होम / टीवी / सूचना प्रसारण मंत्री ने बताया, पिछले तीन साल में कितने TV चैनल्स पर चला सरकार का 'चाबुक'
सूचना प्रसारण मंत्री ने बताया, पिछले तीन साल में कितने TV चैनल्स पर चला सरकार का 'चाबुक'
लोकसभा में सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने अलग-अलग अवधि के लिए प्रसारण पर रोक लगाकर वर्ष 2019 से अब तक 15 टीवी चैनल्स के खिलाफ कार्रवाई की है। इसके साथ ही वर्ष 2021-2022 के दौरान मंत्रालय ने 56 यूट्यूब आधारित न्यूज चैनल्स और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया है। लोकसभा में सांसदों द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह जानकारी दी है।
एक सवाल के जवाब में अनुराग ठाकुर ने बताया कि मंत्रालय अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देश 2011 के तहत सैटेलाइट टीवी चैनल के संचालन की अनुमति देता है। उन्होंने कहा, ‘अनुमति के नियमों और शर्तों के उल्लंघन और कार्यक्रम संहिता के उल्लंघन के लिए मंत्रालय इन टेलीविजन चैनल्स के खिलाफ कार्रवाई करता है। वर्ष 2019 से अब तक मंत्रालय ने अपलिंकिंग/डाउनलिंकिंग दिशानिर्देशों और कार्यक्रम संहिता के उल्लंघन के लिए 15 टीवी चैनल्स के खिलाफ अलग-अलग समय अवधि के लिए प्रसारण को प्रतिबंधित करने की कार्रवाई की है।’
एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मंत्रालय ने आईटी नियम 2021 के तहत वर्ष 2021-2022 के दौरान सार्वजनिक उपयोग के लिए 56 यूट्यूब आधारित न्यूज चैनल्स और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम 2021 को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत 25 फरवरी 2021 को अधिसूचित किया गया है। अन्य बातों के साथ-साथ धारा 69ए में इस तरह की प्रकृति के डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स के कंटेंट को ब्लॉक करने का प्रावधान है।
अनुराग ठाकुर ने बताया कि अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशानिर्देशों के तहत सैटेलाइट टीवी चैनल को अनुमति देना गृह मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षा मंजूरी के अधीन है। सरकार किसी चैनल को निलंबित/प्रतिबंधित करने का निर्णय लेने से पहले उचित कानूनी और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करती है।
इंटरनेट पर कंटेंट को ब्लॉक किए जाने के सवाल पर अनुराग ठाकुर ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeiTY) को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69 ए के उल्लंघन के लिए कंटेंट ब्लॉक करने के निर्देश जारी करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि 2014-2021 की अवधि के दौरान इन प्रावधानों के तहत MeiTY द्वारा 25368 यूआरएल (web pages, websites, pages on social media accounts) ब्लॉक किए गए हैं।
मलयालम न्यूज चैनल ‘मीडियावन’ (MediaOne) का लाइसेंस रद्द करने के बारे में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, ‘सरकार ने इस बारे में निर्णय लेने से पहले उचित और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। मामला सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।‘
निजी सैटेलाइट टीवी चैनल्स पर प्रसारित होने वाले सभी कार्यक्रमों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1995 और उसके तहत बनाए गए नियमों के तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता के अनुसार रेगुलेट किया जाता है। प्रोग्राम कोड में टीवी चैनल्स पर कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए कई प्रकार के पैरामीटर शामिल हैं।
टीवी न्यूज चैनल्स पर कंटेंट को रेगुलेट करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, ‘कार्यक्रम संहिता में विशिष्ट प्रावधान हैं कि केबल सेवा में कोई भी ऐसा कार्यक्रम नहीं चलाया जाना चाहिए जो शालीनता के खिलाफ हो या जिससे हिंसा को प्रोत्साहित करने या भड़काने की आशंका हो या जिससे कानून और व्यवस्था बिगड़ती और अथवा जो राष्ट्र विरोधी दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है आदि।‘
टैग्स सूचना प्रसारण मंत्रालय एमआईबी टीवी चैनल्स लोकसभा अनुराग ठाकुर