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MIB ने TV रेटिंग कमेटी के सुझावों पर ब्रॉडकास्टर्स निकायों से मांगा जवाब
टीवी रेटिंग एजेंसियों को लेकर जारी गाइडलाइंस की समीक्षा करने वाली समिति की सिफारिशों पर सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने टीवी ब्रॉडकास्टर्स के निकायों से जवाब मांगा है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 years ago
टीवी रेटिंग एजेंसियों को लेकर जारी गाइडलाइंस की समीक्षा करने के लिए नियुक्त की गयी शशि शेखर वेम्पति की अध्यक्षता वाली समिति (कमेटी) ने अपनी सिफारिशें सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) को सौंप दी हैं, जिस पर अब मंत्रालय ने टीवी ब्रॉडकास्टर्स के निकायों से जवाब मांगा है।
मंत्रालय ने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF), न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन (NBF) से 4 जनवरी 2021 की 39 पेज की रिपोर्ट पर अपनी टिप्पणी देने को कहा है। वैसे तो जवाब भेजने की समय सीमा समाप्त हो गयी है, जोकि 17 नवंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 नवंबर कर दिया गया है।
इंडस्ट्री से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, मंत्रालय केवल इंडस्ट्री से जुड़े प्रमुख निकायों जैसे IBDF, NBDA और NBF के साथ ही विचार-विमर्श कर रहा है। लेकिन हो सकता है कि अगले चरण में सार्वजनिक हितधारकों (स्टेक होल्डर्स) से उनके विचार मांगे। नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने कहा, ‘शुरुआत से ही, मंत्रालय केवल इन तीन निकायों के साथ ही परामर्श कर रहा है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि मंत्रालय लोगों की राय लेने पर विचार कर सकता है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है।’
बता दें कि देश में टीवी रेटिंग एजेंसियों को लेकर जारी गाइडलाइंस की समीक्षा करने के लिए मंत्रालय ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने जो सुझाव दिए हैं, उसके मुताबिक, भविष्य में डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPOs) द्वारा लगाए गए सभी सेट-टॉप बॉक्स (STB) में रिटर्न पाथ डेटा (Return Path Data) को अनिवार्य कर दिया जाए, ताकि आरपीडी (RPD) एन्क्रिप्शन, कंडीशनल एक्सेस और ऐसी अन्य अनिवार्य एसटीबी स्तर क्षमताओं के बराबर एक सर्वव्यापी क्षमता बन जाए।
समिति ने आगे सुझाव दिया है कि डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPOs) द्वारा दिए गए व्युअरशिप डेटा के कलेक्शन को सरकार/नियामक द्वारा निर्धारित गोपनीयता मानदंडों के आधार पर नियंत्रित किया जाना चाहिए और इसके अतिरिक्त डीपीओ द्वारा तीसरे पक्ष के साथ ऐसे व्युअरशिप डेटा की बिक्री या साझाकरण टेलीविजन रेटिंग सिस्टम की गाइडलाइंस के आधार पर ही होना चाहिए।
समित ने मंत्रालय से BARC इंडिया को 6 महीने के भीतर अपनी रेटिंग के फ्रेमवर्क में पहले से उपलब्ध RPD डेटा के इंट्रीगेशन में तेजी लाने का निर्देश देने को कहा है।
समिति ने मंत्रालय को सौंपी अपनी 39-पृष्ठ की रिपोर्ट में एक उद्योग-व्यापी अपीलीय निकाय की स्थापना की भी सिफारिश की है, जो शिकायत निवारण, हितधारकों और रेटिंग एजेंसियों के बीच उत्पन्न विवादों की मध्यस्थता कर सके। अपने सुझावों में समिति ने यह भी कहा है कि गाइडलाइंस ऐसी होनी चाहिए, जो रेटिंग एजेंसियों के उभरने में बाधा न डाल सके और यह सुनिश्चित करने की दिशा में काम करना चाहिए कि कहीं कोई अदृश्य बाधा तो नहीं है, जो कई रेटिंग एजेंसियों के आगे बढ़ने से रोक रही हो।
इसके अलावा भी समिति ने कई अन्य सुझाव दिए हैं। वैसे समिति चाहती है कि मंत्रालय विभिन्न रेटिंग एजेंसियों को रेगुलेट करने के लिए एक समर्पित नियामक निकाय (regulatory body) स्थापित करे। समिति ने एक विशेष मीडिया रेटिंग नियामक (media ratings' regulator) बनाने की भी सिफारिश की है।
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