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निजी प्रसारकों को हर दिन 30 मिनट करने होंगे इस तरह के प्रसारण, MIB ने जारी किए निर्देश
सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों को राष्ट्रीय महत्व और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर एक दिन में कम से कम 30 मिनट का कंटेंट दिखाने निर्देश दिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने टीवी चैनलों को राष्ट्रीय महत्व और जनसेवा से जुड़े मुद्दों पर एक दिन में कम से कम 30 मिनट का कंटेंट दिखाने निर्देश दिया है। यह निर्देश एक मार्च 2023 से लागू होगा।
मंत्रालय ने बताया कि उसने कई ब्रॉडकास्टर्स और चैनलों के एसोसिएशन के साथ चार बार बातचीत करने के बाद यह फैसला लिया है।
राष्ट्रीय महत्व और सामाजिक मुद्दों पर आठ विषयों के तहत निजी प्रसारकों को कार्यक्रमों का प्रसारण करना होगा, जो निम्न हैं-
1. शिक्षा और साक्षरता के प्रसार संबंधी;
2. कृषि और ग्रामीण विकास;
3. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण;
4. विज्ञान और प्रौद्योगिकी;
5. महिला कल्याण;
6. समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण संबंधी;
7. पर्यावरण और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा; और
8. राष्ट्रीय एकीकरण
हालांकि, इस संबंध में निजी चैनलों को राहत देते हुए सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने एक परामर्श जारी कर कहा कि इस बात की कोई जरूरत नहीं है कि सार्वजनिक सेवा प्रसारकों का 30 मिनट का कार्यक्रम लगातार प्रसारित किया जाए। निजी प्रसारक छोटे-छोटे स्लाट में कार्यक्रमों का प्रसारण कर सकते हैं। सार्वजनिक सेवा प्रसारण के तहत राष्ट्रीय हित के कार्यक्रम का एक सप्ताह में 15 घंटे का प्रसारण होना चाहिए। साथ ही चैनलों को 90 दिन तक कार्यक्रम के कंटेंट को रखना होगा। हालांकि यह कार्यक्रम नहीं दिखाने की छूट सिर्फ स्पोर्ट्स, वाइल्ड लाइफ और विदेशी चैनलों को है।
विज्ञापन के अंतराल के बीच लोक महत्व से जुड़ी सामग्री जिस अवधि के लिए प्रसारित की जाती है, उस पर वाणिज्यिक विराम के लिए निर्धारित 12 मिनट की समय सीमा लागू नहीं होती।
सभी प्रसारकों को हर महीने एक रिपोर्ट मंत्रालय के पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, जिसमें उन्हें बताना होगा कि उन्होंने कौन से दिन कितने समय पर राष्ट्रीय हित के कार्यक्रम को दिखाया।
सरकार ने आधी रात से सुबह छह बजे के बीच इस सामग्री के प्रसारण पर भी रोक लगा दी है। राष्ट्रीय महत्व और प्रासंगिक सामाजिक विषयों की सूची में जल संरक्षण और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों को भी जोड़ा गया है।
सरकार ने जन कल्याणकारी सामग्री के प्रसारण के उद्देश्य से प्रासंगिक वीडियो या विभिन्न स्रोतों से सामग्री के भंडार के रूप में एक साझा ‘ई-मंच’ तैयार करने की भी अनुमति दी है, जिसे टेलीविजन चैनल की की ओर से उपयोग किया जा सकता है।
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