर क्रान्तिकारी युवा संगठन की प्रक्ता मुदिता से ..बांग्लादेश जैसे आंदोलन की इच्छा को लेकर सवाल किए गए, जिस पर उन्होंने कथित तौर पर सहमति जताई।

स्टिंग ऑपरेशन में हिंसक आंदोलन का विरोध करने वाले बयान भी सामने आए। टाइम्स नाउ नवभारत यह भी स्पष्ट करता है कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान बातचीत में शामिल सभी लोगों ने हिंसक आंदोलन की बात का समर्थन नहीं किया। कई चेहरों ने हिंसक आंदोलन की संभावना को सिरे से खारिज भी किया।

राष्ट्रहित में सच्चाई सामने लाने की पहल: टाइम्स नाउ नवभारत की इन्वेस्टिगेटिव टीम ने देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई टीमें तैनात कर इस व्यापक स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया। इसका उद्देश्य किसी खास व्यक्ति, वर्ग, समुदाय, धर्म या विचारधारा को निशाना बनाना नहीं, बल्कि रिजीम चेंज की बहस के बीच सामने आ रहे दावों, बयानों और संभावित रणनीतियों की पड़ताल करना है।

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एनडीटीवी से अलग हुईं खुशबू गोतेचा : लिंक्डइन पर दी जानकारी

खुशबू गोतेचा ने एनडीटीवी से नाता खत्म कर लिया है। वह नेशनल हेड पद पर कार्यरत थीं। इससे पहले टाइम्स नेटवर्क में काम कर चुकी हैं। उनकी भूमिका की जानकारी नहीं दी गई है।

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Published - Monday, 02 November, 2026
Last Modified:
Monday, 02 November, 2026
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खुशबू गोतेचा (Khushbu Gotecha) ने एनडीटीवी (NDTV) से अपना नाता खत्म कर लिया है। वह कंपनी में नेशनल हेड के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपने बाहर होने की जानकारी साझा की।

खुशबू गोतेचा जून 2024 में एनडीटीवी से रीजन हेड- वेस्ट, स्पेशल प्रोजेक्ट्स के तौर पर जुड़ी थीं। इससे पहले वह टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ काम कर रही थीं।

टाइम्स नेटवर्क में गोतेचा ने वेस्ट रीजन के लिए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (IP) का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें ब्रांडेड कंटेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तैयार करने और सफलतापूर्वक लागू करने का व्यापक अनुभव है।

खुशबू गोतेचा रेड एफएम (Red FM) और रेडियो मिर्ची (Radio Mirchi) सहित कई संस्थानों के साथ भी काम कर चुकी हैं। एनडीटीवी से बाहर निकलने के बाद उन्होंने अपनी अगली पेशेवर भूमिका के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है।

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Z एंटरटेनमेंट में बड़ा बदलाव, संगीता शेट्टी बनीं नई चीफ कंप्लायंस ऑफिसर व कंपनी सेक्रेटरी

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने संगीता शेट्टी को कंपनी का नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर और कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया है।

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Published - Saturday, 31 October, 2026
Last Modified:
Saturday, 31 October, 2026
SangeetaShetty521

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने संगीता शेट्टी को कंपनी का नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर और कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 2 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह आशीष अग्रवाल की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगी, जिन्होंने निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

कंपनी ने 30 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि आशीष अग्रवाल का इस्तीफा 29 अक्टूबर को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ प्रभावी हो गया है। इसके बाद कंपनी के निदेशक मंडल ने 30 अक्टूबर को हुई बैठक में संगीता शेट्टी की नियुक्ति को मंजूरी दी। इससे पहले नामांकन और पारिश्रमिक समिति ने भी उनके नाम की सिफारिश की थी।

कौन हैं संगीता शेट्टी?

संगीता शेट्टी एक योग्य कंपनी सेक्रेटरी हैं और उन्हें इस क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। वह इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) की एसोसिएट सदस्य भी हैं।

उन्हें कंपनी कानून, सेबी के नियमों, शेयर बाजार से जुड़े खुलासों, कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता और बोर्ड के कामकाज से जुड़े मामलों का अनुभव है। उन्होंने सूचीबद्ध कंपनियों में नियमों के पालन, बोर्ड और उसकी समितियों के कामकाज तथा पूंजी बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को संभाला है।

जी एंटरटेनमेंट से पहले संगीता शेट्टी एबॉट इंडिया लिमिटेड से जुड़ी थीं। इससे पहले वह आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, आदित्य बिड़ला मनी, एडलवाइस ग्रुप, एमएसईआई और एंजेल वन में भी काम कर चुकी हैं।

कंपनी की नियमों के पालन की व्यवस्था मजबूत करने की जिम्मेदारी

नई भूमिका में संगीता शेट्टी कंपनी के नियमों के पालन, कॉरपोरेट गवर्नेंस यानी कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तथा शेयरधारकों से जुड़े मामलों को और मजबूत करने पर काम करेंगी। वह मुंबई स्थित कंपनी के मुख्यालय से काम करेंगी और सीधे कंपनी के सीईओ पुनीत गोयनका को रिपोर्ट करेंगी।

कंपनी के मुताबिक, भविष्य की कारोबारी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए वह नेतृत्व टीम के साथ मिलकर नियमों के पालन की व्यवस्था, आंतरिक नियंत्रण और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने पर काम करेंगी।

आशीष अग्रवाल ने सात साल से ज्यादा संभाली जिम्मेदारी

आशीष अग्रवाल ने कंपनी में सात साल से ज्यादा समय तक कंपनी सेक्रेटरी और चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाली। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने कंपनी के सेक्रेटेरियल कामकाज का नेतृत्व किया है। अब उन्होंने संगठन से बाहर नए अवसर तलाशने का फैसला किया है।

कंपनी के सीईओ पुनीत गोयनका ने आशीष अग्रवाल के योगदान के लिए उनका आभार जताया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं, संगीता शेट्टी ने कहा कि वह कंपनी की नेतृत्व टीम के साथ मिलकर नियमों के पालन की व्यवस्था को और मजबूत करने तथा कंपनी के लंबे समय के लक्ष्यों में योगदान देने के लिए काम करेंगी। 

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टीवी विज्ञापन में सुस्ती, फिर भी नेटवर्क18 की कमाई में उछाल, जानिए कैसे?

नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपनी कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की है।

Samachar4media Bureau by
Published - Saturday, 31 October, 2026
Last Modified:
Saturday, 31 October, 2026
Network18

नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपनी कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.4 फीसदी बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 498 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान टीवी न्यूज इंडस्ट्री में विज्ञापन की मांग में करीब 13 फीसदी की गिरावट आई।

कंपनी ने 30 अक्टूबर को जारी अपनी निवेशक अपडेट में बताया कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में उसका कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 9.9 फीसदी बढ़कर 1,061 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 966 करोड़ रुपये था।

विज्ञापन बाजार में सुस्ती, सरकारी विज्ञापनों की मांग मजबूत

नेटवर्क18 के मुताबिक, दूसरी तिमाही में न्यूज चैनलों के लिए विज्ञापन की उपलब्ध जगह की मांग में सालाना आधार पर करीब 13 फीसदी की गिरावट रही। कंपनी ने इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कमजोर मानसून और टीवी रेटिंग के आंकड़े उपलब्ध नहीं होने जैसे कारण बताए हैं।

हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों के अभियानों, सरकारी कंपनियों (PSUs) और राजनीतिक दलों से जुड़े विज्ञापनों की मांग लगातार दूसरी तिमाही में मजबूत बनी रही। कंपनी का कहना है कि विज्ञापन से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी सीमित रही, जबकि उसकी कुल आय में बढ़ोतरी की मुख्य वजह कंटेंट स्टूडियो से जुड़ा कारोबार रहा।

कंपनी ने यह भी बताया कि कनेक्टेड टीवी (Connected TV) उसके लिए कमाई का एक उभरता हुआ माध्यम बन रहा है और इसमें अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 33 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच

नेटवर्क18 ने अपनी डिजिटल पहुंच को लेकर भी जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक, सितंबर 2026 में उसके डिजिटल न्यूज और इंफॉर्मेशन नेटवर्क की मासिक पहुंच 33 करोड़ से ज्यादा यूजर्स तक रही। इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद दर्शक भी शामिल हैं। कंपनी ने इस पहुंच के साथ संबंधित डिजिटल ऑडियंस सेगमेंट में 68 फीसदी पहुंच का दावा किया है।

यूट्यूब पर भी नेटवर्क18 की मौजूदगी मजबूत बनी हुई है। कंपनी के विभिन्न चैनलों को जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान 15 अरब से ज्यादा वीडियो व्यूज मिले, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17 फीसदी ज्यादा हैं। कंपनी के मुताबिक, यूट्यूब पर उसके वीडियो व्यूज निकटतम प्रतिस्पर्धी के मुकाबले करीब दोगुने रहे।

फेसबुक को मिलाकर अन्य बड़े सोशल प्लेटफॉर्म पर वीडियो व्यूज में सालाना आधार पर 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कुल सोशल मीडिया फॉलोअर बेस 47 करोड़ से ज्यादा हो गया। नेटवर्क18 के मुताबिक, कनेक्टेड टीवी पर दर्शकों की भागीदारी में भी सालाना आधार पर 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

मनीकंट्रोल प्रो के एक करोड़ से ज्यादा पेड सब्सक्राइबर

कंपनी के डिजिटल कारोबार में मनीकंट्रोल की भी अहम भूमिका बनी हुई है। नेटवर्क18 ने बताया कि मनीकंट्रोल प्रो के पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या 10 लाख से ज्यादा हो गई है। कंपनी इसे देश का सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर वाला वित्तीय समाचार मंच बताती है।

मनीकंट्रोल ने इस तिमाही में 'कॉर्प लेंस' नाम का नया फीचर शुरू किया है, जिसके जरिए गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय आंकड़े देखे जा सकते हैं। इसके अलावा 'स्टॉक नोट' फीचर भी पेश किया गया है, जिससे यूजर्स शेयर से जुड़े अपने विचार और टिप्पणियां दर्ज कर सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक, मनीकंट्रोल पर यूजर्स के बिताए गए समय और पेज व्यूज की संख्या निकटतम प्रतिस्पर्धी के मुकाबले तीन गुना रही। वहीं, न्यूज18 डॉट कॉम पर औसत सेशन अवधि में 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टीवी रेटिंग के आंकड़े अब भी बंद

टीवी कारोबार के लिए रेटिंग के आंकड़े उपलब्ध नहीं होना अब भी चुनौती बना हुआ है। नेटवर्क18 ने बताया कि न्यूज चैनलों के लिए छह महीने से ज्यादा समय से और दूसरे टीवी जॉनर के लिए तीन महीने से ज्यादा समय से रेटिंग के आंकड़े जारी नहीं हो रहे हैं।

कंपनी के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद मार्च 2026 की शुरुआत में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को न्यूज चैनलों के साप्ताहिक दर्शक आंकड़े रोकने का निर्देश दिया था। इसके बाद जुलाई की शुरुआत में टीवी रेटिंग नीति 2026 के तहत BARC के लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़े मामले के कारण गैर-न्यूज चैनलों की रेटिंग भी रोक दी गई।

कंपनी ने यह भी बताया कि रेटिंग के आंकड़े रोके जाने से पहले उसके पास देश का सबसे बड़ा टीवी न्यूज नेटवर्क था। उसके पोर्टफोलियो में 20 न्यूज चैनल शामिल हैं। उस अवधि में कंपनी की अखिल भारतीय न्यूज व्यूअरशिप हिस्सेदारी 13.8 फीसदी थी। ये आंकड़े BARC के 2026 के पहले आठ हफ्तों के आंकड़ों पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें मौजूदा दर्शक हिस्सेदारी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

न्यूज18 मराठी का नेटवर्क18 में विलय मंजूर

कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई पीठ ने न्यूज18 मराठी के नेटवर्क18 में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह विलय योजना में तय सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगी।

नेटवर्क18 के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई ने कहा कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद कंपनी ने स्थिर प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक, कंपनी का ध्यान अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म को मजबूत करने, दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने और अलग-अलग कारोबारों में बेहतर प्रदर्शन पर बना हुआ है।

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सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड में कलानिधि मारन व कावेरी कलानिधि की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी

सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड के निदेशक मंडल ने कलानिधि मारन और कावेरी कलानिधि की कंपनी में दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Vikas Saxena by
Published - Saturday, 31 October, 2026
Last Modified:
Saturday, 31 October, 2026
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सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड के निदेशक मंडल ने कलानिधि मारन और कावेरी कलानिधि की कंपनी में दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। दोनों को पांच साल के लिए फिर से कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक के तौर पर नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, इन नियुक्तियों को लागू करने के लिए कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी होगी।

कंपनी की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को जारी सूचना के मुताबिक, बोर्ड ने कलानिधि मारन को 20 अप्रैल 2027 से 19 अप्रैल 2032 तक पांच साल के लिए पूर्णकालिक निदेशक के रूप में दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इस दौरान वह कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन (Executive Chairman) की जिम्मेदारी संभालेंगे।

इसी बैठक में कावेरी कलानिधि की भी पांच साल के लिए दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उन्हें 20 अप्रैल 2027 से 19 अप्रैल 2032 तक पूर्णकालिक निदेशक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वह कंपनी में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) की भूमिका में रहेंगी।

शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी

सन टीवी नेटवर्क ने बताया है कि इन दोनों नियुक्तियों के प्रस्तावों को डाक मतपत्र (Postal Ballot) के जरिए शेयरधारकों के सामने रखा जाएगा। यानी बोर्ड की मंजूरी के बाद अब इन नियुक्तियों पर अंतिम सहमति शेयरधारकों से ली जाएगी।

बोर्ड की बैठक 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:30 बजे समाप्त हुई। इसी बैठक में कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों और अंतरिम डिविडेंड से जुड़े फैसले भी लिए।

सन टीवी नेटवर्क का कारोबार

सन टीवी नेटवर्क देश की प्रमुख मीडिया और मनोरंजन कंपनियों में शामिल है। कंपनी टेलीविजन चैनलों, एफएम रेडियो, फिल्म निर्माण और डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ डिजिटल मनोरंजन कारोबार में भी सक्रिय है। इसके डिजिटल मंचों में सन एनएक्सटी शामिल है। कंपनी क्रिकेट फ्रेंचाइजी कारोबार से भी जुड़ी हुई है। 

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डीडी फ्री डिश: TV चैनलों के लिए स्लॉट आवंटन की होगी प्रक्रिया, जानें रिजर्व प्राइस व नियम

प्रसार भारती ने डीडी फ्री डिश (DD Free Dish) पर खाली MPEG-4 स्लॉट के आवंटन के लिए 104वीं मध्यावधि ई-नीलामी की घोषणा की है।

Samachar4media Bureau by
Published - Friday, 30 October, 2026
Last Modified:
Friday, 30 October, 2026
DDFreeDish655

प्रसार भारती ने डीडी फ्री डिश (DD Free Dish) पर खाली MPEG-4 स्लॉट के आवंटन के लिए 104वीं मध्यावधि ई-नीलामी की घोषणा की है। यह नीलामी 1 नवंबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि के लिए स्लॉट आवंटित करने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। इसके तहत पात्र निजी सैटेलाइट टीवी चैनल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बोली में हिस्सा ले सकते हैं।

प्रसार भारती के 19 अक्टूबर 2026 के नोटिस के मुताबिक, यह नीलामी ई-नीलामी पद्धति 2025 और 9 जनवरी 2026 को किए गए संशोधनों के आधार पर होनी थी। नोटिस में नीलामी की संभावित तारीख 28 अक्टूबर 2026 तय की गई थी, जबकि आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे तक थी।

पांच श्रेणियों में बांटे गए टीवी चैनल

नीलामी में चैनलों को उनकी भाषा और प्रसारण की श्रेणी के आधार पर पांच समूहों में बांटा गया है। इनमें क्षेत्रीय भाषाओं के चैनलों के साथ समाचार और गैर-समाचार चैनल भी शामिल हैं।

  • R1: तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषा के चैनल।
  • R2: पंजाबी, मराठी, गुजराती, बांग्ला और ओड़िया भाषा के चैनल।
  • R3: संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल, जो R1 और R2 में शामिल नहीं हैं। इसमें हिंदी और उर्दू शामिल नहीं हैं।
  • G1: समाचार और समसामयिक विषयों से जुड़े चैनल।
  • G2: समाचार और समसामयिक विषयों को छोड़कर दूसरी श्रेणियों के चैनल।

R1, R2 और R3 श्रेणियों में आवेदन करने वाले चैनलों को अपनी भाषा और श्रेणी से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज भी देने होंगे। कुछ मामलों में यह प्रमाण देना जरूरी है कि चैनल संबंधित डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसके लिए डीटीएच ऑपरेटर या मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर (MSO) का प्रमाणपत्र मांगा जा सकता है।

किस श्रेणी के लिए कितना है रिजर्व प्राइस?

प्रसार भारती ने अलग-अलग श्रेणियों के लिए शुरुआती रिजर्व प्राइस और बोली बढ़ाने की न्यूनतम राशि तय की है।

चैनल श्रेणी

शुरुआती रिजर्व प्राइस

बोली बढ़ाने की राशि

G1

₹34.71 लाख

₹1 लाख

G2

₹30.20 लाख

₹1 लाख

R2

₹17.89 लाख

₹50,000

R3

₹2.74 लाख

₹50,000

R1

₹2.49 लाख

₹50,000

रिजर्व प्राइस वह शुरुआती कीमत होती है, जिसके आधार पर नीलामी में बोली लगाई जाती है। बोली बढ़ाने की राशि से मतलब है कि अगली बोली में कम से कम कितनी बढ़ोतरी की जा सकती है।

आवेदन के लिए प्रोसेसिंग फीस और भागीदारी शुल्क

नीलामी में हिस्सा लेने वाले प्रसारकों को आवेदन जमा करने से पहले निर्धारित डीडी फ्री डिश स्लॉट पोर्टल के जरिए 25,000 रुपये की गैर-वापसी योग्य प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी।

इसके अलावा, सामान्य भागीदारी शुल्क 3 लाख रुपये तय किया गया है। हालांकि, R1 और R3 श्रेणियों के आवेदकों के लिए विशेष व्यवस्था है। वे शुरुआती रिजर्व प्राइस के 60 प्रतिशत या 3 लाख रुपये, दोनों में से जो राशि कम हो, उसका भुगतान कर सकते हैं।

आवेदन के साथ कौन से दस्तावेज जरूरी?

आवेदकों को मंत्रालय की ओर से जारी चैनल की डाउनलिंकिंग अनुमति और जहां लागू हो, अपलिंकिंग अनुमति की कॉपी जमा करनी होगी। इसके अलावा चैनल का स्वीकृत लोगो और भागीदारी शुल्क जमा करने का प्रमाण भी देना होगा।

अन्य जरूरी दस्तावेजों में चैनल की घोषित भाषा और श्रेणी के समर्थन में प्रमाण, निर्धारित शपथपत्र, बोली पर हस्ताक्षर करने वाले व्यक्ति का प्राधिकरण पत्र, भरा हुआ इंटीग्रिटी पैक्ट और आवेदक कंपनी के पैन व जीएसटी पंजीकरण की प्रतियां शामिल हैं।

चैनलों को कार्यक्रमों का शेड्यूल भी देना होगा

नीलामी के लिए जारी नोटिस में कार्यक्रमों के शेड्यूल से जुड़ी शर्तें भी रखी गई हैं। नोटिस जारी होने की तारीख पर पहले से प्रसारण कर रहे चैनलों को जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 का प्रोग्राम कंटेंट शेड्यूल या फिक्स्ड पॉइंट चार्ट (FPC) जमा करना होगा। इसके साथ नवंबर 2026, दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 के प्रस्तावित शेड्यूल भी देने होंगे।

जो चैनल नोटिस की तारीख पर प्रसारण शुरू नहीं कर पाए थे, उन्हें अपनी श्रेणी के मुताबिक लॉन्च योजना और प्रस्तावित कार्यक्रमों से जुड़े जरूरी दस्तावेज देने होंगे।

घोषित भाषा और कंटेंट से जुड़ी शर्तें

प्रसार भारती ने चैनलों के लिए उनकी घोषित भाषा और श्रेणी के अनुरूप कार्यक्रम प्रसारित करने की शर्त भी रखी है। नोटिस में दी गई परिभाषा के अनुसार, आवंटन अवधि के दौरान प्रसारित होने वाले कंटेंट का 75 प्रतिशत हिस्सा घोषित भाषा और श्रेणी से मेल खाना चाहिए। इस गणना में निर्धारित सीमाओं के तहत विज्ञापनों और प्रोमो को अलग रखा गया है।

इसके अलावा, चैनल के कुल मासिक कंटेंट में घोषित श्रेणी और भाषा के कंटेंट की हिस्सेदारी कम से कम 60 प्रतिशत होनी चाहिए। आवेदकों को इस संबंध में निर्धारित शपथपत्र भी देना होगा।

सफल बोलीदाताओं को 15 दिन में जमा करना होगा समझौता

नीलामी में सफल रहने वाले बोलीदाताओं को आवंटन पत्र (Letter of Allotment) दिया जाएगा। इसके साथ भुगतान का शेड्यूल और निर्धारित समझौता भी उपलब्ध कराया जाएगा।

नोटिस के मुताबिक, आवंटन पत्र जारी होने के 15 दिनों के भीतर समझौते पर हस्ताक्षर करके उसकी दो मूल प्रतियां जमा करनी होंगी। सफल बोलीदाताओं को निर्धारित समयसीमा में भुगतान करने और चैनल के प्रसारण से जुड़ी तकनीकी शर्तों का पालन भी करना होगा।

यदि कोई सफल बोलीदाता तय समय पर भुगतान नहीं करता है, तो उसकी जमा भागीदारी फीस और पहले से जमा किस्तें जब्त की जा सकती हैं। इसके अलावा, संबंधित चैनल को डीडी फ्री डिश प्लेटफॉर्म से हटाया भी जा सकता है। वहीं, असफल बोलीदाताओं की भागीदारी फीस नीलामी के नतीजे घोषित होने के तीन सप्ताह के भीतर वापस करने का प्रावधान है।

प्रसार भारती की यह प्रक्रिया डीडी फ्री डिश पर खाली MPEG-4 स्लॉट का पात्र सैटेलाइट टीवी चैनलों को आवंटन करने के लिए है। इन स्लॉट का आवंटन निर्धारित पांच महीने की अवधि के लिए किया जाना है। 

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