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ICC राइट्स विवाद: JioStar ने किया ये दावा, ZEEL ने खारिज किए आरोप
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और जियो स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में Star India) के बीच बहुचर्चित मध्यस्थता विवाद और तीव्र हो गया है।
समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और जियो स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व में Star India) के बीच बहुचर्चित मध्यस्थता विवाद और तीव्र हो गया है। JioStar ने अब अपने नुकसान के दावे को बढ़ाकर 1.003 अरब अमेरिकी डॉलर कर दिया है।
ZEEL ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजों के दौरान इन आरोपों को “मनमाना और निराधार” बताया और कहा कि वह लंदन कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन (LCIA) में 8 अगस्त 2025 तक अपना औपचारिक जवाब दाखिल करेगी।
यह विवाद 26 अगस्त 2022 को हुए उस चार वर्षीय अलायंस एग्रीमेंट से जुड़ा है जिसके तहत JioStar (तब Star India) को 2024 से 2027 के बीच होने वाले ICC पुरुष और अंडर-19 वैश्विक टूर्नामेंटों के विशेष टीवी प्रसारण अधिकार ZEEL को सब-लाइसेंस देने थे। इस समझौते को ZEEL की स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग में विस्तार की रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा था, जिससे उसका मीडिया के सभी प्रमुख क्षेत्रों में दायरा पूरा होता।
हालांकि, यह एग्रीमेंट कुछ पूर्व शर्तों पर आधारित था, जिनमें वित्तीय दायित्व, कॉरपोरेट गारंटी और ICC से अंतिम स्वीकृति शामिल थी। JioStar ने बाद में आरोप लगाया कि ZEEL ने अपने वित्तीय दायित्व नहीं निभाए, जिसमें USD 203.56 मिलियन (₹16,934 मिलियन) की पहली किस्त और ₹170 मिलियन के बैंक गारंटी कमीशन व ब्याज शुल्क शामिल हैं। JioStar ने इसे समझौते का उल्लंघन बताया।
वहीं ZEEL का कहना है कि JioStar ने ही समझौते की शर्तों को पूरा नहीं किया और इसी आधार पर 8 जनवरी 2024 को ZEEL ने एग्रीमेंट को “गंभीर उल्लंघन” बताते हुए रद्द कर दिया। साथ ही ZEEL ने ₹685 मिलियन के बैंक गारंटी कमीशन और ब्याज की वापसी की मांग भी की।
इसके बाद 14 मार्च 2024 को JioStar ने LCIA में मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू की, जिसमें उसने या तो समझौते को लागू करने या फिर हर्जाना दिए जाने की मांग की। बाद में, 20 जून 2024 को JioStar ने समझौते को स्वयं भी समाप्त कर केवल हर्जाना मांगने का रास्ता चुना।
JioStar ने 16 सितंबर 2024 को अपने केस का विस्तृत विवरण दायर किया, जिसमें USD 940 मिलियन के हर्जाने की मांग की गई। ZEEL ने 23 दिसंबर 2024 को जवाब और काउंटरक्लेम के जरिए सभी आरोपों को सख्ती से खारिज किया और USD 8.06 मिलियन के रिफंड की मांग भी की।
31 मई 2025 को दस्तावेज समीक्षा प्रक्रिया के बाद, JioStar ने 13 जून 2025 को अपनी संशोधित दलीलें पेश कीं और 30 अप्रैल 2025 तक का आधार लेते हुए हर्जाना राशि को बढ़ाकर USD 1.003 बिलियन कर दिया।
बढ़ते दावे के बावजूद ZEEL का रुख स्पष्ट है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा, “प्रबंधन ने कानूनी सलाह और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि कंपनी अलायंस एग्रीमेंट के किसी उल्लंघन की दोषी नहीं है और JioStar द्वारा किया गया दावा कानूनन टिकाऊ नहीं है।”
ZEEL का यह भी कहना है, “कंपनी के पास खुद का बचाव करने के लिए मजबूत और वैध आधार हैं और उसे इस मुद्दे को लेकर कोई बड़ा प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका नहीं है, क्योंकि उसके अनुसार समझौता पहले ही समाप्त किया जा चुका है और कोई लेखांकन समायोजन की आवश्यकता नहीं है।”
ZEEL का बोर्ड इस कानूनी प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए है और कंपनी ने LCIA के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखने के प्रति पूरी आश्वस्ति जताई है।
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