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दिल्ली HC ने रजत शर्मा व इंडिया टीवी को दिया निर्देश, इस मामले में दायर करें हलफनामा
‘जी मीडिया' की ओर से दायर मुकदमे के मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट ने 'इंडिया टीवी' के चैयरमैन रजत शर्मा व 'इंडिया टीवी' को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है
समाचार4मीडिया ब्यूरो 3 years ago
‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (Zee Media Corporation Ltd) की ओर से दायर मुकदमे के मामले में अब दिल्ली हाई कोर्ट ने 'इंडिया टीवी' के चैयरमैन रजत शर्मा और 'इंडिया टीवी' को एक हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है, जिसमें 1992 से 05.01.1997 के दौरान ‘जी टेलीफिल्म्स लिमिटेड’ द्वारा निर्मित और ‘जी टीवी’ पर प्रसारित ‘आप की अदालत’ के 141 एपिसोड प्रसारित नहीं करने की बात कही गयी हो। जी मीडिया ने अपने एक बयान में यह दावा किया है।
‘जी मीडिया’ की ओर से सीनियर एडवोकेट जॉय बसु के नेतृत्व में ट्रस्ट लीगल की पार्टनर रित्विका नंदा और एसोसिएट पार्टनर रूपाली गुप्ता ने अपनी बात रखी, जबकि रजत शर्मा और इंडिया टीवी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप सेठी ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखा।
बता दें कि इससे पहले हाई कोर्ट के समझ रजत शर्मा व इंडिया टीवी की ओर से अंडरटेकिंग दी गयी थी कि वह बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत’ के एपिसोड को तमाम प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगे और आगे इसका प्रसारण नहीं करेंगे।
‘जी मीडिया’ ने वर्ष 1992 से जनवरी 1997 के दौरान ‘जी टीवी‘ द्वारा निर्मित और प्रसारित ‘आप की अदालत‘ के 141 एपिसोड के संबंध में 13 सितंबर को एक मुकदमा दायर किया था और रजत शर्मा व इंडिया टीवी पर कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट से निषेधाज्ञा की मांग की थी।
‘जी मीडिया’ ने कोर्ट में एक अवमानना याचिका भी दायर की थी जिसमें कहा गया था कि रजत शर्मा और इंडिया टीवी के स्पष्ट हलफनामे के बावजूद कि शिवसेना के पूर्व प्रमुख बाल ठाकरे के साथ इंटरव्यू का लिंक हटा दिया गया है, वही यू-ट्यूब जैसे प्लेटफार्मों पर यह तब तक दिखाई देता रहा और अवमानना के आवेदन की तामील के बाद ही इसे हटा लिया गया।
बता दें कि 25 जून 2022 और 26 जून 2022 को महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ‘इंडिया टीवी‘ ने बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत‘ का एक एपिसोड प्रसारित किया, जिसे ‘जी टीवी‘ द्वारा वर्ष 1993 में निर्मित और प्रसारित किया गया था।
अपनी याचिका में ‘जी मीडिया‘ ने आरोप लगाया कि ‘आप की अदालत’ के एपिसोड का प्रसारण ‘जी मीडिया‘ के कॉपीराइट का उल्लंघन था। इसके साथ ही ‘जी मीडिया‘ ने रजत शर्मा और ‘इंडिया टीवी‘ के खिलाफ आगे के एपिसोड का प्रसारण रोकने और वीडियो को सभी प्लेटफॉर्म्स से हटाने व हर्जाने का निर्देश देने की मांग की थी। इसी मुकदमे के मामले में ‘इंडिया टीवी’ ने कोर्ट में अंडरटेकिंग दी थी कि वह बाल केशव ठाकरे के साथ ‘आप की अदालत’ के एपिसोड को तमाम प्लेटफॉर्म्स से हटा देंगे और आगे इसका प्रसारण नहीं करेंगे।
‘जी मीडिया’ ने वर्ष 1992 से पांच जनवरी 1997 तक ‘जी टेलिफिल्म्स लिमिटेड’ द्वारा निर्मित और ‘जी टीवी’ पर प्रसारित हुए ‘आपकी अदालत’ के 141 एपिसोड का सभी प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारण और प्रकाशन रोकने के लिए ‘इंडिया टीवी’ के खिलाफ निषेधाज्ञा की मांग की है। उस दौरान रजत शर्मा ‘जी समूह’ के लिए काम करते थे।
रजत शर्मा और इंडिया टीवी के वकील ने शेष 140 एपिसोड के संबंध में उचित निर्देश लेने के लिए समय मांगा। मामले में अगली सुनवाई अब 20 सितंबर 2022 को की जाएगी।
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