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प्रसार भारती ने दूरदर्शन के पुराने कार्यक्रमों पर अधिकार को लेकर मांगे दावे
प्रसार भारती ने एक नया नोटिस जारी कर दूरदर्शन के पुराने और ऐतिहासिक कार्यक्रमों से जुड़े निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों और अन्य रचनात्मक सहयोगियों से अपने अधिकारों से जुड़े दावे मांगे हैं।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 7 months ago
प्रसार भारती ने एक नया नोटिस जारी कर दूरदर्शन के पुराने और ऐतिहासिक कार्यक्रमों से जुड़े निर्माताओं, निर्देशकों, कलाकारों और अन्य रचनात्मक सहयोगियों से अपने अधिकारों से जुड़े दावे मांगे हैं।
26 जून को जारी नोटिस के मुताबिक, जिन लोगों ने इन कार्यक्रमों में किसी भी रूप में काम किया है (जैसे कि निर्माता, निर्देशक, अभिनेता, संगीतकार या लेखक) वे नोटिस जारी होने की तारीख से 45 दिन के अंदर अपने दावे भेज सकते हैं।
दावे के साथ इन जानकारियों को देना ज़रूरी होगा:
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कार्यक्रम का नाम और एपिसोड नंबर
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किस भूमिका में जुड़े थे और कितने समय तक
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टीम के अन्य सदस्यों की जानकारी
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कोई ठोस दस्तावेज़ जैसे अनुबंध या समझौता जो दावे को साबित करे
यह कदम तब उठाया गया जब प्रसार भारती के केंद्रीय अभिलेखागार ने पाया कि कई पुराने कार्यक्रमों (जैसे- शास्त्रीय संगीत, डॉक्यूमेंट्री और सांस्कृतिक शो) के स्वामित्व से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं।
इन कार्यक्रमों में “The Soul of India”, “In Conversation with Rajiv Mehrotra”, “Spectacular India” और “Sikhs and Their Five Takhts” जैसे शो शामिल हैं, जिनमें उस्ताद विलायत ख़ान, शुभा मुद्गल, बिस्मिल्लाह ख़ान, दलाई लामा, जया बच्चन, और पूर्व राष्ट्रपति के. आर. नारायणन जैसे दिग्गज नजर आए थे।
अगर तय समय में किसी भी कार्यक्रम को लेकर कोई वैध दावा नहीं आता, तो प्रसार भारती को उस कार्यक्रम पर पूरा अधिकार मिल जाएगा। इसके बाद वह चाहे तो इन कार्यक्रमों को टीवी पर, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर या किसी अन्य मीडिया चैनल को दिखाने के लिए इस्तेमाल कर सकेगा।
नोटिस में यह भी साफ किया गया है कि समय सीमा के बाद भेजे गए दावे को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रसार भारती ने सभी दावों को दिल्ली स्थित संसद मार्ग पर आकाशवाणी भवन में केंद्रीय अभिलेखागार निदेशक को भेजने का निर्देश दिया है। दावे के साथ प्रमाणित और मूल दस्तावेज भी संलग्न करने होंगे। इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच के बाद ही किसी भी वैध दावे का निपटारा किया जाएगा।
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