शेमारू एंटरटेनमेंट को दूसरी तिमाही में नहीं मिल सका लाभ, रेवेन्यू में आई गिरावट

मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं।

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Tuesday, 03 November, 2026
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मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनी शेमारू एंटरटेनमेंट (Shemaroo Entertainment Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में 7.50 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले कंपनी का घाटा काफी कम हुआ है। सितंबर 2025 तिमाही में कंपनी को 45.26 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 2 नवंबर, 2026 को हुई बैठक में दूसरी तिमाही के अनऑडिटेड स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

रेवेन्यू में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट

कंसोलिडेटेड नतीजों के मुताबिक, Shemaroo Entertainment का ऑपरेशंस से रेवेन्यू दूसरी तिमाही में 141.25 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 143.38 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के रेवेन्यू में करीब 1.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

कंपनी की कुल आय 142.09 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की सितंबर तिमाही में यह 143.82 करोड़ रुपये थी।

वहीं, कंपनी का कुल खर्च घटकर 153.03 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 206.83 करोड़ रुपये था। खर्च में कमी आने का असर कंपनी के घाटे पर भी दिखाई दिया।

पहली छमाही में 15.55 करोड़ रुपये का घाटा

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 272.93 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 282.90 करोड़ रुपये था।

इस छह महीने की अवधि में कंपनी को 15.55 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का घाटा 91.07 करोड़ रुपये था।

स्टैंडअलोन नतीजों में भी घाटा कम हुआ

स्टैंडअलोन नतीजों की बात करें तो कंपनी को सितंबर 2026 तिमाही में 8.15 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ। पिछले साल की समान तिमाही में यह घाटा 46.33 करोड़ रुपये था।

कंपनी का स्टैंडअलोन ऑपरेशंस से रेवेन्यू 130.19 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 135.21 करोड़ रुपये था।

GST मामले का भी किया जिक्र

कंपनी ने अपने वित्तीय नतीजों में GST से जुड़े मामले की भी जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक, पहले GST विभाग ने कथित तौर पर गलत तरीके से लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को लेकर 70.26 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश दिया था। इसके अलावा ब्याज और करीब 63.35 करोड़ रुपये की पेनल्टी भी लगाई गई थी।

कंपनी ने इस आदेश के खिलाफ अपील की थी, जिसे विभाग के पक्ष में निपटा दिया गया। इसके बाद कंपनी ने बॉम्बे हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की। कंपनी के मुताबिक, हाई कोर्ट ने संबंधित आदेशों के खिलाफ विभाग को आगे की कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। बाद में मामले को विचार के लिए बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया। 

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NDTV ग्रुप में दिनेश सिंह को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने चीफ टेक्नोलॉजी एंड इंफॉर्मेशन ऑफिसर

NDTV ग्रुप ने दिनेश सिंह (Dinesh Singh) को अपना नया चीफ टेक्नोलॉजी एंड इंफॉर्मेशन ऑफिसर (CTIO) नियुक्त किया है।

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Wednesday, 04 November, 2026
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NDTV ग्रुप ने दिनेश सिंह (Dinesh Singh) को अपना नया चीफ टेक्नोलॉजी एंड इंफॉर्मेशन ऑफिसर (CTIO) नियुक्त किया है। अगस्त 2026 में उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई। वह करीब 27 साल 9 महीने से NDTV के साथ जुड़े हुए हैं और मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 33 साल से ज्यादा का अनुभव है। इस नई जिम्मेदारी के साथ वह कंपनी के टेक्नोलॉजी और इंफॉर्मेशन से जुड़े कामकाज की कमान संभालेंगे।

दिनेश सिंह फरवरी 1999 में NDTV से जुड़े थे। इससे पहले मई 2010 से वह ग्रुप में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) के पद पर काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने टेलीविजन नेटवर्क ऑपरेशंस, कॉरपोरेट आईटी, ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और डिजिटल OTT इकोसिस्टम की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने टीवी ब्रॉडकास्ट सुविधाओं और डिजिटल OTT वर्कफ्लो को शुरू से तैयार करने और उनके संचालन में भी अहम भूमिका निभाई।

इसके अलावा वह कंपनी के बिजनेस ऑपरेशंस, बजट, लंबी अवधि की योजनाओं, खर्च और बड़े टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स के प्रबंधन से भी जुड़े रहे हैं।

ब्रॉडकास्ट ऑपरेशंस से शुरू हुआ सफर

NDTV में CTO बनने से पहले दिनेश सिंह ने फरवरी 1999 से मई 2010 तक हेड ऑफ ब्रॉडकास्ट ऑपरेशंस एंड इंजीनियरिंग के रूप में काम किया। इस दौरान उन्होंने ब्रॉडकास्टिंग से जुड़ी कई आधुनिक तकनीकों पर काम किया और अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन हासिल किए।

1999 में Panasonic Professional Equipment Division, Singapore ने उन्हें DVCPRO कैमकॉर्डर और VTR तकनीक के लिए सर्टिफिकेट ऑफ अचीवमेंट दिया। इसके बाद 2001 में जापान की Ikegami Broadcast Limited से कैमकॉर्डर और स्टूडियो कैमरा टेक्नोलॉजी का सर्टिफिकेट हासिल किया।

2003 में उन्होंने अमेरिका की Harmonic से MPEG-2 कम्प्रेशन टेक्नोलॉजी और Envivo से MPEG-4 कम्प्रेशन टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन प्राप्त किया। इसके अलावा वह Omnibus News Automation के सुपर यूजर और Irdeto Encryption Systems के लिए भी प्रमाणित हुए।

टेक्नोलॉजी में इनोवेशन के लिए मिले सम्मान

दिनेश सिंह के काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 2004 में CBA ने उन्हें किफायती इंजीनियरिंग के लिए सम्मानित किया। उन्होंने DSNG OB वैन में MPEG-4 तकनीक अपनाई थी, जिससे सैटेलाइट बैंडविड्थ की लागत कम करने में मदद मिली।

वहीं, 2008 में अमेरिका के NAB ने उन्हें International Broadcasting Excellence सम्मान से नवाजा। यह सम्मान उन्हें चलते-फिरते स्टूडियो (Studio on Wheels) को डिजाइन करने और उसके प्रभावी इस्तेमाल के लिए मिला था। इस स्टूडियो का इस्तेमाल जनरल इलेक्शन 2009 और Metro Nation, Delhi के दौरान किया गया था।

NDTV से पहले भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर किया काम

NDTV से जुड़ने से पहले दिनेश सिंह नवंबर 1996 से जनवरी 1999 तक Cinecita Compotronics Pvt. Ltd. में मैनेजर-प्रोजेक्ट के पद पर कार्यरत थे। यहां उन्होंने भारत का पहला डिजिटल स्टूडियो प्रोजेक्ट पूरा किया था। इसके तहत संसद के लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में नौ-नौ कैमरे लगाए गए थे।

इस प्रोजेक्ट में कैमरों का संचालन रोबोटिक्स तकनीक के जरिए होता था, इसलिए दोनों सदनों में कैमरा चलाने के लिए अलग से कैमरामैन की जरूरत नहीं थी। इस पूरे प्रोजेक्ट को आठ महीने में पूरा किया गया था।

इसके अलावा उन्होंने हैदराबाद की रामोजी राव फिल्म सिटी में एक फिल्म आधारित प्रोजेक्ट को चार महीने में पूरा किया। उनका एक अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट बांग्लादेश नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से जुड़ा था। इसे सात महीने में पूरा किया गया। इसमें तीन स्टूडियो और PCR यूनिट, तीन ऑडियो स्टूडियो, FM ब्रॉडकास्ट स्टेशन, टेप लाइब्रेरी, पोस्ट-प्रोडक्शन सुविधा और माइक्रोवेव रेडियो लिंक जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं।

Sony के साथ भी कर चुके हैं काम

अपने शुरुआती करियर में जनवरी 1994 से अक्टूबर 1996 तक दिनेश सिंह New Video Limited में सीनियर इंजीनियर के पद पर काम कर चुके हैं। यह कंपनी Sony Broadcast and Professional Equipment Division की अधिकृत सेल्स और सर्विस प्रतिनिधि थी।

इस दौरान उन्होंने U-Matic, Betacam SP और Digital Betacam VTRs, कैमकॉर्डर, वीडियो स्विचर और राउटर जैसे उपकरणों की सर्विसिंग और मरम्मत का काम संभाला।

दिनेश सिंह ने इंजीनियरिंग में बीई (B.E.) और बिजनेस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी किया है। उनकी तकनीकी विशेषज्ञता और बिजनेस मैनेजमेंट का अनुभव उनके अब तक के करियर में अहम रहा है। NDTV में करीब 28 साल के सफर के बाद CTIO की नई जिम्मेदारी मिलना उनके लंबे अनुभव और कंपनी में योगदान को दर्शाता है।

 

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जानिए, किस तरह 900 टीवी चैनलों पर 24 घंटे नजर रखती सरकार, क्या है 46.86 करोड़ की परियोजना?

टीवी चैनलों पर क्या दिखाया जा रहा है और कहीं प्रसारण के दौरान नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा, इस पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार के पास विशेष तकनीकी व्यवस्था है।

Last Modified:
Wednesday, 04 November, 2026
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टीवी न्यूज चैनलों पर दिनभर में क्या दिखाया जा रहा है, किस खबर को किस तरह प्रस्तुत किया जा रहा है और कहीं प्रसारण के दौरान तय नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है, इस पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार के पास एक विशेष तकनीकी व्यवस्था है। इसका नाम इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर (EMMC) है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत काम करने वाला यह केंद्र टीवी चैनलों के कंटेंट की निगरानी करता है। इसकी तकनीकी क्षमता एक साथ 900 टीवी चैनलों के कंटेंट को हासिल करने, रिकॉर्ड करने, सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर दोबारा देखने की है।

मंत्रालय की अक्टूबर 2026 में जारी वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के मुताबिक, EMMC चौबीसों घंटे तीन शिफ्ट में काम करता है। इसकी निगरानी व्यवस्था के जरिए टीवी चैनलों पर प्रसारित होने वाले कंटेंट को रियल टाइम में रिकॉर्ड किया जाता है। खास बात यह है कि इस रिकॉर्डिंग को 90 दिनों तक सुरक्षित रखा जाता है, ताकि किसी कार्यक्रम या विज्ञापन को लेकर शिकायत आने पर उसकी दोबारा जांच की जा सके।

2008 में हुई थी EMMC की स्थापना

इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर की स्थापना साल 2008 में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में प्रसारित होने वाले सैटेलाइट टीवी चैनलों के कंटेंट पर नजर रखना है। खासतौर पर यह देखा जाता है कि चैनल अपने कार्यक्रमों और विज्ञापनों में केबल टेलीविजन नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट, 1995 और इसके तहत बनाए गए नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

इस कानून के तहत टीवी चैनलों के लिए प्रोग्राम कोड और एडवर्टाइजमेंट कोड तय किए गए हैं। इनमें प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों और विज्ञापनों के लिए जरूरी नियम शामिल हैं। EMMC इन नियमों के संभावित उल्लंघन की पहचान करने के साथ शिकायतों के आधार पर भी चैनलों के कंटेंट की जांच करता है।

900 चैनलों की निगरानी के लिए 24×7 तकनीकी व्यवस्था

मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, EMMC के पास एक विशेष तकनीकी ढांचा है, जिसमें डिश फार्म, आरएफ डाउनलिंक रूम, स्टोरेज रूम और डीटीएच रूम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनकी मदद से सैटेलाइट टीवी चैनलों के सिग्नल प्राप्त किए जाते हैं और उनके कंटेंट को रिकॉर्ड किया जाता है।

इस सेंटर की क्षमता 900 टीवी चैनलों तक के कंटेंट को एक साथ हासिल करने, रिकॉर्ड करने, स्टोर करने और जरूरत के समय वापस देखने की है। इसके लिए 24 घंटे तीन शिफ्ट में निगरानी की जाती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि चैनलों के प्रसारण की रिकॉर्डिंग रियल टाइम में होती है और इसे 90 दिनों तक सुरक्षित रखा जाता है। इसका फायदा यह है कि किसी पुराने कार्यक्रम, खबर या विज्ञापन को लेकर शिकायत आने पर संबंधित प्रसारण को दोबारा देखा जा सकता है।

यहां यह भी ध्यान देने वाली बात है कि मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक देश में कुल 920 टीवी चैनलों को प्रसारण की अनुमति दी गई थी। इनमें 415 न्यूज और करंट अफेयर्स चैनल, जबकि 505 नॉन-न्यूज चैनल थे। वहीं, EMMC की बताई गई तकनीकी क्षमता 900 चैनलों तक की है।

46.86 करोड़ रुपये की तकनीकी परियोजना पर काम

टीवी चैनलों की निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए सरकार ने तकनीकी ढांचे को अपग्रेड करने की परियोजना भी शुरू की है। मंत्रालय की रिपोर्ट में सरकारी कंपनी ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (BECIL) के माध्यम से EMMC के ऑडियो-विजुअल लॉगिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम को नया रूप देने का जिक्र किया गया है।

इस परियोजना के तहत एक अत्याधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करने की योजना है, जो 365 दिन और 24 घंटे काम करने में सक्षम होगा। इस व्यवस्था में 900 टीवी चैनलों के प्रसारण की लॉगिंग और निगरानी के लिए हाई-एंड सर्वर, स्टोरेज सिस्टम, नेटवर्क स्विच और आधुनिक मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाना है।

इस सिस्टम के जरिए टीवी चैनलों के प्रसारण को लगातार रिकॉर्ड करने और 90 दिनों तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, डेटा की सुरक्षा के लिए डिजास्टर रिकवरी (DR) की सुविधा भी शामिल की गई है। इसके तहत 300 महत्वपूर्ण टीवी चैनलों के 24 घंटे के प्रसारण का रिकॉर्ड क्लाउड स्टोरेज पर 90 दिनों तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की जाएगी।

मंत्रालय की रिपोर्ट में इस पूरी परियोजना की लागत 46.86 करोड़ रुपये बताई गई है। इसका उद्देश्य टीवी कंटेंट की निगरानी, रिकॉर्डिंग और जरूरत पड़ने पर उसकी जांच करने की व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है।

नियमों का उल्लंघन मिलने पर क्या होती है कार्रवाई?

EMMC का काम केवल टीवी चैनलों की रिकॉर्डिंग करना नहीं है। अगर निगरानी के दौरान किसी चैनल के कार्यक्रम या विज्ञापन में नियमों का संभावित उल्लंघन दिखाई देता है, तो आगे जांच की प्रक्रिया भी शुरू होती है।

इसकी प्रक्रिया के तहत सबसे पहले संबंधित मामले की जांच स्क्रूटनी कमेटी करती है। इस कमेटी की अध्यक्षता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी (ब्रॉडकास्टिंग) करते हैं। इसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।

कमेटी की सिफारिशों के आधार पर संबंधित ब्रॉडकास्टर को नोटिस भेजकर उससे जवाब मांगा जाता है। जिन मामलों में आगे जांच की जरूरत होती है, उन्हें इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) के पास भेजा जाता है। इस कमेटी की अध्यक्षता सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी करते हैं। इसके बाद मामले में उचित कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

यानी EMMC खुद किसी चैनल पर जुर्माना लगाने या उसे सजा देने का फैसला नहीं करता, बल्कि निगरानी और संभावित उल्लंघन की पहचान कर मामले को संबंधित समितियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है।

2025 में 13 मामलों पर हुई चर्चा

मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) की एक बैठक 17 जून को हुई थी। इस बैठक में कुल 13 मामले रखे गए। इन मामलों में कमेटी ने सिफारिशें कीं और केबल टेलीविजन नेटवर्क नियमों के तहत उचित कदम उठाए गए।

वहीं, 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 के बीच निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों पर प्रसारित कंटेंट से जुड़ी 398 शिकायतों का निपटारा किया गया। ये शिकायतें पीजी पोर्टल पर प्राप्त हुई थीं।

चुनाव के दौरान भी अहम होती है EMMC की भूमिका

EMMC की जिम्मेदारी सामान्य दिनों में टीवी चैनलों की निगरानी तक ही सीमित नहीं है। चुनाव के दौरान भी इसकी भूमिका अहम हो जाती है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशों के तहत यह इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में चुनाव से जुड़ी कवरेज पर नजर रखता है और जरूरत के अनुसार आयोग को रिपोर्ट भेजता है।

इस तरह EMMC सरकार के लिए टीवी प्रसारण की निगरानी करने वाला एक महत्वपूर्ण तकनीकी केंद्र है। 24 घंटे तीन शिफ्ट में काम करने वाली इसकी व्यवस्था, 90 दिनों तक रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने की सुविधा और 46.86 करोड़ रुपये की तकनीकी अपग्रेड परियोजना बताती है कि सरकार टीवी प्रसारण की निगरानी के लिए अपने तकनीकी ढांचे को मजबूत करने पर काम कर रही है।

 

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CNN-News18 से गृह अतुल ने कहा अलविदा, चार साल की पारी के बाद लिया फैसला

न्यूज एंकर और एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर गृह अतुल (Griha Atul) ने CNN-News18 से अपनी चार साल की पारी खत्म कर दी है।

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Tuesday, 03 November, 2026
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न्यूज एंकर और एसोसिएट एग्जिक्यूटिव प्रोड्यूसर गृह अतुल (Griha Atul) ने CNN-News18 से अपनी चार साल की पारी खत्म कर दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए चैनल से विदाई लेने की जानकारी साझा की। हालांकि, उन्होंने अभी अपने अगले प्रोफेशनल कदम को लेकर कोई जानकारी नहीं दी है।

 गृह अतुल ने लिंक्डइन पर अपनी पोस्ट में CNN-News18 के साथ बिताए समय को याद करते हुए लिखा, "CNN-News18 से विदाई ले रही हूं। चार साल, अनगिनत बुलेटिन और जिंदगी भर की यादें।"

 गृह अतुल का पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब 20 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने ब्रॉडकास्ट न्यूज, फील्ड रिपोर्टिंग और एडिटोरियल लीडरशिप जैसी अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाली हैं।

CNN-News18 से पहले गृह अतुल Times Network और India Today जैसे मीडिया संस्थानों के साथ भी काम कर चुकी हैं। इन संस्थानों में उन्होंने न्यूज कवरेज और संपादकीय से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि गृह अतुल अपनी अगली पारी किस मीडिया संस्थान के साथ शुरू करेंगी। उन्होंने अपने अगले करियर प्लान को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

 

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टीवी से आगे बढ़कर स्पोर्ट्स, माइक्रो-ड्रामा और एनीमेशन पर दांव लगा रही है जी एंटरटेनमेंट

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेजगद (ZEEL) अब अपने पारंपरिक टेलीविजन कारोबार से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी कर रही है।

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Tuesday, 03 November, 2026
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेजगद (ZEEL) अब अपने पारंपरिक टेलीविजन कारोबार से आगे बढ़कर नए क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी कर रही है। कंपनी स्पोर्ट्स, क्षेत्रीय कंटेंट, माइक्रो-ड्रामा, एनीमेशन और लाइव इवेंट्स जैसे नए फॉर्मेट में निवेश कर रही है। कंपनी का मकसद आने वाले समय में कारोबार की ग्रोथ के लिए नए रास्ते तैयार करना है।

कंपनी के सीईओ पुनीत गोयनका ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों पर हुई चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी अपने मौजूदा कारोबार को मजबूत बनाने के साथ-साथ नए क्षेत्रों में भी निवेश कर रही है। ये कदम लंबे समय में कंपनी की प्रतिस्पर्धी स्थिति को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।

पुनीत गोयनका के मुताबिक, बच्चों के कंटेंट, लाइव इवेंट्स, एनीमेशन, माइक्रो-ड्रामा और स्पोर्ट्स में किया जा रहा निवेश भविष्य में कंपनी के लिए ग्रोथ के नए मौके तैयार कर सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि ये नए कारोबार फिलहाल निवेश के दौर में हैं और इनका फायदा लंबे समय में देखने को मिलेगा।

स्पोर्ट्स कारोबार को मिल रही है अहमियत

ZEEL की विस्तार रणनीति में स्पोर्ट्स की भूमिका लगातार अहम हो रही है। कंपनी ने फीफा वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकारों में निवेश किया था। इन अधिकारों के जरिए दर्शकों को ZEE5 और Unite8Sports पर मैच देखने का मौका मिला। कंपनी के मुताबिक, इससे उसके प्लेटफॉर्म पर नए दर्शक जुड़े और स्पोर्ट्स कंटेंट की पहुंच बढ़ी।

पुनीत गोयनका ने कहा कि लाइव मैचों के साथ मैच से पहले और बाद के खास कार्यक्रमों ने टीवी और डिजिटल, दोनों प्लेटफॉर्म पर दर्शकों को जोड़े रखा। उनके मुताबिक, इस निवेश से दर्शकों की भागीदारी बढ़ी और कंपनी के स्पोर्ट्स कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए एक आधार भी तैयार हुआ।

इसके बाद ZEEL ने जर्मनी की बुंडेसलीगा और इटली की सीरी ए जैसी अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल लीग के अधिकार भी हासिल किए हैं। हालांकि, गोयनका ने कहा कि कंपनी स्पोर्ट्स समेत अपने हर कारोबार में निवेश को लेकर सावधानी बरतेगी। कंपनी का ध्यान लंबे समय की योजना के साथ मुनाफे पर भी बना रहेगा।

ZEE5 पर बढ़ा मल्टीलिंगुअल कंटेंट का जोर

डिजिटल कारोबार में ZEEL का फोकस अलग-अलग भाषाओं में मनोरंजन कंटेंट बढ़ाने और दर्शकों की भागीदारी मजबूत करने पर है। इसके लिए कंपनी अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कंटेंट का भी सहारा ले रही है।

तिमाही के दौरान ZEE5 ने अलग-अलग भाषाओं में नए कंटेंट की पेशकश की। गोयनका के मुताबिक, दर्शकों ने इस कंटेंट को पसंद किया और इससे प्लेटफॉर्म पर उनकी भागीदारी और देखने में बिताया गया समय बढ़ा।

कंपनी ने बताया कि ZEE5 का रेवेन्यू सालाना आधार पर दोगुना हो गया, जबकि सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई में 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसमें मल्टीलिंगुअल मनोरंजन और अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कंटेंट का योगदान रहा।

गोयनका का मानना है कि दर्शकों का ध्यान हासिल करने की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच ZEE5 कंपनी के लिए ग्रोथ का एक अहम जरिया बन सकता है। इसके लिए कंपनी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कामकाज को बेहतर बनाने और दर्शकों के अनुभव को आसान करने पर भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कंटेंट आधारित कारोबार में दर्शकों की पसंद के मुताबिक सुझाव देना और बिना रुकावट देखने का अनुभव देना काफी अहम है। इसी दिशा में कंपनी अलग-अलग टीमों में टेक्नोलॉजी से जुड़े लोगों को शामिल कर रही है।

टीवी कारोबार में क्षेत्रीय कहानियों पर फोकस

टेलीविजन कारोबार में ZEEL अलग-अलग भाषाओं में फिक्शन और नॉन-फिक्शन कार्यक्रमों पर निवेश जारी रखे हुए है। गोयनका ने कहा कि सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से जुड़ी कहानियां दर्शकों का ध्यान खींच रही हैं। इसके साथ ही कंपनी नॉन-फिक्शन कार्यक्रमों की अपनी पेशकश को भी मजबूत कर रही है।

तिमाही के दौरान नेटवर्क ने कई भाषाओं में नए कार्यक्रम शुरू किए, जिनमें 'सा रे गा मा पा' भी शामिल है। इसके अलावा कंपनी 'जीना इसी का नाम है' को भी वापस ला रही है। गोयनका ने इसे एक लोकप्रिय शो बताते हुए कहा कि इसके जरिए दर्शकों को अपनी पसंदीदा हस्तियों की जिंदगी की झलक देखने को मिलेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि इंडस्ट्री के आखिरी मान्यता प्राप्त आंकड़ों के आधार पर नेटवर्क की हिस्सेदारी 20 फीसदी से ज्यादा रही है। फिलहाल टीवी रेटिंग दोबारा शुरू नहीं हुई हैं। ऐसे में कंपनी का जोर अच्छी क्वालिटी का कंटेंट पेश करने पर है।

विज्ञापन से होने वाली कमाई में गिरावट थमी

विज्ञापन कारोबार को लेकर पुनीत गोयनका ने कहा कि कंपनी ने रेवेन्यू में आ रही गिरावट को स्थिर कर लिया है। कमजोर आर्थिक माहौल के बावजूद उपभोक्ता मांग में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

उन्होंने विज्ञापन बाजार की चुनौतियों के लिए महंगाई, कमजोर मानसून और दूसरे बाहरी कारणों को जिम्मेदार बताया। कंपनी इस बदलते माहौल में रणनीतिक साझेदारियों के जरिए कमाई के नए रास्ते तलाश रही है, ताकि अलग-अलग स्रोतों से रेवेन्यू बढ़ाया जा सके।

क्षेत्रीय फिल्मों में भी Zee Studios का विस्तार

ZEEL अपने फिल्म कारोबार के जरिए भी क्षेत्रीय बाजारों में पहुंच बढ़ा रही है। कंपनी के Zee Studios ने तिमाही के दौरान गुजराती बाजार में 'टॉम एंड जेरी' नाम की फैमिली कॉमेडी-ड्रामा फिल्म के साथ कदम रखा।

इसके अलावा स्टूडियो ने हिंदी, मराठी, तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं की फिल्मों के साथ अपनी कंटेंट सूची को भी मजबूत किया है।

इसी तरह Zee Music Company भी अपने म्यूजिक कैटलॉग को बढ़ाने के लिए नए अधिकार हासिल कर रही है। गोयनका के मुताबिक, कंपनी अपने पूरे कारोबार में अलग-अलग तरह के कंटेंट और पेशकश को बढ़ावा देती रहेगी।

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TV Today Network को साल की दूसरी तिमाही में कुछ यूं हुआ फायदा

इंडिया टुडे ग्रुप की कंपनी टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) ने 2 नवंबर 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही और पहली छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

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Tuesday, 03 November, 2026
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इंडिया टुडे ग्रुप की कंपनी टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 7.75 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 1.98 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। कंपनी ने 2 नवंबर 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही और पहली छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी।

कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी के मुताबिक, दूसरी तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 194.38 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 185.68 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के रेवेन्यू में करीब 4.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

कंपनी की कुल आय 204.92 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 195.21 करोड़ रुपये थी। इस दौरान कुल खर्च बढ़कर 194.41 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 187.49 करोड़ रुपये था।

पहली छमाही में भी मुनाफे में बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान TV Today Network का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 400.60 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की इसी अवधि में यह 382.87 करोड़ रुपये था।

इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 18.01 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह 5.37 करोड़ रुपये था। वहीं, कुल आय 417.58 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 403.04 करोड़ रुपये थी।

स्टैंडअलोन नतीजों में भी मुनाफा

स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी ने दूसरी तिमाही में 8.05 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को 2.04 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस दौरान स्टैंडअलोन रेवेन्यू 194.38 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 185.68 करोड़ रुपये था।

पहली छमाही में स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 18.54 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के 5.28 करोड़ रुपये से ज्यादा है। वहीं, रेवेन्यू बढ़कर 400.60 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में 382.87 करोड़ रुपये था।

रेडियो कारोबार की बिक्री का प्रस्ताव

कंपनी ने अपने रेडियो ब्रॉडकास्टिंग कारोबार को बंद किए जा रहे ऑपरेशन (Discontinued Operations) के तौर पर अलग दिखाया है। कंपनी ने नवंबर 2025 में अभिजीत रियल्टर्स एंड इंफ्रावेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ रेडियो कारोबार को 10 करोड़ रुपये में बेचने के लिए समझौता किया था।

इस प्रस्तावित सौदे के तहत पहले रेडियो कारोबार को कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी वाइबग्योर ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर किया जाना है। इसके बाद वाइबग्योर की पूरी हिस्सेदारी खरीदार को सौंपी जानी है। कंपनी ने बताया कि इस सौदे को पूरा होने की अच्छी संभावना मानते हुए 30 सितंबर 2026 तक रेडियो कारोबार से जुड़ी संपत्तियों और देनदारियों को बिक्री के लिए रखी गई संपत्तियों के तौर पर वर्गीकृत किया गया है। हालांकि, फाइलिंग में सौदा पूरा होने की जानकारी नहीं दी गई है।

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रिजीम चेंज पर Times Now Navbharat का अंडरकवर स्टिंग, कई चौंकाने वाले बयान आए सामने

देशभर में रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर छिड़ी बहस के बीच ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) ने अपने व्यापक अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कई अहम खुलासे किए हैं।

Last Modified:
Monday, 02 November, 2026
TNN Sting

देशभर में रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर छिड़ी बहस के बीच ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ (Times Now Navbharat) ने अपने व्यापक अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कई अहम खुलासे किए हैं। चैनल की इन्वेस्टिगेटिव टीम ने देश के अलग-अलग हिस्सों में खुफिया कैमरों के जरिए उन चेहरों तक पहुंचने की कोशिश की, जिनकी इस मुद्दे पर सक्रियता और भूमिका चर्चा में है। इस दौरान अंडरकवर रिपोर्टर्स ने बातचीत के जरिए रिजीम चेंज को लेकर उनके विचारों, संभावित रणनीतियों और आंदोलनों से जुड़े पहलुओं को समझने का प्रयास किया।

स्टिंग ऑपरेशन में सामने आई बातचीत में यह संकेत मिले कि कुछ लोग वोट के जरिए लोकतांत्रिक बदलाव के बजाय अन्य तरीकों से बदलाव के मौके की तलाश में हैं । स्टिंग के दौरान कई ऐसे बयान सामने आए, जिन्होंने देश में चल रही रिजीम चेंज की बहस को और गंभीर बना दिया है।

मुंबई में मौलाना सिराज खान का बयान: स्टिंग ऑपरेशन के दौरान मुंबई में जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मुंबई चीफ मौलाना सिराज खान से अंडरकवर रिपोर्टर ने बातचीत की। सड़क पर फ्रांस जैसे हिंसक प्रोटेस्ट की संभावना को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने गैर-मुस्लिमों की तरफ से सड़क पर उतरने की बात कही। इस बातचीत में मौलाना सिराज खान का बयान था, 'मोमिन जिस दिन खड़ा होगा, किसी के संभाले संभलेगा नहीं'

टाइम्स नाउ नवभारत के स्टिंग ऑपरेशन में साफवान नाम के व्यक्ति से भी अंडरकवर रिपोर्टर ने बातचीत की। साफवान MSF यानी मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन का दिल्ली यूनिवर्सिटी में अध्यक्ष है। भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां बनने की आशंका को लेकर सवाल पूछे जाने पर साफवान ने कहा, 'ये पक्का है कुछ तो होगा, सबकुछ लंबे वक्त तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता।'

इसके बाद अंडरकवर रिपोर्टर ने पूछा कि क्या भारत में नेपाल और बांग्लादेश जैसी परिस्थितियां बनती दिख रही हैं? खुफिया कैमरे पर इस सवाल के जवाब में साफवान का कहना था, 'मुझे लगता है अगर फिर 20 जुलाई जैसा दिन आया तो नेपाल जैसे हालात हो सकते हैं।' बातचीत को आगे बढ़ाते हुए अंडरकवर रिपोर्टर ने पूछा कि क्या आप लोग बांग्लादेश और नेपाल के लिए तैयार हैं? इस पर साफवान का जवाब था, 'कुछ तो करना पड़ेगा।'

प्रदर्शनों में लड़कियों को आगे रखने की रणनीति पर बातचीत: हाल में वोट चोरी को लेकर हुए प्रदर्शनों में लड़कियों की अग्रिम भूमिका ने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया था। इस दौरान लड़कियां प्रदर्शनों की अगली कतार में दिखाई दी थीं। हालांकि, टाइम्स नाउ नवभारत के अंडरकवर स्टिंग ऑपरेशन में प्रदर्शनों में लड़कियों को आगे रखने की कथित रणनीति को लेकर भी बातचीत सामने आई।

 अंडरकवर रिपोर्टर ने साफवान से पूछा, 'प्रदर्शनों में लड़कियों के आगे करने का नया तरीक दिखा है?' इस पर साफवान का जवाब था, 'हां, ऐसा कुछ है, वे किले की दीवार की तरह खड़ी हो जाती हैं औऱ बाकी लोग अंदर आ जाते हैं।' इसी बातचीत में आगे कहा गया, 'जब एक पुरुष पुलिस के सामने आता है तो वो पुलिस उसे काबू कर सकती है लेकिन जब एक महिला, 'पुरुष पुलिस' वाले के सामने आती है तो इससे दिल्ली पुलिस की नकारात्मक छवि बनती है । ऐसा हो भी रहा है।' इस बातचीत ने प्रदर्शनों में महिलाओं की भूमिका और उन्हें आगे रखने के पीछे की संभावित रणनीति को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।

इसी क्रम में चैनल की अगली टीम क्रांतिकारी युवा संगठन के कन्वीनर भीम तक पहुंची। अंडरकवर रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि 20 जुलाई से पहले प्रदर्शनों में दरी और टेंट दिखाई देते थे, लेकिन बाद में पंखे, कूलर और दूसरी व्यवस्थाएं भी नजर आने लगीं। आखिर इन व्यवस्थाओं के लिए संसाधन कहां से आ रहे थे?

इस सवाल के जवाब में भीम ने कथित तौर पर बताया कि करीब पांच लाख रुपये प्रतिदिन खर्च हो रहे थे। आगे बातचीत में उनका कहना था, 'शुरू में, ये चीज पता चल गई थी. ज्यादातर AAP के फैन थे. आम आदमी से जुड़े थे. बाउंसर कौन लेकर चलता है. जिसके पास कुछ नहीं है वो बाउंसर लेकर चल रहा है।'

इस पर अंडरकवर रिपोर्टर ने पूछा, 'किसके पास, दिपके के पास था?' भीम ने हां में सिर हिलाया। इस बातचीत ने प्रदर्शनों में होने वाले खर्च, संसाधनों की व्यवस्था और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की संभावित भागीदारी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। बांग्लादेश जैसे आंदोलन की इच्छा पर क्रान्तिकारी युवा संगठन की प्रक्ता मुदिता से ..बांग्लादेश जैसे आंदोलन की इच्छा को लेकर सवाल किए गए, जिस पर उन्होंने कथित तौर पर सहमति जताई।

स्टिंग ऑपरेशन में हिंसक आंदोलन का विरोध करने वाले बयान भी सामने आए। टाइम्स नाउ नवभारत यह भी स्पष्ट करता है कि स्टिंग ऑपरेशन के दौरान बातचीत में शामिल सभी लोगों ने हिंसक आंदोलन की बात का समर्थन नहीं किया। कई चेहरों ने हिंसक आंदोलन की संभावना को सिरे से खारिज भी किया।

राष्ट्रहित में सच्चाई सामने लाने की पहल: टाइम्स नाउ नवभारत की इन्वेस्टिगेटिव टीम ने देश के अलग-अलग हिस्सों में एक साथ कई टीमें तैनात कर इस व्यापक स्टिंग ऑपरेशन को अंजाम दिया। इसका उद्देश्य किसी खास व्यक्ति, वर्ग, समुदाय, धर्म या विचारधारा को निशाना बनाना नहीं, बल्कि रिजीम चेंज की बहस के बीच सामने आ रहे दावों, बयानों और संभावित रणनीतियों की पड़ताल करना है।

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एनडीटीवी से अलग हुईं खुशबू गोतेचा : लिंक्डइन पर दी जानकारी

खुशबू गोतेचा ने एनडीटीवी से नाता खत्म कर लिया है। वह नेशनल हेड पद पर कार्यरत थीं। इससे पहले टाइम्स नेटवर्क में काम कर चुकी हैं। उनकी भूमिका की जानकारी नहीं दी गई है।

Last Modified:
Monday, 02 November, 2026
ndtv

खुशबू गोतेचा (Khushbu Gotecha) ने एनडीटीवी (NDTV) से अपना नाता खत्म कर लिया है। वह कंपनी में नेशनल हेड के पद पर कार्यरत थीं। उन्होंने लिंक्डइन (LinkedIn) पोस्ट के जरिए अपने बाहर होने की जानकारी साझा की।

खुशबू गोतेचा जून 2024 में एनडीटीवी से रीजन हेड- वेस्ट, स्पेशल प्रोजेक्ट्स के तौर पर जुड़ी थीं। इससे पहले वह टाइम्स नेटवर्क (Times Network) के साथ काम कर रही थीं।

टाइम्स नेटवर्क में गोतेचा ने वेस्ट रीजन के लिए इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (IP) का नेतृत्व करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें ब्रांडेड कंटेंट और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े प्रोजेक्ट्स को तैयार करने और सफलतापूर्वक लागू करने का व्यापक अनुभव है।

खुशबू गोतेचा रेड एफएम (Red FM) और रेडियो मिर्ची (Radio Mirchi) सहित कई संस्थानों के साथ भी काम कर चुकी हैं। एनडीटीवी से बाहर निकलने के बाद उन्होंने अपनी अगली पेशेवर भूमिका के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है।

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Z एंटरटेनमेंट में बड़ा बदलाव, संगीता शेट्टी बनीं नई चीफ कंप्लायंस ऑफिसर व कंपनी सेक्रेटरी

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने संगीता शेट्टी को कंपनी का नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर और कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया है।

Last Modified:
Saturday, 31 October, 2026
SangeetaShetty521

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने संगीता शेट्टी को कंपनी का नया चीफ कंप्लायंस ऑफिसर और कंपनी सेक्रेटरी नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 2 नवंबर 2026 से प्रभावी होगी। वह आशीष अग्रवाल की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगी, जिन्होंने निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

कंपनी ने 30 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि आशीष अग्रवाल का इस्तीफा 29 अक्टूबर को कारोबारी समय समाप्त होने के साथ प्रभावी हो गया है। इसके बाद कंपनी के निदेशक मंडल ने 30 अक्टूबर को हुई बैठक में संगीता शेट्टी की नियुक्ति को मंजूरी दी। इससे पहले नामांकन और पारिश्रमिक समिति ने भी उनके नाम की सिफारिश की थी।

कौन हैं संगीता शेट्टी?

संगीता शेट्टी एक योग्य कंपनी सेक्रेटरी हैं और उन्हें इस क्षेत्र में दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। वह इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) की एसोसिएट सदस्य भी हैं।

उन्हें कंपनी कानून, सेबी के नियमों, शेयर बाजार से जुड़े खुलासों, कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता और बोर्ड के कामकाज से जुड़े मामलों का अनुभव है। उन्होंने सूचीबद्ध कंपनियों में नियमों के पालन, बोर्ड और उसकी समितियों के कामकाज तथा पूंजी बाजार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को संभाला है।

जी एंटरटेनमेंट से पहले संगीता शेट्टी एबॉट इंडिया लिमिटेड से जुड़ी थीं। इससे पहले वह आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, आदित्य बिड़ला मनी, एडलवाइस ग्रुप, एमएसईआई और एंजेल वन में भी काम कर चुकी हैं।

कंपनी की नियमों के पालन की व्यवस्था मजबूत करने की जिम्मेदारी

नई भूमिका में संगीता शेट्टी कंपनी के नियमों के पालन, कॉरपोरेट गवर्नेंस यानी कंपनी के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही तथा शेयरधारकों से जुड़े मामलों को और मजबूत करने पर काम करेंगी। वह मुंबई स्थित कंपनी के मुख्यालय से काम करेंगी और सीधे कंपनी के सीईओ पुनीत गोयनका को रिपोर्ट करेंगी।

कंपनी के मुताबिक, भविष्य की कारोबारी योजनाओं को ध्यान में रखते हुए वह नेतृत्व टीम के साथ मिलकर नियमों के पालन की व्यवस्था, आंतरिक नियंत्रण और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने पर काम करेंगी।

आशीष अग्रवाल ने सात साल से ज्यादा संभाली जिम्मेदारी

आशीष अग्रवाल ने कंपनी में सात साल से ज्यादा समय तक कंपनी सेक्रेटरी और चीफ कंप्लायंस ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाली। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उन्होंने कंपनी के सेक्रेटेरियल कामकाज का नेतृत्व किया है। अब उन्होंने संगठन से बाहर नए अवसर तलाशने का फैसला किया है।

कंपनी के सीईओ पुनीत गोयनका ने आशीष अग्रवाल के योगदान के लिए उनका आभार जताया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। वहीं, संगीता शेट्टी ने कहा कि वह कंपनी की नेतृत्व टीम के साथ मिलकर नियमों के पालन की व्यवस्था को और मजबूत करने तथा कंपनी के लंबे समय के लक्ष्यों में योगदान देने के लिए काम करेंगी। 

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टीवी विज्ञापन में सुस्ती, फिर भी नेटवर्क18 की कमाई में उछाल, जानिए कैसे?

नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपनी कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की है।

Last Modified:
Saturday, 31 October, 2026
Network18

नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में अपनी कमाई में बढ़ोतरी दर्ज की है। 30 सितंबर 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.4 फीसदी बढ़कर 545 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 498 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस दौरान टीवी न्यूज इंडस्ट्री में विज्ञापन की मांग में करीब 13 फीसदी की गिरावट आई।

कंपनी ने 30 अक्टूबर को जारी अपनी निवेशक अपडेट में बताया कि वित्त वर्ष की पहली छमाही में उसका कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 9.9 फीसदी बढ़कर 1,061 करोड़ रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 966 करोड़ रुपये था।

विज्ञापन बाजार में सुस्ती, सरकारी विज्ञापनों की मांग मजबूत

नेटवर्क18 के मुताबिक, दूसरी तिमाही में न्यूज चैनलों के लिए विज्ञापन की उपलब्ध जगह की मांग में सालाना आधार पर करीब 13 फीसदी की गिरावट रही। कंपनी ने इसके पीछे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कमजोर मानसून और टीवी रेटिंग के आंकड़े उपलब्ध नहीं होने जैसे कारण बताए हैं।

हालांकि, केंद्र और राज्य सरकारों के अभियानों, सरकारी कंपनियों (PSUs) और राजनीतिक दलों से जुड़े विज्ञापनों की मांग लगातार दूसरी तिमाही में मजबूत बनी रही। कंपनी का कहना है कि विज्ञापन से होने वाली कमाई में बढ़ोतरी सीमित रही, जबकि उसकी कुल आय में बढ़ोतरी की मुख्य वजह कंटेंट स्टूडियो से जुड़ा कारोबार रहा।

कंपनी ने यह भी बताया कि कनेक्टेड टीवी (Connected TV) उसके लिए कमाई का एक उभरता हुआ माध्यम बन रहा है और इसमें अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर 33 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच

नेटवर्क18 ने अपनी डिजिटल पहुंच को लेकर भी जानकारी दी है। कंपनी के मुताबिक, सितंबर 2026 में उसके डिजिटल न्यूज और इंफॉर्मेशन नेटवर्क की मासिक पहुंच 33 करोड़ से ज्यादा यूजर्स तक रही। इसमें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौजूद दर्शक भी शामिल हैं। कंपनी ने इस पहुंच के साथ संबंधित डिजिटल ऑडियंस सेगमेंट में 68 फीसदी पहुंच का दावा किया है।

यूट्यूब पर भी नेटवर्क18 की मौजूदगी मजबूत बनी हुई है। कंपनी के विभिन्न चैनलों को जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान 15 अरब से ज्यादा वीडियो व्यूज मिले, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 17 फीसदी ज्यादा हैं। कंपनी के मुताबिक, यूट्यूब पर उसके वीडियो व्यूज निकटतम प्रतिस्पर्धी के मुकाबले करीब दोगुने रहे।

फेसबुक को मिलाकर अन्य बड़े सोशल प्लेटफॉर्म पर वीडियो व्यूज में सालाना आधार पर 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कुल सोशल मीडिया फॉलोअर बेस 47 करोड़ से ज्यादा हो गया। नेटवर्क18 के मुताबिक, कनेक्टेड टीवी पर दर्शकों की भागीदारी में भी सालाना आधार पर 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

मनीकंट्रोल प्रो के एक करोड़ से ज्यादा पेड सब्सक्राइबर

कंपनी के डिजिटल कारोबार में मनीकंट्रोल की भी अहम भूमिका बनी हुई है। नेटवर्क18 ने बताया कि मनीकंट्रोल प्रो के पेड सब्सक्राइबर्स की संख्या 10 लाख से ज्यादा हो गई है। कंपनी इसे देश का सबसे ज्यादा सब्सक्राइबर वाला वित्तीय समाचार मंच बताती है।

मनीकंट्रोल ने इस तिमाही में 'कॉर्प लेंस' नाम का नया फीचर शुरू किया है, जिसके जरिए गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय आंकड़े देखे जा सकते हैं। इसके अलावा 'स्टॉक नोट' फीचर भी पेश किया गया है, जिससे यूजर्स शेयर से जुड़े अपने विचार और टिप्पणियां दर्ज कर सकते हैं।

कंपनी के मुताबिक, मनीकंट्रोल पर यूजर्स के बिताए गए समय और पेज व्यूज की संख्या निकटतम प्रतिस्पर्धी के मुकाबले तीन गुना रही। वहीं, न्यूज18 डॉट कॉम पर औसत सेशन अवधि में 7 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

टीवी रेटिंग के आंकड़े अब भी बंद

टीवी कारोबार के लिए रेटिंग के आंकड़े उपलब्ध नहीं होना अब भी चुनौती बना हुआ है। नेटवर्क18 ने बताया कि न्यूज चैनलों के लिए छह महीने से ज्यादा समय से और दूसरे टीवी जॉनर के लिए तीन महीने से ज्यादा समय से रेटिंग के आंकड़े जारी नहीं हो रहे हैं।

कंपनी के अनुसार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद मार्च 2026 की शुरुआत में ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) को न्यूज चैनलों के साप्ताहिक दर्शक आंकड़े रोकने का निर्देश दिया था। इसके बाद जुलाई की शुरुआत में टीवी रेटिंग नीति 2026 के तहत BARC के लाइसेंस नवीनीकरण से जुड़े मामले के कारण गैर-न्यूज चैनलों की रेटिंग भी रोक दी गई।

कंपनी ने यह भी बताया कि रेटिंग के आंकड़े रोके जाने से पहले उसके पास देश का सबसे बड़ा टीवी न्यूज नेटवर्क था। उसके पोर्टफोलियो में 20 न्यूज चैनल शामिल हैं। उस अवधि में कंपनी की अखिल भारतीय न्यूज व्यूअरशिप हिस्सेदारी 13.8 फीसदी थी। ये आंकड़े BARC के 2026 के पहले आठ हफ्तों के आंकड़ों पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें मौजूदा दर्शक हिस्सेदारी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

न्यूज18 मराठी का नेटवर्क18 में विलय मंजूर

कंपनी ने यह भी जानकारी दी कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की मुंबई पीठ ने न्यूज18 मराठी के नेटवर्क18 में विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। हालांकि, यह विलय योजना में तय सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ही प्रभावी होगी।

नेटवर्क18 के चेयरमैन आदिल जैनुलभाई ने कहा कि चुनौतीपूर्ण कारोबारी माहौल के बावजूद कंपनी ने स्थिर प्रदर्शन किया है। उनके मुताबिक, कंपनी का ध्यान अपने प्रमुख प्लेटफॉर्म को मजबूत करने, दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने और अलग-अलग कारोबारों में बेहतर प्रदर्शन पर बना हुआ है।

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सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड में कलानिधि मारन व कावेरी कलानिधि की दोबारा नियुक्ति को मंजूरी

सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड के निदेशक मंडल ने कलानिधि मारन और कावेरी कलानिधि की कंपनी में दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Saturday, 31 October, 2026
SUNTV541

सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड के निदेशक मंडल ने कलानिधि मारन और कावेरी कलानिधि की कंपनी में दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। दोनों को पांच साल के लिए फिर से कंपनी में पूर्णकालिक निदेशक के तौर पर नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। हालांकि, इन नियुक्तियों को लागू करने के लिए कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी होगी।

कंपनी की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को जारी सूचना के मुताबिक, बोर्ड ने कलानिधि मारन को 20 अप्रैल 2027 से 19 अप्रैल 2032 तक पांच साल के लिए पूर्णकालिक निदेशक के रूप में दोबारा नियुक्त करने की मंजूरी दी है। इस दौरान वह कंपनी के कार्यकारी चेयरमैन (Executive Chairman) की जिम्मेदारी संभालेंगे।

इसी बैठक में कावेरी कलानिधि की भी पांच साल के लिए दोबारा नियुक्ति को मंजूरी दी गई। उन्हें 20 अप्रैल 2027 से 19 अप्रैल 2032 तक पूर्णकालिक निदेशक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। वह कंपनी में कार्यकारी निदेशक (Executive Director) की भूमिका में रहेंगी।

शेयरधारकों की मंजूरी भी जरूरी

सन टीवी नेटवर्क ने बताया है कि इन दोनों नियुक्तियों के प्रस्तावों को डाक मतपत्र (Postal Ballot) के जरिए शेयरधारकों के सामने रखा जाएगा। यानी बोर्ड की मंजूरी के बाद अब इन नियुक्तियों पर अंतिम सहमति शेयरधारकों से ली जाएगी।

बोर्ड की बैठक 30 अक्टूबर 2026 को दोपहर 2:30 बजे शुरू हुई और शाम 4:30 बजे समाप्त हुई। इसी बैठक में कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के नतीजों और अंतरिम डिविडेंड से जुड़े फैसले भी लिए।

सन टीवी नेटवर्क का कारोबार

सन टीवी नेटवर्क देश की प्रमुख मीडिया और मनोरंजन कंपनियों में शामिल है। कंपनी टेलीविजन चैनलों, एफएम रेडियो, फिल्म निर्माण और डिस्ट्रीब्यूशन के साथ-साथ डिजिटल मनोरंजन कारोबार में भी सक्रिय है। इसके डिजिटल मंचों में सन एनएक्सटी शामिल है। कंपनी क्रिकेट फ्रेंचाइजी कारोबार से भी जुड़ी हुई है। 

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